पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को फिर से क्यों गिरफ़्तार किया गया?
त्वरित दृष्टि
दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और अन्य पांच लोगों को एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाले में कथित अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किया है।
एआई-जनित सारांश
यह क्यों मायने रखता है
यह मामला 11 मई, 2024 को दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। जैन को इससे पहले 2022 में ईडी द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था।
दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने मंगलवार को गिरफ़्तार किया है.
जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय समेत छह लोगों को दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्रोजेक्ट्स की टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ़्तार किया गया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एसीबी के हवाले से बताया है कि गिरफ़्तार किए गए अन्य अभियुक्तों में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के पूर्व संविदा सलाहकार अंकित श्रीवास्तव के अलावा नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं.
यह मामला 11 मई, 2024 को दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था. शिकायत में डीजेबी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के विस्तार और अपग्रेडेशन से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता, टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर और आपराधिक साज़िश के आरोप लगाए गए थे.
एसीबी के अनुसार, जांच में सामने आया कि टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें रखी गई थीं, जो कथित तौर पर एक ख़ास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर यूरोटेक इन्वाइरन्मेंट प्राइवेट लिमिटेड के पक्ष में थीं. इससे निजी कंपनी को अनुचित लाभ मिला.
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई, जबकि टेंडर में इस्तेमाल की जाने वाली तकनीक और मीडिया को लेकर प्रतिबंधात्मक शर्तें शामिल की गईं. इसके अलावा, ट्रीट किए गए पानी की गुणवत्ता से जुड़े ज़रूरी मानकों को कथित तौर पर टेंडर से बाहर रखा गया और तकनीकी स्पेशिफिकेशन में बदलाव किए गए, जिसका सरकारी ख़ज़ाने पर महत्वपूर्ण वित्तीय असर पड़ा.
2025 में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जैन और 13 अन्य लोगों के ख़िलाफ़ चार्ज़शीट दाखिल की थी. केंद्रीय एजेंसी के मुताबिक, 17.7 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी एसटीपी से जुड़े चार टेंडर देने में हुई थी.
जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों की जांच के बाद दिल्ली सरकार की एसीबी ने मंगलवार को कहा कि गिरफ़्तार किए गए सभी छह अभियुक्तों से पूछताछ की गई थी और उसके बाद उन्हें गिरफ़्तार किया गया.
जैन की गिरफ़्तारी के बाद आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया. जैन को इससे पहले 2022 में ईडी की ओर से दर्ज एक अन्य मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ़्तार किया गया था और 2024 में उन्हें ज़मानत मिल गई थी.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, "सत्येंद्र जैन जी को एक बार फिर बीजेपी के इशारे पर गिरफ़्तार किया गया है. कुछ ही समय पहले सभी को याद है कि उन्हें किस तरह जेल में डालकर प्रताड़ित किया गया था. पिछला मामला भी झूठा था और यह मामला भी झूठा साबित होगा."
दिल्ली बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस मामले पर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, "दिल्ली को लूटने वालों का असली चेहरा बेनकाब! आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ बड़ा एक्शन! एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी टेंडर घोटाले में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया है. टेंडर में हेराफेरी और करोड़ों की रिश्वत, जनता के पैसे पर यही था आप का 'ईमानदार' मॉडल! जिस पानी और साफ़-सफ़ाई के नाम पर वोट माँगे, उसी पर कमीशनखोरी की. दिल्ली की जनता आप की असलियत पहले ही जान चुकी थी, और अब एक-एक चोरी के जवाब की ज़िम्मेदारी इनकी है. अरविंद केजरीवाल तुम्हारे पाप देश की जनता के सामने हैं!"
एसीबी प्रमुख और जॉइंट पुलिस कमिश्नर विक्रमजीत सिंह ने बताया कि यह मामला 11 मई, 2024 को दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था.
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने एक्स पर लिखा है, ''सत्येन्द्र जैन जी की गिरफ़्तारी बीजेपी की राजनीतिक बदले की कार्रवाई का एक और उदाहरण है. उन्हें पहले भी झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया था और अब एक बार फिर वही कहानी दोहराई जा रही है.''
''सत्ता के अहंकार में बीजेपी शायद भूल गई है कि झूठ और अत्याचार की एक सीमा होती है. आज सरकारी ताक़त का इस्तेमाल करके किसी को डराया जा सकता है, लेकिन सच को हमेशा के लिए दबाया नहीं जा सकता.''
''यह लड़ाई सिर्फ़ सत्येन्द्र जैन जी की नहीं है. यह उस हर व्यक्ति की लड़ाई है जो सत्ता के दुरुपयोग के ख़िलाफ़ खड़ा है. आम आदमी पार्टी पूरी मज़बूती के साथ उनके साथ खड़ी है.''
सत्येंद्र जैन की गिरफ़्तारी पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने एक्स पर लिखा, "अब और कितने सबूत चाहिए कि बीजेपी को आम आदमी पार्टी से डर लगता है."
"जिस जल बोर्ड टेंडर का हवाला दे रहे हैं उस वक्त सत्येंद्र जी जेल में थे, बताओ जेल से कैसे ज़िम्मेदार हो गए? असली वजह ये है कि सत्येंद्र जैन पंजाब के सह प्रभारी हैं और पंजाब में चुनाव आ रहा है."
वहीं, केंद्रीय मंत्री और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "एसटीपी घोटाले और इसमें हुई गिरफ़्तारियों से यह स्पष्ट हो गया है कि केजरीवाल सरकार के 10 साल के शासन में किसी भी नाले पर एक भी एसटीपी नहीं लगाया गया और यही वजह है कि उन 10 वर्षों में यमुना और ज्यादा प्रदूषित हो गई."
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