Dernière minute
INTLIran-US War Latest: Khamenei Funeral Procession Begins in Tehran Amid Threats Against TrumpPLFale upałów i burze w USA: 25 ofiar śmiertelnych, ostrzeżenia przed powodziamiFRLa France se prépare au retour de la caniculeARعمدة نيويورك يحذر من فيضانات مفاجئة بسبب أمطار غزيرة وعواصف رعديةARمنظمة الصحة العالمية تعلن تفشي إيبولا في الكونغو وأوغندا حالة طوارئ صحية عامةRUФрагменты БПЛА упали в Ленинградской областиSEErika Bjerström lämnade SVT efter hot och hatTRIndieGala, 167 TL Değerindeki Whiskey Mafia: Leo's Family Oyununu Ücretsiz DağıtıyorCNSecurity Guard Recounts Ordeal After Venezuela EarthquakeRUMishustin to Address Innoprom Exhibition, Meet EAEU CounterpartsINTLIran-US War Latest: Khamenei Funeral Procession Begins in Tehran Amid Threats Against TrumpPLFale upałów i burze w USA: 25 ofiar śmiertelnych, ostrzeżenia przed powodziamiFRLa France se prépare au retour de la caniculeARعمدة نيويورك يحذر من فيضانات مفاجئة بسبب أمطار غزيرة وعواصف رعديةARمنظمة الصحة العالمية تعلن تفشي إيبولا في الكونغو وأوغندا حالة طوارئ صحية عامةRUФрагменты БПЛА упали в Ленинградской областиSEErika Bjerström lämnade SVT efter hot och hatTRIndieGala, 167 TL Değerindeki Whiskey Mafia: Leo's Family Oyununu Ücretsiz DağıtıyorCNSecurity Guard Recounts Ordeal After Venezuela EarthquakeRUMishustin to Address Innoprom Exhibition, Meet EAEU Counterparts
Newsgather
Backदो वर्षीय ज्ञानेश्वरी की तलाश जारी, ताड़ के तेल के बागान में 40 एकड़ में तलाशी अभियान
दो वर्षीय ज्ञानेश्वरी की तलाश जारी, ताड़ के तेल के बागान में 40 एकड़ में तलाशी अभियान
Urgent
BBC हिंदी19.06.2026Other4 dk okumaIndia

दो वर्षीय ज्ञानेश्वरी की तलाश जारी, ताड़ के तेल के बागान में 40 एकड़ में तलाशी अभियान

L'essentiel

काकीनाडा ज़िले के डोंडावका पंचायत सीएच अग्रहारम में एक ताड़ के तेल के बागान में अपने पिता की तलाश करते हुए लापता हुई दो वर्षीय ज्ञानेश्वरी की तलाश जारी है. एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़ की टीमें, ड्रोन ऑपरेट करने वाली टीमें, पुलिस और स्थानीय लोग 40 एकड़ के ताड़ के तेल के बागान और 500 एकड़ के पहाड़ी क्षेत्र में बच्ची की तलाश कर रहे हैं.

Résumé généré par IA

Pourquoi c'est important

दो वर्षीय ज्ञानेश्वरी 6 जून को काकीनाडा ज़िले के डोंडावका पंचायत सीएच अग्रहारम में एक ताड़ के तेल के बागान से लापता हो गई थी, जहाँ उसके पिता केयरटेकर के रूप में काम करते हैं. कई दिनों की तलाशी के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला है.

Taille de police

Author, लक्कोजू श्रीनिवास

पदनाम, बीबीसी तेलुगु के लिए

प्रकाशित 9 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 8 मिनट

काकीनाडा ज़िले के डोंडावका पंचायत सीएच अग्रहारम में एक ताड़ के तेल के बागान में अपने पिता की तलाश करते हुए लापता हुई दो वर्षीय ज्ञानेश्वरी की तलाश जारी है.

कई दिन बीत चुके हैं और उसका कोई पता नहीं चल पाया है. एसडीआरएफ़, एनडीआरएफ़ की टीमें, ड्रोन ऑपरेट करने वाली टीमें, पुलिस और स्थानीय लोग 40 एकड़ के ताड़ के तेल के बागान और 500 एकड़ के पहाड़ी क्षेत्र में बच्ची की तलाश कर रहे हैं.

ख़राब मौसम के बावजूद तलाशी अभियान जारी है.

