Última hora
CN烏克蘭戰時選舉面臨重重挑戰TRMilletvekili Melih Meriç'i Bıçaklayan Zanlı Seydi Ahmet Keleş'in İfadesi ÇıktıTRİranlı eski Cumhurbaşkanı Hatemi'den ABD ile imzalanan mutabakata destekARتسليم ضابط سوري سابق، وتوترات إسرائيلية تركية، وعمليات واسعة في الضفة الغربيةRUDenmark deploys military conscripts to Greenland amid US annexation threatsUSHackers Steal Data of Over 3.75 Million in CareCloud BreachTRAdana'da Alacak Verecek Kavgası: 2 Ölü, 1 YaralıDEKontroverse um Ex-Cambridge-Professor: Der Fall Arday, eine britische TragödieTRFransa'da Bu Yıl Sıcak Hava Dalgaları ile İlişkilendirilen 7 Bin 300'den Fazla Ölüm KaydedildiTRBakan Göktaş, YKS Tercihleri Sonucunda Üniversiteye Yerleşen Gençleri Tebrik EdildiCN烏克蘭戰時選舉面臨重重挑戰TRMilletvekili Melih Meriç'i Bıçaklayan Zanlı Seydi Ahmet Keleş'in İfadesi ÇıktıTRİranlı eski Cumhurbaşkanı Hatemi'den ABD ile imzalanan mutabakata destekARتسليم ضابط سوري سابق، وتوترات إسرائيلية تركية، وعمليات واسعة في الضفة الغربيةRUDenmark deploys military conscripts to Greenland amid US annexation threatsUSHackers Steal Data of Over 3.75 Million in CareCloud BreachTRAdana'da Alacak Verecek Kavgası: 2 Ölü, 1 YaralıDEKontroverse um Ex-Cambridge-Professor: Der Fall Arday, eine britische TragödieTRFransa'da Bu Yıl Sıcak Hava Dalgaları ile İlişkilendirilen 7 Bin 300'den Fazla Ölüm KaydedildiTRBakan Göktaş, YKS Tercihleri Sonucunda Üniversiteye Yerleşen Gençleri Tebrik Edildi
Newsgather
Atrásअमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइली मंत्रियों को फटकार लगाई
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइली मंत्रियों को फटकार लगाई
En desarrollo
BBC हिंदी20/6/2026Política11 min de lecturaIndia

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइली मंत्रियों को फटकार लगाई

En resumen

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइली मंत्रियों की आलोचना की, कहा कि वे अपने सबसे बड़े सहयोगी पर हमला न करें। उन्होंने कहा कि इसराइल को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन शांति प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।

Resumen generado por IA

Tamaño de fuente

प्रकाशित एक मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका-ईरान समझौते की आलोचना कर रहे इसराइली कैबिनेट मंत्रियों को फटकार लगाई थी.

वेंस ने कहा था कि उन्हें उस इकलौते ताक़तवर सहयोगी पर हमला नहीं करना चाहिए जिसके अलावा उसके साथ कोई नहीं है.

वेंस ने कहा था कि प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की कैबिनेट के कुछ सदस्यों के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर व्यक्तिगत हमलों से वह परेशान हैं. उन्होंने ट्रंप को पूरी दुनिया में इसराइल के प्रति सहानुभूति रखने वाला एकमात्र राष्ट्राध्यक्ष बताया था.

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए वेंस ने कहा था इसराइल को दिए गए रक्षा हथियारों में से दो-तिहाई अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों से बनाए और फंड किए गए हैं.

वेंस ने कहा था"इसराइल में जो कोई यह सोचता है कि उसकी सबसे बड़ी समस्या अमेरिकी राष्ट्रपति हैं, उसे देश की मौजूदा स्थिति की हक़ीक़त समझनी चाहिए." हाल के वर्षों में किसी वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी की ओर से इसराइली सरकार की यह सबसे कड़ी सार्वजनिक आलोचना मानी जा रही है.

उपराष्ट्रपति के मुताबिक़, नेतन्याहू के इस समझौते को लेकर ग़ुस्से में ने की ख़बरें उनकी आपसी बातचीत से मेल नहीं खातीं. हालांकि वेंस ने यह भी कहा, "हो सकता है कि वह किसी और से कुछ और कह रहे हों, जो मुझसे नहीं कह रहे."

वेंस ने कहा कि ट्रंप मानते हैं कि इसराइल को आत्मरक्षा का अधिकार है, लेकिन इसराइल को शांति प्रक्रिया का सम्मान भी करना चाहिए. उन्होंने कहा, "यह मूल रूप से इसराइल और पूरे क्षेत्र, दोनों के लिए अच्छा है."

इससे पहले गुरुवार को वेंस ने द न्यूयॉर्क टाइम्स दिए इंटरव्यू में इसराइल के दक्षिणपंथी मंत्रियों बेज़ालेल स्मोट्रिच और इतामार बेन-गविर समेत अन्य अधिकारियों की आलोचना की थी.

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

समाप्त

ईरान की जीत?

