अमेरिका ने कहा- ईरान ने उसके हेलिकॉप्टर को मार गिराया, किया जवाबी हमला
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अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर को मार गिराया है, जिसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर जवाबी हमला किया है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
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अमेरिका ने कहा है कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर को मार गिराया है।
इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि हेलिकॉप्टर को मार गिराए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने मंगलवार को भारतीय समयानुसार रात 2.30 बजे हमले शुरू किए।
सेंटकॉम ने एक बयान में कहा, "यह मिशन ईरान की बेवजह की आक्रामकता का बराबरी वाला जवाब है।"
हालांकि एक अमेरिकी अधिकारी ने अमेरिका में बीबीसी के पार्टनर सीबीएस न्यूज़ को बताया कि यह साफ़ नहीं है कि ड्रोन ने जानबूझकर हेलिकॉप्टर पर हमला किया था या नहीं।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराग़ची ने अमेरिका के ताज़ा हमलों को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, "लड़ाई में हार के बावजूद अमेरिका ने हमारी दृढ़ता को परखने की कोशिश की। हमारी ताक़तवर सेना किसी भी हमले या धमकी का जवाब दिए बिना नहीं रहेगी।"
"अगर सुरक्षित रहना चाहते हैं तो हमारे क्षेत्र से चले जाएं।"
राष्ट्रपति ट्रंप क्या बोले
सेंटकॉम ने पहले बताया था कि गिराए गए अमेरिकी अपाचे हेलिकॉप्टर के दो क्रू सदस्यों को एक अमेरिकी सी-ड्रोन ने बचाया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "इसमें दो पायलट शामिल थे, दोनों सुरक्षित हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। फिर भी अमेरिका के लिए इस हमले का जवाब देना ज़रूरी है।"
अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' ने एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि अमेरिका ने ईरान के कई डिफेंस और रडार सिस्टम पर हमला किया है।
वहीं ईरानी सरकारी टीवी का कहना है कि कुछ लोग फारस की खाड़ी के तट पर धमाकों और एयर डिफेंस की गतिविधियों की रिपोर्ट कर रहे हैं। इसमें बंदर अब्बास, क़ेश्म और सीरिक शामिल हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एबीसी न्यूज़ से कहा कि ईरान पर जवाबी हमले बहुत मज़बूत और बहुत ताक़तवर होंगे, क्योंकि ईरान ने एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिरा दिया था।
फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि हेलिकॉप्टर गिराने पर अमेरिका का जवाब देना 'ज़रूरी' है।
उन्होंने कहा, "हम अभी जवाब दे रहे हैं। यह वैसा ही जवाब है, जो उन्होंने हमारे हेलिकॉप्टर के साथ किया था। मेरा मानना है कि यह जवाब बहुत मज़बूत और बहुत ताक़तवर होना चाहिए। ऐसा ही हो रहा है।"
ताज़ा हमलों से क्या कुछ बदलेगा?
सामने आई जानकारी के मुताबिक़ अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में ईरान के डिफेंस सिस्टम को भी निशाना बनाया है।
लेकिन सवाल यह है कि सीजफायर के दौरान ईरान पर हुए इन ताज़ा घटनाओं से क्या कुछ बदलेगा?
मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका यूरेशिया ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर फिरास मकसद ने बीबीसी को बताया कि आज की घटनाएं अमेरिका और ईरान के बीच 'जैसे को तैसा वाली स्थिति हैं और यह पूरी तरह युद्ध में बदलने जैसा नहीं है।'
उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि तुरंत युद्ध फिर से शुरू होने का ख़तरा है। अमेरिका की कार्रवाई बहुत सोच-समझकर की गई है। उन्होंने ईरानी तट पर और होर्मुज़ स्ट्रेट के आसपास सिर्फ़ रडार और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इससे ज़्यादा कुछ नहीं किया।"
"यह एक नियंत्रित टकराव है। दोनों पक्ष नहीं चाहते कि हाल जैसा बड़ा युद्ध फिर से शुरू हो।"
फिरास मकसद ने बताया कि ईरानी नेताओं का मानना है कि ट्रंप के पास ज़्यादा सैन्य विकल्प नहीं हैं।
वहीं ट्रंप अमेरिकी लोगों से कहते रहे हैं कि समझौता बस कुछ ही दिनों दूर है।
उन्होंने कहा, "स्पष्ट है कि राष्ट्रपति ट्रंप जल्दी में नहीं हैं। वह आर्थिक दबाव की रणनीति अपना रहे हैं। नाकेबंदी होने दे रहे हैं। ईरानी हमेशा की तरह लंबा खेल खेल रहे हैं, अमेरिकी धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि अमेरिका बीच-बीच में रियायतें देगा।"

