Última hora
TRDiyarbakır ve Çanakkale'de İki Ayrı Deprem Meydana GeldiTRİran Saldırısı Sonrası Bahreyn'de Uyarı Sirenleri ÇaldıTRİran-ABD Gerginliği: Tahran'da Silahlı Gösteriler ve Artan TehditlerTRKuveyt Hava Savunması İran İHA Saldırısına Karşı EtkinTRHudeyde'de Hava Saldırısı: Husiler ve Arap Koalisyonu Arasında Artan GerilimTRNablus'un Güneybatısında Filistinli Köyüne Saldırı: Ev ve Araçlar Ateşe VerildiTRGülistan Doku soruşturmasında Handan Sonel ve Mehmet Aca tutuklandıTRSağlık Bakanı Memişoğlu: Trabzon Şehir Hastanesi kasım sonunda ilk hastasını alacakTRBatı Zavtar'a ailelerin kısa süreli dönüşüne izin verildiTRÖzel Sektör Öğretmenleri Sendikası, ertelenen toplantının yeniden planlandığını duyurduTRDiyarbakır ve Çanakkale'de İki Ayrı Deprem Meydana GeldiTRİran Saldırısı Sonrası Bahreyn'de Uyarı Sirenleri ÇaldıTRİran-ABD Gerginliği: Tahran'da Silahlı Gösteriler ve Artan TehditlerTRKuveyt Hava Savunması İran İHA Saldırısına Karşı EtkinTRHudeyde'de Hava Saldırısı: Husiler ve Arap Koalisyonu Arasında Artan GerilimTRNablus'un Güneybatısında Filistinli Köyüne Saldırı: Ev ve Araçlar Ateşe VerildiTRGülistan Doku soruşturmasında Handan Sonel ve Mehmet Aca tutuklandıTRSağlık Bakanı Memişoğlu: Trabzon Şehir Hastanesi kasım sonunda ilk hastasını alacakTRBatı Zavtar'a ailelerin kısa süreli dönüşüne izin verildiTRÖzel Sektör Öğretmenleri Sendikası, ertelenen toplantının yeniden planlandığını duyurdu
Newsgather
Atrásसीबीएसई 12वीं के नतीजों में गड़बड़ी: तीन छात्रों ने कैसे मचाया बवाल?
सीबीएसई 12वीं के नतीजों में गड़बड़ी: तीन छात्रों ने कैसे मचाया बवाल?
En desarrollo
BBC हिंदी3/6/2026Education4 min de lecturaIndia

सीबीएसई 12वीं के नतीजों में गड़बड़ी: तीन छात्रों ने कैसे मचाया बवाल?

En resumen

सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों में ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तीन छात्रों ने टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी, सिस्टम की खामियों और स्कैन कॉपियों में हेरफेर के आरोप लगाए, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय को कार्रवाई करनी पड़ी।

Resumen generado por IA

Tamaño de fuente

प्रकाशित 42 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

ओएसएम (ओएसएम) - एक महीने पहले तक जेन ज़ी के लिए इस शब्द का मतलब ऑसम यानी कमाल था. लेकिन सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीबीएसई के 12वीं बोर्ड के नतीजों ने कई छात्रों के लिए तब कुछ कमाल का नहीं छोड़ा जब उनके जीवन में एक नया 'ओएसएम' आया.

ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी ओएसएम, एक डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया है जिसे सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड की आंसर शीट्स जांचने के लिए इस्तेमाल किया था.

बोर्ड ने कहा कि इसका मक़सद कॉपी की जांच को तेज़ी से और कम से कम ग़लतियों के साथ किया जाना है.

लेकिन ओएसएम को लेकर उस वक़्त विवाद हुआ जब करीब चार लाख स्टूडेंट्स ने सीबीएसई से अपनी स्कैन्ड कॉपियां मांगीं. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि कई कॉपियां धुंधली, ब्लैंक और बदली पाई गईं.

मामले ने तूल पकड़ा और सोशल मीडिया पर देश भर के छात्रों ने मानो मामला अपने हाथ में ले लिया.

इनमें से तीन छात्रों ने कुछ ऐसी बातें सामने रखीं जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय को सीबीएसई के चेयरमैन का तबादला करने जैसे बड़े कदम उठाने पडे़.

