व्हाट्सएप ला रहा है यूज़रनेम फीचर, भारत सरकार ने मेटा को भेजा नोटिस
Auf einen Blick
व्हाट्सएप अपने 3 अरब यूजर्स के लिए यूज़रनेम फीचर ला रहा है, जिससे फोन नंबर शेयर किए बिना संपर्क किया जा सकेगा। भारत सरकार ने इस फीचर पर चिंता जताते हुए मेटा को नोटिस जारी किया है और परामर्श पूरा होने तक इसे लॉन्च न करने का निर्देश दिया है।
KI-generierte Zusammenfassung
Warum es wichtig ist
व्हाट्सएप एक नया यूज़रनेम फीचर पेश कर रहा है जो उपयोगकर्ताओं को अपना फ़ोन नंबर साझा किए बिना एक-दूसरे से जुड़ने की अनुमति देगा। भारत सरकार ने इस फीचर के संभावित दुरुपयोग की चिंताओं के कारण मेटा को नोटिस जारी किया है।
प्रकाशित 30 जून 2026
अपडेटेड 42 मिनट पहले
पढ़ने का समय: 6 मिनट
व्हाट्सऐप दुनिया भर में अपने तीन अरब यूज़र्स को अकाउंट के लिए यूज़रनेम चुनने की सुविधा दे रहा है.
दावा है कि इस बदलाव का मक़सद प्राइवेसी बढ़ाना है, ताकि लोग अपना फ़ोन नंबर साझा किए बिना भी प्लेटफ़ॉर्म पर एक-दूसरे से जुड़ सकें.
मेटा प्लेटफ़ॉर्म्स के स्वामित्व वाले व्हाट्सऐप ने कहा कि लोग अपना यूनिक यूज़रनेम रिज़र्व कर सकेंगे. कंपनी की योजना इस फ़ीचर को इस साल के अंत तक सक्रिय रखने की है.
व्हाट्सऐप की हेड ऑफ प्रोडक्ट एलिस न्यूटन-रेक्स ने कहा कि यूज़रनेम की सुविधा लोगों को इस बात पर ज़्यादा कंट्रोल देगी कि उनका फ़ोन नंबर कौन देख सकता है. ख़ासकर तब, जब वे नए लोगों से जुड़ रहे हों या किसी ग्रुप चैट में शामिल हो रहे हों.
लेकिन भारत सरकार ने देश में व्हाट्सऐप पर यूज़रनेम फीचर शुरू करने के संबंध में मेटा को नोटिस जारी किया है.
सूत्रों के अनुसार, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा को तीन दिनों के भीतर यूज़रनेम फीचर के बारे में विस्तार से जानकारी देने का निर्देश दिया है. मंत्रालय ने मेटा को यह भी निर्देश दिया है कि इस मामले पर परामर्श पूरा होने तक यूज़रनेम फीचर शुरू न किया जाए.
सूत्रों ने बताया कि मंत्रालय ने व्हाट्सऐप द्वारा की गई उस सार्वजनिक घोषणा का संज्ञान लिया है जिसमें उसने भारत सहित वैश्विक स्तर पर चरणबद्ध तरीके से अपने यूज़रनेम फ़ीचर को लागू करने की शुरुआत की है. व्हाट्सएप ने कहा कि एक बार यह फ़ीचर सक्रिय हो जाने पर, पहली बार संपर्क करने वाले व्यक्ति को प्राप्तकर्ता का फ़ोन नंबर दिखाई नहीं देगा और एक वैकल्पिक यूज़रनेम कुंजी को अतिरिक्त नियंत्रण के रूप में सेट किया जा सकता है.
सूत्रों के अनुसार, ऐसी आशंकाएं हैं कि इस फीचर से ऑनलाइन धोखाधड़ी, फ़िशिंग, डिजिटल अरेस्ट घोटाले जैसी घटनाएं बढ़ सकती हैं. यह भी आशंका जताई गई है कि यह फीचर पहचान की हेराफेरी को बढ़ावा दे सकता है.
हालांकि व्हाट्सऐप ने इसे प्राइवेसी के लिहाज़ से एक बड़ा अपग्रेड बताया.
एलिस न्यूटन-रेक्स ने कहा, "जब आप किसी नए व्यक्ति से मिलते हैं, चाहे वह क्लासमेट हो, पड़ोसी हो या किसी कार्यक्रम में मिला व्यक्ति, तब फ़ोन नंबर साझा करना एक बड़ा क़दम लग सकता है."
