सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होंगे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
Hızlı Bakış
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 6 जून को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होंगे, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। वांगचुक ने कहा कि अगर 5 जून तक कुछ नहीं बदला तो वह प्रदर्शन में भाग लेंगे।
Yapay zekâ özeti
Neden Önemli?
सोनम वांगचुक, एक प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आगामी आंदोलन में शामिल होने वाले हैं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भारत लौटकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। वांगचुक ने कहा है कि अगर 5 जून तक कोई बदलाव नहीं होता है, तो वह 6 जून को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन में भाग लेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में शामिल होंगे सोनम वांगचुक, कहा- 'अगर अब नहीं, तो कब?'
प्रकाशित 2 जून 2026, 20:06 IST
अपडेटेड एक मिनट पहले
पढ़ने का समय: 5 मिनट
व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया कैंपेन कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के भारत लौटने की घोषणा के बाद अब एक चर्चित शख़्सियत ने उनके साथ आने का फ़ैसला किया है.
लद्दाख़ के पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक ने कहा है कि अगर 5 जून तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं होता है तो वो 6 जून को सीजेपी के आंदोलन में शामिल होंगे. कॉकरोच इज़ बैक के नाम के एक्स हैंडल से सोनम वांगचुक के एक्स वीडियो को रिपोस्ट किया गया है.
साथ ही बताया गया है कि "प्रख्यात शिक्षाविद् और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक 6 जून को शिक्षा मंत्री के इस्तीफे़ की मांग को लेकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे."
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि वो 6 जून को भारत लौटेंगे और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करेंगे. अभिजीत दीपके फ़िलहाल अमेरिका में हैं. उन्होंने वहां पर बोस्टन यूनिवर्सिटी से अपना ग्रैजुएशन पूरा किया है.
सोनम वांगचुक ने क्या कहा?
पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है. इसके साथ उन्होंने लिखा है, "अगर हम नहीं तो कौन? अगर अब नहीं तो कब! अगर 5 जून तक कुछ नहीं बदलता है तो 6 जून को दिल्ली में सीजेपी के सदस्यों के साथ मैं शामिल रहूंगा."
"अगर चीज़ें इतनी ग़लत हो जाती हैं तो किसी भी स्वाभिमानी मंत्री को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए. लाखों युवाओं की ज़िंदगी और असल में भारत के भविष्य पर पड़ने वाले असर की तो बात ही छोड़िए."
इसके अलावा उन्होंने वीडियो में कहा, "मैंने कॉकरोचों से कहा था कि वो ये साबित करें कि कॉकरोच जनता पार्टी भारतीय युवाओं की एक अभिव्यक्ति है, न कि विदेशी ताक़तों की साज़िश. इसके बाद कई लोगों ने इस पर लिखा और दीपके जी ने मुझसे बात की, उनसे बात करके मुझे लगा कि वो देशप्रेमी हैं और उनकी कोई ग़लत मंशा नहीं है."
"6 जून शनिवार को वो दिल्ली में बुला रहे हैं ताकि शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग की जाए. नीट, सीयूईटी और सीबीएसई के पेपर इसकी वजह बाक़ी लोगों के लिए हो सकते हैं लेकिन मेरे लिए ये और भी बड़ा मुद्दा है."
"पिछले चार दशकों से मैं शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जद्दोजहद करता रहा हूं. मैं शिक्षा को सुधारने में लगा रहा. मैं जब कुछ बदलता नहीं देखता हूं तो मायूस हो जाता हूं और कुछ करने की ज़रूरत महसूस करता हूं."
सोनम वांगचुक ने नई शिक्षा नीति और सरकारी योजनाओं की तारीफ़ करते हुए कहा कि सरकार की मंशा बहुत अच्छी है लेकिन उसको लेकर क्या हरकत हो रही है.
