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माँ बनने की चाहत रखने वाली महिलाएँ ऑनलाइन यौन उत्पीड़न की शिकार हो रही हैं
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BBC हिंदी13/6/2026Crime8 min de lecturaIndia

माँ बनने की चाहत रखने वाली महिलाएँ ऑनलाइन यौन उत्पीड़न की शिकार हो रही हैं

En resumen

बीबीसी वेल्स की एक जांच में पता चला है कि माँ बनने की चाहत रखने वाली महिलाएँ ऑनलाइन यौन उत्पीड़न की शिकार हो रही हैं और उन्हें सस्ते, गैर-कानूनी स्पर्म सैंपल दिए जा रहे हैं। एक व्यक्ति ने 100 पाउंड में एक सैंपल बेचा, जिसमें सभी स्पर्म सेल मृत पाए गए। यूके का प्रजनन नियामक महिलाओं को धोखेबाज़ डोनर्स से शोषण के ख़तरे के बारे में चेतावनी दे रहा है।

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माँ बनने की चाहत रखने वाली महिलाएँ ऑनलाइन यौन उत्पीड़न की शिकार हो रही हैं और उन्हें सस्ते, ग़ैर-क़ानूनी स्पर्म (शुक्राणु) सैंपल दिए जा रहे हैं.

कुछ महिलाएँ जिन्हें फ़र्टिलिटी ट्रीटमेंट तक पहुँच नहीं मिल पा रही है, सोशल मीडिया साइटों पर विकल्प तलाश रही हैं. इससे एक अनियमित बाज़ार उभर रहा है. कुछ तो 'स्पर्म के लिए टिंडर' जैसी वेबसाइटों का भी सहारा ले रही हैं.

बीबीसी वेल्स की एक इन्वेस्टिगेशन ने 100 पाउंड देकर एक पुरुष से, जिसने ऑनलाइन अपने 'बेबी बैटर' का विज्ञापन दिया था, अगले दिन डिलिवरी वाला सैंपल ख़रीदा.

यूके के प्रजनन नियामक ने चेतावनी दी है कि महिलाओं को 'धोखेबाज़ डोनर्स से शोषण' का ख़तरा है.

इन्वेस्टिगेशन के एक हिस्से में मैंने यह देखने की कोशिश की कि ऑनलाइन स्पर्म हासिल करना कितना आसान है और ऐसी सेवा की पेशकश करने वाले पुरुषों की कोई कमी नहीं थी.

एक ऑनलाइन विज्ञापन ने बताया कि मैं 'जो डोनर' नामक व्यक्ति पर भरोसा कर सकती हूँ, जो डाक से डिलिवरी करता है. वह एक सफल डोनर है, जो दावा करता है कि दुनिया भर में उसके 180 बच्चे हैं, जो यौन संबंधों और कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुए हैं.

एक दुर्लभ क़दम में, कार्डिफ़ की पारिवारिक अदालत के एक जज ने सार्वजनिक रूप से उसकी पहचान रॉबर्ट एल्बन के नाम से की, ताकि ग़ैर-नियंत्रित स्पर्म डोनेशन के ख़तरों के बारे में चेतावनी दी जा सके.

हमने उनसे एक काल्पनिक नाम से संपर्क किया और केवल कुछ ईमेल और एक छोटी फ़ोन कॉल में उनसे अगले दिन की डिलिवरी तय हो गई.

उन्होंने हमसे यह वेरिफ़ाई करने को नहीं कहा कि हम कौन हैं और न ही हमें दिखाने के लिए किसी हेल्थ चेकअप की पेशकश की. उन्होंने डाक से नक़द 100 पाउंड लिए और एक सिरिंज में स्पर्म भेजा, जिसे टमाटर पास्ता के डिब्बे से ठंडा रखा गया था.

एक लाइसेंस प्राप्त क्लिनिक ने सैंपल मिलने के चार घंटे बाद उसकी जांच की और कहा कि सभी स्पर्म सेल मृत थे.

