Dernière minute
ARإجلاء عشرات الآلاف في فرنسا وإسبانيا مع اتساع حرائق الغاباتARرومانيا تسقط طائرة مسيّرة في مجالها الجوي للمرة الأولى منذ بدء حرب أوكرانياARالحرس الثوري الإيراني يعلن تدمير مقر أمريكي في الأردن ومنظومة باتريوت في أربيلARضربات إيرانية على قاعدة أمريكية في البحرين.. صفارات الإنذار وتصاعد الدخانARعمليات أمريكية ضد إيران "معلقة".. إيران تستثمر الهدنة وتزود قدراتها العسكريةARالتحالف العربي يعلن تنفيذ عملية عسكرية ضد أهداف حوثية في اليمنARترامب يعلن عن جريان محادثات مع إيران ويصفها بأكثر جديةARفرنسا تواجه حرائق غابات تاريخية.. ماكرون يفعل فريق الأزمات وطلب استعانة بالجيشARزيلينسكي: روسيا تستعد لموجة جديدة من التعبئة العسكرية هذا الخريفARترامب يضطر إلى التخلي عن طائرته الجديدة بسبب تهديد إيرانيARإجلاء عشرات الآلاف في فرنسا وإسبانيا مع اتساع حرائق الغاباتARرومانيا تسقط طائرة مسيّرة في مجالها الجوي للمرة الأولى منذ بدء حرب أوكرانياARالحرس الثوري الإيراني يعلن تدمير مقر أمريكي في الأردن ومنظومة باتريوت في أربيلARضربات إيرانية على قاعدة أمريكية في البحرين.. صفارات الإنذار وتصاعد الدخانARعمليات أمريكية ضد إيران "معلقة".. إيران تستثمر الهدنة وتزود قدراتها العسكريةARالتحالف العربي يعلن تنفيذ عملية عسكرية ضد أهداف حوثية في اليمنARترامب يعلن عن جريان محادثات مع إيران ويصفها بأكثر جديةARفرنسا تواجه حرائق غابات تاريخية.. ماكرون يفعل فريق الأزمات وطلب استعانة بالجيشARزيلينسكي: روسيا تستعد لموجة جديدة من التعبئة العسكرية هذا الخريفARترامب يضطر إلى التخلي عن طائرته الجديدة بسبب تهديد إيراني
Newsgather
Retourपाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान की गोली मारकर हत्या, भारत ने 'आतंकवादी' घोषित किया था
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान की गोली मारकर हत्या, भारत ने 'आतंकवादी' घोषित किया था
En développement
BBC हिंदी22/05/2026Crime6 min de lectureIndia

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान की गोली मारकर हत्या, भारत ने 'आतंकवादी' घोषित किया था

L'essentiel

मुज़फ़्फ़राबाद में निजी कॉलेज के प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। भारत ने उन्हें 2022 में 'आतंकवादी' घोषित किया था और अल-बद्र संगठन का सदस्य बताया था।

Résumé généré par IA

Taille de police

Author, नसीर चौधरी, रूहान अहमद

पदनाम, बीबीसी उर्दू, इस्लामाबाद

प्रकाशित एक घंटा पहले

पढ़ने का समय: 8 मिनट

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद में पुलिस के अनुसार, गोजरा क्षेत्र के एक निजी कॉलेज के प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान की गुरुवार दोपहर की गोली मारकर हत्या कर दी गई..

डीएसपी इश्तियाक गिलानी ने बीबीसी को बताया कि एक प्राइवेट कॉलेज के प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान हमले में घायल हुए थे और सीएमएच में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

पुलिस के अनुसार, हमज़ा पर ये हमला उनके कॉलेज के सामने हुआ.

इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब्दुल्ला कमाल नाम के एक शख़्स को गिरफ़्तार कर लिया है.

गुरुवार को हमज़ा बुरहान के गंभीर रूप से घायल होने की ख़बरों के बाद जब बीबीसी ने पुलिस से संपर्क किया, तो डीएसपी इश्तियाक गिलानी ने पुष्टि की कि हमज़ा बुरहान मुज़फ़्फ़राबाद का निवासी है और भारतीय प्रशासित कश्मीर से पलायन कर आया था.

