पीएम मोदी और अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच फ़ोन पर बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ़ोन पर बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा हुई।
L'essentiel
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस से फ़ोन पर बातचीत की। यह बातचीत अमेरिकी सीनेट द्वारा रूस से ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर नए टैरिफ बिल पारित किए जाने के बाद हुई है।
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अमेरिकी सीनेट ने रूस से ऊर्जा ख़रीदने वाले देशों पर टैरिफ लगाने का बिल पारित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शनिवार रात अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने फ़ोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए इसकी जानकारी दी।
दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिकी सीनेट रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़े एक बिल को पारित कर चुका है। इस बिल में रूस से तेल और गैस ख़रीदने वाले देशों पर कड़े टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत भी ऐसे देशों में शामिल है।
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेडी वेंस के साथ बातचीत की जानकारी देते हुए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रूस या प्रस्तावित टैरिफ का कोई ज़िक्र नहीं किया।
उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने 'भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने के तरीक़ों' पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने शनिवार रात क़रीब 11 बजे एक्स पर पोस्ट कर जेडी वेंस के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत की जानकारी दी।
पीएम मोदी ने लिखा, "अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस का फ़ोन आया। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को अहम क्षेत्रों में और मज़बूत करने के तरीक़ों पर चर्चा की।"
उन्होंने आगे लिखा, "उन्हें और सेकंड लेडी को उनके बेटे के जन्म पर बधाई दी और पूरे परिवार को शुभकामनाएं दीं।"
भारत के विदेश मंत्रालय ने फ़ोन पर हुई बातचीत को लेकर जारी प्रेस रिलीज़ में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उप राष्ट्रपति वेंस ने भारत-अमेरिका संबंधों में हुई प्रगति पर चर्चा की।
"दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच लगातार हो रही बातचीत पर संतोष जताया।"
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, नई तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और ज़रूरी खनिजों के क्षेत्र में सहयोग को और मज़बूत करने पर सहमति जताई।
जेडी वेंस की ओर से अभी तक इस फ़ोन कॉल को लेकर सोशल मीडिया पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस को उनके बेटे के जन्म पर बधाई दी।
जेडी वेंस और उषा वेंस के घर 19 जुलाई 2026 को चौथे बच्चे के रूप में बेटे का जन्म हुआ था। उनके बेटे का नाम एलेक नील वेंस रखा गया है।
एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक़, 150 से ज़्यादा वर्षों में यह पहली बार है जब किसी मौजूदा अमेरिकी उप राष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान उनके घर बच्चे का जन्म हुआ है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी वेंस परिवार को बधाई दी थी। उन्होंने लिखा था, "बधाई हो! वेंस परिवार के घर एक बहुत प्यारे बेटे का जन्म हुआ है।"
जेडी वेंस और उषा वेंस के पहले से तीन बच्चे हैं। इनमें 9 साल के इवान, 6 साल के विवेक और 4 साल की मिराबेल शामिल हैं।
अमेरिकी उप राष्ट्रपति बनने के बाद जेडी वेंस अप्रैल 2025 में पहली बार भारत के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर आए थे। वेंस की पत्नी उषा वेंस और उनके बच्चे भी इस यात्रा में उनके साथ भारत आए थे।
21 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री मोदी ने जेडी वेंस से मुलाक़ात की थी। उस समय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों में सहयोग बढ़ाने की दिशा पर चर्चा की थी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक़, दोनों नेताओं ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर हुई प्रगति का स्वागत किया था। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के लोगों के हित में व्यापार को बढ़ावा देना था। इसके अलावा, दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा और नई तकनीक समेत अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की थी।
उप राष्ट्रपति बनने के बाद यह जेडी वेंस की पहली भारत यात्रा थी। अपने दौरे के दौरान वेंस और उनके प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। उन्होंने जयपुर और आगरा का भी दौरा किया था। इसके बाद 24 अप्रैल 2025 को वे वॉशिंगटन डीसी के लिए रवाना हो गए थे।
दोनों नेताओं के बीच हुई यह बातचीत इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे एक दिन पहले, शुक्रवार को अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल और गैस ख़रीदने वाले देशों पर 100 फ़ीसदी तक टैरिफ़ लगाने के प्रावधान वाले नए प्रतिबंध विधेयक को भारी बहुमत से पारित किया था।
'लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग RASHIA एंड ईरान एक्ट' नाम के इस विधेयक के पक्ष में 86 सीनेटरों ने मतदान किया, जबकि 11 ने इसके ख़िलाफ़ वोट दिया।
रूस से सबसे ज़्यादा तेल और गैस आयात करने वाले देशों चीन, भारत, अज़रबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं।
अगर अमेरिका ने भारत को 100 फ़ीसदी टैरिफ़ के दायरे में रखने का फ़ैसला किया तो भारत का तेल आयात बिल काफ़ी बढ़ जाएगा।
हालांकि, बिल के पारित होते ही टैरिफ़ अपने आप लागू नहीं होंगे।
यह राष्ट्रपति को अपने अधिकार के तहत टैरिफ लगाने को मंज़ूरी देता है।
टैरिफ़ कब और किस रूप में लागू होंगे, यह क़ानून के अंतिम स्वरूप और उसके क़ानून बनने के बाद राष्ट्रपति के फ़ैसले पर निर्भर करेगा।
2026 में भारत के रूसी कच्चे तेल के आयात में तेज़ बढ़ोतरी हुई। अकेले जून में इसमें 34 फ़ीसदी की बढ़ोतरी हुई और आयात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
ईरान संघर्ष के दौरान अमेरिका ने कुछ समय के लिए छूट देकर प्रतिबंधों में ढील दी थी, जिसके बाद यह वृद्धि और तेज़ हुई।
भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि रूस से तेल ख़रीदने के उसके फ़ैसले राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा के मद्देनज़र हैं।
कई अमेरिकी सांसद ये आरोप लगाते रहे हैं कि भारत रूस से तेल ख़रीदकर यूक्रेन युद्ध में उसकी मदद कर रहा है।
À surveiller
Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes
अमेरिकी राष्ट्रपति नए टैरिफ कानून के तहत भारत पर शुल्क लगाने का निर्णय ले सकते हैं
Possible · En quelques mois
Questions ouvertes
- क्या अमेरिका भारत पर 100% टैरिफ लागू करेगा?
- रूस से तेल आयात पर भारत का अगला कदम क्या होगा?