एल्बन ने सवाल उठाया कि हमने इसे कैसे स्टोर किया और पहुँचाया था. उन्होंने कहा कि उनकी डिलिवरी प्रक्रिया में सामान्यतः गर्भाधान के लिए पर्याप्त स्पर्म जीवित रहते हैं और इस तरह से उन्होंने 'कई सफल गर्भधारण' करवाए हैं.

'यहाँ अजीब लोग मिलते हैं'

एल्बन और सैकड़ों अन्य पुरुषों ने फ़ेसबुक का इस्तेमाल उन महिलाओं से जुड़ने के लिए किया है जो स्पर्म तलाश रही हैं - कुछ समूहों में 40,000 तक सदस्य हैं.

मैंने ख़ुद को एक डोनर समूह में शामिल किया. हालाँकि मुझे मिले कुछ मैसेज तो सही लगे, लेकिन कई ने यौन संबंध की पेशकश की, नमूनों की क़ीमत बताई, अंतरंग तस्वीरें माँगी और लगातार संदेश भेजकर कोई व्यवस्था करने की कोशिश की.

कुछ पुरुष लगातार यौन संबंध के लिए दबाव डालते रहे और मुझे यह समझाने की कोशिश की कि यही सबसे सस्ता और प्रभावी विकल्प होगा.

मैंने एक महिला की चेतावनी देखी कि उसे उत्तर वेल्स के एक पुरुष से डोनेशन मिला था, बाद में पता चला कि वह यौन अपराध का दोषी था.

ह्यूमन फ़र्टिलाइज़ेशन एंड एम्ब्रायोलॉजी अथॉरिटी (एचएफ़ईए) की परिभाषा के अनुसार, ग़ैर-नियंत्रित डोनेशन किसी एचएफ़ईए-लाइसेंस प्राप्त परिसर के बाहर होने वाला डोनेशन है और यह यूके में एक दंडनीय अपराध है.

दक्षिण वेल्स की टियाना और उनकी पत्नी निक्की ने ग़ैर-नियंत्रित डोनेशन का सहारा लिया. उन्होंने कहा कि वे एनएचएस फंडिंग के लिए पात्र नहीं थीं और निजी उपचार बहुत महंगा लगा.

टियाना ने कहा, "मैं हमेशा से माँ बनना चाहती थी, हमें लगता था कि हमारे परिवार में कुछ कमी है."

उन्होंने कहा कि वह ख़तरों से वाक़िफ़ थीं और संभावित डोनर के किसी भी तरह के दबाव को लेकर सतर्क थीं. उन्होंने कहा, "आपको अजीब लोग मिलते हैं जो पूरी तरह ग़लत वजहों से यहां होते हैं."

"एक वेबसाइट है, जो कैटलॉग और टिंडर का मिश्रण जैसी है. आप आँखों के रंग, बालों के रंग के फ़िल्टर कर सकते हैं, ताकि आप ठीक वही देख सकें जिसकी तलाश कर रहे हैं."

यह जोड़ा कृत्रिम गर्भाधान चाहता था लेकिन उन्होंने कहा कि पुरुष अक्सर यौन संबंध को सबसे अच्छा विकल्प बताते थे.

टियाना ने कहा, "मुझे लगता है कि यह बहुत मददगार था कि मैं और मेरी पत्नी एक-दूसरे के साथ थे, इसलिए कोई हमें ऐसा कुछ करने के लिए दबाव नहीं डाल सकता था जो हम नहीं करना चाहते थे. क्योंकि जब आप सिर्फ़ बच्चा चाहते हैं तो आप बहुत असुरक्षित स्थिति में होते हैं."

टियाना और निक्की को आखिरकार एक को-पैरेंटिंग वेबसाइट पर ऐसा डोनर मिला, जिसके साथ वे सुरक्षित महसूस करती थीं. उन्होंने एक अनुबंध बनाया ताकि सभी पक्ष संपर्क और अभिभावकीय अधिकारों की योजना से अवगत हों. लेकिन यह कोई क़ानूनी अनुबंध नहीं है.