ताड़ के तेल के बागान, झाड़ियाँ, नहरें, तालाब, कुएं, खाली घर... हर उस जगह की जाँच की जा रही है जहाँ किसी बच्चे के मौजूद होने की संभावना हो सकती है.

आम गुमशुदा लोगों के मामलों के विपरीत, इस मामले में पुलिस द्वारा व्यापक तलाशी अभियान चलाने के बावजूद बच्ची का कोई सुराग क्यों नहीं मिला है?

अब तक तलाशी अभियान कैसा चल रहा है? पुलिस की अगली योजना क्या है?

उस दिन हुआ क्या था?

दो वर्षीय ज्ञानेश्वरी 6 जून को लापता हो गई थी. उसके पिता सुनकारगणेश काकीनाडा ज़िले के डोंडावका पंचायत सीएच अग्रहारम में एक ताड़ के तेल के बागान में केयरटेकर के रूप में काम करते हैं. उनका परिवार वहीं रहता है.

गणेश, उनकी पत्नी भवानी, उनके बच्ची ज्ञानेश्वरी और छह महीने की दूसरी बेटी 40 एकड़ के बगीचे में रहते हैं. गणेश के माता-पिता भी उनके साथ रहते हैं. वे सभी बगीचे के बीचों-बीच लगभग 80 गज में बनी दो मंजिला कंक्रीट की इमारत में रहते हैं.

बच्ची के माता-पिता, भवानी और गणेश ने बीबीसी को बताया कि 6 जून को क्या हुआ था.

ज्ञानेश्वरी की मां सुनकारा भवानी ने बताया, "शनिवार की सुबह बच्ची हमारे साथ थी. उसके पिता बगीचे में कुछ काम करने गए थे. उनके जाने के बाद, बच्ची भी उनके साथ कुछ दूर तक, आम के पेड़ के पास तक गई. फिर वह बच्ची को वापस ले आए. जब मैं छोटी बेटी (दूसरी बेटी) को नहला रही थी, तब उन्होंने ज्ञानेश्वरी को दीवार के पास छोड़कर कहा कि जब तक वह बगीचे में काम करने जा रहे हैं, तब तक वह बच्ची का ध्यान रखे."

"मैंने ज्ञानेश्वरी को गोद में ले लिया. वह रोने लगी कि उसके पिता जा रहे हैं. उसी समय, घर में छोटी बेटी ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी. मैं छोटी बेटी को दूध पिलाने के लिए अंदर चली गई. क्योंकि बड़ी बेटी आमतौर पर इधर-उधर खेलती रहती है या अपने पिता के साथ रहती है."

माता-पिता ने बीबीसी को बताया कि बच्ची अपने पिता के पीछे-पीछे गई और बगीचे के बीचों-बीच बने रास्ते से गायब हो गई.

6 जून से तलाशने के बावजूद...

गृह मंत्री वंगलपुडी अनीता ने खोज अभियान का विवरण देते हुए बताया, "लड़की के लापता होने का समय लगभग 11 बजकर 50 मिनट था. उस समय उसे घर के बाहर जाते हुए देखा गया था. उसके बाद से वह वापस नहीं लौटी. एसडीआरएफ़ की टीमें तैनात कर दी गई हैं. हमने ज़िले के सभी क्षेत्रों के पुलिसकर्मियों को तलाशी अभियान में शामिल किया है."

"हमने पहाड़ी से तलाशी शुरू कर दी है. हमने वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञों, जिन्हें 'हनुमान टीम' के नाम से जाना जाता है, को भी इसमें शामिल किया है. एसपी का कहना है कि इस जंगल में नीचे जाने का केवल एक ही रास्ता है."

'एक भी सुराग नहीं मिल पाया'

गृह मंत्री ने कहा कि बच्ची की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है.

उन्होंने कहा, "हम कई लोगों द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार कर रहे हैं घर-घर जाकर तलाशी लेने से कई ग्रामीणों को परेशानी हुई; कुछ लोगों ने हमारी और विभाग की आलोचना भी की. फिर भी, हम आस-पास के सभी गांवों की अच्छी तरह से तलाशी ले रहे हैं."

मंत्री ने कहा कि इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि क्या बच्ची को जंगली जानवर उठा ले गए थे या उसका अपहरण किया गया है.

