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कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी, अभिजीत दीपके ने पुलिस से पूछा- क्या पीएम ने बंद कराया पानी
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BBC हिंदी20.06.2026Política5 dk okumaIndia

कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी, अभिजीत दीपके ने पुलिस से पूछा- क्या पीएम ने बंद कराया पानी

En resumen

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से धरना स्थल खाली करने को कहा है, जबकि दीपके ने आरोप लगाया है कि पुलिस पानी और लाइट की सुविधा नहीं दे रही है।

Resumen generado por IA

Por qué importa

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से धरना स्थल खाली करने को कहा है।

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कॉकरोच जनता पार्टी का धरना जारी, अभिजीत दीपके ने पुलिस से पूछा- क्या पीएम ने बंद कराया पानी

प्रकाशित 20 जून 2026, 16:27 IST

अपडेटेड एक मिनट पहले

पढ़ने का समय: 8 मिनट

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 'शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे.' वहीं दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द प्रदर्शन स्थल को ख़ाली करें.

अभिजीत दीपके ने एक्स पर दावा किया है कि "दिल्ली पुलिस प्रदर्शन स्थल पर खाना, पानी, स्ट्रीट लाइट और वॉशरूम की अनुमति नहीं दे रही है. बैरिकेड की दूसरी ओर लोग खड़े हैं और पुलिस उन्हें आने नहीं दे रही है."

इसके साथ ही अभिजीत दीपके ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वो पुलिस कर्मियों से पूछ रहे हैं कि "पानी रोकने और लाइट बंद करने का फ़रमान किसने दिया है."

उन्होंने कहा, "क्या प्रधानमंत्री ने पानी और लाइट बंद करने के लिए बोला है, क्या गृह मंत्री ने पानी और लाइट बंद करने के लिए बोला है. आप (पुलिस कर्मी) मुझे बता दीजिए मैं उनसे रिक्वेस्ट कर लूंगा. आप पर कोई मुश्किल नहीं आने दूंगा."

वहीं शनिवार को प्रदर्शन शुरू होने के बाद शाम में सीजेपी ने एक्स पर घोषणा की थी कि वो धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े तक जंतर-मंतर से नहीं हटेगी.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर शनिवार को सीजेपी दूसरी बार प्रदर्शन कर रही है.

अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस से अपील की थी कि वो जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति को आगे बढ़ाए. हालांकि मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने बताया कि पुलिस ने धरना स्थल ख़ाली करने को कहा है.

दिलनवाज़ पाशा ने बताया है कि अब प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शनकारियों की संख्या 150-200 के क़रीब है और प्रदर्शन स्थल पर पुलिस अब किसी को जाने नहीं दे रही है.

इससे पहले शाम में दिल्ली पुलिस के कर्मी एक पोस्टर लेकर धरना स्थल पर खड़े थे जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों से तुरंत धरना स्थल ख़ाली करने को कहा था क्योंकि उनका समय समाप्त हो चुका था.

वहीं, अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया एक्स पर वीडियो पोस्ट करके बताया था कि वो जंतर-मंतर पर हैं और पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करने आ रही है.

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि जितने भी इस देश में युवा इस वीडियो को देख रहे हैं वो अपने-अपने ज़िलों में जेल भरो आंदोलन शुरू कर दें, चाहे कुछ भी हो जाए ये आंदोलन रुकना नहीं चाहिए.

अभिजीत दीपके ने साथ ही कहा है कि जो भी प्रदर्शन हो वो शांतिपूर्वक हो.

अभिजीत दीपके ने कहा है कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की शर्तों को लेकर उनसे बातचीत के चैनल को खोले.

सीजेपी इज़ बैक ने एक्स पर लिखा, "दीपके ने पुलिस से जंतर-मंतर पर अपनी अनुमति बढ़ाने की अपील की है और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की शर्त पर सरकार के साथ बातचीत के लिए रास्ता खोलने को कहा है."

सीजेपी ने शनिवार शाम क़रीब 5.30 बजे एक्स पर लिखा, "दिल्ली पुलिस एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन को अवैध घोषित करने की कोशिश कर रही है. आखिर शांति कब से गैरकानूनी हो गई, दिल्ली पुलिस?"

"हम तब तक यहां से नहीं जाएंगे, जब तक धर्मेंद्र प्रधान की लापरवाही की वजह से जान गंवाने वाले लोगों को न्याय नहीं मिल जाता."

शनिवार दिन में एक अन्य पोस्ट में सीजेपी ने एक्स पर लिखा, "दिल्ली, अब बाहर निकलने का समय आ गया है. हम सभी छात्रों, अभिभावकों और जागरूक नागरिकों से अपील करते हैं कि वे आज (शनिवार) शाम 6 बजे जंतर-मंतर पर इकट्ठा हों और एक स्पष्ट मांग रखें- धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए."

