Dernière minute
TR15 Temmuz Suikast Girişimi Faili Burkay Karatepe Afyonkarahisar'da YakalandıAUFIFA scraps World Cup stake sale plan after widespread backlashTRManavgat'ta yüksek ses cezasına tepki olarak ses sistemini yaktıDETausende Migranten strömen nach Ceuta: Mindestens 67 ToteRUНа Запорожской АЭС произошло кратковременное отключение внешнего энергоснабженияTRProf. Dr. Hüseyin Toros'tan 'eyyam-ı bahur' ve iklim değişikliği uyarısıINSolomon Siren Sculpture Commemorates Lost Island and Climate Change ImpactESFIFA desiste de crear filial para comercializar la Copa del Mundo tras oposiciónESFeijóo acusa al Gobierno de inacción ante la "ocupación premeditada" de CeutaTRFenerbahçe'nin Santrfor Transferinde Hedefleri: Guirassy ve SörlothTR15 Temmuz Suikast Girişimi Faili Burkay Karatepe Afyonkarahisar'da YakalandıAUFIFA scraps World Cup stake sale plan after widespread backlashTRManavgat'ta yüksek ses cezasına tepki olarak ses sistemini yaktıDETausende Migranten strömen nach Ceuta: Mindestens 67 ToteRUНа Запорожской АЭС произошло кратковременное отключение внешнего энергоснабженияTRProf. Dr. Hüseyin Toros'tan 'eyyam-ı bahur' ve iklim değişikliği uyarısıINSolomon Siren Sculpture Commemorates Lost Island and Climate Change ImpactESFIFA desiste de crear filial para comercializar la Copa del Mundo tras oposiciónESFeijóo acusa al Gobierno de inacción ante la "ocupación premeditada" de CeutaTRFenerbahçe'nin Santrfor Transferinde Hedefleri: Guirassy ve Sörloth
Newsgather
Retourप्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी: महिला के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज
प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी: महिला के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज
En développement
BBC हिंदीil y a 4 heuresCrime3 min de lectureIndia

प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी: महिला के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज

L'essentiel

नोएडा पुलिस ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक महिला के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की है। शिकायत में अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल और सार्वजनिक शांति भंग करने का आरोप है।

Résumé généré par IA

Pourquoi c'est important

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर एक महिला के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस द्वारा इसी तरह के सोशल मीडिया पोस्ट पर एफ़आईआर दर्ज करने के बाद हुई है।

Taille de police

दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में नोएडा पुलिस ने एक महिला के ख़िलाफ़ ज़ीरो एफ़आईआर दर्ज की है।

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को एक अधिकारी ने बताया कि ग़ाज़ियाबाद निवासी स्मृति सिंह ने बुधवार को एक्सप्रेसवे थाने में नोएडा निवासी युवती के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में स्मृति सिंह ने आरोप लगाया कि युवती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन टिप्पणियों ने न केवल संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई बल्कि जानबूझकर नफ़रत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने का भी प्रयास किया।"

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जान-बूझकर अपमान), धारा 353(1) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) और धारा 356 (1) (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया है।

ज़ीरो एफ़आईआर का मतलब है कि कथित अपराध या घटना कहीं भी हुई हो, शिकायत किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराई जा सकती है। इसके बाद मामले को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने में भेज दिया जाता है।

सीजेपी ने क्या कहा?

अधिकारियों के मुताबिक़, एफ़आईआर को संसद मार्ग थाने स्थानांतरित कर दिया गया है। एक अधिकारी ने कहा, "जिन पर आरोप है वो फ़िलहाल फ़रीदाबाद की निवासी हैं और पहले नोएडा में रहती थीं। हमने एफ़आईआर संबंधित क्षेत्राधिकार वाले थाने को भेज दी है, जहाँ आगे की जांच की जाएगी।"

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली पुलिस ने भी जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ कथित आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के मामले में एफ़आईआर दर्ज की है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से ऐसी सामग्री हटाने को कहा है।

सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन के एक वायरल वीडियो को एफ़आईआर का कारण बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को भी कथित रूप से अपमानजनक तरीक़े से घसीटा गया है। यह वीडियो बाद के दिनों में सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर हुआ था।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि युवती की टिप्पणियां ग़लत हो सकती है, लेकिन इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

सौरव दास ने एक्स पर लिखा है, ''उनके ख़िलाफ़ आपराधिक क़ानून का इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है। अपशब्दों का इस्तेमाल अपने आप में आपराधिक मामला नहीं बनता। लोकसभा के लगभग 50% सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें क़रीब 100 सांसद बीजेपी के हैं। पुलिस को अपनी ऊर्जा उनके मामलों पर लगानी चाहिए, किसी 25 वर्षीय युवती को निशाना बनाने पर नहीं। युवाओं का उत्पीड़न तुरंत बंद होना चाहिए।''

