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Zurückपेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, विपक्ष ने सरकार से पूछे सवाल
पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, विपक्ष ने सरकार से पूछे सवाल
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BBC हिंदी25.5.2026Politik4 Min. LesezeitIndia

पेट्रोल-डीजल के दाम फिर बढ़े, विपक्ष ने सरकार से पूछे सवाल

Auf einen Blick

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। 25 मई 2026 को पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है।

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फिर बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम, विपक्ष ने पूछे सरकार से ये सवाल

प्रकाशित 26 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

देश में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का सिलसिला जारी है.

सोमवार ( 25 मई 2026) को पेट्रोल की क़ीमत में 2.61 रुपये और डीजल की क़ीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई.

पिछले दो हफ़्तों में पेट्रोल-डीजल की क़ीमतों में ये चौथी बढ़ोतरी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस बढ़ोतरी के साथ देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

विपक्ष ने पेट्रोल-डीजल की क़ीमतों की बढ़ोतरी पर तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.

'चुनाव में वादे और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार'

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पहले आर्थिक तूफ़ान की बात कही थी, लेकिन तब 'पीएम नरेंद्र मोदी चुनाव में व्यस्त' थे.

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "महंगाई मानव मोदी का फिर से हमला. पेट्रोल-डीज़ल के दाम किस्तों में बढ़ाते हैं. ताकि चुपके-चुपके आपकी जेब कटती रहे."

उन्होंने लिखा, "मैं महीनों से आर्थिक तूफ़ान आने की बात कह रहा था. पर मोदी जी तब हमेशा की तरह चुनाव में व्यस्त थे. चुनाव ख़त्म होते ही पेट्रोल-डीज़ल 8 रुपये महंगा कर दिया."

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राहुल गांधी ने कहा कि आगे भी क़ीमतें बढ़ती जाएंगी. उन्होंने लिखा, "ये बढ़त होती ही जाएगी. महंगाई मानव मोदी का एक ही काम है. चुनाव में वादे और बाक़ी समय जनता की जेब पर वार."

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी का विरोध किया है.

उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "पेट्रोल अब 100 रुपये पार हुआ. अबकी बार जनता की कमाई पर किस्तों में लूटमार !''

उन्होंने लिखा, ''पेट्रोल-डीज़ल पर रोज़ाना ₹1000 करोड़ का केंद्रीय टैक्स लगाकर भाजपा का पेट नहीं भरा. अंतरराष्ट्रीय दाम जब कम थे तब जनता को फ़ायदा नहीं पहुंचाया. उन्हें जमकर लूटा. जब क्राइसिस आई तो, चुनाव में जुट गए और चुनाव बाद बलिदान का उपदेश दिया फिर आठ दिनों में तीन बार पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ाए.''

''हमें बताया गया कि विदेशों के मुक़ाबले भारत में दाम सबसे कम हैं. पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद जब मोदी जी हम भारतीयों को "सब ठीक है" की घुट्टी पिला रहे थे तब बाकि देश अपनी-अपनी जनता को राहत पहुँचा रहे थे. ''

उन्होंने लिखा, "इटली ने ईंधन एक्साइज़ कटौती की, जिससे उनकी जनता को राहत मिली. ऑस्ट्रेलिया ने एक्साइज़ ड्यूटी में कटौती की. जर्मनी ने तेल पर टैक्स कम किया. ब्रिटेन ने हर घर को 100 पाउंड की ऑयल मदद दी और ईंधन और बिजली पर टैक्स कम किए. नरेंद्र मोदी जी बताइए, इस लूट की किस्त किस-किस को जा रही है? आप इतने कंप्रोमाइज्ड क्यों हैं.?''

