Eilmeldung
UKNurses collapsing during shifts amid extreme heat as union warns of inhumane conditionsINTLZambia votes in high-stakes election overshadowed by legacy of former leaderARتعليق منصة ديسكورد في السعودية بسبب محتوى مخالفINTLAndrew Bragg defends proposal for lower-standard housing amid Coalition falloutCN塔利班接管阿富汗五年:内外交困下的脆弱统治INTLIran-US war latest: Tehran threatens to prolong war until Trump's term endsARخطة عراقية لتطويق مواقع الفصائل الإيرانية ومباحثات أمنية بشأن نزع سلاح حزب اللهDETrump bestätigt heimlichen Maschinenwechsel bei NATO-Gipfel in AnkaraITMeteo, caldo intenso fino a Ferragosto: svolta e temporali dal 16 agostoUSMedia Groups Sue President Trump Over Truth Social's Paid Fast-Access APIUKNurses collapsing during shifts amid extreme heat as union warns of inhumane conditionsINTLZambia votes in high-stakes election overshadowed by legacy of former leaderARتعليق منصة ديسكورد في السعودية بسبب محتوى مخالفINTLAndrew Bragg defends proposal for lower-standard housing amid Coalition falloutCN塔利班接管阿富汗五年:内外交困下的脆弱统治INTLIran-US war latest: Tehran threatens to prolong war until Trump's term endsARخطة عراقية لتطويق مواقع الفصائل الإيرانية ومباحثات أمنية بشأن نزع سلاح حزب اللهDETrump bestätigt heimlichen Maschinenwechsel bei NATO-Gipfel in AnkaraITMeteo, caldo intenso fino a Ferragosto: svolta e temporali dal 16 agostoUSMedia Groups Sue President Trump Over Truth Social's Paid Fast-Access API
Newsgather
Zurückराम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी
In Entwicklung
BBC हिंदीvor 57 MinutenPolitik4 Min. LesezeitIndia

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ पद के लिए 16 उम्मीदवारों के इंटरव्यू पूरे हो गए हैं।

Auf einen Blick

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक सीईओ पद के लिए 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू पूरा हो गया है। एक उच्चस्तरीय पैनल तीन नाम ट्रस्ट को भेजेगा, जिस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

KI-generierte Zusammenfassung

Warum es wichtig ist

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का फ़ैसला लिया था।

Schriftgröße

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के लिए इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो गई है.

ट्रस्ट की ओर से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया कि एक उच्चस्तरीय पैनल ने 5,585 आवेदनों में से चुने गए 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया गया. अब पैनल इनमें से तीन का नाम ट्रस्ट को भेजेगा. अंतिम फ़ैसला ट्रस्ट को करना है.

सर्च कमेटी में न्यायमूर्ति (रिटायर्ड) प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) वी.के. चतुर्वेदी (वेटरन) और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हवारे शामिल थे.

इंटरव्यू में धार्मिक कार्यों के अनुभव, भगवान राम में आस्था और हिंदू धर्म की मूल धार्मिक परंपराओं से जुड़े सवाल पूछे गए.

इंटरव्यू के दौरान यह भी पूछा गया कि क्या उम्मीदवार चोटी रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं, शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी, शराब का सेवन करते हैं या नहीं, कट्टर हिंदू हैं या केवल आस्थावान, क्या वे हिंदू धर्म के अनुरूप वस्त्र पहनने में सहज होंगे और अन्य धर्मों के बारे में उनकी क्या राय है.

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोप सामने आने के बाद ट्रस्ट ने पूर्णकालिक सीईओ नियुक्त करने का फ़ैसला लिया था.

जिन लोगों के इंटरव्यू लिए गए उनमें तीन पूर्व आईएएस, एक पूर्व आईपीएस और चार पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे.

बुधवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव समीर पांडेय की ओर से एक प्रेस रिलीज़ जारी की गई जिसमें कहा गया है कि अंतिम चरण के साक्षात्कार 11 और 12 अगस्त को ट्रस्ट परिसर में ही आयोजित किए गए थे.

बयान के अनुसार, समिति ने कई चरणों में कठोर, पारदर्शी और व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई. कुल 16 पेशेवरों को अयोध्या में आमने-सामने की बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था. यह संख्या कुल आवेदकों का लगभग 0.3 प्रतिशत थी.

बुधवार को एक ब्रिगेडियर रैंक के सेवानिवृत्त अधिकारी साक्षात्कार के लिए पहुंचे, जिनके उत्तर प्रदेश से होने की बात कही गई.

