Dernière minute
CRYPTO-FRLe Clarity Act sur les cryptomonnaies reporté au Sénat américain avant les vacancesFRGuerre en Ukraine : la progression russe au ralenti face à la résistance ukrainienneFRTour de France femmes 2026 : le peloton s'élance pour l'étape reine au mont VentouxCRYPTO-FRBataille de gouvernance chez Ondo Finance : le géant du RWA au cœur d'une tempête juridiqueFRVerrerie Duralex : trois candidats en lice pour la repriseFR« Restez chez vous » : le FLNC rejette l'autonomie de la Corse et menace les nouveaux arrivantsFRVaste campagne de cyberattaques contre les réseaux d'eau potable américainsFRUne éclipse solaire totale visible en Europe de l'Ouest et en France le 12 aoûtFRMétéo : une nouvelle vague de fortes chaleurs attendue en France dès ce week-endFRAude : un incendie à Montséret après un accident de la routeCRYPTO-FRLe Clarity Act sur les cryptomonnaies reporté au Sénat américain avant les vacancesFRGuerre en Ukraine : la progression russe au ralenti face à la résistance ukrainienneFRTour de France femmes 2026 : le peloton s'élance pour l'étape reine au mont VentouxCRYPTO-FRBataille de gouvernance chez Ondo Finance : le géant du RWA au cœur d'une tempête juridiqueFRVerrerie Duralex : trois candidats en lice pour la repriseFR« Restez chez vous » : le FLNC rejette l'autonomie de la Corse et menace les nouveaux arrivantsFRVaste campagne de cyberattaques contre les réseaux d'eau potable américainsFRUne éclipse solaire totale visible en Europe de l'Ouest et en France le 12 aoûtFRMétéo : une nouvelle vague de fortes chaleurs attendue en France dès ce week-endFRAude : un incendie à Montséret après un accident de la route
Newsgather
Retourदुनिया की सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन ने सूरज की सतह की पहली हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें कैद कीं
दुनिया की सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन ने सूरज की सतह की पहली हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें कैद कीं
Science
BBC हिंदीhierScience2 min de lectureIndia

दुनिया की सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन ने सूरज की सतह की पहली हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें कैद कीं

वैज्ञानिकों ने इनोए सोलर टेलीस्कोप की मदद से सूरज की सतह पर बनने वाले भंवरों और चुंबकीय गतिविधियों की बेहद स्पष्ट तस्वीरें हासिल की हैं।

L'essentiel

दुनिया की सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन का उपयोग करके वैज्ञानिकों ने सूरज की सतह की अब तक की सबसे हाई-रिजॉल्यूशन तस्वीरें और वीडियो कैद किए हैं, जिससे अंतरिक्ष मौसम को समझने में मदद मिलेगी।

Résumé généré par IA

Pourquoi c'est important

वैज्ञानिकों ने इनोए सोलर टेलीस्कोप का उपयोग करके सूरज की सतह पर चुंबकीय क्षेत्र और गर्म गैसों की हलचल का अध्ययन किया है।

Taille de police

Author, विक्टोरिया गिल

पदनाम, विज्ञान संवाददाता

प्रकाशित एक घंटा पहले

पढ़ने का समय: 4 मिनट

दुनिया की सबसे शक्तिशाली सौर दूरबीन का इस्तेमाल कर वैज्ञानिकों ने पहली बार सूरज की सतह की अब तक की सबसे हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें और वीडियो कैद किए हैं.

इन तस्वीरों में सूरज की सतह पर बनने वाले ऐसे 'भंवर' (व्हर्लपूल) दिखाई दिए हैं, जिन्हें पहले कभी इतने साफ़ तौर पर नहीं देखा जा सका था.

ये भंवर सूरज के चुंबकीय क्षेत्र (मैग्नेटिक फ़ील्ड) और उसके भीतर मौजूद बेहद गर्म गैसों की लगातार होने वाली हलचल से बनते हैं.

वैज्ञानिकों के मुताबिक़, यही लगातार घूमती हुई गतिविधियां सूरज से निकलने वाले शक्तिशाली ऊर्जा विस्फोटों की बड़ी वजह हैं.

इन्हीं से पैदा होने वाला 'स्पेस वेदर' (अंतरिक्ष मौसम) पृथ्वी के बिजली ग्रिड, संचार और नेविगेशन उपग्रहों को प्रभावित कर सकता है. इतना ही नहीं, अंतरिक्ष में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भी यह ख़तरा बन सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रीय सौर वेधशाला (एनएसओ) से जुड़े डॉक्टर डेविड बोबोल्ट्ज़ कहते हैं, "सूर्य उस ऊर्जा और उस समस्त अंतरिक्ष मौसम का स्रोत है. सूरज ही उस ऊर्जा और पूरे स्पेस वेदर का स्रोत है."

उन्होंने कहा कि सूरज की पहले से कहीं अधिक हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष मौसम को बेहतर ढंग से समझने और भविष्य में उसकी सटीक भविष्यवाणी करने में मदद करेंगी.

उनके मुताबिक, "स्पेस वेदर को समझने और भविष्य में उसका पूर्वानुमान लगाने के लिए हमें सूरज की भौतिक प्रक्रियाओं को सबसे छोटे स्तर तक समझना होगा."

ये निष्कर्ष प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका 'नेचर' में प्रकाशित हुए हैं. यह उपलब्धि इनोए सोलर टेलीस्कोप की मदद से संभव हो सकी.

यह दूरबीन हवाई की एक ऊंची पर्वत चोटी पर स्थापित है, जहां साफ़ नीला आसमान और धूल रहित वातावरण बेहद स्पष्ट तस्वीरें लेने में मदद करता है.

सूरज की सतह पर ज़ूम करने पर वैज्ञानिकों ने घूमते हुए भंवरों (वॉर्टिसीज़) की बेहद हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें कैद कीं.

नेशनल सोलर ऑब्ज़र्वेटरी (एनएसओ) के खगोल वैज्ञानिक डॉ. डेविड कुरिद्ज़े ने बीबीसी न्यूज़ से कहा, "ये घूमती हुए मोशंस चुंबकीय ऊर्जा पैदा करती हैं. यही ऊर्जा जमा होकर आगे चलकर बड़े पैमाने पर होने वाले सौर विस्फोटों की वजह बन सकती है."

अंतरिक्ष का विस्फोटक मौसम

वैज्ञानिकों ने सूरज पर जिस नई घटना का पता लगाया है, उसे 'केल्विन-हेल्महोल्ट्ज़ अस्थिरता' कहा जाता है.

यह घटना तब होती है, जब दो तरल या गैसीय परतें ( इस मामले में सूरज की बेहद गर्म गैसें) एक-दूसरे के समानांतर अलग-अलग गति से बहती हैं.

इससे पैदा हुई छोटी-छोटी हलचलें धीरे-धीरे घूमते हुए भंवरों (वॉर्टिसीज़) का रूप ले लेती हैं.

समुद्र में भी यही प्रक्रिया छोटी लहरों को समय के साथ विशाल और शक्तिशाली लहरों में बदलने की वजह बनती है.

नेशनल सोलर ऑब्जर्वेटरी (एनएसओ) के वैज्ञानिक डॉ. फ़्रेडरिक वोएगर ने बताया कि सूरज की सतह पर इस घटना की पुष्टि होने से न केवल स्पेस वेदर के पीछे की प्रक्रियाओं को समझने में मदद मिलेगी, बल्कि यह भी समझा जा सकेगा कि सूरज की सतह इतनी अधिक गर्म क्यों होती है.

बोबोल्ट्ज़ ने कहा कि अंतरिक्ष मौसम को समझने और उससे खुद को बचाने की व्यावहारिक ज़रूरत के साथ-साथ, नए निष्कर्ष इस बात की याद दिलाते हैं कि सूर्य एक 'अद्वितीय प्रयोगशाला' है.

उन्होंने कहा, "यह हमारा सबसे निकटतम तारा है. और यह हमें भौतिकी के कुछ बहुत ही बुनियादी नियमों को समझने में मदद कर सकता है."

"आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत का पहला प्रायोगिक प्रमाण सूर्य ग्रहण के दौरान किए गए ऑब्ज़र्वेशन से मिला था."

उन्होंने कहा, "इसलिए मानव ज्ञान को आगे बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रयोग बेहद ज़रूरी हैं."

Questions ouvertes

  • इन नई तस्वीरों से भविष्य में अंतरिक्ष मौसम की भविष्यवाणी कितनी सटीक होगी?

Sujets liés

This article was originally published by BBC हिंदी.

Articles liés

रॉकेट के चांद से टकराने की घटना को वैज्ञानिकों के लिए 'गिफ़्ट' क्यों कहा जा रहा है?
Science·hier

रॉकेट के चांद से टकराने की घटना को वैज्ञानिकों के लिए 'गिफ़्ट' क्यों कहा जा रहा है?

स्पेसएक्स का एक पुराना फ़ॉल्कन 9 रॉकेट चंद्रमा से टकरा गया है, जिससे बने गड्ढे और मलबे का अध्ययन करके वैज्ञानिक भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों और चंद्रमा के भूविज्ञान को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

BBC हिंदी
3 min de lecture