'जोखिम उठाने लायक था'

टियाना ने स्वीकार किया, "अब भी संभावना है कि भविष्य में वह आकर अभिभावकीय अधिकारों का दावा करने की कोशिश करे और हमें अदालत में ले जाए."

"लेकिन मुझे लगता है कि जितना संभव था, हमने उतना इंतज़ाम कर लिया है ताकि ऐसा न हो और मुझे सचमुच विश्वास है कि वह कभी हमारे साथ ऐसा नहीं करेगा."

अब उनका एक साल का बेटा है. उन्होंने कहा, "हम बहुत लंबे समय से बच्चा चाहते थे. ज़ाहिर है, हमने जोखिम उठाया. लेकिन यह पूरी तरह उठाने लायक था."

ग़ैर-नियंत्रित डोनर अलग-अलग तरीक़ों से सेवाएँ देते हैं - कुछ यौन संबंध बनाने वालों के लिए मुफ़्त रहते हैं, तो कुछ कृत्रिम गर्भाधान के लिए दुनिया भर में यात्रा का ख़र्च वसूलते हैं.

25 वर्षीय डैनियल बायेन अमेरिका में रहते हैं लेकिन 2025 की गर्मियों में यूके गए ताकि कृत्रिम गर्भाधान के ज़रिए डोनेशन कर सकें.

उनका कहना है कि इस यात्रा से चार बच्चों का जन्म हुआ. बीबीसी ने डैन के साथ तीन दिन तक फ़िल्मांकन किया. वे ऑनलाइन वीडियो में दावा करते हैं कि वे 'सबसे अधिक भुगतान पाने वाले डोनर' हैं और साथ ही यह भी कि वह 'फ़ायदे के लिए काम नहीं करते'.

उन्होंने कहा, "जिन्हें स्पर्म देता हूँ उनको सिर्फ़ यात्रा ही नहीं मेरी सभी स्वास्थ्य और जीवन-यापन की लागतें भी पूरी करनी होती हैं. इनमें कम्युनिकेशन, स्वास्थ्य, इंस्टाग्राम पर पोस्ट करना, जानकारी साझा करना, शिक्षा भी शामिल है."

उन्होंने कहा कि यूके में उन्होंने केवल यात्रा ख़र्च मांगा लेकिन अन्य जगहों पर दावा किया कि उन्हें एक डोनेशन के लिए 20,000 अमेरिकी डॉलर तक की पेशकश हुई.

जब बीबीसी ने उनसे यह सवाल किया कि क्या वे उन लोगों का फ़ायदा उठा रहे हैं, जिनके पास ख़र्च करने के लिए पैसे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, "मुझे सच में परवाह नहीं कि दूसरे लोग क्या सोचते हैं. मुझे परवाह यह है कि जिनके साथ मैं काम करता हूँ, उन परिवारों और बच्चों के लिए सबसे अच्छा क्या है."

'ओपन डोनर'

डैन खुद को 'ओपन डोनर' कहते हैं और बच्चों को अपनी पहचान जानने देने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है. वह अपनी जीवनशैली और हेल्थ टेस्ट के नतीजों के बारे में वीडियो भी पोस्ट करते हैं. लेकिन वह हर बात खुलकर नहीं बताते.

उन्होंने कहा, "एक डोनर के तौर पर ख़ुद को सुरक्षित रखने के लिए आप नहीं चाहेंगे कि बहुत सारी संपत्तियाँ आपके नाम पर हों ताकि कोई चाहे तो आपकी ज़िंदगी और परिवार को बर्बाद न कर सके."

"मुझे लगता है कि आपको अपनी सेहत और एसटीआई स्क्रीनिंग्स के बारे में झूठ नहीं बोलना चाहिए. लेकिन एक चीज़ जिस पर ज़्यादा जानकारी न देना ठीक है, वह है कि आप कहाँ काम करते हैं, क्या करते हैं, ताकि प्राप्तकर्ता आपको मुक़दमे में न घसीट सकें. इसमें आपका पूरा नाम या पता भी शामिल हो सकता है."

