सोनम वांगचुक का अनशन तोड़ने में बीजेपी नेताओं की भूमिका; सीजेपी से बढ़ता फ़र्क़
सोनम वांगचुक ने सरकार के दो मंत्रियों के साथ बातचीत के बाद अनशन तोड़ा, सीजेपी ने अलग रुख़ अपनाया
L'essentiel
लद्दाख के अभियात्री सोनम वांगचुक ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं के विरोध में 26 दिन के अनशन के बाद बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में उपवास तोड़ दिया। सीजेपी ने अलग रुख़ अपनाया, जिसे लेकर विश्लेषकों ने सवाल उठाए हैं।
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सोनम वांगचुक ने परीक्षा संबंधी अनियमितताओं के विरोध में अनशन शुरू किया था।
सोनम वांगचुक को जब दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को जंतर मंतर से जबरन उठाकर सफ़दरजंग हॉस्पिटल में शिफ़्ट किया तो उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने तीखी नाराज़गी व्यक्त की थी। गीतांजलि ने कहा था कि बिना सहमति के मुँह या नसों के ज़रिए सोनम को कुछ भी नहीं दिया जाए। लेकिन एक दिन बाद ही गीतांजलि ने कहना शुरू कर दिया कि अगर उनसे नेता मिलते हैं और संसद में शिक्षा सुधार के मुद्दे को उठाते हैं तो सोनम वांगचुक अनशन तोड़ देंगे। गीतांजलि ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग भी नहीं दोहराई थी। आख़िरकार गुरुवार आधी रात सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ा और सरकार के दो मंत्रियों ने इसमें भूमिका निभाई।
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सीजेपी और बीजेपी के बीच तनाव बढ़ सकता है।
Probable · En quelques semaines
Questions ouvertes
- अनशन तोड़ने के पीछे क्या था असली कारण?