सौरव ने कहा, "अगर किसी ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया है जो अपमानजनक है, तो संबंधित व्यक्ति उसके ख़िलाफ़ दीवानी या आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज करा सकता है। लेकिन प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ आपराधिक क़ानून का इस्तेमाल करना निंदनीय है।''

''केवल आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल के आधार पर किसी को सज़ा नहीं दी जानी चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा कि वह भाषा सही थी। वह ग़लत हो सकती है, किसी को आपत्तिजनक लग सकती है, लेकिन यह आपराधिक कार्रवाई करने का आधार नहीं होना चाहिए। इससे लोगों में डर का माहौल बनता है। मुझे नहीं लगता कि यह किसी के लिए, ख़ासकर युवाओं के लिए, स्वीकार्य है।"

दास ने आगे कहा, "साथ ही मैं युवा पीढ़ी से अनुरोध करूंगा कि वे अपने शब्दों और दूसरों के लिए इस्तेमाल की जाने वाली भाषा को लेकर सावधान रहें। लेकिन इसके बावजूद आपराधिक क़ानून का इस्तेमाल करना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। ऐसा नहीं होना चाहिए। हम पुलिस से भी अपील करते हैं कि वह संयम बनाए रखे और अपनी शक्तियों का किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए दुरुपयोग न करे।"

वहीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, "25 साल की प्रदर्शनकारी के ख़िलाफ़ सरकारी मशीनरी का इतनी बदले की भावना से इस्तेमाल करना शर्मनाक है। यह सरकार कभी नहीं सुधरेगी। किसी को भी इन पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए।"

इससे पहले, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली के जंतर-मंतर और देश के विभिन्न राज्यों में हाल में कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के ख़िलाफ़ कोई दंडात्मक कार्रवाई (कोअर्सिव ऐक्शन) न की जाए, वहीं अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत उन लोगों को नहीं मिलेगी जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है।

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि पुलिस की कथित ज़्यादतियों के आरोप प्रथम दृष्टया निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग करते हैं। अदालत ने संकेत दिया कि वह इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने पर विचार कर रही है।

À surveiller

Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes

  • सुप्रीम कोर्ट जंतर-मंतर प्रदर्शनों की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित कर सकता है।

    Probable · En quelques semaines

  • ज़ीरो एफ़आईआर को संबंधित क्षेत्राधिकार वाले संसद मार्ग थाने में आगे की जांच के लिए स्थानांतरित किया जाएगा।

    Très probable · En quelques jours

Questions ouvertes

  • महिला की पहचान क्या है?
  • जांच में क्या निष्कर्ष निकलेगा?
  • सुप्रीम कोर्ट समिति कब गठित होगी?

Sujets liés

This article was originally published by BBC हिंदी.

Articles liés

कंगना रनौत ने नीट पेपर लीक विरोधी आंदोलन पर किया विवादित बयान, 'जेन ज़ी पीढ़ी' को कहा 'गटर जेनरेशन'
Crime·il y a 1 heure

कंगना रनौत ने नीट पेपर लीक विरोधी आंदोलन पर किया विवादित बयान, 'जेन ज़ी पीढ़ी' को कहा 'गटर जेनरेशन'

बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने नीट पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन पर विवादित टिप्पणी की, उन्होंने युवा पीढ़ी को 'गटर जेनरेशन' कहा

BBC हिंदी
9 min de lecture
निर्मल पुर्जा की मौत: ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में मरे सभी 10 पर्वतारोही
DERNIÈRE MINUTE·il y a 2 heures

निर्मल पुर्जा की मौत: ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में मरे सभी 10 पर्वतारोही

दुनिया के मशहूर पर्वतारोही निर्मल 'निम्स दाई' पुर्जा की ब्रॉड पीक पर हुए हिमस्खलन में मौत हो गई है. उनके साथ अभियान दल के सभी 10 सदस्यों की जान चली गई है.

BBC हिंदी
7 min de lecture
23 साल बाद माँ को मिला बेटा, जिसे पंजाब में 15 साल तक रखा गया था बंधुआ
Crime·il y a 3 heures

23 साल बाद माँ को मिला बेटा, जिसे पंजाब में 15 साल तक रखा गया था बंधुआ

तमिलनाडु की एक माँ ने 23 साल की तलाश के बाद अपने बेटे को पंजाब से वापस पाया, जिसे 15 साल तक बंधुआ बनाकर रखा गया था

BBC हिंदी
24 min de lecture
Indian National Wanted in Canada for Alleged Psychic Fraud Scheme
En développement·il y a 4 heures

Indian National Wanted in Canada for Alleged Psychic Fraud Scheme

Toronto Police are seeking Gangadhar Babu, a 29-year-old Indian national, for allegedly defrauding a victim of over $5,000 by posing as a psychic and spiritual healer. Babu, operating as "Indian Psychic and Spiritual Healer," exploited the victim's belief in the supernatural, threatening harm to them and their loved ones unless payments continued. Police believe he has fled to India.

TOI World
1 min de lecture
Plus sur ce sujetजंतर-मंतर