Última hora
ESFallece el tercer menor herido en el trágico accidente de ahogamiento en TarragonaESEspaña se la juega ante Arabia Saudí en el Mundial 2026ESDelegaciones de EEUU e Irán se reúnen en Suiza para negociaciones de pazESOla de calor: España se prepara para temperaturas extremas de hasta 40 gradosESIrán anuncia cierre del estrecho de Ormuz tras acusar a EE.UU. de incumplir acuerdo de pazESJuez envía a juicio a Begoña Gómez, esposa de Pedro Sánchez, y le retira el pasaporteESMedvedev amenaza con armas nucleares y el fin de las reglas de guerra contra UcraniaESEl Gobierno desequilibra la balanza fiscal de las televisiones públicasESDe la Espriella cierra campaña entre retos a Petro y promesas a votantesESXi Jinping: El pozo de Liangjiahe y la forja de un líder chinoESFallece el tercer menor herido en el trágico accidente de ahogamiento en TarragonaESEspaña se la juega ante Arabia Saudí en el Mundial 2026ESDelegaciones de EEUU e Irán se reúnen en Suiza para negociaciones de pazESOla de calor: España se prepara para temperaturas extremas de hasta 40 gradosESIrán anuncia cierre del estrecho de Ormuz tras acusar a EE.UU. de incumplir acuerdo de pazESJuez envía a juicio a Begoña Gómez, esposa de Pedro Sánchez, y le retira el pasaporteESMedvedev amenaza con armas nucleares y el fin de las reglas de guerra contra UcraniaESEl Gobierno desequilibra la balanza fiscal de las televisiones públicasESDe la Espriella cierra campaña entre retos a Petro y promesas a votantesESXi Jinping: El pozo de Liangjiahe y la forja de un líder chino
Newsgather
Backभारत ने पाक राष्ट्रपति के बयान को खारिज किया, कहा- आंतरिक मामलों पर टिप्पणी का अधिकार नहीं
भारत ने पाक राष्ट्रपति के बयान को खारिज किया, कहा- आंतरिक मामलों पर टिप्पणी का अधिकार नहीं
En desarrollo
BBC हिंदी4 sa önceMundo3 dk okumaIndia

भारत ने पाक राष्ट्रपति के बयान को खारिज किया, कहा- आंतरिक मामलों पर टिप्पणी का अधिकार नहीं

En resumen

भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद पर दिए बयान को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

Resumen generado por IA

Por qué importa

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद को लेकर भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों पर चिंता जताई थी। भारत ने इसे आंतरिक मामलों में दखलंदाजी बताते हुए खारिज कर दिया है।

Tamaño de fuente

प्रकाशित 2 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 5 मिनट

वाराणसी की गंज शहीदा मस्जिद पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के बयान को भारत ने ख़ारिज कर दिया है.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा,

"पाकिस्तान के राष्ट्रपति की बेबुनियाद टिप्पणियों को भारत पूरी तरह से ख़ारिज करता है. वैसे भी, उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है."

इससे पहले शनिवार को पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने वाराणसी स्थित गंज शहीदा मस्जिद का ज़िक्र करते हुए भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को लेकर एक बयान दिया था.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़, "राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को गिराए जाने और उन पर मंडरा रहे ख़तरों पर गहरी चिंता जताई. इनमें वाराणसी की एक हज़ार साल पुरानी मस्जिद गंज शहीदा भी शामिल है."

भारत का पाकिस्तान को जवाब

पाकिस्तान के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक़ "राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने भारत से ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की अपील की और चेतावनी दी कि इससे भारत में टूट और स्थायी तौर पर अराजकता की स्थिति पैदा होने का ख़तरा है."

ज़रदारी ने भारत से 'अल्पसंख्यकों के अधिकारों और साझा सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा' करने की अपील की.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति की टिप्पणियाँ बेतुकी हैं.

रणधीर जायसवाल ने कहा, "ये टिप्पणियां इसलिए भी बेतुकी हैं क्योंकि मानवाधिकारों के मामले में पाकिस्तान का अपना रिकॉर्ड बहुत खराब रहा है, जिस पर दुनिया भर में चर्चा होती रही है. अलग-अलग धर्मों के अल्पसंख्यकों को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाने और उनका उत्पीड़न करने का पाकिस्तान का लंबा इतिहास हर किसी को पता है."

