Última hora
ARالأسهم الكورية الجنوبية ترتفع مدعومة بأسهم الرقائق بعد خسائرARالحوثيون يعلنون "حصاراً بحرياً" على السعودية، والتحالف يتوعّد بالرد على أي تهديدARطهران تعلن "حرباً شاملة" مع واشنطن وتعطّل الملاحة في هرمز، وترامب يتوعّد إيران بثمن "أكبر بكثير"ARالجيش الأردني يعترض ثلاثة صواريخ إيرانيةARإسبانيا تحقق لقب كأس العالم الثانية بعد فوزها على الأرجنتين 1-0ARضربات أمريكية على إيران وانفجارات في جنوبهاARوزارة الخارجية الأمريكية تحذر مواطنيها في الشرق الأوسط من اضطرابات السفر واستهداف المصالحARالجيش الأردني يعترض ويسقط 3 صواريخ إيرانية استهدفت المملكةARالحرس الثوري يعلن إجلاء طواقم ناقلتين في مضيق هرمز وسط تصاعد التوترARخلاف بين الفنانين والمنتجين في مصر حول "حق الأداء العلني"ARالأسهم الكورية الجنوبية ترتفع مدعومة بأسهم الرقائق بعد خسائرARالحوثيون يعلنون "حصاراً بحرياً" على السعودية، والتحالف يتوعّد بالرد على أي تهديدARطهران تعلن "حرباً شاملة" مع واشنطن وتعطّل الملاحة في هرمز، وترامب يتوعّد إيران بثمن "أكبر بكثير"ARالجيش الأردني يعترض ثلاثة صواريخ إيرانيةARإسبانيا تحقق لقب كأس العالم الثانية بعد فوزها على الأرجنتين 1-0ARضربات أمريكية على إيران وانفجارات في جنوبهاARوزارة الخارجية الأمريكية تحذر مواطنيها في الشرق الأوسط من اضطرابات السفر واستهداف المصالحARالجيش الأردني يعترض ويسقط 3 صواريخ إيرانية استهدفت المملكةARالحرس الثوري يعلن إجلاء طواقم ناقلتين في مضيق هرمز وسط تصاعد التوترARخلاف بين الفنانين والمنتجين في مصر حول "حق الأداء العلني"
Newsgather
Atrás'तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन', ट्रॉफी नहीं जीते, फिर भी मेसी क्यों रहे इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े हीरो?
'तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन', ट्रॉफी नहीं जीते, फिर भी मेसी क्यों रहे इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े हीरो?
Deportes
BBC हिंदीhace 15 horasDeportes5 min de lecturaIndia

'तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन', ट्रॉफी नहीं जीते, फिर भी मेसी क्यों रहे इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े हीरो?

En resumen

अर्जेंटीना के स्पेन से वर्ल्ड कप फाइनल हारने के बावजूद, लियोनेल मेसी ने अपने प्रदर्शन और गरिमापूर्ण व्यवहार से मिसाल पेश की। उन्होंने टूर्नामेंट में आठ गोल और चार असिस्ट किए, अर्जेंटीना को लगातार दूसरे फाइनल तक पहुंचाया, और हार के बावजूद प्रशंसकों का दिल जीता, जिससे वे इस वर्ल्ड कप के सबसे बड़े हीरो बने।

Resumen generado por IA

Por qué importa

अर्जेंटीना ने न्यू जर्सी में स्पेन के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल गंवा दिया, जिससे लियोनेल मेसी की टीम लगातार दूसरी बार खिताब जीतने से चूक गई। मेसी ने हार के बाद भावुक प्रतिक्रिया दी, लेकिन उनके प्रदर्शन और खेल भावना की सराहना की जा रही है।

Tamaño de fuente

"तुम्हारे आँसू हमारे आँसू हैं, कैप्टन.

तुमने हमें ज़िंदगी की सबसे बड़ी खुशियाँ दी हैं. हर पल, हर जादुई लम्हे और आख़िरी सेकंड तक सब कुछ झोंक देने के लिए तुम्हारा शुक्रिया.

तुम पर हमेशा गर्व रहेगा

हम तुम्हें हमेशा प्यार करेंगे, लियो!"

