Última hora
TRABD Deniz Piyadeleri'ne Ait F-35B Savaş Uçağı San Diego Yakınlarında DüştüTRAB Yapay Zeka Yasası'nda Şeffaflık Yükümlülükleri ve Uygulama TarihleriTRİnşaat Dozeri Balkonu Yıktı: Ev Sahibi Büyük Korku YaşadıTRİsrail'de Givati Tugayı askerlerine üssü terk etme cezalarıTRKKTC Cumhurbaşkanı Erhürman, AB Komisyonu Başkan Yardımcısı Fitto ile görüştüTRRedmi K100 Pro, 11 Ağustos'ta tanıtılıyor.TRUKOME'den taksicilere araç yaşı düzenlemesiTRFilistin Futbol Federasyonu'ndan İsrail'in Gazze'deki futbolcu iddialarına uluslararası şikayetTRKızıldeniz'de Savunma Koalisyonu Kuruluyor: Türkiye Destek Veren Ülkeler ArasındaTRU20 Grekoromen Güreş Milli Takımı Dünya Şampiyonası'na HazırlanıyorTRABD Deniz Piyadeleri'ne Ait F-35B Savaş Uçağı San Diego Yakınlarında DüştüTRAB Yapay Zeka Yasası'nda Şeffaflık Yükümlülükleri ve Uygulama TarihleriTRİnşaat Dozeri Balkonu Yıktı: Ev Sahibi Büyük Korku YaşadıTRİsrail'de Givati Tugayı askerlerine üssü terk etme cezalarıTRKKTC Cumhurbaşkanı Erhürman, AB Komisyonu Başkan Yardımcısı Fitto ile görüştüTRRedmi K100 Pro, 11 Ağustos'ta tanıtılıyor.TRUKOME'den taksicilere araç yaşı düzenlemesiTRFilistin Futbol Federasyonu'ndan İsrail'in Gazze'deki futbolcu iddialarına uluslararası şikayetTRKızıldeniz'de Savunma Koalisyonu Kuruluyor: Türkiye Destek Veren Ülkeler ArasındaTRU20 Grekoromen Güreş Milli Takımı Dünya Şampiyonası'na Hazırlanıyor
Newsgather
Atrásदीपके का दावा बीजेपी में शामिल होने की मिल रही हैं धमकियां, बोले - अमित शाह को इस्तीफ़ा देना चाहिए
दीपके का दावा बीजेपी में शामिल होने की मिल रही हैं धमकियां, बोले - अमित शाह को इस्तीफ़ा देना चाहिए
En desarrollo
BBC हिंदीhace 56 minutosPolítica5 min de lecturaIndia

दीपके का दावा बीजेपी में शामिल होने की मिल रही हैं धमकियां, बोले - अमित शाह को इस्तीफ़ा देना चाहिए

En resumen

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की, आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ज्यादती शाह के निर्देश पर हुई। दीपके ने बीजेपी में शामिल होने के लिए खुद और परिवार को धमकियां मिलने का भी दावा किया, जिसका बीजेपी ने खंडन किया और उनसे धमकी देने वाले का नाम बताने को कहा।

Resumen generado por IA

Por qué importa

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने 20 जुलाई को परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ज्यादती का आरोप लगाया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। दीपके ने यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को बीजेपी में शामिल होने के लिए धमकियां मिल रही हैं।

Tamaño de fuente

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित पुलिस ज्यादती उनके निर्देश पर की गई।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा, "जिस तरह छात्रों पर हमला किया गया और विरोध प्रदर्शन के दौरान उनका खून बहा, वह शाह के आदेश के बिना नहीं हो सकता था। दिल्ली पुलिस उन्हीं को रिपोर्ट करती है। और अगर अमित शाह जी को पता नहीं है तो यह गृह मंत्रालय की विफलता है।"

दीपके ने ये भी आरोप लगाया कि बीजेपी में शामिल होने की उन्हें और उनके परिवार को धमकी मिली है। लेकिन बीजेपी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि दीपके को धमकी देने वाले शख़्स का नाम बताना चाहिए।

बुधवार को कांग्रेस सासंद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि अमित शाह के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर फ़ायरिंग हुई थी।

राहुल गांधी ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, "प्रधानमंत्री को हमारी सलाह है अमित शाह को बर्ख़ास्त करें। सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाली स्वतंत्र उच्च-स्तरीय कमेटी से जांच कराएं। प्रधानमंत्री कम से कम इतनी शालीनता तो दिखाएं कि ज़िम्मेदारी लें।"

दीपके ने कहा कि वह राहुल गांधी की बात से सहमत हैं। उन्होंने कहा, "मैं भी मानता हूं कि उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।"

'बीजेपी में शामिल होने की धमकी मिली'