यह फ़ीचर प्रतिद्वंद्वी मैसेजिंग ऐप्स की तरह है, जैसे सिग्नल, जहां लोग फ़ोन नंबर के बजाय यूज़रनेम के ज़रिए बातचीत शुरू कर सकते हैं.
हालांकि, यूज़रनेम आमतौर पर सोशल नेटवर्किंग प्रोफ़ाइल से जुड़े होते हैं. न्यूटन-रेक्स ने कहा कि व्हाट्सऐप का यह एडिशन मुख्य रूप से एक प्राइवेसी टूल के रूप में तैयार किया गया है.
मिसाल के तौर पर, यूज़र्स किसी यूज़रनेम डायरेक्टरी को ब्राउज़ नहीं कर पाएंगे. किसी से संपर्क शुरू करने के लिए दूसरे व्यक्ति का सटीक यूज़रनेम पता होना ज़रूरी होगा.
फ़र्ज़ी पहचान और ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए व्हाट्सऐप ने रिज़र्वेशन अवधि के दौरान मौजूदा फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम यूज़रनेम उनके मूल यूज़र्स के लिए सुरक्षित रखे हैं.
न्यूटन-रेक्स ने कहा कि सार्वजनिक हस्तियों, सेलिब्रिटीज़ और सरकारी संस्थाओं से जुड़े कुछ हाई-प्रोफ़ाइल यूज़रनेम स्थायी रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि कोई जालसाज़ उनका इस्तेमाल न कर सके.
उन्होंने कहा, "हम इसे सफल तब मानेंगे, जब लोगों को व्हाट्सऐप पर सुरक्षित महसूस करने का एक और तरीक़ा मिलेगा. वे अपना फ़ोन नंबर निजी रख सकेंगे और अगर चाहें तो नए लोगों से भरोसे के साथ जुड़ सकेंगे."
व्हाट्सऐप ने अपने ब्लॉग में लिखा है, "मान लीजिए आप अपने बच्चे की फ़ुटबॉल टीम के पैरेंट्स ग्रुप से जुड़ना चाहते हैं, लेकिन जिन लोगों से आप कभी मिले ही नहीं, उन्हें अभी अपना फ़ोन नंबर देना नहीं चाहते."
इसी वजह से व्हाट्सऐप यूज़रनेम फ़ीचर ला रहा है.
व्हाट्सऐप पर तीन अरब से अधिक यूज़र्स हैं, इसलिए कई नाम एक जैसे हो सकते हैं.
इसी कारण कंपनी ने रिज़र्वेशन पहले शुरू किया है, ताकि हर किसी को अपनी पसंद का यूज़रनेम चुनने का मौक़ा मिल सके.
ज़्यादातर लोगों के लिए व्हाट्सऐप यूज़रनेम ऐसा होना चाहिए, जो यूनिक हो और जिसे केवल वही लोग जानते हों, जिनसे वे संपर्क रखना चाहते हैं.
अगर यूज़रनेम चुनने में दिक्क़त हो, तो व्हाट्सऐप ने यूज़रनेम जनरेटर भी उपलब्ध कराया है. यह फ़ीचर आपके लिए उपयुक्त यूज़रनेम सुझाने में मदद करेगा.
व्हाट्सऐप ने कहा है, "कॉन्टेंट क्रिएटर्स, छोटे व्यवसाय और संस्थाएं अक्सर अपनी ऑनलाइन पहचान एक जैसी रखना चाहते हैं. इसीलिए उन्हें अपने मौजूदा इंस्टाग्राम या फ़ेसबुक यूज़रनेम को व्हाट्सऐप पर क्लेम करने का विकल्प दिया गया है."
"यूज़रनेम फ़ीचर व्हाट्सऐप को और अधिक प्राइवेट बनाने की दिशा में एक नया क़दम है."
इसमें कोई डायरेक्टरी नहीं होगी और न ही कोई सुझाव दिखेंगे.
किसी व्यक्ति से पहली बार संपर्क करने के लिए दूसरे यूज़र को आपका सटीक यूज़रनेम पता होना ज़रूरी होगा.
कौन आपसे यूज़रनेम के ज़रिए संपर्क कर सकता है, इसे नियंत्रित करने के लिए व्हाट्सऐप ने एक वैकल्पिक यूज़रनेम की व्यवस्था भी बनाई है. इसे जानने के बाद ही कोई आपको मैसेज कर सकेगा.
फ़ीचर लॉन्च होने के बाद, अगर आपने यूज़रनेम एक्टिव किया है, तो किसी व्यक्ति या बिज़नेस को पहली बार मैसेज करने पर उन्हें आपका फ़ोन नंबर दिखाई नहीं देगा.