अर्जेंटीना की फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन ने फ़ाइनल मुक़ाबले में अपनी टीम की स्पेन के हाथों हार और अपने स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी की भावुक तस्वीरों के बाद एक्स पर ये पोस्ट किया.

ऐसा लगता है कि लियोनेल मेसी ने अर्जेंटीना को सिर्फ़ जीतना ही नहीं, बल्कि हार में गरिमा के साथ रोना भी सिखाया है.

क़तर वर्ल्ड कप 2022 में खिताब जीतने की खुशी में उमड़े आँसू हों या फिर रविवार को न्यू जर्सी में स्पेन के ख़िलाफ़ फ़ाइनल हारने के बाद की भावुक विदाई- दोनों मौकों पर मेसी ने अपने व्यवहार से मिसाल पेश की.

इस वर्ल्ड कप में मेसी ने एक बार फिर इतिहास रचा. भले ही इस बार वह ट्रॉफी, व्यक्तिगत पुरस्कार या कोई सम्मान अपने नाम नहीं कर सके, लेकिन उनका प्रदर्शन बेमिसाल रहा.

39 साल के मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल किए, चार असिस्ट दिए और सात मैचों में अर्जेंटीना के 12 गोलों में सीधा योगदान दिया.

इतना ही नहीं, उन्होंने अर्जेंटीना को लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप फ़ाइनल तक पहुंचाया. यह उनके शानदार करियर का तीसरा वर्ल्ड कप फ़ाइनल भी था.

वर्ल्ड कप फ़ाइनल में स्पेन से हार के बाद लियोनेल मेसी की आंखों में आंसू थे और उनके इंटरनेशनल करियर को लेकर भी अनिश्चितता बढ़ गई है. रविवार को मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए फाइनल में वह अर्जेंटीना को हार से बचाने के लिए वो जादुई प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसकी उनसे दरकार थी.

अतिरिक्त समय के दूसरे हाफ़ की शुरुआत के सिर्फ़ 37 सेकंड बाद फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल किया, जिसकी बदौलत स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर अपना दूसरा वर्ल्ड कप खिताब जीत लिया.

इस हार के साथ मेसी और अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना भी टूट गया. अगर अर्जेंटीना यह मुकाबला जीत जाती, तो वह 1962 में ब्राज़ील के बाद लगातार दो पुरुष फुटबॉल वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाती.

अर्जेंटीना के मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि हर कोई उन पर और उनकी उपलब्धियों पर गर्व करेगा, क्योंकि मैं मानता हूँ कि वे मैदान पर खेलने वाले अब तक के सबसे महान फुटबॉलर हैं."

अब यह देखना बाकी है कि क्या यह अर्जेंटीना की जर्सी में लियोनेल मेसी का आख़िरी मुक़ाबला था. मेसी ने पहले कहा था कि 2022 वर्ल्ड कप उनका अंतिम आख़िरी वर्ल्ड कप होगा, लेकिन पिछले महीने 39 वर्षीय मेसी वर्ल्ड कप के इतिहास में छह वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए.

स्कालोनी ने कहा कि उन्होंने अभी तक मेसी से इस बारे में बात नहीं की है कि आठ बार के बैलन डी'ओर विजेता अर्जेंटीना के लिए खेलना जारी रखेंगे या नहीं. मेसी और अर्जेंटीना के अन्य खिलाड़ियों ने भी मेटलाइफ स्टेडियम से बाहर निकलते समय पत्रकारों से कोई बातचीत नहीं की.

कभी हार न मानने का जज़्बा

80,663 दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में अधिकांश प्रशंसक मेसी को दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनते देखना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो सका. मुकाबले के बाद मेसी की आंखें नम थीं और उनके चेहरे पर गहरी मायूसी साफ झलक रही थी.

वह अपने साथियों के साथ स्टेडियम के दक्षिणी छोर पर मौजूद अर्जेंटीना के प्रशंसकों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, जो तालियां बजाकर और झुककर उनका सम्मान कर रहे थे. उसी समय मैदान के बीचों-बीच बने मंच पर स्पेन के खिलाड़ी वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाकर जीत का जश्न मना रहे थे.

