Eilmeldung
TREndonezya'da 7.7 Büyüklüğünde Büyük Deprem: En Az 47 Ölü, Tsunami UyarısıARقتل 11 شخصاً في غارات إسرائيلية على جنوب لبنانDEWaldbrand in Belgien: Monschau bereitet sich auf Evakuierungen vorARاعتقال إسرائيلي بتهمة إشعال حريق في اليونان وحرائق غابات في بلجيكاINTLZimbabwe Boat Accident Death Toll Rises to 68RUUkrainian Forces Launch 42 Attacks on DPR Communities, 4 InjuredARإلقاء القبض على كامرون هاريس بعد إطلاق نار خارج سكن جامعي في فرجينياESAvión de combate español derriba dron en espacio aéreo rumano cerca de UcraniaINTLMorocco Arrests 111 Trying to Enter Spain's Ceuta Enclave Amid Security CrackdownDEEuropa kämpft mit anhaltender Hitze und WaldbrändenTREndonezya'da 7.7 Büyüklüğünde Büyük Deprem: En Az 47 Ölü, Tsunami UyarısıARقتل 11 شخصاً في غارات إسرائيلية على جنوب لبنانDEWaldbrand in Belgien: Monschau bereitet sich auf Evakuierungen vorARاعتقال إسرائيلي بتهمة إشعال حريق في اليونان وحرائق غابات في بلجيكاINTLZimbabwe Boat Accident Death Toll Rises to 68RUUkrainian Forces Launch 42 Attacks on DPR Communities, 4 InjuredARإلقاء القبض على كامرون هاريس بعد إطلاق نار خارج سكن جامعي في فرجينياESAvión de combate español derriba dron en espacio aéreo rumano cerca de UcraniaINTLMorocco Arrests 111 Trying to Enter Spain's Ceuta Enclave Amid Security CrackdownDEEuropa kämpft mit anhaltender Hitze und Waldbränden
Newsgather
Zurückअमेरिकी जंगी जहाज़ के सैनिकों की समस्याओं पर पेंटागन का बयान
अमेरिकी जंगी जहाज़ के सैनिकों की समस्याओं पर पेंटागन का बयान
In Entwicklung
BBC हिंदीgesternDefense5 Min. LesezeitIndia

अमेरिकी जंगी जहाज़ के सैनिकों की समस्याओं पर पेंटागन का बयान

यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात सैन्यकर्मियों की समस्याओं और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अमेरिकी सांसदों ने रक्षा मंत्रालय से जवाब मांगा है।

Auf einen Blick

अमेरिकी युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात हजारों सैन्यकर्मी भोजन की कमी, खराब पाइपलाइन और थकान से जूझ रहे हैं। अमेरिकी सांसदों ने पेंटागन से जवाब मांगा है, जबकि रक्षा मंत्री ने रिपोर्टों को खारिज किया है।

KI-generierte Zusammenfassung

Warum es wichtig ist

यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत नवंबर में कैलिफोर्निया से रवाना हुआ था और फरवरी में ईरान पर हमलों से पहले इसे मध्य पूर्व भेज दिया गया था।

Schriftgröße

खबरों के मुताबिक, अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर सवार हजारों अमेरिकी सैन्यकर्मी भोजन की कमी, ख़राब पाइपलाइन और थकान जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ये सैन्यकर्मी क़रीब 250 दिनों यानी 8 महीने से इस पर तैनात हैं.

इसे लेकर अमेरिकी सांसदों ने रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) से जवाब मांगा है. ये सांसद ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप प्रशासन पर दबाव बना रहे हैं.

कुछ मिलिट्री न्यूज़ आउटलेट्स के मुताबिक, यूएसएस अब्राहम लिंकन के कुछ नाविकों ने जहाज़ से कूदने की कोशिश भी की है. इनके परिवारों ने भी जहाज़ पर तैनात सैन्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है.

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने गुरुवार को मौजूदा हालात से जुड़ी रिपोर्टों को "पूरी तरह से ग़लत" बताया.

यह विमानवाहक पोत नवंबर में कैलिफोर्निया से दक्षिण चीन सागर के लिए रवाना हुआ था. फरवरी में ईरान पर हुए हमलों से पहले इसे मध्य पूर्व भेज दिया गया था.

यह तैनाती मूल रूप से मई में ख़त्म होने वाली थी, लेकिन इसे बार-बार बढ़ाया गया है. वापसी की कोई तारीख घोषित नहीं की गई है.