यूज़रनेम रिज़र्व करने में सिर्फ़ कुछ सेकंड लगेंगे.
इसके लिए व्हाट्सऐप के लेटेस्ट वर्ज़न में जाकर Settings > Account > Username पर जाना होगा.
व्हाट्सऐप इस फ़ीचर को रोलआउट कर चुका है.
व्हाट्सऐप यूज़रनेम से जुड़ी अहम बातें
यूज़रनेम आपके फ़ोन नंबर का एक विकल्प है, जिससे लोग आपको खोज सकते हैं और मैसेज कर सकते हैं.
यूज़रनेम के साथ एक वैकल्पिक चार अंकों का सिक्योरिटी कोड भी होगा, जो पहली बार संपर्क करने वालों के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा परत की तरह काम करेगा.
यूज़रनेम एक हैंडल की तरह काम करता है.
आप इसे दूसरों के साथ साझा कर सकते हैं, ताकि वे आपका फ़ोन नंबर जाने बिना व्हाट्सऐप पर आपको खोज सकें और आपसे संपर्क कर सकें.
चूंकि व्हाट्सऐप पर कोई सार्वजनिक डायरेक्टरी नहीं होगी, इसलिए किसी को आपसे संपर्क करने के लिए आपका सटीक यूज़रनेम पता होना ज़रूरी होगा.
यह सिक्योरिटी कोड एक पिन की तरह काम करेगा.
अगर आप इसे चालू करते हैं, तो कोई अनजान व्यक्ति सिर्फ़ आपका यूज़रनेम जानकर आपको मैसेज नहीं कर सकेगा.
उसे पहली बार आपसे संपर्क करने के लिए आपके यूज़रनेम और चार अंकों के सिक्योरिटी कोड, दोनों की ज़रूरत होगी.
अगर आप इस सिक्योरिटी कोड को टर्न ऑन करते हैं, तो जिन लोगों ने पहले कभी आपको मैसेज नहीं किया है, उन्हें पहली बार आपसे संपर्क करने के लिए यूज़रनेम और सिक्योरिटी कोड, दोनों की ज़रूरत होगी.
जब आप चाहें कि कोई नया व्यक्ति आपसे संपर्क करे, तो आप अपना यूज़रनेम और सिक्योरिटी कोड, दोनों साझा कर सकते हैं.
यूज़रनेम का यह सिक्योरिटी कोड सिर्फ़ उन लोगों के लिए ज़रूरी होगा, जो पहली बार आपके यूज़रनेम के ज़रिए आपसे संपर्क कर रहे हैं.
इन लोगों को आपकी पिन ज़रूरत नहीं होगी
इन लोगों को आपसे संपर्क करने के लिए यूज़रनेम की ज़रूरत नहीं होगी.
जिन लोगों के पास आपका फ़ोन नंबर पहले से सेव है.
जिन लोगों से आप पहले चैट कर चुके हैं.
जो आपके साथ किसी जॉइंट ग्रुप में हैं.
जिन्होंने आपका क्यूआर कोड स्कैन किया है.
जिन्हें आपने पहले मैसेज किया है
अगर आप यूज़रनेम की बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको अपने मोबाइल डिवाइस का इस्तेमाल करना होगा.
आप अपनी यूज़रनेम की के लिए ख़ुद कोई ख़ास कोड नहीं चुन सकते. यह कोड व्हाट्सऐप ख़ुद जनरेट करेगा.
हालांकि, आप इसे कभी भी बदल सकते हैं.
यूज़रनेम की बनाने से आपकी मौजूदा बातचीत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
जिन लोगों से आप पहले से चैट कर चुके हैं, वे बिना की के भी आपको मैसेज भेज सकते हैं.
अगर किसी व्यक्ति के पास आपकी की नहीं है और वह आपके यूज़रनेम के ज़रिए आप तक नहीं पहुंच पाता, तो इसकी कोई सूचना आपको नहीं मिलेगी.
Worauf zu achten ist
KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten
भारत सरकार यूज़रनेम फीचर के लॉन्च को रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
Möglich · Innerhalb von Wochen
अन्य देशों की सरकारें भी भारत के नक्शेकदम पर चल सकती हैं और व्हाट्सएप के नए फीचर की जांच कर सकती हैं।
Möglich · Innerhalb von Monaten
Offene Fragen
- क्या मेटा भारत सरकार के निर्देशों का पालन करेगा?
- यूज़रनेम फीचर के दुरुपयोग को कैसे रोका जाएगा?
- क्या अन्य देश भी इसी तरह के कदम उठाएंगे?