इसके अलावा तीन अन्य पूर्व नौकरशाहों का भी साक्षात्कार लिया गया. ये सभी उत्तर प्रदेश कैडर से नहीं थे.

पूर्व आईपीएस राजेश पांडेय और पूर्व आईएएस दिनेश चंद्र भी अन्य उम्मीदवारों के साथ साक्षात्कार में शामिल थे.

राजेश पांडेय उत्तर प्रदेश कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी (प्रांतीय पुलिस सेवा से पदोन्नत) पुलिस महानिरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए.

उन्होंने उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड, स्पेशल टास्क फ़ोर्स और फ़ैज़ाबाद/अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवा दी.

उनके कार्यकाल में ही कुख्यात गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ मुठभेड़ का मामला सामने आया था.

राजेश पांडे का दूसरे दिन भी इंटरव्यू हुआ. इसके अलावा बिहार के डीजीपी प्रवेश सक्सेना का भी बुधवार को इंटरव्यू हुआ.

प्रवेश सक्सेना बिहार के वर्तमान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हैं.

दिनेश चंद्र उत्तर प्रदेश कैडर के 2012 बैच के आईएएस अधिकारी (प्रांतीय सिविल सेवा से पदोन्नत) विशेष सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए.

उन्होंने जौनपुर, बहराइच, कानपुर देहात और सहारनपुर के ज़िलाधिकारी के रूप में कार्य किया और उन्हें द इंडियन एक्सप्रेस एक्सीलेंज इन गवर्नेंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

सूत्रों ने बताया कि 40 से 50 मिनट तक चले साक्षात्कारों में धार्मिक कार्यों के अनुभव, भगवान राम में आस्था और हिंदू धर्म की अन्य धार्मिक परंपराओं से जुड़े सवाल पूछे गए.

उम्मीदवारों से यह भी पूछा गया कि क्या वे चोटी रखते हैं, जनेऊ पहनते हैं, शुद्ध शाकाहारी हैं या मांसाहारी, शराब का सेवन करते हैं या नहीं, कट्टर हिंदू हैं या केवल आस्थावान और क्या वे हिंदू धर्म के अनुरूप वस्त्र पहनने में सहज होंगे.

सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवारों से उनकी नेतृत्व क्षमता, धार्मिक और सामाजिक सहभागिता, राम मंदिर के लिए उनकी दृष्टि और कार्ययोजना के बारे में भी सवाल पूछे गए.

सभी साक्षात्कार राम मंदिर परिसर स्थित ग्रीन हाउस में हुए.

सभी 16 उम्मीदवार सोमवार देर रात अयोध्या पहुंचे और ट्रस्ट की ओर से सुझाए गए विभिन्न स्थानों पर ठहरे. पूरी साक्षात्कार प्रक्रिया बंद कमरे में की गई.

ट्रस्ट सूत्रों ने बताया कि उम्मीदवार सुबह करीब 9 बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे और साक्षात्कार प्रक्रिया सुबह 10 बजे शुरू हुई. साक्षात्कार शुरू होने से पहले सभी उम्मीदवारों को पूरे राम मंदिर परिसर का भ्रमण कराया गया.

ट्रस्ट सूत्रों ने बताया, "हर उम्मीदवार ने अयोध्या एयरपोर्ट पर पहुंचने का अपना कार्यक्रम पहले ही ट्रस्ट को भेज दिया था. ट्रस्ट ने उन्हें एयरपोर्ट से रिसीव किया. वहां से अलग-अलग वाहनों में अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया."

उन्होंने आगे कहा, "साक्षात्कार राम मंदिर परिसर में ही लिए जा रहे हैं और उम्मीदवारों को मीडिया से बातचीत न करने के निर्देश दिए गए हैं."

उन्होंने यह भी कहा, "साक्षात्कार प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी उम्मीदवारों को वापस अयोध्या एयरपोर्ट ले जाया जाएगा, जहां से वे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे. दिल्ली से वे अपने-अपने गंतव्य के लिए उड़ान लेंगे."

सूत्रों के अनुसार, 18 उम्मीदवारों में पूर्व नौकरशाहों के साथ दक्षिण भारत के मंदिरों में वरिष्ठ पदों पर रह चुके लोग भी शामिल हैं.

तीन सदस्यीय चयन समिति स्क्रीनिंग के लिए सोमवार रात अयोध्या पहुंची.