जिस उम्र में अधिकांश महान खिलाड़ी संन्यास ले चुके होते हैं, उस उम्र में भी लियोनेल मेसी मैदान पर उतरते हैं तो दर्शक खड़े होकर उनका स्वागत करते हैं. मेटलाइफ स्टेडियम में भी उन्हें ऐसा ही सम्मान मिला. डिएगो माराडोना के बाद अर्जेंटीना की प्रतिष्ठित नंबर 10 जर्सी पहनने वाले किसी खिलाड़ी के लिए ऐसा सम्मान पाना कभी नामुमकिन सा माना जाता था.

इस वर्ल्ड कप में मेसी ने यह भी दिखाया कि फुटबॉल को खेलने और जीने का एक अलग तरीका भी हो सकता है. उन्होंने साबित किया कि खेल में जुनून और भावनाओं के साथ-साथ संयम भी उतना ही अहम है. मेसी ने अपने प्रदर्शन से यह संदेश दिया कि फुटबॉल में भावनाओं को नियंत्रित करते हुए भी महानता हासिल की जा सकती है.

और सबसे बढ़कर, उन्होंने अपने पूरे सफर से एक ही संदेश दिया- कभी हार मत मानो, कभी हार स्वीकार मत करो. यही जज़्बा उनकी सबसे बड़ी पहचान रहा और यही उनकी विरासत भी है.

मैदान पर बादशाहत

2026 वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना ने तीन बार पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की. केप वर्डे के ख़िलाफ़, जिसने दो बार बराबरी हासिल की; मिस्र के ख़िलाफ़, जिसने दो गोल की बढ़त बना ली थी; और इंग्लैंड के ख़िलाफ़, जहां 84वें मिनट तक ऐसा लग रहा था कि अर्जेंटीना फ़ाइनल की दौड़ से बाहर हो जाएगा.

इन सभी मुकाबलों में टीम ने भावनाओं पर नियंत्रण रखते हुए वापसी की. घबराहट या जल्दबाज़ी में नहीं, बल्कि धैर्य और गेंद पर नियंत्रण के दम पर.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल जीतने के बाद मेसी ने कहा था, "यह सब जिस तरह हो रहा है, वह अविश्वसनीय है. सच कहूं तो वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले मुझे इस टीम पर पूरा भरोसा था. मुझे यकीन था कि हम अंतिम चार में पहुंचेंगे और खिताब के लिए लड़ेंगे. अब हम फ़ाइनल में हैं."

पूरे पांच सप्ताह चले इस वर्ल्ड कप में मेसी ने जो हासिल किया और जिस स्तर का प्रदर्शन किया, वह इतना असाधारण है कि लगभग 40 बरस का होने के बाद भी बहुत कम लोग यह मानने को तैयार होंगे कि यह उनका आखिरी वर्ल्ड कप था. जबकि खुद मेसी कह चुके हैं कि वह किसी और वर्ल्ड कप में नहीं खेलेंगे.

और अगर यह वास्तव में उनके शानदार करियर का अंतिम नज़ारा था, तो शायद इससे बेहतर विदाई की कल्पना भी नहीं की जा सकती.

भले ही इस वर्ल्ड कप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का गोल्डन बॉल पुरस्कार स्पेन के कप्तान रोड्री को मिला जो इसके हक़दार भी थे, लेकिन इस टूर्नामेंट में लियोनेल मेसी ने जो किया, वह फुटबॉल के इतिहास में हमेशा दर्ज रहेगा.

क्योंकि शायद ही कोई खिलाड़ी इतना लंबे समय तक विश्व फुटबॉल के शिखर पर रहा हो, इतनी निरंतरता और समझदारी के साथ खेला हो, और जिसने वर्ल्ड कप जैसे सबसे बड़े मंच को अपना घर बना लिया हो.

Preguntas abiertas

  • क्या लियोनेल मेसी अर्जेंटीना के लिए खेलना जारी रखेंगे?
  • मेसी के अंतरराष्ट्रीय करियर का अगला कदम क्या होगा?

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas