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अमेरिका और ईरान के बीच फ़ारस की खाड़ी में जंग ख़त्म करने का समझौता, होर्मुज़ स्ट्रेट खुलेगा
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BBC हिंदी15/6/2026Mundo4 min de lecturaIndia

अमेरिका और ईरान के बीच फ़ारस की खाड़ी में जंग ख़त्म करने का समझौता, होर्मुज़ स्ट्रेट खुलेगा

En resumen

अमेरिका और ईरान के बीच फ़ारस की खाड़ी में जंग ख़त्म करने को लेकर समझौता हो गया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इसकी जानकारी दी. समझौते के तहत होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा और तेल की आवाजाही शुरू होगी.

Resumen generado por IA

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प्रकाशित 49 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

फ़ारस की खाड़ी में जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है. बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के साथ समझौते पर पहुंचने की बात कही है. ईरान के उप विदेश मंत्री ने भी समझौते पर पहुंचने की पुष्टि की है.

ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि वे अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर 'इस मौक़े का सदुपयोग' करने के लिए काम करेंगे.

ई4 समूह ने कहा, "हम इस कूटनीतिक सफलता के लिए अमेरिका, ईरानी सरकार और इसमें शामिल सभी पक्षों, जिनमें पाकिस्तान, क़तर और अन्य सभी मध्यस्थ शामिल हैं, को बधाई देते हैं."

अमेरिका-ईरान समझौते की घोषणा के बाद एशिया में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. इस समझौते के तहत होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोले जाने की तैयारी है.

इस बीच फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि इस सप्ताह फ़्रांस के एवियन शहर में हो रही जी7 नेताओं की बैठक में अमेरिका-ईरान समझौते के हिस्से के रूप में होर्मुज़ स्ट्रेट को लंबे समय के लिए खोले रखने पर चर्चा की जाएगी.

कैसे हुआ समझौता

ईरान के उप विदेश मंत्री का कहना है कि क़तर के मध्यस्थों ने तेहरान में अमेरिका और ईरान के बीच एक ड्राफ्ट मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (समझौता ज्ञापन) पर सहमति बनाने के लिए "क़रीब 14 से 15 घंटे तक लंबी बातचीत" की.

उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि अंतिम समझौते पर बातचीत 60 दिनों की अवधि में होगी, जिसमें ईरान को "कई मुद्दों पर बात करनी है" और सबसे बड़ी प्राथमिकता उस पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाना है.

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काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोमवार को ईरानी सरकारी मीडिया को बताया, "इस बातचीत की प्रक्रिया में काफ़ी समय लगा. ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग के मसौदे पर बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को तेहरान में क़तर का एक प्रतिनिधिमंडल मौजूद था."

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौता हो गया है, जिससे "लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान" समाप्त हो जाएंगे.

शहबाज शरीफ़ ने एक बयान जारी कर कहा कि इस समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे तब "तेल की आवाजाही फिर से शुरू होगी."

बीबीसी के उत्तरी अमेरिका संवाददाता के अनुसार, यह घोषणा ट्रंप के 80वें जन्मदिन के मौक़े पर हुई है, हालांकि समझौते का पूरा विवरण अभी उपलब्ध नहीं है.

ईरान के उप विदेश मंत्री ने सरकारी टीवी पर पुष्टि की है कि समझौता अंतिम रूप ले चुका है. वहीं देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने इसे ईरान की जीत बताया है.

अमेरिका और इसराइल ने 28 फ़रवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे. शुरुआती हमलोंं में ही ईरान के कई शीर्ष नेता मारे गए थे.

इसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के ठिकानों और इसराइल पर हमले किए थे. इसके साथ ही ईरान ने तेल और गैस की सप्लाई के अहम समुद्री मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया था.

होर्मुज़ स्ट्रेट के बंद होने से दुनियाभर में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा और इससे ऊर्जा की कीमतें बढ़ने लगीं.

ट्रंप ने न्यूयॉर्क टाइम्स से क्या कहा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने रविवार को न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ हुआ समझौता यह सुनिश्चित करता है कि होर्मुज़ स्ट्रेट "स्थायी रूप से टोल मुक्त" रहेगा.

अख़बार के अनुसार, 28 मिनट के फ़ोन इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान अमेरिका के साथ अंतिम परमाणु समझौते तक नहीं पहुंचता है, तो वह सैन्य हमले फिर शुरू कर देंगे, या फिर अमेरिका को "मध्य पूर्व का संरक्षक" बना दिया जाएगा, जिसके बदले क्षेत्र की कुल आय का पांचवां हिस्सा मिलेगा.

उन्होंने अपने पहले के दावे दोहराते हुए कहा कि फ़रवरी में ईरान पर हमला करने और उसके बाद उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी करने के फ़ैसले ने "मध्य पूर्व को फिर से अमेरिका के पक्ष में आकार दिया है."

इस डील की घोषणा करते हुए ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "यह शानदार डील पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लेकर आएगी."

उन्होंने आगे लिखा, "कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की लेकिन, मुझसे पहले सभी नाकाम रहे. क्षेत्र के नेताओं को पहली बार एक ऐसा राष्ट्रपति मिला जो असली शांति ला सकता है."

"शुक्रवार को हस्ताक्षर होने के साथ ही स्ट्रेट खुल जाएगा और समुद्री बारूदी सुरंगें हटाई जाएंगी और फिर से क्षेत्र में और पूरी दुनिया में तेल की आवाजाही शुरू हो जाएगी."

ईरानी सरकारी मीडिया ने समझौते के बारे में बताया

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सरकारी टीवी को फ़ोन पर पुष्टि की कि अमेरिका के साथ समझौता अंतिम रूप ले चुका है और शुक्रवार को स्विट्ज़रलैंड में इस पर आधिकारिक हस्ताक्षर होंगे.

ईरानी सरकारी मीडिया ने अमेरिका और ईरान के बीच 14 बिंदुओं वाले एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के मसौदे का ब्योरा प्रकाशित करने का दावा किया है.

हालांकि इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि अभी किसी भी देश ने नहीं की है.

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, मसौदे में ये बातें शामिल हैं-

लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम.

अमेरिका की ओर से ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की प्रतिबद्धता.

30 दिनों के भीतर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना.

30 दिनों के भीतर "ईरानी व्यवस्थाओं के तहत" होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना.

अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर देने की योजना.

ईरानी तेल और ऊर्जा उत्पादों पर लगे प्रतिबंध समाप्त करना.

परमाणु हथियार नहीं बनाने की ईरान की प्रतिबद्धता.

अमेरिका की ओर से क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी नहीं बढ़ाने और नए प्रतिबंध नहीं लगाने की प्रतिबद्धता.

अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने यह भी कहा, "अंतिम वार्ता तब तक शुरू नहीं होगी जब तक ईरान की फ़्रीज़ हुई संपत्तियों का कम से कम आधा हिस्सा जारी नहीं कर दिया जाता, ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध निलंबित नहीं कर दिए जाते और नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त नहीं कर दी जाती है."

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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