जानिए कौन हैं ये तीन छात्र और इन्होंने किया क्या है.

सार्थक सिद्धांत - टेंडर पास करने में बोर्ड की गड़बड़ी का दावा किया

एक इंटरव्यू से पहले कैमरे में देखकर अपने बाल व्यवस्थित करते दिखे 18 साल के सार्थक सिद्धांत ने सीबीएसई के मार्किंग सिस्टम की अव्यवस्था पर 31 सांसदों के सामने अपनी बात रखी.

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

समाप्त

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें

दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

एपिसोड

समाप्त

मूल रूप से रांची, झारखंड के रहने वाले सार्थक ने कोडिंग और रिसर्च स्किल के ज़रिए सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली ओएसएम यानी ऑनस्क्रीन मार्किंग सिस्टम और उससे जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियां होने का दावा किया था.

सार्थक ने अपने ब्लॉग पोस्ट में विस्तार से लिखा कि किस तरह सीबीएसई ने टेंडर नियमों में बार-बार बदलाव करके एक विवादित कंपनी को आंसर शीट्स के मूल्यांकन का ठेका दिया.

अंग्रेज़ी में लिखे सार्थक के इस ब्लॉग का शीर्षक है कि 'किस तरह सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक के लिए नियमों में फेरबदल किए.'

इसमें सार्थक ने बताया कि किस तरह लगातार तीन टेंडर राउंड्स में पात्रता और तकनीकी ज़रूरतों को बेहद ही व्यवस्थित तरीके से बार-बार बदला गया ताकि हैदराबाद की कोएम्प्ट एडुटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को फ़ायदा पहुंचे जिसे आखिरकार टेंडर मिला.

सार्थक ने यह भी लिखा कि यह कहानी बताती है कि किस तरह एक बड़े सरकारी संस्थान ने अपने नियमों को फिर से लिखकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया.

सार्थक ने सिर्फ दावे ही नहीं किए बल्कि एक टेंडर टाइमलाइन बनाई जिसमें बिंदुवार समझाया कि किस तरह अपने पसंदीदा वेंडर को टेंडर देने के लिए घालमेल किए गए.

हालांकि कंपनी और सीबीएसई ने इन आरोपों का खंडन किया लेकिन तब तक बात निकल चुकी थी.

सोशल मीडिया पर सार्थक का यह ब्लॉग वायरल हो चुका था. इन दावों के बाद संसदीय की एक स्थायी समिति ने उन्हें बुलावा भेजा जिसके अध्यक्ष कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह हैं.

सार्थक ने संसदीय समिति के सामने अपनी बात रखी और पीटीआई के मुताबिक़ इस बैठक में सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह, स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार के साथ ही शिक्षा मंत्रालय और बोर्ड से जुड़े अन्य अधिकारी भी शामिल थे.

बैठक के कुछ ही घंटों बाद सीबीएसई प्रमुख राहुल सिंह और संजय कुमार का तबादला कर दिया गया. साथ ही एक सदस्य समिति भी बनाई गई जो ओएसएम को लेकर सेवाएं लेने से जुड़े मामले की जांच करेगी.

निसर्ग अधिकारी - ओएसएम के यूआरएल को किया 'हैक'

ख़ुद को एथिकल हैकर बताने वाले निसर्ग अधिकारी ने बीबीसी से बातचीत में बताया कि किस तरह वह ओएसएम के यूआरएल को हैक करने में कामयाब रहे. उन्होंने न सिर्फ सिस्टम का मास्टर पासवर्ड क्रैक किया, बल्कि छात्रों के रिकॉर्ड्स, परीक्षा की कॉपियां और जांचकर्ताओं के अकाउंट तक भी पहुंच बना पाए.

अधिकारी ने कहा कि इतनी आसान पहुंच के साथ कोई भी आसानी से परीक्षा की कॉपी के साथ छेड़छाड़ कर सकता है, मार्क्स बदल सकता है और लोगों के फोन नंबर और बैंक डिटेल भी जान सकता है.