डीएसपी इश्तियाक गिलानी ने बताया कि हमले के तुरंत बाद हमज़ा बुरहान को अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

इश्तियाक गिलानी ने कहा कि हमज़ा बुरहान पर हमले के बाद पाकिस्तानी पंजाब के वाह कैंट में रहने वाले एक कथित हमलावर को भी हिरासत में लिया गया है. प्रारंभिक जांच से पता चला है कि वह रविवार को कैंट से मुज़फ़्फ़राबाद आया था और एक स्थानीय होटल में ठहरा था.

पुलिस के अनुसार, "हमज़ा अपने कुछ दोस्तों के साथ कॉलेज से बाहर आए थे और बातचीत के बाद जब वह वापस कॉलेज के अंदर जा रहे थे, तो पहले उनकी पीठ में गोली मारी गई, जिसके बाद और गोलियां चलाई गईं. इनमें से एक गोली उनके सिर में लगी."

छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें

सबसे अधिक पढ़ी गईं

समाप्त

गौरतलब है कि हमज़ा बुरहान अहमद मुज़फ़्फ़राबाद के जिस निजी कॉलेज में प्रिंसिपल थे, उन पर हमले के बाद, उस कॉलेज के छात्रों ने भी विरोध प्रदर्शन भी किया था.

भारतीय मीडिया में कैसी चर्चा?

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में घटी इस घटना को भारतीय मीडिया में काफी कवरेज मिल रही है. कई भारतीय मीडिया संस्थानों ने दावा किया गया कि हमज़ा बुरहान वास्तव में अर्जुमंद गुलज़ार डार थे, जिन्हें कुछ साल पहले भारत सरकार ने 'आतंकवादी' घोषित किया था.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बीबीसी उर्दू को पुष्टि की कि हमज़ा बुरहान भारतीय प्रशासित कश्मीर से थे और कुछ साल पहले पाकिस्तान आए थे.

दूसरी ओर, भारत के गृह मंत्रालय ने अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ़ हमज़ा बुरहान को 2022 में यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित कर दिया था.

हमला कब और कैसे हुआ?

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें

दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)

वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.

एपिसोड

समाप्त

मुज़फ़्फ़राबाद के पुलिस अधीक्षक रियाज़ मुग़ल ने बीबीसी को बताया कि हमज़ा बुरहान पर हुए हमले के संबंध में एफ़आईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन उन्होंने इससे अधिक कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया.

सदर पुलिस स्टेशन के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें दोपहर 12:10 पर सूचना मिली कि गोजरा बाईपास पर स्थित एक निजी कॉलेज के प्रिंसिपल को गोली मार दी गई है.

कॉलेज के एक सुरक्षा गार्ड ने बीबीसी को बताया कि गुरुवार दोपहर को प्रिंसिपल हमज़ा बुरहान ने उनसे कहा कि 'मेरे कुछ मेहमान आ रहे हैं,' जिसके बाद वह खु़द उनका स्वागत करने के लिए कॉलेज मुख्य दरवाज़े पर गए.

सुरक्षा गार्ड के अनुसार, वह अंदर थे जब अचानक गोलियों की आवाज़ सुनी, और जब वह बाहर आए तो उन्होंने प्रिंसिपल को घायल अवस्था में पड़ा देखा.

बीबीसी से बात करते हुए मुज़फ़्फ़राबाद के डिप्टी कमिश्नर मुनीर कुरैशी ने दावा किया कि हमज़ा बुरहान पर हमला एक टार्गेट किलिंग थी.

चश्मदीदों के अनुसार, हमज़ा बुरहान पर हमले के तुरंत बाद यातायात अचानक रुक गया और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई. गुरुवार शाम को कुछ कॉलेज छात्रों ने भी इस घटना के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन किया.

ये कॉलेज गोजरा बाईपास रोड पर स्थित है. यह सड़क पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद की ओर जाती है. यह इलाका शहर का घनी आबादी वाला हिस्सा है, जहाँ हमेशा भीड़भाड़ रहती है, साथ ही कई स्कूल भी इसी क्षेत्र में स्थित हैं.

कॉलेज पिछले दस सालों से चलाया जा रहा है और प्रशासन के अनुसार, यहाँ 100 से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं.

हमज़ा बुरहान कौन है?

मुज़फ़्फ़राबाद के डिप्टी कमिश्नर मुनीर कुरैशी कहते हैं, "इस मामले में अभी भी जांच चल रही है. इसे भारतीय मीडिया ने सबसे ज़्यादा प्रमुखता दी है. मुझे लगता है कि उन्होंने घटना घटने के पांच-दस मिनट बाद ही ख़बर फैलानी शुरू कर दी थी. उन्होंने यह प्रचार किया कि वह पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड था."