उन्होंने आगे कहा, "इस सच्चाई को देखते हुए पाकिस्तानी राष्ट्रपति की टिप्पणियों को केवल एक जानबूझकर किया गया राजनीतिक हमला ही माना जा सकता है."

रणधीर जायसवाल ने आरोप लगाया कि ऐसे बयान पाकिस्तान की कट्टरता और नफ़रत की राष्ट्रीय नीतियों से प्रेरित हैं.

गंज शहीदा मस्जिद का मामला क्या है?

वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार और पुनर्विकास परियोजना के तहत रेलवे प्रशासन ने स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के नज़दीक स्थित गंज शहीदा मस्जिद को नोटिस जारी कर 20 जून तक परिसर ख़ाली करने का निर्देश दिया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ रेलवे अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि उन्होंने काशी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थित गंज शहीदा मस्जिद की दीवार पर एक नोटिस लगाया है. इस नोटिस में स्टेशन के विस्तार की कानूनी प्रक्रिया के तहत 20 जून तक जगह खाली करने की मांग की गई है.

पीटीआई के मुताबिक़, कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन सुपरिटेंडेंट अर्पित गुप्ता ने कहा कि स्टेशन के विस्तार और प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए काशी रेलवे स्टेशन के आसपास की ज़मीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना ज़रूरी है.

इंतजामिया मस्जिद कमेटी का क्या कहना है

मस्जिद की प्रबंधन समिति, 'इंतजामिया मस्जिद कमेटी' ने इस नोटिस को गैर-कानूनी बताया है और कहा कि वे इसे अदालत में चुनौती देंगे.

बीबीसी संवाददाता प्रेरणा ने इस मामले में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के ज्वाइंट सेक्रेटरी एसएम यासीन से बात की.

एसएम यासीन ने कहा, ''यह मस्जिद क़रीब एक हज़ार साल पुरानी है. इसका निर्माण 1034 में हुआ था. इसका नाम गंज शहीदा इसलिए है क्योंकि यहां जिन लोगों की क़ब्र है, उनमें से कई आज़ादी में शामिल रहे हैं, इसलिए इसका ऐतिहासिक महत्व भी है."

उनका कहना है, "रेलवे तो 1887 में आया है. उनके नोटिस का हम जवाब दे रहे हैं. डीएम साहब से भी आश्वासन मिला है. तीन दिन पहले हमारी उनसे मुलाक़ात हुई थी. उन्होंने हमें भरोसा दिया है कि मस्जिद को ज़बरदस्ती नहीं तोड़ा जाएगा."

एसएम यासीन ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति के बयान की आलोचना की और कहा, "पाकिस्तान के राष्ट्रपति अपने यहां के मसले देखें, हमारे मामलों में दख़ल न दें. हम अपने मसले ख़ुद देख लेंगे. वह मामले को और जटिल ही कर रहे हैं.''

इंतजामिया मस्जिद कमेटी का कहना है कि सन 1883-84 के बंदोबस्त नक्शे और इससे पहले के नक्शे में भी मस्जिद का ज़िक्र है.

इंतजामिया मस्जिद कमेटी के मुताबिक़, जिस मुक़दमे के ख़ारिज होने की बात नोटिस में लिखी गई है वह मस्जिद के बाहर पूरब की ज़मीन से संबंधित था. मस्जिद से इस मुक़दमे का "कोई संबंध नहीं था. यह नोटिस भ्रामक है."

बीबीसी ने इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से बात करने की कोशिश की है. रेलवे का बयान मिलने पर इसे ख़बर में जोड़ दिया जाएगा.

Preguntas abiertas

  • क्या मस्जिद को रेलवे विस्तार के लिए हटाया जाएगा?
  • क्या मस्जिद के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित किया जाएगा?

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas

अमेरिका-ईरान समझौते में पाकिस्तान की बढ़ी अहमियत, क्या भारत के लिए है इसमें कोई सबक?
En desarrollo·3 sa önce

अमेरिका-ईरान समझौते में पाकिस्तान की बढ़ी अहमियत, क्या भारत के लिए है इसमें कोई सबक?

अमेरिका-ईरान तनाव के बाद संघर्ष विराम और बातचीत की दिशा में हुई प्रगति ने मध्य पूर्व में स्थिरता की उम्मीद बढ़ाई है. पाकिस्तान की मध्यस्थता से उसकी कूटनीतिक स्थिति मज़बूत हुई है, जो भारत के लिए क्षेत्रीय रणनीति पर पुनर्विचार का संकेत है.

BBC हिंदी