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Zurückराहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन: पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन: पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग
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BBC हिंदीvor 4 StundenPolitik5 Min. LesezeitIndia

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन: पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग

Auf einen Blick

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. पीएम मोदी ने नीट पेपर लीक पर बयान दिया, जबकि कांग्रेस ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया.

KI-generierte Zusammenfassung

Warum es wichtig ist

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले और छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.

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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पीएम आवास 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर धरना प्रदर्शन किया.

दूसरी ओर जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का विरोध प्रदर्शन जारी है.

मंगलवार शाम को राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया.

कुछ घंटे बाद राहुल गांधी और हिरासत में लिए गए बाकी नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा कर दिया गया.

इससे पहले हिरासत में लिए गए कुछ नेताओं को मंदिर मार्ग थाने तो वहीं कुछ नेताओं को छत्रसाल स्टेडियम में ले जाया गया था. इसी बीच कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी हिरासत में लिए गए नेताओं से मिलने मंदिर मार्ग थाने पहुंची थीं.

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि हिरासत में लिए जाने के दौरान राहुल और प्रियंका गांधी से पुलिस ने दुर्व्यवहार किया.

इससे पहले पीएम आवास के पास धरना दे रहे राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं से मिलने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पहुँचे थे. मुलाक़ात के बाद उन्होंने इस बारे में एक्स पर एक लंबा पोस्ट लिखा.

जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वादा करके अपनी बात से मुकर गए.

जितेंद्र सिंह के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा है कि "न तो सरकार को और न ही उसके मंत्रियों को यह तय करने का कोई अधिकार है कि विपक्ष के नेता या इस देश के करोड़ों छात्र क्या मांग कर सकते हैं या नहीं."

पवन खेड़ा ने सोमवार को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज करने को लेकर कहा कि इसके लिए सरकार को बिना शर्त स्टूडेंट्स से माफ़ी मांगनी चाहिए.

इस बीच मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार नीट पेपर लीक मामले को लेकर एक बयान दिया.

हालांकि पीएम मोदी का ये बयान सीधे नहीं आया बल्कि केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के ज़रिए सामने आया.

जितेंद्र सिंह ने क्या बताया?

राहुल गांधी से मुलाक़ात के बाद जितेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट के ज़रिए इसके बारे में जानकारी साझा की थी.

उन्होंने लिखा, "सरकार ने मुझे और मेरे साथ केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को इन वरिष्ठ नेताओं से बातचीत करने मौके पर भेजा था."

जितेंद्र सिंह ने लिखा, "राहुल गांधी से अनुरोध किया गया कि वे अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि यह स्थल धरने का स्थल नहीं है, और यहां पर धरना करने से जनसाधारण को काफी असुविधा भी पहुंच रही है. राहुल गांधी जी ने यह मांग रखी कि अगर सरकार संसद में नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर चर्चा करने के लिए मान जाती है, तो वह अपना धरना तुरंत समाप्त कर देंगे."

"कुछ ही समय में सरकार के शीर्ष नेतृत्व की अनुमति लेने के बाद, राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है, और सरकार नीट और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है."

"राहुल गांधी जी को जब यह सूचना पहुंचाई गई तो उन्होंने कहा कि वह इतने पर ही नहीं मानेंगे बल्कि उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे़ का भी आश्वसान चाहा. उन्होंने कहा कि अब मेरी दो मांगे हैं: संसद में चर्चा एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा."

"जब उनको याद दिलाया गया कि पहले उन्होंने केवल चर्चा की ही मांग की थी, तब उन्होंने कहा कि अब मेरी मांगें बदल गई हैं. जब उनको विनम्रता से ये समझाने का प्रयास किया गया कि उनके जैसे वरिष्ठ नेता को इतनी जल्दी अपनी बात से मुकर जाना शोभा नहीं देता, तो उन्होंने कहा कि यह उनकी मर्ज़ी है. जब गृह सचिव ने यह समझाने का प्रयास किया कि यह स्थल धरने के लिए अनुकूल नहीं हैं तो उनका उत्तर था कि ये भी उनकी मर्ज़ी है वे जहां बैठें."

