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Retourसीजेपी की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर सरकार ने कल तक का समय मांगा
सीजेपी की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर सरकार ने कल तक का समय मांगा
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सीजेपी की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग पर सरकार ने कल तक का समय मांगा

जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों से कल दोपहर बाद फिर मिलने की बात कही; सौरव दास ने कहा, आंदोलन जारी रहेगा।

L'essentiel

सीजेपी और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की दिल्ली में करीब दो घंटे बातचीत हुई, जिसमें धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और मुआवज़े की मांग उठी। सरकार ने कल दोपहर तक जवाब देने का समय मांगा है।

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Pourquoi c'est important

रिपोर्ट के अनुसार सीजेपी पिछले करीब एक महीने से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े और नीट पेपर लीक मामले पर विरोध कर रही है। संगठन का कहना है कि छात्रों को हुए नुकसान के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Taille de police

केंद्र सरकार ने कॉकरोच जनता पार्टी की मांगों पर कल तक का समय मांगा है। दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में सीजेपी और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने यह जानकारी दी।

इस बातचीत में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए थे। जबकि सीजेपी की ओर से उनके प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हुए। यह बातचीत करीब दो घंटे तक चली। इसमें सीजेपी ने अपनी प्रमुख मांगें सरकार के सामने रखीं।

इनमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा, नीट पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवज़ा भी शामिल है।

बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "पूरे देश का नज़रिया है कि धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देना चाहिए या उन्हें पद से हटा दिया जाना चाहिए। सरकार से इस बारे में विस्तृत चर्चा हुई है।"

उन्होंने आगे कहा, "सरकार ने इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए कल दोपहर तक का समय मांगा है। हमने सरकार को बता दिया है कि पूरे देश में प्रदर्शन हो रहे हैं और ये बढ़ते ही जाएंगे। अगर प्रधान ने इस्तीफ़ा नहीं दिया तो ये प्रदर्शन और व्यापक होंगे।"

बातचीत के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "हम लोग आंदोलनकारियों के विषयों पर चर्चा करने के लिए यहां आए थे। उनकी बातें हमने सुनीं। बातचीत सौहार्दपूर्ण वातारवरण में हुईं।"

नड्डा ने बताया, "उनकी तीन मांगे थीं, हमने उनसे कहा है कि कल दोपहर बाद फिर आपसे मिलेंगे और चर्चा करेंगे।"

सरकार से बातचीत के बाद सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "हमने ये भी कहा कि दिल्ली पुलिस कल रात से और आज भी युवाओं को बिना किसी वजह के डिटेन कर रही है।"

"पुलिस वकीलों के साथ भी धक्का-मुक्की कर रही है। हमने सरकार को बताया कि ऐसा नहीं होना चाहिए। इससे पुलिस पर लोगों का विश्वास घटता है। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है, लेकिन अगर हो रहा है तो वे दिल्ली पुलिस से ऐसा नहीं करने के लिए कहेंगे।"

'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर कोई समझौता नहीं'

शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा सीजेपी के महीने भर चले विरोध प्रदर्शनों का मुख्य मुद्दा रहा है। बीस जुलाई को जब छात्र संसद तक मार्च करने की कोशिश कर रहे थे, तो ये प्रदर्शन हिंसक हो गए।

सीजेपी ने कहा है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते हैं, तो वे विरोध प्रदर्शनों को और तेज़ करेंगे।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमारी मांगों में धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफ़ा, जिस पर कोई समझौता नहीं हो सकता, दूसरा एक करोड़ का मुआवज़ा और जो एफ़आईआर (सीजेआई के प्रदर्शनों के दौरान) हुए हैं, उन्हें वापस लेना शामिल है।"

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन को ख़त्म करने को लेकर सरकार की तरफ से की जा रही अपील और आश्वासन का युवाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा है।

गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फ़ैसला किया है।

पीएम मोदी के आश्वासन पर कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने गुरुवार को कहा, "कोई फ़ायदा नहीं है ऐसी बातों का, ऐसी घोषणाओं का। ये सब झांसे हैं। जनता झांसों में न आए। हमें जवाबदेही चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से कम में हम लोग बातचीत नहीं करेंगे।"

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई दावा किया था कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था। वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था।

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि उनकी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाक़ात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिलाया है कि वो इस पर बात करेंगे।

सौरव दास ने अपनी और आशुतोष रांका की जेपी नड्डा के साथ तस्वीर एक्स पर पोस्ट की।

जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट करके इस मुलाक़ात की पुष्टि की और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की। हालाँकि उनकी इस अपील के बाद भी युवाओं का प्रदर्शन जंतर-मंतर पर जारी रहा।

दर रात पीएम मोदी ने की अपील

जून के आख़िरी सप्ताह में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दें।

गुरुवार सुबह की अपील के बाद देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके पेपर लीक के बाद अपनी सरकार के उठाए गए क़दमों का ज़िक्र किया।

उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार ऐसे कड़े क़दम उठाएगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

वीडियो में पीएम ने कहा, "पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यह पीड़ादायक है। इसलिए इस घटना के बाद सरकार ने कई क़दम उठाए हैं। गुनाहगारों को पकड़ा है और आज वे जेल में हैं।"

पीएम ने यह भी कहा कि पेपर लीक के बाद विद्यार्थियों का साल ख़राब न हो, इसका भी उनकी सरकार ने ख़्याल रखा।

वो बोले, "सरकार ने इतने कम समय में 22 लाख छात्र दोबारा परीक्षा दे सकें, इसका भी हमने प्रबंध किया। और फिर परीक्षा का रिज़ल्ट भी 19 जून को आ गया, जिसमें सफल विद्यार्थियों और उनके परिवारों की ख़ुशियों की ख़बरें लगातार आ रही हैं।"

उन्होंने कहा कि इतने कम समय में हमने परीक्षा करा दी, "लेकिन हम इतने से ही संतोष करने वाले लोगों में से नहीं हैं। मैंने संबंधित विभागों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का मसौदा तैयार करने को कहा, जिसे उन्होंने पूरी मेहनत करके तैयार किया और हमें दे भी दिया."

पीएम ने कहा कि सोमवार को जब संसद का सत्र दोबारा शुरू होगा तो इस बिल को उनकी सरकार जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश करेगी, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं के दोषियों को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सज़ा मिल सके

राहुल गांधी ने क्या कहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस वीडियो को रीपोस्ट करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन पर छात्रों का अपमान करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "श्री मोदीजी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आधी रात को पोस्ट किए गए इस बेकार वीडियो के ज़रिए उनकी समझदारी का अपमान मत कीजिए.

1. धर्मेंद्र प्रधान को बर्ख़ास्त कीजिए.

2. छात्रों को पीटने वालों को सज़ा दीजिए.

À surveiller

Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes

  • सरकार कल दोपहर बाद सीजेपी से फिर बातचीत कर सकती है।

    Très probable · En quelques jours

  • अगर इस्तीफ़े पर कोई ठोस कदम नहीं हुआ तो प्रदर्शन जारी रहेंगे या तेज़ होंगे।

    Probable · En quelques jours

  • नीट पेपर लीक और छात्रों की हिरासत को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी जारी रहेगी।

    Probable · En quelques jours

Questions ouvertes

  • कल दोपहर तक सरकार क्या जवाब देगी?
  • क्या धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा देंगे या हटाए जाएंगे?
  • क्या सरकार मुआवज़े और एफआईआर वापस लेने की मांग पर कोई फैसला करेगी?
  • क्या जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन और तेज़ होगा?

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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नीट पेपर लीक के बाद देश भर में छात्र आंदोलन के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो में सरकार के उठाए गए कदमों की सराहना की और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का आश्वासन दिया। राहुल गांधी ने इसे छात्रों का अपमान बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े और दोषियों को सज़ा देने की मांग की।

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