उन्होंने कहा, "पिछले तीन-चार शिक्षा मंत्रियों को देखें तो उन्हें देखकर नहीं लगता है कि विकसित भारत होने वाला है. मैं इन वजहों से शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा चाहता हूं. नीट के पेपर लीक हुए, लाखों विद्यार्थियों की ज़िंदगी के साथ खिलवाड़ हुआ, मगर आगे क्या होने वाला है, ये सवाल ज़्यादा बड़ा है."
"इस सबको सुधारने के लिए मैं प्रधानमंत्री जी से आग्रह करूंगा कि किसी भी स्वाभिमानी देश और लोकतंत्र में कोई भी स्वाभिमानी शिक्षा मंत्री पेपर लीक पर इस्तीफ़ा देंगे. मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में ऐसा होगा. अगर 5 जून तक ऐसा नहीं होता है तो मजबूर होकर 6 जून को आप लोगों से दिल्ली में जुड़ूंगा."
हाल ही में सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के कैंपेन की तारीफ़ करते हुए कहा था कि इससे सरकार को संदेश लेना चाहिए.
सोनम ने ख़ुद को 'मानद कॉकरोच' बताते हुए कहा था कि सरकार को युवाओं की बातों को सुनना चाहिए.
उन्होंने कहा था कि वो इस कैंपेन से प्रभावित हैं और कई लोगों ने इसमें उन्हें जुड़ने के लिए कहा था लेकिन वो इसके लिए क्वालिफ़ाई नहीं करते हैं क्योंकि वो आलसी, बेरोज़गार नहीं हैं.
सोनम ने इस पूरे कैंपेन को सकारात्मक तौर पर लेने की सलाह दी थी और युवाओं से अपील की थी कि वो हिंसा की तरफ़ न जाएं और शांतिपूर्ण तरीक़े से अपनी आवाज़ उठाते रहें.
सोनम वांगचुक हाल ही में हुए हैं रिहा
बीते साल सितंबर में लेह में हिंसक प्रदर्शनों के बाद सोनम वांगचुक को गिरफ़्तार किया गया था.
हालांकि इस साल 14 मार्च को केंद्र सरकार ने सोनम वांगचुक को रिहा करने का फ़ैसला किया.
सरकार की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि केंद्र ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत उपलब्ध अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए वांगचुक की हिरासत रद्द कर दी.
वांगचुक को लद्दाख में हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन दिन बाद 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था.
वांगचुक एनएसए के तहत हिरासत की अवधि का लगभग आधा समय व्यतीत कर चुके थे.
इंजीनियर, इनोवेटर, शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम बीते साल से अलग-अलग मौक़ों पर लद्दाख को संविधान की छठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए आमरण अनशन और दिल्ली तक मार्च कर चुके हैं.
बीते साल मार्च में उन्होंने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे छठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए 21 दिनों तक भूख हड़ताल की थी.
वहीं अक्तूबर 2024 में ही इसी मांग को लेकर उन्होंने लद्दाख से दिल्ली तक पैदल मार्च निकाला था. हालांकि दिल्ली पुलिस ने सिंघु बॉर्डर से उन्हें हिरासत में ले लिया था.
साल 2025 में 35 दिन की उनकी भूख हड़ताल के 15वें दिन 24 सितंबर को लेह में आंदोलन हिंसक हो गया जिसमें 4 लोगों की मौत हो गी थी और तक़रीबन 50 लोग घायल हुए थे.
Bundan Sonra Ne Olabilir?
Yapay zekâ öngörüsü — kesinlik taşımaz
शिक्षा मंत्री 5 जून तक इस्तीफा दे देंगे।
Olası · Günler içinde
6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होगा।
Çok muhtemel · Günler içinde
Açık Sorular
- क्या शिक्षा मंत्री 5 जून तक इस्तीफा देंगे?
- क्या सीजेपी का आंदोलन सफल होगा?
- क्या सोनम वांगचुक के शामिल होने से आंदोलन को बल मिलेगा?
- नीट, सीयूईटी और सीबीएसई परीक्षाओं में पेपर लीक के पीछे कौन जिम्मेदार है?
