कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारत का शानदार प्रदर्शन, पदक तालिका में चौथे स्थान पर
Auf einen Blick
भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 11वें और आख़िरी दिन तक 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया है, जिसमें मुक्केबाज़ी और पैरा खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन शामिल है। गुलवीर सिंह एक ही खेल में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी बने।
KI-generierte Zusammenfassung
Warum es wichtig ist
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 11वें और आख़िरी दिन भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, जिसमें मुक्केबाज़ी और पैरा खेलों में विशेष सफलता मिली।
ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रविवार को 11वां और आख़िरी दिन है और भारत के सामने अभी तीन पदक मुकाबले बाकी हैं।
इसके अलावा जूडो में भी भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद है।
भारत अब तक 39 पदक जीत चुका है और पदक तालिका में वह चौथे स्थान पर पहुंच गया है। भारत का सबसे शानदार प्रदर्शन मुक्केबाज़ी में रहा।
फ़ाइनल से पहले ही भारतीय मुक्केबाज़ों ने 10 पदक पक्के कर लिए थे। इनमें से 7 गोल्ड और 3 सिल्वर पदक हैं। यह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारत का सबसे सफल मुक्केबाज़ी अभियान बन गया है।
भारत ने वेटलिफ़्टिंग, जूडो और मुक्केबाज़ी में शानदार प्रदर्शन किया है। जबकि पैरा खेलों में भी इतिहास रचते हुए भारत ने 7 पदक जीते हैं – 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के पैरा खेल इतिहास में भारत के कुल पदकों के बराबर है।
10वें दिन 16 पदक जीतने के बाद भारत के कुल 39 पदक हो गए। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज़। पदक तालिका में भारत चौथे स्थान पर है।
पदक तालिका में 158 पदकों के साथ ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर, 102 पदकों के साथ इंग्लैंड दूसरे और 59 पदकों के साथ कनाडा तीसरे नंबर पर है।
गुलवीर सिंह एक से अधिक मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने
गुलवीर सिंह ने शनिवार को इतिहास रच दिया। वह 5000 मीटर दौड़ में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
इससे पहले कोई भी भारतीय पुरुष या महिला इस स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों में पदक नहीं जीत पाया था।
27 वर्षीय गुलवीर ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने एक ही राष्ट्रमंडल खेल में एथलेटिक्स में एक से अधिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी बने।
गुलवीर ने इससे पहले पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर पदक जीतकर इतिहास बनाया था। यह राष्ट्रमंडल खेलों में इस स्पर्धा में भारत का पहला पदक था।
इसके बाद उन्होंने 5000 मीटर दौड़ में भी शानदार प्रदर्शन किया और कड़े मुकाबले में ब्रॉन्ज पदक अपने नाम किया। उन्होंने 13 मिनट 24.95 सेकंड का समय निकाला।
कीनिया के मैथ्यू किपचुम्बा किपसांग ने 13:23.61 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।
रिंग में उतरे बिना ही टूटा रिकॉर्ड, महिलाओं ने जीते गोल्ड
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दसवें दिन शनिवार को मुक्केबाज़ी शुरू होने से पहले ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।
किसी भारतीय मुक्केबाज़ के रिंग में उतरने से पहले ही 10 पदक भारत की झोली में आ चुके थे। तमाम चुनौतियों के बावजूद यह भारतीय मुक्केबाज़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
शूटिंग, रेसलिंग और बैडमिंटन जैसे पारंपरिक मज़बूत खेल इस बार शामिल नहीं थे, इसलिए बॉक्सिंग भारत के लिए सबसे बड़ा मौका थी।
51 किलोग्राम भार वर्ग में निखत ज़रीन की जगह लेने वाली साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, जैस्मीन लम्बोरिया और लवलीना बोरगोहेन भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखती हैं।
इन खिलाड़ियों ने भारत की मज़बूत महिला मुक्केबाज़ी टीम की रीढ़ तैयार की है। प्रिया घनघस ने भी स्वर्ण जीतकर महिला टीम के सफल अभियान को और मजबूत किया।
पुरुष वर्ग में भी सफलता
पुरुष वर्ग में सचिन सिवाच और अंकुश ने जीत हासिल की।
शनिवार को लवलीना और जादूमणि सिंह को छोड़कर बाकी सभी भारतीय मुक्केबाज़ अपने फ़ाइनल मुकाबले जीतने में सफल रहे। लवलीना को ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा वर्ल्ड ब्रॉन्ज मेडल विजेता एम्मा सू ग्रीनट्री से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।
57 किलोग्राम भार वर्ग की मौजूदा विश्व चैंपियन जैस्मीन लम्बोरिया ने अनुभवी आयरिश बॉक्सर मिकाएला वॉल्श के ख़िलाफ़ शानदार प्रदर्शन किया।
नई दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 में भारत ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। उस समय भारत ने 101 मेडल जीते जिनमें 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज़ मेडल शामिल थे।
आज का भारतीय कार्यक्रम
ट्रैक साइक्लिंग: दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों, पुरुष 40 किलोमीटर पॉइंट्स रेस पहला दौर।
जूडो: ईशरूप नरंग बनाम निकोल वुड (स्कॉटलैंड), महिला -78 किलोग्राम।
जूडो: अवतार सिंह बनाम एरिस्टोस माइकल (साइप्रस), पुरुष -100 किलोग्राम।
जूडो: यश घनघस, पुरुष +100 किलोग्राम।
ट्रैक साइक्लिंग: रोनाल्डो सिंह लैटोनजाम, पुरुष 1000 मीटर टाइम ट्रायल फ़ाइनल।
पैरा साइक्लिंग: लीशा दास, महिला सी4-सी5 1000 मीटर टाइम ट्रायल फ़ाइनल।
ट्रैक साइक्लिंग: दिनेश कुमार और हर्षवीर सिंह सेखों, पुरुष 40 किलोमीटर पॉइंट्स रेस फ़ाइनल (क्वालिफ़ाई के बाद)।
भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भी उम्मीदें काफ़ी बढ़ा दी हैं।
Worauf zu achten ist
KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten
भारत के सामने अभी तीन पदक मुकाबले बाकी हैं।
Sehr wahrscheinlich · Innerhalb von Stunden
भारतीय खिलाड़ी आज के निर्धारित ट्रैक साइक्लिंग और जूडो मुकाबलों में भाग लेंगे।
Sehr wahrscheinlich · Innerhalb von Stunden
Offene Fragen
- जूडो में भारतीय खिलाड़ियों का अंतिम पदक परिणाम क्या रहा?
- आज के ट्रैक साइक्लिंग और पैरा साइक्लिंग स्पर्धाओं के परिणाम क्या रहे?