मुनीर कुरैशी के अनुसार, "अब हमारी पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां ​​इस बात की जांच कर रही हैं कि हमज़ा बुरहान कौन था."

हालांकि, मुज़फ़्फ़राबाद के दो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने बीबीसी को पुष्टि की कि हमज़ा बुरहान का नाता भारत प्रशासित कश्मीर से था.

जब मुज़फ़्फ़राबाद के पुलिस अधिकारी एसपी रियाज मुग़ल से पूछा गया कि क्या हमज़ा बुरहान भारतीय प्रशासित कश्मीर से था, तो उन्होंने सिर्फ़ इतना कहा, "वह कश्मीरी था."

रियाज़ मुग़ल से हमज़ा बुरहान के चरमपंथी संगठन से कथित संबंधों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "इस संबंध में अभी कुछ भी पता नहीं चला है, जांच जारी है."

हमज़ा कब पाकिस्तान आया

अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ़ ​​हमज़ा बुरहान उर्फ़ ​​डॉक्टर के भाई आरिफ़ गुलज़ार डार दिल्ली में रहते हैं. उन्होंने बीबीसी उर्दू के रियाज़ मसरूर को बताया कि "मुझे भी पुलिस एसएसपी का फोन आया था. हमें अभी तक पता नहीं चला है कि क्या हुआ है. मैं इससे ज़्यादा कुछ नहीं कह सकता."

वहीं, कश्मीर में रह रहे अर्जुमंद गुलज़ार डार के पिता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

हालांकि, इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि भारत के गृह मंत्रालय ने अप्रैल 2022 में अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ़ ​​हमज़ा बुरहान उर्फ़ ​​डॉक्टर को 'आतंकवादी' घोषित किया था.

भारत के गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, "अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ़ ​​हमज़ा बुरहान उर्फ़ ​​डॉक्टर को 19 अप्रैल, 2022 को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत चौथी अनुसूची में आधिकारिक तौर पर सूचीबद्ध किया गया था, जिसमें उसे 'आतंकवादी' घोषित किया गया था."

गृह मंत्रालय के अनुसार, यूएपीए केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि अगर उसे विश्वास है कि कोई व्यक्ति 'आतंकवाद' में शामिल है, तो वह उसका नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल कर सकती है.

अर्जुमंद गुलज़ार डार उर्फ़़ ​​हमज़ा बुरहान के बारे में विस्तृत जानकारी गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है.

इसके अनुसार, "अर्जुमंद गुलज़ा डार उर्फ़़ ​​हमज़ा बुरहान उर्फ़़ ​​डॉक्टर, उम्र 23 वर्ष (वर्तमान उम्र 27 वर्ष), का जन्म 1999 में हुआ था और वह खरबतपुरा (पुलवामा) का निवासी है और वह आतंकवादी संगठन 'अल-बद्र' का सहयोगी सदस्य है."

गृह मंत्रालय के अनुसार, आधिकारिक दस्तावेजों में उनके पिता का नाम गुलज़ार अहमद डार के रूप में दर्ज है. मंत्रालय ने अल-बद्र को "आतंकवादी संगठन" के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.

गृह मंत्रालय का आरोप है कि "अर्जुमंद गुलज़ार डार वैध दस्तावेजों पर पाकिस्तान गया, जहां वह आतंकवादी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और तब से वह इस संगठन का सक्रिय सदस्य और कमांडर रहा है और वर्तमान में पाकिस्तान से ही काम कर रहा है."

गृह मंत्रालय के अनुसार, "पाकिस्तान की अपनी यात्रा के बाद से, अर्जुमंद गुलज़ार डार युवाओं को इस संगठन में शामिल होने के लिए उकसा रहा है और अल-बद्र की आतंकवादी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता भी मुहैया कर रहा है."

Sujets liés

This article was originally published by BBC हिंदी.

Articles liés

पेपर लीक के मामलों में क्या कार्रवाई हुई?
En développement·il y a 12 heures

पेपर लीक के मामलों में क्या कार्रवाई हुई?

पेपर लीक के मामलों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया है। पिछले कई हफ़्तों से चल रहे व‍िद्यार्थ‍ियों के विरोध प्रदर्शन के बाद यह फ़ैसला आया है।

BBC हिंदी
21 min de lecture