'रूस और ईरान से सस्ता तेल क्यों नहीं ख़रीद रहे'

आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर कहा, ''आज फिर पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ा दिए. पिछले चौदह-पंद्रह दिनों में इनके दाम साढ़े सात से आठ रुपये तक बढ़ गए. रूस और ईरान हमें सस्ता और पर्याप्त मात्रा में तेल और गैस देने को तैयार हैं. तो फिर हम उनसे क्यों नहीं ख़रीद रहे हैं. '

उन्होंने कहा, ''जब मैंने कुछ दिनों पहले पूछा था कि हमें रूस और ईरान से पेट्रोल और गैस ख़रीदना चाहिए तो लगभग 97 फ़ीसदी लोगों ने हां कहा था. जब ये देश हमें सस्ता और पर्याप्त तेल और गैस दे रहे हैं तो प्रधानमंत्री की क्या मजबूरियां हैं वो उनसे तेल और गैस नहीं ख़रीद रहे हैं.''

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी पेट्रोल-डीज़ल के दाम में बढ़ोतरी पर सरकार को घेरा है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''रहम कीजिए मोदी जी, आप रोज़ाना पेट्रोल-डीज़ल महंगा कर रहे हो, सैलरी किसी की बढ़ नहीं रही, नौकरी बची रहे यही ग़नीमत है! व्यापार सबके चौपट पड़े हैं आपके राज में.''

''आप रोज़ाना तेल के दाम बढ़ा देते हो, इसके बाद दूध, सब्ज़ी, रोटी जैसी चीज़ें रोज़ाना अपने आप महंगी हो जाती है. कहाँ से लायें इतना पैसा?''

वहीं तृणमूल कांग्रेस की नेता सागरिका घोष ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी की ख़बरों को साझा करते हुए लिखा, ''एक पखवाड़े में पेट्रोल की क़ीमतों में चौथी बढ़ोतरी. ख़ुद को राजा समझने वाले नेता जनता को ऊर्जा संकट की सही जानकारी देने के बजाय दिल्ली जिमखाना क्लब बंद कराने और नेताओं को ख़ुश करने में व्यस्त हैं. इटली की प्रधानमंत्री के लिए मेलोडी, लेकिन आम नागरिकों के लिए मायूसी.''

समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पेट्रोल-डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी पर एक वीडियो अपलोड करते हुए लिखा, ''नहीं थम रहा भाजपाई महंगाई का वार, जनता का जीना हुआ दुश्वार! दस दिन में चौथी बार बढ़े पेट्रोल-डीज़ल के दाम. पेट्रोल 2.61 रुपये और डीज़ल 2.71 रुपये प्रति लीटर हुआ महंगा हुआ. अमृतकाल बोलकर भाजपा महंगाई काल ले आई है. नहीं चाहिए भाजपा.''

शिवसेना यूबीटी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर लिखा, ''मुंबई में पेट्रोल की क़ीमत अब शगुन वाले 111 रुपये के आंकड़े तक पहुंच गई है. अगली बढ़ोतरी में महानगरों में डीज़ल भी 100 रुपये के पार जा सकता है और यह बढ़ोतरी अगले 24 घंटों में होने की संभावना जताई जा रही है.''

अमेरिका-ईरान संघर्ष और होर्मुज़ स्ट्रेट में जहाज़ों की आवाजाही पर पाबंदी के चलते तेल की अंतरराष्ट्रीय सप्लाई पर असर पड़ा है.

सरकारी तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी, औद्योगिक डीज़ल और जेट फ़्यूल की क़ीमतें बढ़ा दी हैं.

चार राज्यों- पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हाल में हुए विधानसभा चुनावों के बाद ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अपने घाटे की भरपाई के लिए तेल क़ीमतों को बढ़ाने का एलान किया.

चुनाव ख़त्म होने के बाद सबसे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीज़ल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए गए थे. इसके कुछ ही दिन बाद पेट्रोल के दाम में दो बार में 90 पैसे और 94 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई और आज यानी 25 मई को चौथी बार 2 रुपये 61 पैसे की बढ़ोतरी की गई है.

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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