Dernière minute
ESIncendio forestal en Almería deja 11 fallecidos y arrasa la sierraESPedro Sánchez llama al presidente de la Junta de Andalucía por el incendio de Los GallardosESIsrael comparte inteligencia sobre supuesto plan iraní para asesinar a TrumpESIncendio en Los Gallardos (Almería): 11 muertos, 600 desalojados y la hipótesis de un fallo eléctricoESIncendio en Los Gallardos: Buscan a desaparecidos y se temen víctimas británicasESMadrid aprueba ley que equipara al no nacido con el nacido y abre la puerta a cambiosESFiscalía pide imputar a exjefe de gabinete de Sánchez y autorizar volcado de su móvilESEspaña avanza a cuartos de final del Mundial 2026 tras vencer a PortugalESBélgica: Un país y una selección que se explican por la aceptación del caosESAitana se fractura un dedo de la mano antes de su concierto en ZaragozaESIncendio forestal en Almería deja 11 fallecidos y arrasa la sierraESPedro Sánchez llama al presidente de la Junta de Andalucía por el incendio de Los GallardosESIsrael comparte inteligencia sobre supuesto plan iraní para asesinar a TrumpESIncendio en Los Gallardos (Almería): 11 muertos, 600 desalojados y la hipótesis de un fallo eléctricoESIncendio en Los Gallardos: Buscan a desaparecidos y se temen víctimas británicasESMadrid aprueba ley que equipara al no nacido con el nacido y abre la puerta a cambiosESFiscalía pide imputar a exjefe de gabinete de Sánchez y autorizar volcado de su móvilESEspaña avanza a cuartos de final del Mundial 2026 tras vencer a PortugalESBélgica: Un país y una selección que se explican por la aceptación del caosESAitana se fractura un dedo de la mano antes de su concierto en Zaragoza
Newsgather
Backओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों के शव मिले
ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों के शव मिले
Urgent
BBC हिंदी11.06.2026Monde4 dk okumaIndia

ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में लापता तीन भारतीय नाविकों के शव मिले

L'essentiel

ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सैन्य हमले में लापता हुए तीन भारतीय नाविकों के शव बरामद हुए हैं। भारत ने इस घटना पर अमेरिका के प्रति कड़ा विरोध दर्ज कराया है और अमेरिकी उप मिशन प्रमुख को तलब किया है।

Résumé généré par IA

Pourquoi c'est important

ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय हुई है जब खाड़ी क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ रहा है और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।

Taille de police

प्रकाशित 11 जून 2026, 07:56 IST

अपडेटेड 26 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 5 मिनट

पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने गुरुवार को बताया कि ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर अमेरिकी सैन्य हमले के बाद लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले हैं.

इस घटना के बाद भारत ने अमेरिका के उप मिशन प्रमुख को तलब किया था और हमले के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराया था.

सर्बानंद सोनोवाल ने एक्स पोस्ट में लिखा है, ''पलाऊ के झंडे वाले एमटी सेटेबेलो शिप पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ है. दुख की बात है कि पहले लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों के शव अब बरामद कर लिए गए हैं और उनकी पहचान की पुष्टि हो चुकी है.''

''यह हमारे लिए एक अपूरणीय क्षति है. इस कठिन समय में मोदी सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है और मृतकों के परिजनों को हर संभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है. मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचाए गए चालक दल के सदस्यों की तत्काल वापसी सुनिश्चित की जाए और दिवंगत नाविकों के पार्थिव शरीर को उनके अंतिम संस्कार के लिए जल्द भारत लाया जाए.''

इससे पहले फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया के महासचिव मनोज यादव ने बताया था, "मृतकों की पहचान डेक कैडेट आदित्य शर्मा और इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया के रूप में हुई है."

चीफ़ इंजीनियर पटनाला सुरेश को पहले लापता बताया जा रहा था लेकिन उनका शव भी बरामद हो गया है.

शिवानंद चौरसिया उत्तर प्रदेश के देवरिया के हैं.

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की निंदा की है लेकिन अपने बयान में अमेरिका का नाम तक नहीं लिया था.

हालांकि सोमवार को पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मैरीवेक्स पर अमेरिकी हमले के उलट भारत ने बुधवार को हुए हमले की खुलकर निंदा की.

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर कज़ाखस्तान की यात्रा पर थे, इसलिए अमेरिकी दूतावास के कार्यवाहक प्रमुख को तलब किया गया.

मैरीवेक्स पर मौजूद 24 भारतीय नाविकों को भी ओमान की सेना ने सुरक्षित बचा लिया था. अमेरिका इस जहाज़ पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुका था.