गुरुवार को छत्रपति संभाजी नगर में अभिजीत दीपके पत्रकारों से मुख़ातिब हुए।

एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या बीजेपी में शामिल होने के लिए आज क्या उन्हें कोई ऑफ़र मिला है।

उन्होंने कहा, "धमकियां बहुत मिली थीं कि तुम आ जाओ बीजेपी में, तुम्हारे लिए बहुत अच्छा रहेगा तुम्हारे परिवार के लिए। मुझे बहुत शर्म आती है कि इतने बड़े प्रधानमंत्री और अमित शाह और उनके पोते की उम्र का हूं। उनके पोते की उम्र के बच्चों को धमकियां दी जाती हैं। क्या मतलब है आपके इतने बड़े होने का कि इस तरह की धमकियां देनी पड़ती हैं।"

हालांकि बीजेपी ने दीपके और उनके परिवार को धमकी दिए जाने के आरोपों से भी इनकार किया।

बीजेपी नेता केशव उपाध्ये ने कहा कि अगर वह राहुल गांधी की लाइन पर चलना चाहते हैं तो उन्हें कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "वह एक आंदोलन का चेहरा थे। पेपर लीक के ख़िलाफ़ विधेयक लाकर और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा स्वीकार करके बीजेपी सरकार ने उनकी मांगें मानी थीं। उन्हें इसका सम्मान करना चाहिए था, लेकिन वह राजनीति कर रहे हैं। अगर उन्हें राहुल गांधी की लाइन पर चलना है तो कांग्रेस में शामिल हो जाना चाहिए।"

बीजेपी ने किया पलटवार

महाराष्ट्र बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा है कि दीपके उस कार्यकर्ता का नाम बताना चाहिए जिसने उन्हें धमकी दी है।

उन्होंने पत्रकारों को बताया, "महाराष्ट्र में बीजेपी के एक करोड़ 51 लाख सदस्य हैं, एक लाख सक्रिय मेंबर हैं। पूरे देश में 13 करोड़ सदस्य हैं। अगर इनमें से किसी एक ने दीपके को बीजेपी में आने को कहा होगा तो उसका बताया जाना चाहिए।"

बावनकुले ने कहा, "अगर नाम बताया गया तो हम अपने कार्यकर्ता पर कार्रवाई करेंगे लेकिन अगर वो नाम नहीं बतातें हैं तो उन्हें बीजेपी की बदनामी नहीं करनी चाहिए।"

कंगना रनौत पर क्या बोले

जब जेन ज़ी प्रदर्शनकारियों पर बीजेपी सांसद कंगना रनौत और बाबा रामदेव की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया तो दीपके ने कहा, "अगर डेमोक्रेसी के लिए, अपने फ़्यूचर और पढ़ाई के लिए लड़ना संस्कृति को ख़राब करना है, तो मैं कहना चाहूंगा कि हां हम संस्कृति ख़राब कर रहे हैं।"

बाबा रामदेव के बयान पर दीपके ने कहा, "मैं उनसे कहना चाहूंगा कि पातंजलि के जो प्रोडक्ट ख़राब हैं, पहले उस पर ध्यान दीजिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट भी बोल रहा है। पहले उन्हें अपने प्रोडक्ट पर ध्यान देना चाहिए।"

उन्होंने नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी की नियुक्ति के बारे में कहा, "बीजेपी के पास लोग नहीं है। जो नए शिक्षा मंत्री बने हैं, एक वायरल वीडियो मैं देख रहा था कि जिसमें वो गुजरात में बिलकिस बानों के रेप करने वालों का स्वागत कर रहे थे। इस पार्टी के पास गुंडों और बलात्कारियों के स्वागत करने का ही काम है। "

'पैलेट गन चलाई गईं मैंने खुद देखा है'

हालांकि बीजेपी ने दावा किया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की ओर से पैलेट गन नहीं चलाई गई, इसपर दीपके ने कहा, "प्रदर्शन में पैलेट गन चलाई गई हैं। मैंने खुद देखा है। लोग अंधे हुए हैं। लोग गंभीर हालत में अस्पताल में पहुंचाए गए थे। और बिहार में क्या हुआ। एके 47 से किसने गोली चलाई, किसकी सरकार है वहां पर।"

"मतलब देश के बच्चों के ऊपर एके 47 चला रहे हो। एके 47 आतंकवादियों पर चलाई जाती है। जब पार्लियामेंट पर अटैक हुआ तब चलाई गई। आज एके 47 स्टूडेंट्स पर चलाई जा रही है।"

दीपके ने कहा, "अभी जल्द ही प्रोटेस्ट ख़त्म हुआ है और सरकार ने आश्वासन दिया कि वो समझौते पर अमल करेगी लेकिन अभी क्या हो रहा है।"

