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वेनेज़ुएला में दो शक्तिशाली भूकंप, 164 की मौत; अमेरिका और भारत ने मदद की पेशकश की
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वेनेज़ुएला में दो शक्तिशाली भूकंप, 164 की मौत; अमेरिका और भारत ने मदद की पेशकश की

वेनेज़ुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो बड़े भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें 164 लोगों की जान चली गई है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने आपातकाल की घोषणा की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सहायता मिल रही है।

L'essentiel

वेनेज़ुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंपों से 164 लोगों की मौत हो गई और लगभग 1000 घायल हुए। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने आपातकाल घोषित किया, जबकि अमेरिका और भारत ने सहायता की पेशकश की। राजधानी काराकास सहित कई क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई।

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वेनेज़ुएला में बुधवार शाम को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए, जिससे राजधानी काराकास सहित कई क्षेत्रों में व्यापक तबाही हुई और 164 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। भूकंप का केंद्र कैरिबिअन और साउथ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर था।

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वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में कुछ ही सेकंड के अंतराल पर दो बड़े भूकंप आए। पहला भूकंप 7.2 तीव्रता का था, जबकि दूसरा 7.5 तीव्रता का था। इस भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 164 हो गई है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स और एएफ़पी के अनुसार, वेनेज़ुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने कहा है कि बुधवार रात देश में आए भूकंप से मरने वालों की संख्या अब 164 हो गई है।

इस हादसे में अब तक क़रीब एक हज़ार लोगों से घायल होने की भी सूचना है। हालांकि भूकंप से इससे कहीं भारी जनहानि और व्यापक तबाही की आशंका जताई जा रही है।

यूनाइटेड स्टेट्स जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, इस बात की 44% आशंका है कि मृतकों की संख्या 10 हज़ार से ज़्यादा हो सकती है। वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए आपातकाल की घोषणा कर दी है।

वेनेज़ुएला में बिजली कटौती की समस्या काफ़ी आम है और भूकंप के बाद प्रभावित इलाक़ों में इंटरनेट कनेक्टिविटी पर भी असर पड़ा है, इसलिए भूकंप से प्रभावित लोगों और इसके असर की जानकारी मिलने में भी काफ़ी परेशानी हो रही है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है और हर संभव मदद की पेशकश की है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका वेनेज़ुएला में "तुरंत खोज और बचाव दल, चिकित्सा संसाधन और मानवीय सहायता तैनात कर रहा है।"

एक्स पर की गई अपनी पोस्ट में रुबियो ने कहा, "हमारी संवेदनाएँ उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, जो घायल हुए हैं, और उन साहसी बचावकर्मियों के साथ हैं जो इस त्रासदी के बाद लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।"

यह बयान उनके उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडाउ के उस वक्तव्य के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका वेनेज़ुएला के अधिकारियों के संपर्क में है और "सहायता जुटाने" की प्रक्रिया में है।

वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ के देश के नाम संबोधन में उनके साथ गृह मंत्री और नेशनल एसेंबली के प्रमुख और उनके भाई जॉर्ज रॉड्रिगेज़ भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए एक जनरल को ज़िम्मेदारी सौंपी है।

रॉड्रिगेज़ इसी साल जनवरी से अंतरिम रूप से देश का नेतृत्व कर रही हैं। अपने संबोधन में उन्होंने सबसे पहले वेनेजुएला की जनता से एकजुट रहने की अपील की।

उन्होंने भूकंप में अपने प्रियजनों को खोने वाले लोगों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की, हालांकि मृतकों की संख्या नहीं बताई।

रॉड्रिगेज़ के अनुसार, भूकंप से हुए गंभीर नुकस़ान के कारण वेनेज़ुएला का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद कर दिया गया है। हवाई अड्डे से सामने आए शुरुआती वीडियो में लोग गलियारों से भागते हुए दिखाई दिए, जबकि भूकंप के झटकों के दौरान छतों से धूल के बड़े गुबार नीचे गिरते नज़र आए।

इस भूकंप में कई इमारतें ढह गई हैं और लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए हैं। गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने लोगों से अपने घर खाली करने की अपील की है।

भूकंप आने के समय वेनेज़ुएला में राष्ट्रीय अवकाश मनाया जा रहा था, इसलिए कई लोग अपने घरों में मौजूद रहे होंगे। भूकंप स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे आया।

भूकंप का केंद्र काराकास के पश्चिम में स्थित मोंटालबान क्षेत्र में था।

वेनेज़ुएला में बुधवार को आए भूकंपों के बाद अब तक 20 से ज़्यादा झटके दर्ज किए जा चुके हैं। समाचार एजेंसी एएफ़पी ने⁠ राष्ट्रपति कार्यालय के हवाले से यह जानकारी दी है।

सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाक़े देश के उत्तरी तटीय क्षेत्रों में हैं, जिनमें ला गुआरिया, अरागुआ, कराबोबो और फाल्कन शामिल हैं।