"राहुल गांधी जैसे वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष का अपनी बात से मुकर जाना दुर्भाग्यपूर्ण है. कांग्रेस पार्टी ने आज तक इस गंभीर विषय पर नियमानुसार औपचारिक चर्चा करने का कोई नोटिस नहीं दिया है. राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के उसूलों से मेल नहीं खाता है."

कांग्रेस क्यों दे रही थी धरना

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस सांसदों के पीएम आवास के बाहर धरना प्रदर्शन की जानकारी दी थी.

उन्होंने एक्स पर लिखा था, "कल युवा स्टूडेंट्स के साथ हुई क्रूरता को लेकर पीएम मोदी से जवाब मांगने के लिए हमने उनके उनके घर तक मार्च किया है."

"सरकार कोई जवाबदेही नहीं लेना चाहती या संसद में इस पर बहस नहीं चाहती. भारत के युवाओं का भविष्य बर्बाद करने के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए."

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी धरना स्थल पर पार्टी सांसदों के साथ थे.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "कांग्रेस पार्टी छात्रों के हक और उनकी जायज़ मांगों के साथ है. हम प्रधानमंत्री निवास के बाहर धरने पर बैठे हैं."

"इस बुज़दिल तानाशाह सरकार को लाठीचार्ज और बल प्रयोग पर जवाब देना होगा. मोदी-शाह हमारे युवाओं के गुनहगार हैं, उनको इस्तीफ़ा देना पड़ेगा."

इस दौरान पुलिस ने पंजाब कांग्रेस के नेता चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा को हिरासत में लिया.

चन्नी ने मीडिया से कहा, "ये बीजेपी का आतंकवाद है. ये छात्रों को सुन नहीं रहे हैं."

धरने पर बैठे राहुल गांधी समेत कांग्रेस नेताओं ने ख़ुद को रस्सी से बांध लिया था.

पीएम मोदी ने क्या कहा?

मॉनसून सत्र के दूसरे दिन एनडीए सांसदों के 'मंगल मिलन' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखा.

बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मीडिया को प्रधानमंत्री के संबोधन की जानकारी दी.

किरेन रिजिजू ने कहा, "नीट परीक्षा के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा है कि जब इसकी ख़बर आई तो सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और 12 लोगों को गिरफ़्तार करके जेल भेजा गया है."

रिजिजू ने बताया, "इसके अलावा, पीएम मोदी ने कहा कि छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए, बिना किसी देरी के दोबारा नीट परीक्षा कराई गई और सफलतापूर्वक इसे कराया गया. इसके नतीजे घोषित करने में देरी नहीं हुई. उन्होंने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाए जा रहे कड़े कदमों के बारे में भी बताया."

"पीएम मोदी ने अपील की है कि जो पेपर लीक मामले में लिप्त हैं, उनको सख़्त से सख़्त कैसे दी जाए इसके लिए टॉप क्लास के वकील साथ दें, ताकि पेपर लीक जैसे पाप के लिए सख़्त सज़ा मिले. आगे पेपर लीक न हो इसको लेकर जो सख़्त क़दम उठाए गए हैं, उसके बारे में भी पीएम मोदी ने जानकारी दी है."

"पीएम मोदी ने ये भी कहा कि पेपर लीक सिर्फ़ केंद्र सरकार का मामला नहीं है बल्कि पूरे देश के अलग-अलग राज्यों को पेपर लीक मामले में लिप्त लोगों को सज़ा देने के लिए एकजुट होना चाहिए."

Worauf zu achten ist

KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten

  • सरकार संसद में नीट और संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेगी.

    Sehr wahrscheinlich · Innerhalb von Tagen

Offene Fragen

  • पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच होगी?
  • नीट पेपर लीक मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
  • संसद में नीट पर चर्चा का क्या परिणाम होगा?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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