हालांकि, गुरुवार को कई मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि अमेरिका तय रोटेशन योजना के तहत यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन से इस विमानवाहक पोत को बदलने की तैयारी कर रहा है.

मानसिक तनाव से जूझते सैन्यकर्मी

कैलिफोर्निया के डेमोक्रेट सांसद माइक लेविन ने एक्स पर जहाज़ की कथित समस्याओं का ज़िक्र किया. उन्होंने फफूंद लगे शॉवर, ख़राब शौचालय, हफ्तों तक बंद रही लॉन्ड्री, लंबे समय तक गर्म पानी की कमी और सीमित भोजन का हवाला दिया. उन्होंने साबुन, डिओडोरेंट और टूथपेस्ट जैसी ज़रूरी चीज़ों की कमी का भी ज़िक्र किया.

इन रिपोर्टों के बाद नौसेना के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि उन्हें जहाज़ पर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर घटनाओं में कोई बढ़ोतरी नहीं दिखी है. उन्होंने कहा कि "पारंपरिक आपूर्ति केंद्र" युद्ध अभियानों के कारण प्रभावित हुए हैं.

नौसेना इस समय जहाज़ तक "मिशन के लिए ज़रूरी सामान" पहुंचाने को प्राथमिकता दे रही है.

अधिकारी ने बुधवार को कहा, "पहले भोजन, फिर स्वच्छता का सामान और उसके बाद डाक." उन्होंने कहा कि जहाज़ से मिली मौजूदा रिपोर्टों के मुताबिक वहां साफ़ पानी, चालू एसी (एयर कंडीशनिंग) और पौष्टिक भोजन के विकल्प लगातार उपलब्ध हैं.

हेगसेथ ने गुरुवार को पनामा में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करती है कि "हर जहाज़, हर चालक दल और हर कप्तान को हर समय वह सब कुछ मिले, जो हम उन्हें उपलब्ध करा सकते हैं."

उन्होंने कहा, "कुछ तैनातियां दूसरों से लंबी होती हैं. मैं उन नाविकों के प्रति बहुत सम्मान और आभार रखता हूं. खुले समुद्र में और कम बंदरगाहों पर रुकते हुए वे मुश्किल हालात में जो काम करते हैं, वह अविश्वसनीय है."

जहाज़ की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने पत्रकारों से कहा कि हेगसेथ और ट्रंप दोनों यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि अमेरिकी सेना "संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए किसी भी ख़तरे का मुक़ाबला करने के लिए ज़रूरी संसाधनों से लैस हो".

नौसेना ने पहले भी लंबी तैनाती के दौरान सैन्यकर्मियों के मनोरंजन के लिए कई कदम उठाए हैं. सैन्य प्रकाशन स्टार्स एंड स्ट्राइप्स के मुताबिक, इनमें बिंगो, कला सत्र और गायन प्रतियोगिताएं शामिल हैं.

जनवरी 2025 में 956 नौसैनिकों पर की गई एक स्टडी में पाया कि अमेरिकी नौसेना के जहाज़ों पर तैनात सैन्यकर्मियों में अमेरिकी सेना की दूसरी शाखाओं की तुलना में "गंभीर मनोवैज्ञानिक तनाव" कहीं ज़्यादा था.

स्टडी में ख़राब रहने की स्थिति, शोर और व्यस्त दिनचर्या जैसे ख़ास तनाव कारकों का ज़िक्र किया गया. इन वजहों से सैन्यकर्मियों को नींद और आराम के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता.

इस बीच, यूएसएनआई न्यूज़ के सैन्य आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, आत्महत्या अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स में मौत का एक प्रमुख कारण बनी हुई है. वेटरन्स एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, पूर्व सैनिकों में आत्महत्या की दर उन अमेरिकियों से ज़्यादा है, जिन्होंने सेना में सेवा नहीं की है.

अगर इस कहानी में उठाए गए मुद्दों का आप पर असर पड़ा है, तो मदद और समर्थन के लिए बीबीसी एक्शन लाइन से संपर्क किया जा सकता है. ब्रिटेन के बाहर मदद के लिए बेफ्रेंडर्स वर्ल्डवाइड या अमेरिका की सुसाइड एंड क्राइसिस लाइफ़लाइन से संपर्क किया जा सकता है.