जंतर मंतर पर कैसा माहौल

दिलनवाज़ पाशा, बीबीसी संवाददाता, जंतर मंतर से

शनिवार को दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का दूसरा प्रदर्शन शुरू हुआ.

पिछले प्रदर्शन के मुक़ाबले इस बार लोग कुछ कम थे लेकिन फिर भी काफ़ी संख्या में लोग थे, लेकिन शाम होते-होते इनकी संख्या कम हो गई.

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से केंद्र सरकार से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग की.

दीपके ने दिल्ली पुलिस से और प्रदर्शन के लिए समय बढ़ाने की माँग की थी.

यहाँ मौजूद प्रदर्शनकारियों ने बीबीसी से कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देंगे इस तरह के प्रदर्शन यहाँ चलते रहेंगे.

इसके अलावा पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी मंच से अपनी बात रखी और उन्होंने पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को भी उठाया. हालांकि शाम को सोनम वांगचुक प्रदर्शन स्थल से चले गए.

शाम को एक तरफ़ लाउडस्पीकर में मंच से लोगों को धरना जारी रखने की अपील की जा रही थी तो दूसरी तरफ़ पुलिस प्रदर्शनकारियों से धरनास्थल छोड़ने की अपील कर रही थी.

छह जून को हुआ था पहला प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके के छह जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने समर्थकों के साथ प्रदर्शन किया था. अभिजीत दीपके उसी दिन सुबह अमेरिका से दिल्ली लौटे थे.

इस प्रदर्शन में ज़्यादातर युवा शामिल थे और वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे.

इस प्रदर्शन के बाद सीजेपी की ओर से चेतावनी दी गई कि अगर सात दिन के अंदर शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं होता है तो वो फिर प्रदर्शन करेगी.

युवा पीढ़ी के इस प्रदर्शन को दुनिया के अन्य देशों की मीडिया ने भी कवर किया और इसे 'जेन ज़ी का प्रदर्शन' बताया.

इस प्रदर्शन में भी सोनम वांगचुक शामिल हुए थे जिन्हें बीते मार्च में छह महीने जेल में रहने के बाद रिहा किया गया था. उन पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया गया था.

इसी प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके ने एक्स पर इस प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर बताया था.

दीपके के साथ जयपुर में मारपीट

सीजेपी 15 जून को जयपुर में शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रही थी.

इसी दौरान कुछ लोगों ने अभिजीत दीपके के साथ मारपीट की.

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि अभिजीत दीपके को उनके समर्थक कंधे पर बैठकार ले जा रहे थे, तभी भीड़ में से कुछ युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया.

हालांकि हमलावरों को पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन अभिजीत दीपके ने उन्हें छोड़ देने की बात कही.

इसके बाद उन्होंने एक्स पर लिखा, "फ़िज़िकल अटैक डर और कायरता की निशानी है. हम अपनी आवाज़ शांति से उठाते रहेंगे."

उन्होंने लिखा, "मैं गांधी और आंबेडकर का अनुयायी हूं और इस लड़ाई को शांति और प्यार से लड़ता रहूंगा. धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए."

क्या है सीजेपी और कैसे हुई शुरुआत?

बीते मई महीने में भारत के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं और कॉकरोच को लेकर दिए गए बयान के बाद एक सोशल मीडिया कैंपेन 'कॉकरोच जनता पार्टी' ख़ासी चर्चा में आ गई थी.

जस्टिस सूर्यकांत के इसी बयान के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' की घोषणा की. देखते ही देखते उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर फॉलोअर्स की बाढ़ आ गई.

इंस्टाग्राम पर उन्होंने कुछ ही घंटों में बीजेपी, कांग्रेस और देश के अन्य दलों को पीछे छोड़ दिया. बाद में एक्स पर उनके अकाउंट को निलंबित कर दिया गया था जिसके कुछ घंटों बाद वो नए अकाउंट के साथ एक्स पर आ गए.

"अब एक ऐसा शख़्स जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए है, वो कैसे युवाओं की तुलना कॉकरोच और परजीवियों से कर सकता है."

Qué observar

Perspectiva de IA — posibilidades, no hechos

  • अभिजीत दीपके धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे।

    Probable · En semanas

  • सरकार बातचीत के लिए चैनल खोलेगी।

    Posible · En semanas

Preguntas abiertas

  • क्या प्रधानमंत्री ने पानी और लाइट बंद करने का आदेश दिया?
  • क्या गृह मंत्री ने पानी और लाइट बंद करने का आदेश दिया?
  • सरकार बातचीत के लिए कब चैनल खोलेगी?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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