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Zurückईरान पर अमेरिका का हमला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी
ईरान पर अमेरिका का हमला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी
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BBC हिंदी27.6.2026Welt3 Min. LesezeitIndia

ईरान पर अमेरिका का हमला, आईआरजीसी ने दी चेतावनी

Auf einen Blick

अमेरिका ने ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और कोस्टल रडार पर हमला किया। यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट में एक मालवाहक जहाज़ पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में हुई। ईरान की आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अगर हमला दोबारा हुआ तो जवाब और भी बड़ा होगा।

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कार्गो शिप पर हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर अटैक, आईआरजीसी ने दी ये चेतावनी

प्रकाशित 2 घंटे पहले

पढ़ने का समय: 4 मिनट

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से तनाव बढ़ गया है. ताज़ा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और कोस्टल रडार पोज़िशन पर हमला किया.

यह कार्रवाई उस ड्रोन हमले के बाद हुई, जिसमें होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज़ (कार्गो शिप) को निशाना बनाया गया था.

अमेरिकी सेंटकॉम ने इसे ईरान के 'सीज़फायर उल्लंघन' बताते हुए ईरान पर हमला कर दिया.

जबकि ईरान की आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि अगर हमला दोबारा हुआ तो उनका जवाब और भी बड़ा होगा.

यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद हुई जिसमें उन्होंने ईरान पर सीज़फ़ायर के 'मूर्खतापूर्ण उल्लंघन' का आरोप लगाया था.

हमले से पहले ट्रंप ने कहा था- आपको पता चल जाएगा

दरअसल, गुरुवार को होर्मुज़ स्ट्रेट में एक जहाज़ पर एक तरफ़ा हमला करने वाले ड्रोन से हमला हुआ.

इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. वहां फंसे हज़ारों नाविकों को निकालने की योजना बनाई गई.

इसके बाद व्हाइट हाउस में शुक्रवार दोपहर ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वे यह नहीं बताएंगे कि अमेरिका ड्रोन हमले का कैसे जवाब देगा या सीज़फ़ायर को अब भी मानता है या नहीं.

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उन्होंने कहा, "आपको पता चल जाएगा. मुझे यह अच्छा नहीं लगा कि उन्होंने कल हमला किया. उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था."

जब पूछा गया कि ईरान ऐसा क्यों करेगा, ट्रंप ने बस इतना कहा, "वे थोड़े अलग हैं."

इसके बाद शुक्रवार को ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने ईरान के मिसाइल-ड्रोन रखने वाले ठिकानों और कोस्टल रडार पोज़िशन पर हमला किया.

अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान पर किए गए हमलों के बारे में और जानकारी दी है.

सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी विमानों ने ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारों के साथ तटीय रडार ठिकानों को निशाना बनाया.

बयान के अनुसार, सिंगापुर के झंडे वाला जहाज़ 'ऑर लवली' 25 जून को होर्मुज़ स्ट्रेट से निकलते समय ओमान के तट के पास एक आत्मघाती ड्रोन हमले का शिकार हुआ.

सेंटकॉम ने इस हमले को ईरान की कार्रवाई और युद्धविराम का साफ़ उल्लंघन बताया. उसने कहा कि इस तरह की कार्रवाई दुनिया के सबसे अहम व्यापारिक मार्ग में स्वतंत्रता को ख़तरे में डालती है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह भी घोषणा की, उसकी सेनाएं व्यापारिक जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सहयोग और समर्थन जारी रखेंगी. साथ ही, ईरान के साथ हुए समझौते को पूरी तरह लागू करने के लिए क्षेत्र में मौजूद और तैयार रहेंगी.

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने सेंटकॉम का बयान साझा करते हुए कहा कि हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा.

जेडी वेंस ने एक्स पर लिखा, "ईरान ने युद्धविराम समझौते पर दस्तख़त किए हैं. हमने उसका पालन किया है. अगर उन्हें इस एमओयू के लागू होने पर कोई आपत्ति है, तो वे फ़ोन कर सकते हैं. लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा."

आईआरजीसी ने अमेरिका को दी चेतावनी

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर (आईआरजीसी) ने इस हमले के लिए अमेरिका और इसराइल को ज़िम्मेदार ठहराया.

आईआरजीसी ने शुक्रवार को हुए हमले के बाद अमेरिका और इसराइल पर सीज़फ़ायर तोड़ने के आरोप लगाए.

आईआरजीसी ने कहा, "समझौता तोड़ने वाला अमेरिकी शासन हमेशा की तरह अपने वादे तोड़ता है और अलग-अलग बहानों से ईरान के तट पर हवाई हमला करता है."

आईआरजीसी ने चेतावनी देते हुए आगे कहा, "अगर हमला दोबारा हुआ तो हमारा जवाब इससे भी बड़ा होगा."

आईआरजीसी ने इसराइल पर भी लेबनान में सीज़फायर तोड़ने का आरोप लगाया.

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अज़ीज़ी ने अमेरिकी हमले की तीखी आलोचना की.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "अमेरिका ने बातचीत के बीच एक बार फिर ईरान पर हमला किया. नाकाम अमेरिकी राष्ट्रपति ने दिखा दिया है कि उसे बातचीत या युद्धविराम के नियमों की कोई परवाह नहीं है.

इब्राहिम अज़ीज़ीने आगे लिखा, "यह लापरवाही भरा उल्लंघन हमेशा की तरह उनके पीछे हटने और पछतावे की वजह बनेगा. अब आरोप-प्रत्यारोप का खेल काम नहीं करता."

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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