डैन ने दावा किया कि उन्होंने यूके में डोनेशन करते समय कोई क़ानून नहीं तोड़ा.

यूके में लाइसेंस प्राप्त क्लिनिक एचएफ़ईए से नियंत्रित होते हैं, जिसने अपनी वेबसाइट पर एक पेज बनाया है ताकि लोग क़ानून से परिचित हो सकें. एचएफ़ईए ने कहा कि उसने कई सक्रिय ग़ैर-नियंत्रित डोनर्स को पुलिस के पास भेजा है.

इसमें कहा गया है, "यह जानना ज़रूरी है कि ग़ैर-नियंत्रित डोनर का इस्तेमाल करना कोई दंडनीय अपराध नहीं है और आप क़ानून नहीं तोड़ रहे हैं, लेकिन हो सकता है कि डोनर या वे लोग जो स्पर्म उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में शामिल हैं, वे गंभीर अपराध कर रहे हों."

एचएफ़ई एक्ट के अनुसार, अगर एचएफ़ईए-लाइसेंस प्राप्त क्लिनिक द्वारा न किया जाए तो 'मानव उपयोग के लिए अंडाणु या स्पर्म का इस्तेमाल, भंडारण, ख़रीद, परीक्षण, प्रक्रिया और वितरण' सब ग़ैर-क़ानूनी है.

'ग़ैर-नियंत्रित स्पर्म डोनेशन में जोखिम'

एचएफ़ईए की रणनीति और कॉर्पोरेट मामलों की निदेशक क्लेयर एटिंगहाउज़न ने कहा कि एल्बन का स्पर्म सैंपल भेजना 'चौंकाने वाला' था.

उन्होंने कहा, "क़ानून बिल्कुल साफ़ है कि एचएफ़ईए का लाइसेंस लिए बिना आप स्पर्म को प्रोसेस नहीं कर सकते, उसे वितरित नहीं कर सकते और उसे भेजकर वह यही कर रहे हैं."

इसके जवाब में, एल्बन ने कहा कि नियम उन पर लागू नहीं होते क्योंकि उनकी समझ में निजी डोनेशन देना, जिसमें इसके लिए पैसे लेना भी शामिल है, क़ानूनी है. उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी भी अतिसंवेदनशील महिला के लिए 'सीधा ख़तरा' नहीं हैं.

एटिंगहाउज़न ने कहा कि फ़ेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा, 'क़ानून तोड़े जाने में मदद कर रही है'. यह बात उन्होंने मार्च में यूके संसद की एक सेलेक्ट कमिटी के सामने भी रखी थी.

एचएफ़ईए ने कहा कि उसने इस बारे में सीधे मेटा से भी संपर्क किया है, लेकिन एटिंगहाउज़न ने जोड़ा कि वह 'यथार्थवादी' होते हुए समझती हैं कि ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप को पूरी तरह बंद करने से यह काम कहीं और होने लगेगा.

उन्होंने व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई.

मेटा ने यह भी कहा, "हमारे पास नियामकों के लिए एक विशेष रिपोर्टिंग प्रक्रिया है ताकि वे उस सामग्री को चिह्नित कर सकें जो हमारी नीतियों का उल्लंघन नहीं करती लेकिन स्थानीय क़ानून का उल्लंघन करती है. इस मामले में हम संबंधित अधिकारियों के साथ नज़दीकी सहयोग कर रहे हैं."

नेशनल पुलिस चीफ़्स' काउंसिल के एक प्रवक्ता ने कहा, "ग़ैर-नियंत्रित स्पर्म डोनेशन कई जोखिम लेकर आता है और सबसे संवेदनशील लोगों का शोषण कर सकता है. हम दृढ़ता के साथ जनता को सलाह देते हैं कि वे इन जोखिमों को समझें और नियंत्रित रास्तों पर ही टिके रहें."

"अगर किसी को चिंता है, तो हम उन्हें पुलिस को रिपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे ताकि हम सहायता प्रदान कर सकें और जांच कर सकें."

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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