खाड़ी में एक और जहाज़ पर अमेरिकी हमला, 20 भारतीय सवार
L'essentiel
अमेरिका ने गिनी-बसाऊ के झंडे वाले जहाज़ 'जलवीर' पर हमला किया, जो ओमान की खाड़ी में ईरानी तेल ले जा रहा था। जहाज़ पर 20 भारतीय नाविक सवार थे, सभी सुरक्षित हैं। यह इस हफ़्ते तीसरा जहाज़ है जिसे अमेरिकी बलों ने निशाना बनाया है।
Résumé généré par IA
Pourquoi c'est important
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों की नाक़ेबंदी शुरू की है, जिसके तहत ईरान की ओर या ईरान से आने-जाने वाले जहाज़ों को रोका या वापस भेजा जा रहा है। सेंटकॉम का दावा है कि अब तक 134 जहाज़ों को अमेरिकी बलों ने वापस लौटा दिया है।
खाड़ी में एक और जहाज़ पर अमेरिकी हमला, 20 भारतीय सवार; अब तक क्या-क्या पता है
प्रकाशित 22 मिनट पहले
पढ़ने का समय: 3 मिनट
अमेरिका ने पुष्टि की है कि उसने गिनी-बसाऊ के झंडे वाले जहाज़ 'जलवीर' पर हमला किया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) का कहना है कि यह जहाज़ ओमान की खाड़ी के रास्ते ईरानी तेल की ढुलाई करने की कोशिश कर रहा था और उसने 'नाकेबंदी का उल्लंघन' किया.
इससे पहले भारत ने दावा किया था कि अमेरिका ने ओमान के शिनास बंदरगाह के पास भारतीय नाविकों को ले जा रहे तीसरे जहाज़ पर हमला किया. इसमें 20 भारतीयों के सवार होने की जानकारी दी गई
भारत के शिपिंग मंत्रालय ने ये जानकारी दी थी
पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में इसकी जानकारी दी थी.
उन्होंने कहा, 11 जून को गिनी-बसाऊ का झंडा लिए जहाज़ 'एमटी जलवीर' शिनास पोर्ट (ओमान) के पास एक सिक्योरिटी इन्सिडेंट की जद में आ गया. इस जहाज़ पर 20 भारतीय नाविक हैं और सभी सुरक्षित बताए गए हैं. किसी के घायल होने या मौत की ख़बर नहीं है.
एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने कहा, "क्रू को शिनास पोर्ट लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अभी 6 लोगों को बाहर निकालना बाकी है."
मंत्रालय हालात पर नज़र रख रहा है और विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशन, भारतीय नौसेना और दूसरे ज़रूरी विभागों से लगातार संपर्क में है.
सेंटकॉम ने इस हफ़्ते ओमान की खाड़ी में तीसरा जहाज़ को निशान बनाया
सेंटकॉम के मुताबिक, इस हफ़्ते ओमान की खाड़ी में अमेरिकी बलों की ओर से निशाना बनाया गया यह तीसरा जहाज़ है. इससे पहले 'मारिवेक्स' और 'सेटेबेलो' जहाज़ों पर भी हमले किए गए थे.
छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें
सबसे अधिक पढ़ी गईं
समाप्त
दरअसल, 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने होर्मुज़ स्ट्रेट में ईरानी बंदरगाहों की नाक़ेबंदी शुरू की थी. इस दौरान ईरान की ओर या ईरान से आने-जाने वाले जहाज़ों को रोका या वापस भेजा जा रहा है.
सेंटकॉम का दावा है कि अब तक 134 जहाज़ों को अमेरिकी बलों ने वापस लौटा दिया है. 8 जहाज़ों ने आदेश नहीं माना, जिन पर हमला हुआ, इनमें 'सेटेबेलो' भी शामिल है.
अमेरिकी बलों का कहना है कि उन्होंने नाक़ाबंदी के बावजूद ऐसे 42 जहाज़ों को जाने के लिए रास्ता दिया, जो राहत सामग्री या चिकित्सा सहायता ले जा रहे थे.
जबकि ईरान दावा करता रहा है कि शिपिंग चैनल "पूरी तरह बंद" है.
À surveiller
Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes
Further US actions against ships suspected of transporting Iranian oil.
Probable · En quelques semaines
Increased tensions and potential retaliatory actions from Iran.
Possible · En quelques semaines
Questions ouvertes
- What was the specific reason for the US attack on the 'Jalveer' beyond violating the blockade?
- What is the current status of the remaining 6 crew members to be evacuated?
- Will there be any diplomatic repercussions or statements from Iran regarding this incident?
- What is the broader implication of these repeated attacks on shipping in the Gulf of Oman?