16 उम्मीदवारों में से समिति तीन नामों का चयन करेगी, जिन पर अंतिम फ़ैसला ट्रस्ट करेगा.

ट्रस्ट की ओर से जारी बयान के अनुसार, सेलेक्शन प्रक्रिया चार चरणों में आयोजित की गई है.

पहले चरण में कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 3,877 आवेदनों के साथ विस्तृत बायोडाटा संलग्न था. सभी आवेदकों से मैनेजमेंट क्षमता, बड़े आयोजनों और कर्मियों को संभालने का अनुभव, व्यक्तिगत उत्कृष्टता, भाषा दक्षता, नज़रिया और रणनीतिक योजनाओं से संबंधित विस्तृत जानकारी मांगी गई.

दूसरे चरण में 1,580 उम्मीदवारों के आवेदनों का विस्तृत मूल्यांकन किया गया. इनमें से लगभग 111 उम्मीदवारों को कई दिनों तक आयोजित ऑनलाइन संवाद के लिए आमंत्रित किया गया.

इस चरण में उम्मीदवारों का मूल्यांकन कम्युनिकेशन स्किल, पेशेवर अनुभव, नज़रिया, व्यक्तित्व, नेतृत्व क्षमता और तकनीकी समझ के आधार पर किया गया.

तीसरे चरण में ऑनलाइन मूल्यांकन के बाद 16 उम्मीदवारों को अयोध्या में इंटरव्यू के लिए चुना गया. ये उम्मीदवार डिफ़ेंस, ब्यूरोक्रेसी, कॉरपोरेट और औद्योगिक क्षेत्र, शिक्षा और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते थे.

अंतिम चरण में पहुंचे सभी 16 उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाले अनुभवी पेशेवर हैं.

ट्रस्ट के बयान में कहा गया है कि सर्च कमेटी अब अंतिम उम्मीदवारों के मूल्यांकन की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी और समयानुसार तीन नामों का पैनल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र को सौंपेगी. अंतिम घोषणा ट्रस्ट की ओर से की जाएगी.

पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर, जिन्हें इस पद के लिए अपने आवेदन पर कोई जवाब नहीं मिला, उन्होंने चयन प्रक्रिया और मानदंडों में पारदर्शिता की मांग की और ट्रस्ट से शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक करने को कहा.

ठाकुर ने कहा, "आज मैंने अयोध्या स्थित राम मंदिर ट्रस्ट को एक पत्र भेजा है. मैंने ट्रस्ट के सीईओ पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन आज तक कोई जानकारी नहीं मिली. मीडिया रिपोर्टों से पता चला कि लगभग 5,200 आवेदनों में से 16 लोगों को अयोध्या में साक्षात्कार के लिए बुलाया गया. मुझे साक्षात्कार के लिए न बुलाए जाने की कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर आवेदन आने के बाद ट्रस्ट को साक्षात्कार के लिए चुने गए उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक करने चाहिए."

"इसके साथ ही शॉर्टलिस्टिंग के मानदंड भी बताए जाने चाहिए और आवेदकों को उनके चयन या अस्वीकृति की आधिकारिक सूचना दी जानी चाहिए. मेरा मानना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जानी चाहिए."

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा पहले ही कह चुके हैं कि दुनिया की सबसे अधिक चर्चित मंदिर परियोजना में पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति बेहद आवश्यक है.

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि यह नियुक्ति पूरी तरह स्वायत्त होगी. सीईओ की शक्तियां ट्रस्ट तय करेगा और इसमें किसी सरकारी हस्तक्षेप की भूमिका नहीं होगी. सीईओ सीधे ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा.

ट्रस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीईओ ट्रस्ट के मार्गदर्शन में दीर्घकालिक योजनाएं भी तैयार करेगा, ताकि ट्रस्ट डीड में निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया जा सके.

Worauf zu achten ist

KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten

  • सर्च कमेटी तीन नामों का पैनल ट्रस्ट को सौंपेगी।

    Sehr wahrscheinlich · Innerhalb von Tagen

Offene Fragen

  • चयनित होने वाले तीन उम्मीदवारों के नाम क्या हैं?
  • अंतिम रूप से सीईओ के रूप में किसकी नियुक्ति होगी?

Verwandte Themen

This article was originally published by BBC हिंदी.

Ähnliche Meldungen

Mehr zu diesem Themaराम मंदिर