भूकंप के कुछ घंटों बाद सामने आई तस्वीरों में राजधानी काराकास की सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग जमा दिखाई दिए, क्योंकि उनके घरों में तेज़ झटके महसूस हुए और बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

कुछ लोग अपने भाई-बहनों और पालतू जानवरों को गले लगाए नज़र आए, जबकि राहतकर्मी मलबे में फँसे लोगों की तलाश में लगातार खोजबीन कर रहे हैं।

वेनेज़ुएला के कई अन्य राज्यों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।

वेनेज़ुएला के गृह मंत्री ने सरकारी टेलीविजन से बातचीत में बताया कि देश के कई राज्य भूकंप से प्रभावित हुए हैं।

उन्होंने वीटीवी से फोन पर बात करते हुए कहा, "सभी संकेत बताते हैं कि इसकी तीव्रता सात से काफी अधिक थी।"

उन्होंने कहा, "इसके झटके त्रूजिलो, याराकुई, काराबोबो, अरागुआ, मिरांडा, काराकास और ला गुआइरा में तीव्रता से महसूस किए गए।"

उन्होंने आगे बताया कि राजधानी काराकास में पालोस ग्रांदेस और अल्तामीरा इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर जानकारी दी कि उन्होंने वेनेज़ुएला के लोगों की मदद के लिए अमेरिकी एजेंसियों को तैयार रहने को कहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "वेनेज़ुएला के लोगों पर आए दो बड़े भूकंप बहुत भीषण थे और इनसे बहुत ज़्यादा लोगों की मौत हुई है। अमेरिका मदद के लिए तैयार और इच्छुक है।"

उन्होंने आगे लिखा, "मैंने अपनी सरकार की सभी एजेंसियों को तेज़ी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। हम अपने नए और अच्छे दोस्तों की मदद के लिए वहां मौजूद रहेंगे।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, "वेनेज़ुएला में आए भीषण भूकंप से हुई तबाही से मुझे गहरा दुख हुआ है। भारत के लोगों की ओर से, मैं वेनेज़ुएला की सरकार और वहां के लोगों के प्रति, और खासकर उन परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है।"

प्रधानमंत्री ने आगे लिखा, "हम घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करते हैं और इस मुश्किल समय में प्रभावित सभी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हर संभव मदद देने के लिए तैयार है।"

वेनेज़ुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिगेज़ ने मदद के लिए हाथ बढ़ाने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का पोस्ट शेयर करते हुए, लिखा, "हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उन टिप्पणियों का हार्दिक स्वागत करते हैं, जिनमें उन्होंने हमारे देश में आए विनाशकारी भूकंपों के गंभीर प्रभावों पर संवेदना व्यक्त की और राहत कार्यों में मदद करने के लिए भारत की ओर से इच्छा जताई।"

उन्होंने लिखा, "भारत ने जो मुश्किल वक़्त में एकजुटता दिखाई है, वो हमारे लोगों के बीच सहयोग की भावना के अनुरूप है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिले इस समर्थन को स्वीकार करते हैं और हमारे साथ दिखाई गई एकजुटता के लिए आभारी हैं।"

वेनेज़ुएला उस इलाक़े में स्थित हैं, जहाँ भूकंप के ख़तरे सबसे ज़्यादा रहते हैं। यहाँ दो टेक्टोनिक प्लेटें हैं- कैरिबिअन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट। यहाँ दोनों आपस में मिलती हैं।

यूनाइटेड स्टेट्स जीयोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार को आए दो भूकंपों में दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका इन प्लेटों की सीमा के पास हलचल के कारण आया।

इसका मतलब है कि प्लेटों के बीच मौजूद फॉल्ट लाइन यानी दरारें, हॉरिज़ोंटिली में खिसकती हैं। जब यह खिसकना अचानक और तेज़ गति से होता है, तो भूकंप आता है।

यूएसजीएस ने कहा, "हालांकि नक़्शों पर भूकंपों को अक्सर केवल एक बिंदु के रूप में दिखाया जाता है, लेकिन इस तीव्रता के भूकंप को वास्तव में एक बड़े फॉल्ट एरिया में हुई स्लिप के रूप में समझना अधिक उचित है।"

भूकंप के झटके कोलंबिया की राजधानी बोगोटा तक महसूस किए गए।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों का आकलन जारी रहने के कारण, नुकसान की वास्तविक सीमा अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

À surveiller

Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes

  • मृतकों की संख्या 10 हज़ार से अधिक हो सकती है।

    Possible

Questions ouvertes

  • भूकंप से हुए कुल नुकसान का वास्तविक आकलन क्या है?
  • मलबे के नीचे फंसे कितने लोग अभी भी जीवित हैं?
  • अंतरराष्ट्रीय सहायता कब और कैसे वेनेज़ुएला पहुंचेगी?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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