सीजेपी के 'चलो संसद' मार्च के बीच सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत
En resumen
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और सीजेपी प्रतिनिधियों सौरव दास व आशुतोष रांका के बीच बातचीत हुई। सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, सोनम वांगचुक की रिहाई और नीट पेपर लीक पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया और मारपीट के दावों को खारिज किया।
Resumen generado por IA
Por qué importa
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बीते महीने से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है, जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 'चलो संसद' के आह्वान के बीच सीजेपी ने दावा किया है कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था।
वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि उनकी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाक़ात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिलाया है कि वो इस पर बात करेंगे।
सौरव दास ने अपनी और आशुतोष रांका की जेपी नड्डा के साथ तस्वीर एक्स पर पोस्ट की है।
जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट करके इस मुलाक़ात की पुष्टि की है और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की है।
सीजेपी बीते महीने से जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लद्दाख़ के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे।
सोनम 23 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और शनिवार 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर से उठाकर सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती करा दिया था।
जेपी नड्डा से क्या हुई बातचीत
सौरव दास ने एक्स पर लिखा, "आशुतोष रांका और मैं दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के घर पर थे। धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफ़े/बर्ख़ास्तगी समेत मांगों के बारे में उन्हें बताया गया है।"
"मंत्री ने हमें भरोसा दिलाया कि वो इस पर सही स्तर पर बात करेंगे। हालांकि, अभी तक कोई वादा नहीं किया गया है। शांति से प्रदर्शन करने वाले तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती।"
"मंत्री ने हमें यह भी भरोसा दिलाया है कि जंतर-मंतर और उसके आस-पास आगे कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, अभी तक पुलिस के रोकने की कोई ख़बर नहीं है।"
सौरव दास ने जेपी नड्डा को जो कथित पत्र सौंपा है उनमें तीन मांगों का ज़िक्र है।
पहली मांग सोनम वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने और आंदोलन को लेकर उन पर कोई क़ानूनी कार्रवाई न करने की है।
दूसरी मांग धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े या उनको बर्ख़ास्त करने की है।
तीसरी मांग- नीट 2026 पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले स्टूडेंट्स के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा देने की है।
वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक्स पर मुलाक़ात की तस्वीर पोस्ट की है। उन्होंने लिखा, "आज सुबह पहली बार प्रदर्शनकारियों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव आया और सुबह 11:50 बजे से ही हमारी बातचीत जारी है।"
"सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुलाकात हुई। उनके डेलीगेशन के साथ विस्तार से पहले मौखिक चर्चा हुई और उनके द्वारा लगभग 4 बजे मुझे लिखित याचिका दी गई। मैंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपने धरने को समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की मदद करें।"
इससे पहले सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने सोमवार दोपहर 12 बजे के क़रीब एक्स पर पोस्ट कर दावा किया था कि उन्हें केंद्र सरकार ने बातचीत के लिए बुलाया है।
एक्स पोस्ट में सौरव दास ने लिखा, "11:52 बजे आशुतोष रांका और मैं कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सुबह सरकार ने हमसे बातचीत के लिए संपर्क साधा था। हमारी मांगें साफ़ है। भारी संख्या में युवा जमा हुआ है। हमारी जीत होगी।"
इसके बाद दोपहर ढाई बजे सौरव दास ने दोबारा एक्स पर पोस्ट किया।
इस पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि आशुतोष रांका और उनकी जेपी नड्डा से मुलाक़ात हुई है।
उन्होंने लिखा, "दो घंटे से ज़्यादा इंतज़ार करने के बाद आशुतोष रांका और मैं अभी जेपी नड्डा जी से उनके घर पर 10 मिनट के लिए मिले।"
सीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "जब हम अपनी मांगों का पत्र उन्हें दे रहे थे तो उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे इस पर आंतरिक रूप से बात करेंगे। हम उस प्रक्रिया में हैं। बड़े पैमाने पर लोगों को हिरासत में लेने की ख़बरें हैं।"
दिल्ली पुलिस ने मारपीट के दावे किए ख़ारिज
वहीं सोमवार सुबह जब सीजेपी के प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च शुरू किया तो दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों के बीच नोंक-झोंक हुई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोक लिया और उन पर काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया था कि दिल्ली पुलिस ने संस्थापक अभिजीत दीपके को पकड़ लिया है, जिसे दिल्ली पुलिस ने ख़ारिज किया था। इसके बाद सौरव दास ने एक अलग पोस्ट में बताया था कि अभिजीत दीपके को न हिरासत में लिया गया है और न ही गिरफ़्तार किया गया है।
साथ ही सीजेपी ने दावा किया था कि "दिल्ली पुलिस ने गीतांजलि अंगमो के बाल खींचे और उनके साथ बदसलूकी की है।"
उनका दावा था कि इस दौरान "एक 12 वर्षीय बच्चे का सिर फूटा है और 40-50 अन्य लोगों के सिर फूटे हैं।"
हालांकि दिल्ली पुलिस ने इस दावे को झूठा बताया था। एक्स पोस्ट में दिल्ली पुलिस ने फ़ैक्ट चेक लिखते हुए बताया कि "गीतांजलि, 12 वर्षीय बच्ची के साथ मारपीट, सिर पर चोट और 40-50 लोगों के सिर फूटने से जुड़ीं ग़लत जानकारी वाली सोशल मीडिया पोस्ट्स प्रसारित हो रही है।"
"ये जानकारी झूठी है। पोस्ट्स में किए गए दावे सच नहीं हैं। कृपया गलत या गुमराह करने वाली जानकारी न फैलाएं और न ही उसे बढ़ा-चढ़ाकर बताएं।"
Qué observar
Perspectiva de IA — posibilidades, no hechos
सरकार और सीजेपी के बीच आगे बातचीत होगी।
Probable · En días
Preguntas abiertas
- क्या सरकार सीजेपी की मांगों को पूरा करेगी?
- सोनम वांगचुक को अस्पताल से कब छुट्टी मिलेगी?
- दिल्ली पुलिस प्रदर्शनकारियों पर आगे क्या कार्रवाई करेगी?