उन्होंने आरोप लगाया, "पुलिस स्टूडेंट्स के घर जाकर उन्हें धमकियां दे रही है। जिस तरह से लोगों की आवाज़ दबाने की कोशिश हो रही है उससे तो ये लगता है कि यह सरकार का डेमोक्रेसी में विश्वास नहीं करती है। इस सरकार की वजह से देश का लोकतंत्र कमजोर हो चुका है।"

"लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए सिर्फ विपक्ष ही नहीं सभी लोगों को एक साथ आना पड़ेगा और हम सब एक साथ आएंगे।"

दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई को सही ठहराने के लिए पत्थरबाजी करवाई। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन स्थल पर पुलिस ट्रक भरकर पत्थर और एक क्षतिग्रस्त वाहन लेकर आई, ताकि यह दिखाया जा सके कि कार्रवाई हिंसा के जवाब में की गई थी।

उन्होंने कहा, "दिल्ली पुलिस ने पत्थरबाजी करवाई। बीजेपी के गुंडे आए, उन्होंने पत्थर फेंके और इसका दोष छात्रों पर मढ़ दिया गया।"

सीजेपी को विदेशी फ़ंडिंग मिलने के आरोपों को दीपके ने ख़ारिज करते हुए कहा, "अगर गृह मंत्रालय की कमान शाह के हाथ में होने के बावजूद हमें विदेशी फ़ंड मिल रहा है, तो यह उनकी भी विफलता है। फिर आप किस तरह के चाणक्य हैं? उस स्थिति में उन्हें भी इस्तीफ़ा देना चाहिए।"

दीपके की मां ने भी धमकी की बात कही थी

इससे पहले बुधवार को अभिजीत दीपके की मां अनीता दीपके ने दावा किया था कि उनके बेटे के राजनीतिक आंदोलन शुरू करने के कुछ ही समय बाद उसे एक वीडियो के जरिए धमकी मिली थी।

इस वीडियो में उनसे कहा गया था कि वह बीजेपी में शामिल हो जाए, नहीं तो उसके माता-पिता को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अनीता दीपके ने कहा कि इस धमकी के बाद उन्हें और उनके पति को छत्रपति संभाजीनगर छोड़कर करीब दो सप्ताह तक कोंकण क्षेत्र में अपने एक रिश्तेदार के घर रहना पड़ा था।

अभिजीत दीपके के माता-पिता अनीता और भगवान दीपके ने छत्रपति संभाजीनगर में एक मराठी समाचार चैनल से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं।

पीटीआई के अनुसार यह बातचीत उनके बेटे के नई दिल्ली से घर लौटने से पहले हुई।

नीट परीक्षा में अनियमितताओं के ख़िलाफ़ चार हफ़्ते से अधिक समय तक चले दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

इस प्रदर्शन में शिक्षाविद सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए थे और सीजेपी की ओर से 20 जुलाई को संसद चलो मार्च का आह्वान किया गया था लेकिन उससे दो दिन पहले ही उन्हें पुलिस ने धरना स्थल से उठा लिया।

लेकिन 20 जुलाई को भारी संख्या में युवा इकट्ठा हो गए थे और बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर कूच करने की कोशिश की जिसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज और आंसू गैस के गोले दागे। सीजेपी और विपक्ष ने आरोप लगाया कि इस दौरान आरएएफ़ की ओर से पैलेट गन भी चलाया गया जिसमें कम से कम तीन लोग घायल हो गए।

Preguntas abiertas

  • धमकी देने वाले शख़्स का नाम क्या है?
  • क्या पुलिस ने सच में पत्थरबाजी करवाई?
  • क्या सरकार छात्रों के साथ हुए समझौते पर अमल करेगी?

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas

राहुल गांधी ने अमित शाह पर फिर साधा निशाना, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
En desarrollo·hace 2 horas

राहुल गांधी ने अमित शाह पर फिर साधा निशाना, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस हिंसा को लेकर निशाना साधा है, आरोप लगाया कि शाह या तो दोषी हैं या अयोग्य। दिल्ली पुलिस ने गोली लगने के दावों को खारिज किया है, जबकि 'द हिंदू' की रिपोर्ट और एक डिस्चार्ज समरी में गोली लगने का जिक्र है।

BBC हिंदी
5 min de lectura
जंतर-मंतर पर पुलिस का फ़ायरिंग से इनकार, फिर नूतन टोप्पो को कैसे लगी 'गोली'?
En desarrollo·hace 3 horas

जंतर-मंतर पर पुलिस का फ़ायरिंग से इनकार, फिर नूतन टोप्पो को कैसे लगी 'गोली'?

नई दिल्ली में 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान झारखंड की नूतन टोप्पो को कथित तौर पर गोली लगी, जबकि दिल्ली पुलिस ने फ़ायरिंग से इनकार किया है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल की डिस्चार्ज समरी में 'गनशॉट' का उल्लेख है, जिससे यह घटना विवादों में घिर गई है।

BBC हिंदी
5 min de lectura