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महुआ मोइत्रा के दफ़्तर पर अंडे फेंके जाने पर टीएमसी और बीजेपी में वार-पलटवार
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महुआ मोइत्रा के दफ़्तर पर अंडे फेंके जाने पर टीएमसी और बीजेपी में वार-पलटवार

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पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के दफ़्तर पर अंडे फेंके जाने की घटना के बाद बीजेपी और टीएमसी में ज़ुबानी जंग छिड़ गई है. मोइत्रा ने बीजेपी पर हमला कराने का आरोप लगाया, जबकि बीजेपी ने इसे आम नागरिकों का गुस्सा बताया.

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पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के ट्रांजिट कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने अंडे फेंके. इस घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.

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प्रकाशित 11 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 7 मिनट

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने अपने दफ़्तर पर अंडे फेंके जाने की घटना के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को ज़िम्मेदार ठहराया है वहीं बीजेपी ने इसे 'आम नागरिकों का टीएमसी के प्रति ग़ुस्सा' बताया.

महुआ मोइत्रा ने एक्स पर पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और पश्चिम बंगाल पुलिस को टैग करते हुए लिखा, "मुझ पर बीजेपी के गुंडों की अगुआई में हमला हुआ."

इसके बाद महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं के नाम शेयर किए और दावा किया कि उनकी हरकत कैमरे में क़ैद हुई है.

एक जुलाई यानी बुधवार को पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित उनके स्थानीय ट्रांजिट पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने अंडों की बौछार की.

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि इसके पीछे राज्य की सत्ताधारी बीजेपी का हाथ है और पुलिस ने भी घटना को रोकने की कोई कोशिश नहीं की.

जबकि भारतीय जनता पार्टी ने इसके पीछे अपना हाथ होने से इनकार किया और कहा कि ये टीएमसी के प्रति आम लोगों का ग़ुस्सा है जो अब बाहर आ रहा है.

महुआ मोइत्रा के आरोप

महुआ मोइत्रा ने कुछ घंटों पहले एक वीडियो पोस्ट करके आरोप लगाया था कि राज्य के डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता उनका फ़ोन नहीं उठा रहे हैं.

उन्होंने कहा, "मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में अपने दफ़्तर में कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग कर रही थी. तभी बीजेपी वर्कर्स की भारी भीड़ बाहर जमा हो गई और उन्होंने हमारे दफ़्तर पर अंडे और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए. कुछ पत्थर मुझे भी लगे. मैंने आपको (डीजीपी) को कॉल भी किया. आपने लोकेशन मांगी जो मैंने दे दी. उसके बाद पुलिस आई और दो घंटे चुपचाप खड़ी रही. उसने कुछ नहीं किया. पुलिस का काम है इस भीड़ को हटाना जो वो नहीं कर रही है. ये वीडियो आप देखिए. इसे पूरा देश देख रहा है."

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उन्होंने कई और वीडियो पोस्ट करके दावा किया कि बीजेपी के स्थानीय नेता उन पर हमले के लिए ज़िम्मेदार हैं.

समाचार एजेंसियों और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कई वीडियो में दिखाई दे रहा है कि महुआ मोइत्रा के दफ़्तर पर अंडे और टमाटर फेंके जा रहे हैं.

महुआ मोइत्रा ने एक और वीडियो पोस्ट किया जिसमें वो अपनी पार्टी टीएमसी का झंडा लिए हुए हैं. उन्होंने कहा, "मैं डरती नहीं हूं. मैं खड़ी रहूंगी. डटी रहूंगी. और साथ में मेरी पार्टी का झंडा भी खड़ा रहेगा. बीजेपी मुझे चुप कराने में कभी कामयाब नहीं होगी."

टीएमसी नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भी घटना की निंदा की.

उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "पश्चिम बंगाल पुलिस की चुप्पी, जबकि हाल ही में हाई कोर्ट ने डीजीपी को उचित सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था, गंभीर सवाल खड़े करती है. क्या 'परिबर्तन' का मतलब यही था?"

उन्होंने आगे कहा, "जब किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सिर्फ़ इसलिए परेशान किया जाता है क्योंकि वह झुकने से इनकार करती हैं, तो यह ताक़त का प्रदर्शन नहीं होता. यह असुरक्षा और कायरता की स्वीकारोक्ति होती है."

टीएमसी की ही सांसद डोला सेन ने कहा, "हम सब ममता बनर्जी के सिपाही हैं. हमें पता है बीजेपी से कैसे लड़ना है."

टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने समाचार एजेंसी एएनाई से कहा, "ये बच्चों को खाने के लिए अंडा नहीं देंगे. जबकि अंडा इतना पौष्टिक होता है. लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं को फेंकने के लिए अंडे दिए जा रहे हैं. ऐसी परिस्थिति वहीं होती है जहां पौष्टिक आहार होता है."

उधर, टीएमसी सांसद सागरिका घोष ने घटना को बीजेपी की "सोची-समझी साजिश" बताते हुए कहा, "विपक्षी सांसद पर इस तरह का हमला लोकतंत्र पर सीधा हमला है." उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है.

हाल ही में टीएमसी से बग़ावत करने वाली सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी घटना की आलोचना करते हुए कहा, "मैंने सुना है कि हाल ही में हाई कोर्ट ने भी कहा था कि किसी पर अंडे फेंकना ठीक नहीं है. इसलिए मुझे भी लगता है कि आम लोगों का किसी पर अंडे फेंकना सही है."

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए लिखा, "क्या गुंडागर्दी मची है बंगाल में? एक सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में सुरक्षित नहीं. माननीय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी को तत्काल इस घटना का संज्ञान लेना चाहिए और अधिकारियों को विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष बुलाना चाहिए. महुआ मोइत्रा जी आप इन तानाशाहों से लड़ते रहना इतिहास कायरों का नहीं बहादुरों का लिखा जाता है."

बीजेपी क्या बोली?

वहीं पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "उन्हें भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि सिर्फ़ अंडा फेंका गया है. और आगे लोग उन पर क्या-क्या फेंकने वाले हैं ये देखिएगा आप. "

जब उनसे पूछा गया कि महुआ ने राज्य की क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं तो उन्होंने कहा, "तो क्या उन पर फूल बरसाएं. अंडा फेंकने में क्या लॉ एंड ऑर्डर. उन पर आम नागरिक अंडे फेंक रहे हैं."

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के टाइम पर जब बीजेपी अध्यक्ष राज्य के दौरे पर आए थे तो उन पर ईंट फेंकी गई थी. उन्होंने कहा, "महुआ मोइत्रा से पूछ लीजिए कि अंडा फेंकना सही है या ईंट फेंकना."

उन्होंने इस घटना में बीजेपी का हाथ होने से इनकार किया और कहा, 'हम लोग काम करने में बिज़ी हैं.'

पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समित भट्टाचार्य ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अंडा फेंकना बंद होना चाहिए. उन्होंने कहा, "तृणमूल ही तृणमूल को मार रहा है. किसकी जेब में अंडा है, ये देखने के लिए कोई मेटल डिटेक्टर नहीं है. इसे तृणमूल को ही सुलझाना चाहिए."

"तृणमूल को ये पता लगाना चाहिए कि कौन कार्यकर्ता किस नेता पर अंडा फेंक रहा है. अंडा फेंकना बंद होना चाहिए. पूरे देश में बंगाल की छवि खराब हो रही है."

इसी मामले पर बीजेपी विधायक शंकर सिकदर ने कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की घटनाओं को न तो प्रोत्साहित करती है और न ही करेगी.

उनके मुताबिक़, "जिन लोगों को टीएमसी ने लंबे समय तक परेशान किया, वही अब इस तरह प्रतिक्रिया दे रहे हैं."

सिकदर ने पहले हुई पत्थरबाजी की घटनाओं का भी जिक्र किया.

क्या हुआ था?

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा बुधवार को अपने ही संसदीय क्षेत्र में एक उग्र विरोध प्रदर्शन का निशाना बन गईं.

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित उनके स्थानीय ट्रांजिट पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने अंडों की बौछार की.

कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस घटना का एक वीडियो साझा करते हुए इन्हें "बीजेपी की भीड़" कहा है.

साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि डीजीपी उनका फ़ोन नहीं उठा रहे हैं, उनके शिकायत करने पर पुलिस तो आई मगर वह सिर्फ़ दूर से यह सब होता देख रही है.

इस मामले में अभी पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है. महुआ ने एक अन्य वीडियो में दावा किया है कि उनके दफ़्तर के ऊपर अंडों के साथ पत्थर भी फेंके गए, जिसमें से एक पत्थर उनको भी लगा.

वीडियो को इमारत की ऊपरी मंजिल से शूट किया गया है, वीडियो में पीछे से उनकी आवाज़ आ रही है और वह कह रही हैं, "सभी देख लें..बीजेपी के गुंडे मेरे कार्यालय के ऊपर सब्जियों और अंडों की बौछार कर रहे हैं."

Açık Sorular

  • पुलिस ने घटना को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की?
  • क्या इस घटना में बीजेपी के स्थानीय नेताओं की सीधी संलिप्तता थी?

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Bu haber ilk olarak şurada yayınlandı: BBC हिंदी.

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