ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को जहाजों के लिए 'बंद' किया
Auf einen Blick
ईरान के ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने होर्मुज़ स्ट्रेट को जहाजों के लिए बंद करने की घोषणा की है। इसका कारण अमेरिका और इसराइल द्वारा युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन बताया गया है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
KI-generierte Zusammenfassung
Warum es wichtig ist
ईरान ने अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए होर्मुज़ स्ट्रेट को जहाजों के लिए बंद कर दिया है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है।
प्रकाशित 3 मिनट पहले
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ईरान में युद्ध की देख-रेख करने वाले ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने घोषणा की है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को जहाज़ों के लिए 'बंद' कर दिया जाएगा.
बीबीसी फ़ारसी सेवा के मुताबिक़, ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने अपनी इस घोषणा के पीछे अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का कारण बताया है.
इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में इसराइल की ओर से 'लगातार युद्धविराम का उल्लंघन' और लेबनान के 'सैकड़ों-हज़ारों लोगों का क्रूर जनसंहार और विस्थापन' को भी इस घोषणा का कारण बताया गया है.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) नौसेना ने कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट सभी जहाज़ों के लिए बंद कर दिया गया है. नौसेना ने इसका कारण अमेरिका और इसराइल पर युद्धविराम के उल्लंघन के आरोपों को बताया है.
इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते में युद्ध समाप्त करने के लिए 14 बिंदुओं की रूपरेखा तय की गई थी.
होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन मार्गों में से एक है. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति इसी मार्ग से होकर गुज़रती है.
स्ट्रेट के क़रीब न आएं- आईआरजीसी
आईआरजीसी ने सभी जहाज़ों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "होर्मुज़ स्ट्रेट के क़रीब न आएं, वरना आपकी सुरक्षा ख़तरे में पड़ जाएगी."
खातम अल-अंबिया मुख्यालय ने दक्षिणी लेबनान से इसराइली सैनिकों की 'वापसी कराने में असफलता' का भी ज़िक्र किया है.
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मुख्यालय ने अपनी इस कार्रवाई को 'दुश्मन की ओर से किए गए वादे के उल्लंघन का जवाब देने की दिशा में पहला क़दम' बताया है.
बीते दिनों ईरान और अमेरिका के बीच एक 'मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग' पर डिजिटल हस्ताक्षर हुए.
14 बिंदुओं के इस एमओयू में होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने, लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्धविराम और परमाणु कार्यक्रमों पर आगे की बातचीत जैसे कई बातें शामिल थीं.
ईरान-अमेरिका समझौते के पहले पैराग्राफ़ में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी लेबनान सहित 'सभी मोर्चों' पर सैन्य अभियानों की 'तत्काल और स्थायी तौर पर' रोकेंगे.
Worauf zu achten ist
KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten
होर्मुज़ स्ट्रेट में नौसैनिक तनाव बढ़ेगा और तेल की कीमतों में वृद्धि होगी।
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Offene Fragen
- क्या अमेरिका और इसराइल जवाब में कोई कार्रवाई करेंगे?
- स्ट्रेट कब तक बंद रहेगा?
- वैश्विक तेल आपूर्ति पर इसका कितना असर पड़ेगा?
