वैभव सूर्यवंशी को न खिलाने पर रवि शास्त्री ख़फ़ा, गावस्कर और माइकल वॉन ने ये कहा
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वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज में प्लेइंग-11 में जगह न मिलने पर रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर और माइकल वॉन ने टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठाए हैं। शास्त्री का मानना है कि 15 वर्षीय सूर्यवंशी में 'एक्स फैक्टर' है और उसे जल्द मौका मिलना चाहिए, जबकि गावस्कर ने कहा कि इससे उस पर दबाव बढ़ेगा।
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वैभव सूर्यवंशी को ना खिलाने पर रवि शास्त्री ख़फ़ा, गावस्कर और माइकल वॉन ने ये कहा
प्रकाशित 2 मिनट पहले
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भारत के पूर्व क्रिकेटर और 'लिटिल मास्टर' के नाम से मशहूर सुनील गावस्कर का कहना है कि वैभव सूर्यवंशी को भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू का जितना ज़्यादा इंतज़ार करना पड़ेगा, उन पर उतना ही प्रेशर बढ़ता जाएगा.
आईपीएल और फिर श्रीलंका दौरे पर इंडिया 'ए' के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ के लिए टीम में जगह मिली थी.
लेकिन आयरलैंड के ख़िलाफ़ हुए दो टी-20 मैचों में उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली.
इसके बाद कई पूर्व क्रिकेटरों, एक्सपर्ट्स और फ़ैंस की ओर से तीखी प्रतिक्रिया हुई और टीम मैनेजमेंट पर सवाल उठे.
इसके बावजूद बुधवार को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पाँच मैचों की टी-20 सिरीज़ के पहले मैच में एक बार फिर उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली.
चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला गया यह मैच बारिश की वजह से पूरा नहीं हो पाया.
भारत ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने का फ़ैसला किया और 20 ओवर में 7 विकेट के नुक़सान पर 189 रन बनाए.
लेकिन बारिश की वजह से इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो पाई और मैच बिना किसी परिणाम के ख़त्म हो गया.
क्या बोले भारतीय और विदेशी एक्सपर्ट
सुनील गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स से कहा, "जब भी उन्हें (सूर्यवंशी) मौका मिलेगा, उनके ऊपर और ज़्यादा दबाव होगा. लेकिन 15 साल की उम्र में आप दबाव के बारे में ज़्यादा नहीं सोचते. वह जानते हैं कि अगर उन्हें दूसरे या तीसरे मैच में मौका मिलता है, तो उन्हें लगभग तुरंत ही अच्छा प्रदर्शन करना होगा. यह बात उनके सामने है."
पूर्व क्रिकेटर और कोच रवि शास्त्री का भी मानना है कि सूर्यवंशी को आयरलैंड के ख़िलाफ़ सिरीज़ में ही मौक़ा मिल जाना चाहिए था. उनके मुताबिक़, सूर्यवंशी को जल्द से जल्द मौक़ा देना चाहिए.
सोनी स्पोर्ट्स पर उन्होंने कहा, "उसे आयरलैंड में खेलना चाहिए था. वहां के विकेट स्लो थे, स्पॉन्जी थे. वैभव वहां खेलता, तो लंबे-लंबे छक्के मारता."
उन्होंने आगे कहा, "उसने आईपीएल में सबकी पिटाई की है. कौन से फ़ास्ट बॉलर को छोड़ा है? और आप यहां उसको बेंच पर बिठा रहे हो."
शास्त्री के मुताबिक़ सूर्यवंशी में एक्स फ़ैक्टर है उन पर कोई बैगेज नहीं है.
उन्होंने कहा, "वो सिर्फ़ 15 साल का है. उसको कोई डर नहीं है. अगर वो 2-3 ओवर भी चल गया तो ऐसा स्टार्ट देता है कि मिडिल ऑर्डर उस शुरुआत को भुना सकता है. उसके लिए जगह तो ढूंढनी ही पड़ेगी."
वहीं इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले टी-20 मैच से पहले एक पॉडकास्ट में कहा, "हमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और सेलेक्टर्स से पूछना चाहिए कि भला उस बच्चे को आयरलैंड के ख़िलाफ़ क्यों नहीं खिलाया गया?"
उनके साथ बैठे पूर्व इंग्लिश क्रिकेटर एलिस्टर कुक ने कहा, "मैं तो कल एक फ़ैन के तौर पर उनका खेल देखने जाऊंगा.
इंग्लैंड के मौजूदा कप्तान हैरी ब्रूक भी वैभव से काफ़ी प्रभावित दिखे.
मैच से पहले उन्होंने कहा, "वो ज़बरदस्त प्लेयर हैं. 15 साल की उम्र में उन्होंने जो किया वो कमाल है. हम उनके ख़िलाफ़ खेलने के लिए उत्सुक हैं. अगर वह खेलते हैं तो हमारे पास योजना है. हमें पर्दे के पीछे काम करते रहना है ताकि हमें जीत का मौका मिले."
'वैभव को इंतज़ार करना होगा'
लेकिन कुछ पूर्व क्रिकेटरों का मानना है कि वैभव को इंटरनेशनल डेब्यू के लिए इंतज़ार करना होगा और बेंच पर बैठकर भी वो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बारीकियां सीख सकते हैं.
पूर्व स्पिनर आर अश्विन ने एक पॉडकास्ट में कहा, "बेंच पर बैठकर मैच देखना इतना भी बुरा नहीं है. आप इतनी पास से क्रिकेट देखते हो. दूसरों के अनुभव से, दूसरों की ग़लती से सीखते हो."
उन्होंने कहा, "अभिषेक या संजू सैमसन जैसे प्लेयर एकाध मैच में नहीं भी चले तो इसका मतलब ये नहीं कि वो ख़राब खेल रहे हैं."
उन्होंने वैभव को प्लेइंग-11 में शामिल ना करने पर टीम मैनेजमेंट और हेड कोच गौतम गंभीर पर उठ रहे सवालों को ग़लत बताया और कहा, "गौतम गंभीर को लोग ग़लत समझते हैं."
पूर्व क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने भी वैभव के बारे में कुछ वैसा ही कहा जैसा आर अश्विन ने कहा था.
जियो हॉटस्टार पर मैच से पहले पुजारा ने कहा, "उनको सीधे मौक़ा नहीं मिल जाएगा. क्योंकि भारतीय टीम अपने टॉप 3 बल्लेबाज़ों को बदलना नहीं चाहेगी. अभिषेक, संजू और ईशान किशन तीनों ज़बरदस्त प्लेयर हैं. पहले दो-तीन मैचों में उन्हें मौक़ा हो सकता है ना मिले. जब टीम अच्छा खेलना शुरू करेगी तो हो सकता है रोटेशन पॉलिसी के तहत उन्हें मौक़ा मिल जाए."