अधिकारी ने यह भी कहा कि किस तरह कोएम्प्ट कंपनी ने छात्रों से जुड़ी तमाम जानकारी को एमेज़न वेब सर्विस जैसी सार्वजनिक क्लाउड स्टोरेज सुविधा पर अपलोड कर रखा था, जिसे बिना किसी वेरिफ़िकेशन के कोई भी देख सकता है.

अधिकारी ने बताया कि उन्होंने क़रीब 6 से 7 ख़ामियों के बारे में उन्होंने भारत की कम्प्यूटर एमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम यानी सीईआरटी-आईएन को एक से ज़्यादा ईमेल्स के ज़रिए सूचित भी किया. बीबीसी ने भी ये इमेल्स देखे हैं.

सीईआरटी-आईएन, एक केंद्रीय एजेंसी है जो साइबर सुरक्षा से जुड़े मामलों से देखती है. अधिकारी ने इस हैकिंग के बारे में विस्तार से अपने एक्स अकाउंट पर भी लिखा. हालांकि सीबीएसई ने इन आरोपों को ख़ारिज किया और कहा कि जिस यूआरएल की बात अधिकारी कर रहे हैं वह एक टेस्टिंग साइट थी और उस पर असल डाटा नहीं था.

हालांकि कुछ दिन बाद सीबीएसई ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स की अनुभवी टीम बनाई गई है जिसमें आईआईटी से जुड़े लोग भी शामिल हैं और पब्लिक डोमेन में जो खामियां बताई गई हैं उन पर नज़र रखी जा रही है.

वेदांत श्रीवास्तव- जिनकी आन्सर शीट से गड़बड़ी की बात सामने आई

सीबीएसई के 12वीं के छात्र वेदांत श्रीवास्तव की फिज़िक्स आंसर शीट को लेकर खूब विवाद हुआ जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी हुई. वेदांत ने आरोप लगाया था कि री-इवैल्यूशन प्रोसेस के तहत उन्होंने जो स्कैन कॉपी डाउनलोड की, वह उनकी नहीं किसी और की थी.

इस विवाद के बाद वेदांत को जहां कई लोगों ने सपोर्ट किया, वहीं उनकी ट्रोलिंग भी हुई और उनको कई लोगों ने एंटी नेशनल तक कहा.

बाद में सीबीएसई ने अपनी ग़लती मानते हुए बताया कि वेदांत को उनकी सही आंसर शीट भेज दी गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए वेदांत के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने कहा था कि"वेदांत अपने फिज़िक्स के रिज़ल्ट से संतुष्ट नहीं था. हमने फिज़िक्स के साथ मैथ्स, इंग्लिश और सोशल साइंस के री-इवैल्यूशन के लिए भी अप्लाई किया था. जब हमने स्कैन कॉपी देखी तो पाया फिज़िक्स की आंसर शीट उसकी कॉपी से मैच नहीं कर रही थी."

सिद्धांत ने बताया कि अपनी बात सही तरीके से रखने के लिए उन्होंने इस मामले के बारे में सीबीएसई को ईमेल किया, एक्स पर पोस्ट किया और इंस्टाग्राम पर वीडियो भी डाला.

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर जेएनयू और डीयू की सलाह के बाद विवाद
En desarrollo·hace 13 horas

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर जेएनयू और डीयू की सलाह के बाद विवाद

जेएनयू, डीयू और जामिया ने छात्रों को जंतर-मंतर के प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी, जिससे विपक्ष और कानूनी विशेषज्ञों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के हवाले पर सवाल उठाए।

BBC हिंदी
4 min de lectura
पेपर लीक के खिलाफ़ आंदोलन पर अरुंधति रॉय, शशि थरूर और फ़िल्मी हस्तियों की प्रतिक्रिया
En desarrollo·anteayer

पेपर लीक के खिलाफ़ आंदोलन पर अरुंधति रॉय, शशि थरूर और फ़िल्मी हस्तियों की प्रतिक्रिया

प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के खिलाफ़ जारी आंदोलन पर सीजेपी, सोनम वांगचुक और कई हस्तियों की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। लेख में अरुंधति रॉय, शशि थरूर, सलमान ख़ान, आलिया भट्ट, अनुपम खेर और नसीरुद्दीन शाह के बयान शामिल हैं।

BBC हिंदी
7 min de lectura
Más sobre este temaसीबीएसई