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें

दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

एपिसोड

समाप्त

ट्रंप प्रशासन के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने पहली बार इन मंत्रियों का नाम लेकर आलोचना करते हुए कहा था, "आपका ठोस प्रस्ताव क्या है? आप अपनी सुरक्षा सिर्फ़ लोगों को मारकर नहीं कर सकते."

वेंस की इस टिप्पणी को कई विश्लेषक ईरान की जीत के रूप में देख रहे हैं.

अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर वली नस्र ने एक्स पर लिखा है, ''जेडी वेंस की यह प्रतिक्रिया दिखाती है कि इस युद्ध से ईरान को एक और फ़ायदा मिल सकता है. युद्ध से पहले ईरान को लेकर अमेरिका और इसराइल के बीच लगभग कोई मतभेद नहीं था. अब दोनों के रुख़ में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़ दिखाई देने लगा है.''

वली नस्र की टिप्पणी को रीपोस्ट करते हुए पाकिस्तान की पूर्व विदेश हिना रब्बानी खार ने लिखा है, ''यह सभी पक्षों के लिए एक दुर्लभ मौक़ा है कि वे शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व से आगे किसी और जीत की तलाश बंद करें. जेडी वेंस की प्रतिक्रिया शायद लंबे समय में अमेरिका के लिए किसी और से भी बड़ी जीत साबित हो सकती है. इस इलाक़े में रीसेट का एक वास्तविक अवसर मौजूद है. यह पल शायद जेसीपीओए से भी बड़ा साबित हो सकता है, क्योंकि क्षेत्र के अधिकांश देशों की इसमें हिस्सेदारी और सहमति है, उन लोगों को छोड़कर जो लगातार टकराव चाहते हैं.''

इसराइल के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार यरूशलम पोस्ट के संपादक ज़विका क्लेइन ने ईरान के साथ अमेरिका के समझौते को एक ख़राब डील कहा है. उन्होंने यरूशलम पोस्ट में लिखा है, ''यह समझौता इसराइल के लिए ख़राब है. हमें बातचीत से बाहर रखा गया, लेबनान में पीछे हटने को कहा गया और जिस ट्रंप प्रशासन ने हमें अपना सबसे क़रीबी साझेदार बताया, उसी ने उस शासन के साथ समझौता करने से एक घंटे पहले हमें नसीहत दी, जिसने चार महीने तक हमें मारने की कोशिश की.''

इसराइली नेता बेज़ालेल स्मोट्रिच ने इस समझौते को इसराइल और पूरी स्वतंत्र दुनिया के लिए ख़राब बताया. इतामार बेन-गविर ने कहा कि इसराइल कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है. विपक्षी नेता नेफ्टाली बेनेट ने इसे ऐतिहासिक विफलता कहा. एहुद बराक ने कहा कि इस युद्ध ने ईरान को और मज़बूत जबकि इसराइल को और कमज़ोर कर दिया. इसराइल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट के अनुसार 57.5 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यह समझौता उन्हें कम सुरक्षित बनाएगा.

अमेरिका में बदल रहे हैं समीकरण

ज़विका क्लेइन ने लिखा है, ''अब वह दौर ख़त्म हो रहा है. अमेरिका में चीज़ें तेज़ी से बदल रही हैं. डोनाल्ड ट्रंप अब भी किसी कमरे में खड़े होकर कह सकते हैं, "मेरे बिना इसराइल नहीं होता." यह वैसी भाषा है, जैसी कोई संरक्षक अपने आश्रित के बारे में बोलता है.

"इस समझौते को ट्रंप से भी आगे की ओर देखा जाना चाहिए. बहुत लंबे समय तक यह रिश्ता उनके हाथ में नहीं रहने वाला. यह उन दो लोगों के हाथ में जाएगा, जिन्हें ट्रंप अपनी ड्रीम टीम कहते हैं: जेडी वेंस और मार्को रुबियो. संभव है कि अगले दशक में यही दोनों, शायद एक ही टिकट पर, इस रिश्ते की दिशा तय करें. हम ख़ुद से कहते हैं कि रुबियो इसराइल से प्रेम करते हैं और करते भी हैं. लेकिन रुबियो अपने तरह के आख़िरी नेता हैं, किसी नए दौर के पहले नहीं. अब वेंस नया टेम्पलेट हैं: सम्मान है, लेकिन पुरानी तरह की निष्ठा नहीं. रिपब्लिकन पार्टी अब इसी दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है.''

लेकिन ज़विका के इन तर्कों से अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सिओस में ग्लोबल अफेयर्स रिपोर्टर बराक रेविड सहमत नहीं हैं. बराक भी इसराइली ही हैं. ज़विका के लेख को रीपोस्ट करते हुए बराक ने लिखा है, ''माफ़ कीजिए क्योंकि यह वास्तविकता से कटा हुआ तर्क लगता है. अगर कोई यह सोचता है कि पिछले तीन वर्षों में इसराइल ने क्षेत्र में जो कुछ किया, वह बाइडन और ट्रंप प्रशासन से मिले अभूतपूर्व सैन्य और राजनीतिक समर्थन के बिना संभव था, तो वह हक़ीक़त से दूर है. हथियारों की आपूर्ति, यूएनएससी में वीटो और कांग्रेस का समर्थन, इन सबने निर्णायक भूमिका निभाई है.''