सेटेबेलो जहाज़ पर मौजूद 21 भारतीय नाविकों को बचा लिया गया है. यह जहाज़ अमेरिकी सेना की ओर से दागे गए 'प्रिसिजन म्यूनिशन्स' की चपेट में आया था.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर सेटेबेलो ने ईरान से तेल ले जाते हुए जारी नाकाबंदी का उल्लंघन किया था.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर जारी बयान में कहा, "अमेरिकी बलों की ओर से बार-बार चेतावनी देने के बावजूद जहाज़ के चालक दल ने नज़रअंदाज़ किया. इसके बाद एक अमेरिकी विमान ने जहाज़ के इंजन को निशाना बनाते हुए सटीक हथियारों से हमला किया."

अमेरिकी सेना ने इस कार्रवाई का एक वीडियो भी जारी किया है.

इस घटना ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, ख़ासकर तब जब इस हमले में भारतीय नाविकों की जान गई है.

तेल टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले के बाद भारत ने अमेरिका के साथ कड़ा विरोध दर्ज कराया है.

भारत सरकार ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जेसन मीक्स को तलब किया और इस घटना पर विरोध जताया.

यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब केवल दो दिन पहले ही ओमान के तट के पास अमेरिकी बलों ने एक अन्य तेल टैंकर मैरीवेक्स को निशाना बनाया था. इसमें से 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाला गया था.

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार की घटना की निंदा करते हुए कहा, "ओमान स्थित भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है. खोज और बचाव अभियान के लिए ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय तालमेल कर रहा है."

समुद्री ख़ुफ़िया वेबसाइट लॉयड्स लिस्ट के अनुसार, सेटेबेलो उन कई जहाज़ों में शामिल था जो हाल के दिनों में ओमान के दुक़्म बंदरगाह के पास रुके हुए थे और कथित तौर पर अमेरिकी नौसेना की निगरानी में थे.

इससे पहले यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने एक अलर्ट जारी कर बताया था कि ओमान के सोहर से लगभग 20 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक टैंकर के इंजन रूम में आग लग गई है और स्थानीय अधिकारी चालक दल को निकालने में सहायता कर रहे हैं.

अलर्ट के अनुसार, जहाज़ पर एक व्यक्ति की मौत हुई थी और दो अन्य लापता बताए गए थे.

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में कारोबारी जहाज़ों पर लगातार हो रहे हमले गहरी चिंता के विषय हैं.

भारत ने ज़ोर देकर कहा कि क्षेत्र में कारोबारी जहाज़ों और सिविल इन्फ़्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना बंद होना चाहिए. अंतरराष्ट्रीय क़ानून के अनुरूप समुद्री मार्गों पर स्वतंत्र और निर्बाध आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जानी चाहिए.

सैन्य टकराव की आशंका बढ़ी

जहाज़ों की निगरानी करने वाली वेबसाइटों के अनुसार, सेटेबेलो पहले भी चीन जा चुका था. उसने मार्च और अप्रैल में दो बार चीन की यात्रा की थी.

अप्रैल के अंत से मई की शुरुआत तक उसने लियानयुंगांग बंदरगाह पर माल उतारा था और 12 मई को सिंगापुर से रवाना हुआ था.

13 अप्रैल से अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की थी, जब तेहरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की आवाजाही पर प्रतिबंध और नियंत्रण कड़ा कर दिया था.

इस घटना ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव, समुद्री व्यापार की सुरक्षा और विदेशी संघर्षों में फंसे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

इस बीच ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. अमेरिका ने ईरान पर फिर से हमला शुरू कर दिया है.

ट्रंप ने आरोप लगाया है कि ईरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने में 'बहुत ज़्यादा समय' ले रहा है और 'अमेरिका को मूर्ख बना रहा है.'

यह युद्ध 28 फ़रवरी को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत हो गई थी.

इसके जवाब में ईरान ने इसराइल और अमेरिका के सहयोगी खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू किए.

À surveiller

Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes

  • भारत अमेरिका के साथ कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से इस मुद्दे को उठाना जारी रखेगा।

    Très probable · En quelques semaines

  • खाड़ी क्षेत्र में समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ेंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस पर चर्चा होगी।

    Probable · En quelques mois

  • ईरान और अमेरिका के बीच तनाव में वृद्धि जारी रह सकती है।

    Possible · En quelques mois

Questions ouvertes

  • क्या अमेरिकी हमले का कोई निवारक प्रभाव होगा?
  • क्या इस घटना से भारत-अमेरिका संबंधों पर असर पड़ेगा?
  • क्या ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ेगा?
  • क्या भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई कदम उठाए जाएंगे?

Sujets liés

This article was originally published by BBC हिंदी.

Articles liés