आम तौर पर, गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में कुछ घंटों के भीतर कोई न कोई सुराग मिल जाता है. लेकिन इस मामले में, कई दिन बीत जाने के बाद भी कोई सबूत न मिलने से जांच अधिकारियों के लिए चुनौती खड़ी हो गई है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि तुनी कस्बे के आसपास के इलाक़ों में इस तरह का तलाशी अभियान पहले कभी नहीं चलाया गया... और उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं है कि बच्चों के अपहरण जैसी कोई घटना यहां दर्ज की गई है.

बाड़ से बंधी गुड़ियाएं

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बच्ची को कोई जानवर उठाकर ले गया था, क्योंकि यह जंगल का इलाक़ा है और घटना ताड़ के तेल के बागान में हुई है. पुलिस ने यह पता लगाने के लिए कुछ खिलौने लगाए हैं कि क्या इलाके में कोई जानवर घूम रहे हैं. उन्होंने इन खिलौनों को बागान की बाड़ से बांध दिया है.

हालांकि, बगीचे की बाड़ से लटकी हुई मिली मूर्तियों को लेकर सोशल मीडिया पर काफ़ी अटकलें लगाई जा रही हैं.

ज्ञानेश्वरी की मां, सुनकारा भवानी ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया कि ये आकृतियां यह देखने के लिए रखी गई थीं कि क्या कोई जानवर आने की संभावना है.

पुलिस पहले से ही आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फ़ुटेज की जांच कर रही है, जिसमें संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड और स्थानीय जानकारी का भी विश्लेषण किया जा रहा है.

चिन्ना राव नाम के एक स्थानीय निवासी ने कहा, "यहां सिर्फ स्थानीय लोग ही रहते हैं. ज़्यादातर लोग 10 किलोमीटर के दायरे से ही आते हैं. इस तरफ़ के गाँव से लगभग दस लोग आते हैं और दूसरी तरफ़ से भी दस लोग. इस इलाके के बाहर से कोई यहाँ नहीं आता."

कुत्ते की मौत से रहस्य गहराया

बच्ची के साथ वापस लौटे पालतू कुत्ते की मौत भी इस मामले में एक और रहस्य बन गई है.

ज्ञानेश्वरी की मां ने कहा, "कुत्ते की अचानक मौत ने इस बात को लेकर मेरी आशंकाओं को और बढ़ा दिया है कि बच्ची वापस आएगी भी या नहीं, वह कहां है और कैसी है."

उन्होंने कहा, "मुझे किसी पर शक नहीं है." वह यह भी कहती हैं कि वह अपने आसपास किसी को नहीं जानती थी और उस दिन क्या हुआ होगा, इसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकती थी.

गृह मंत्री अनीता अनी ने कहा, "छह महीने से जिस पालतू कुत्ते को वे पाल रहे थे, घर लौटने के बाद उसका व्यवहार असामान्य हो गया. बाद में उसकी मौत हो गई. हम कुत्ते की मौत का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं. हमने शव को फोरेंसिक जांच के लिए भी भेज दिया है. जब डॉक्टरों से पूछा गया कि क्या उसे किसी सांप ने काटा था, तो प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है."

तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण

हालांकि, इन सभी प्रयासों के बावजूद... ज्ञानेश्वरी का अभी तक पता न चल पाना इस मामले को और भी रहस्यमय बना देता है.

Questions ouvertes

  • बच्ची का कोई सुराग क्यों नहीं मिला?
  • क्या बच्ची को किसी जानवर ने उठाया?
  • पालतू कुत्ते की मौत का कारण क्या था?

Sujets liés

This article was originally published by BBC हिंदी.

Articles liés

मोहनजोदड़ो की 'डांसिंग गर्ल' की नग्नता पर बहस: एनसीईआरटी ने तस्वीर को धुंधला क्यों किया?
En développement·23.06.2026

मोहनजोदड़ो की 'डांसिंग गर्ल' की नग्नता पर बहस: एनसीईआरटी ने तस्वीर को धुंधला क्यों किया?

एनसीईआरटी की कला पुस्तक में मोहनजोदड़ो की 'डांसिंग गर्ल' की कांस्य प्रतिमा के नग्न शरीर को धुंधला करने पर विवाद छिड़ गया। विशेषज्ञों की आलोचना के बाद, एनसीईआरटी ने तस्वीर को उसके मूल रूप में बहाल करने का फैसला किया है।

BBC हिंदी