"अमेरिकी समर्थन के बिना इसराइल काफी कमज़ोर स्थिति में होता. यह सही है कि युद्ध ने इसराइल को कुछ सम्मान दिलाया, लेकिन इसके साथ ही अमेरिका और दुनिया भर में उसके कई दोस्तों के बीच उसके प्रति नाराज़गी और अस्वीकृति भी बढ़ी है.''

इसके जवाब में ज़विका ने लिखा है, ''बराक आप वर्तमान स्थिति की व्याख्या कर रहे हैं और मैं आपकी एक भी बात से असहमत नहीं हूँ. मैं उस दिशा की बात कर रहा हूँ, जहां चीजें आगे बढ़ रही हैं. जो लोग आगे अमेरिका चलाएंगे, वे रिश्तों को भावनात्मक लगाव नहीं बल्कि सम्मान के आधार पर देखेंगे. ऐसे अमेरिका के लिए तैयारी करना वास्तविकता से कटा होना नहीं है. यह मान लेना कि पुराना अमेरिका फिर लौट आएगा, शायद वास्तविकता से दूर है.''

ज़िम्मेदार कौन?

इसराइल के प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बार हारेत्ज़ में इसराइली पत्रकार उरी मिसगोव ने लिखा है, ''इसराइल के हिस्से में हार, अलगाव, बंधे हुए हाथ और परमाणु ख़तरे के साथ बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर राष्ट्रीय चिंता रह गई है. अब हम केवल यह देख सकते हैं कि इस सबके लिए ज़िम्मेदार व्यक्ति नेतन्याहू चुनाव लड़ने से पीछे हटेंगे या नहीं. भागना उनकी पुरानी आदत रही है. अगर वह चुनाव लड़ने का फ़ैसला करते हैं तो सात अक्टूबर के युद्धों और उनके परिणामों की क़ीमत उन्हें चुकानी पड़ेगी. यह कल्पना करना मुश्किल है कि वह किस नारे के साथ जनता के सामने जाएंगे.''

अमेरिकी प्रसारक सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है, ''यह बात तब और स्पष्ट हो गई जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसराइल के लिए बेहद सख़्त और सीधे शब्दों का इस्तेमाल किया. ऐसे शब्द, जो लगभग एक चेतावनी जैसे लग रहे थे. यह ट्रंप प्रशासन की कई दिनों की चेतावनियों का चरम बिंदु था. प्रशासन को साफ़ तौर पर डर है कि इसराइल कहीं अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले उस समझौते को पटरी से न उतार दे, जिसे कई लोग ईरान के लिए ज़रूरत से ज्यादा अनुकूल मानते हैं. सीएनएन के सूत्रों के मुताबिक़, शुक्रवार को इसराइल और हिज़्बुल्लाह ने फिर से संघर्षविराम बढ़ाने पर सहमति जताई, क्योंकि इसराइली सेना और ईरान समर्थित समूह के बीच लड़ाई ने एक बार फिर अमेरिका-ईरान वार्ता को ख़तरे में डाल दिया था.

सीएनएन ने लिखा है, ''दोनों के बीच दरार कई वजहों से लगभग तय लग रही थी. ईरान युद्ध को लेकर इसराइल के लक्ष्य अमेरिका के लक्ष्यों से काफ़ी अलग थे और इसराइल इस संघर्ष में कहीं अधिक फँसा हुआ था. अमेरिका में इसराइल की छवि पिछले कुछ वर्षों में काफ़ी कमज़ोर हुई है. रिपब्लिकन पार्टी अब भी बड़े पैमाने पर इसराइल समर्थक है, लेकिन हाल के समय में उसके कई प्रभावशाली चेहरों ने खुलकर इसराइल की आलोचना की है. साथ ही पार्टी के आधार में बढ़ते यहूदी-विरोध का भी सामना करना पड़ा है.

"राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही इसराइल के साथ मज़बूती से खड़े रहे हों, लेकिन इन वर्षों में उन्होंने कई यहूदी-विरोधी रूढ़ियों का भी इस्तेमाल किया है. और ट्रंप आम तौर पर सहयोगियों के साथ उतना ही अच्छा व्यवहार करते हैं, जितना उन्हें उससे राजनीतिक फ़ायदा मिलता है. अब ट्रंप प्रशासन लगभग खुलकर यह संदेश दे रहा है, हमने तुम्हें जो दिया है, उसे स्वीकार करो और संतुष्ट रहो, वरना नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहो.''

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas

बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम: उत्तर प्रदेश के चेहरों के ज़रिए क्या संदेश देने की कोशिश?
Política·hace 20 horas

बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम: उत्तर प्रदेश के चेहरों के ज़रिए क्या संदेश देने की कोशिश?

बीजेपी ने नितिन नबीन की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ प्रमुख चेहरों को शामिल किया है। यह कदम 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

BBC हिंदी
6 min de lectura
Más sobre este temaजेडी वेंस