कनेक्टिकट के सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को लिखे एक पत्र में जहाज़ पर सामने आई कथित समस्याओं की जानकारी दी. जहाज़ पर करीब 5,000 लोग सवार हैं. उन्होंने बुनियादी सामान की कमी, दूषित पानी, प्लंबिंग की समस्याओं, बिगड़ती मानसिक स्वास्थ्य स्थिति, डेक की सुरक्षा और डाक व्यवस्था में दिक़्क़तों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि जहाज़ पर भेजे गए कई केयर पैकेज महीनों तक नहीं पहुंच पाए.

सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य ब्लूमेंथल ने लिखा, "इन रिपोर्टों पर तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत है. लेकिन ये एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती हैं. क्या नेवी अपने विमानवाहक पोतों (वॉरशिप्स) से जिस स्तर की गतिविधियों की उम्मीद कर रही है वो उस पर खरे उतर रहे हैं या नहीं."

डेमोक्रेटिक पार्टी के एक अन्य सीनेटर रुबेन गैलेगो ने एक्स पर एक पोस्ट में सेना से मांग की कि वो संसदीय प्रतिनिधिमंडल को जहाज़ का दौरा करने की अनुमति दे. उन्होंने कहा कि इस "भयावह स्थिति की निगरानी जांच" ज़रूरी है.

गैलेगो के मुताबिक़, "प्रतिनिधिमंडल को जहाज़ तक पहुंच देने से इनकार करने की कोई वजह नहीं है."

बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस न्यूज़ ने दो अज्ञात अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस महीने की शुरुआत में एक नाविक जहाज़ से गिर गया था. उसे हेलीकॉप्टर से बचाया गया. चिकित्सा विभाग में उसका इलाज किया गया और आगे की देखभाल के लिए उसे जहाज़ से उतार दिया गया. घटना की वजह की जांच जारी है.

मिलिट्री टाइम्स और स्टार्स एंड स्ट्राइप्स ने इस सप्ताह की शुरुआत में बताया कि कुछ सैन्यकर्मियों के परिवारों ने जहाज़ पर लंबे समय तक रहने को लेकर चिंता जताई है. परिवारों के मुताबिक, लंबे समय तक समुद्र में रहना और जहाज़ की ख़राब परिस्थितियां कुछ सैन्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रही हैं.

इन ख़बरों के मुताबिक़ वॉरशिप में तैनात सैन्यकर्मी कई बार एक-एक हफ़्ते तक कपड़े भी नहीं धो पाते और उन्हें ताज़ा खाना भी नसीब नहीं होता. पोर्ट (बंदरगाहों) पर सैन्यकर्मियों को हर बार जहाज़ से उतरने की अनुमति भी नहीं होती.

जहाज़ पर तैनात एक नाविक के रिश्तेदार ने बीबीसी न्यूज़ को बताया कि तैनाती शुरू होने के बाद से उनके परिवार के सदस्य का वज़न काफ़ी कम हुआ है.

नाम न छापने की शर्त पर बात करने वाले इस रिश्तेदार ने कहा कि उनके परिवार के सदस्य ने जहाज़ पर कुछ नाविकों के बेहद गंभीर मानसिक तनाव से जूझने की पुष्टि की है.

हाल ही में हुई व्हाट्सऐप बातचीत में नाविक ने कहा कि वह "बहुत थका हुआ" है.

नाविक ने जहाज़ के इंजन और विमानों के उड़ान भरने और उतरने से होने वाले लगातार शोर और कंपन का भी ज़िक्र किया.

रिश्तेदार ने कहा, "वह मिशन को समझता है. वह यह भी जानता है कि हालात सामान्य नहीं होंगे."

"यह कोई छुट्टी नहीं है. वह जानता है कि उसे क्या करना है. लेकिन लंबे समय तक बिना बंदरगाह और ज़मीन पर कदम रखे रहना बहुत मुश्किल है. आराम करने का कोई मौक़ा नहीं मिलता. लगातार कंपन रहता है. सुबह, दोपहर और रात. सोते समय, खाते समय और नहाते समय भी. आपके दिमाग़ को कभी पूरी तरह आराम नहीं मिलता."

Worauf zu achten ist

KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten

  • यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन से यूएसएस अब्राहम लिंकन को बदला जाएगा।

    Wahrscheinlich · Innerhalb von Wochen

Offene Fragen

  • जहाज़ की वापसी की तारीख कब घोषित होगी?
  • सैन्यकर्मियों की मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं?

Verwandte Themen

This article was originally published by BBC हिंदी.

Ähnliche Meldungen