मध्य प्रदेश के पन्ना में सात गरीब मज़दूरों को मिला 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा
पन्ना के सात मज़दूरों को खदान में मिला 16.96 कैरेट का हीरा, अक्तूबर में होगी नीलामी और कम से कम 50 लाख रुपये मिलने की उम्मीद।
Hızlı Bakış
मध्य प्रदेश के पन्ना में सात गरीब मज़दूरों को दो साल पुरानी पट्टे की ज़मीन पर 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये है और इसे अक्तूबर में नीलाम किया जाएगा।
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पन्ना भारत के अधिकांश हीरा भंडारों का घर है और यहां रोज़गार के सीमित अवसरों के कारण लोग अक्सर हीरे की तलाश में रहते हैं।
मध्य प्रदेश के पन्ना में सात गरीब मज़दूरों को एक बेशकीमती हीरा मिलने के बाद अब उन्हें लगता है कि उनकी ज़िंदगी बदल सकती है.
उन लोगों ने बताया कि उन्हें दो साल पहले पट्टे पर ली गई ज़मीन पर एक बड़ा हीरा मिला है.
वजन मापने पर पत्थर का वजन 16.96 कैरेट मापा गया और ज़िला खनिज अधिकारी रवि पटेल ने कहा कि यह प्राकृतिक हीरों की सबसे बेहतरीन किस्मों में से एक है.
पटेल ने हीरे को "क़ीमती" बताते हुए कहा कि इसे अक्तूबर में नीलाम किया जाएगा. उन्होंने इसकी अनुमानित क़ीमती कम से कम 50 लाख रुपये बताई.
पन्ना में हीरे मिलना कोई दुर्लभ बात नहीं है. यह भारत के अधिकांश हीरा भंडारों का घर है.
शहर में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण, यहां के लोग अपनी क़िस्मत बदलने के लिए किसी बहुमूल्य हीरे की खोज की उम्मीद करते हैं और यह इलाक़ा हीरे के प्रेमियों के लिए ख़ास जगह है.
लेकिन यहां हीरे की खोज हीरे मिलने की गारंटी नहीं है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, पन्ना के अधिकांश खनिक दिहाड़ी मजदूर हैं जो पट्टेदारों के लिए काम करते हैं - यदि उन्हें हीरा मिलता है, तो पैसा पट्टेदार को जाता है, न कि खनिकों को.
लेकिन यह ताज़ा खोज उन कुछ मामलों में से एक है जहां वास्तविक खोजकर्ताओं को लाभ होगा.
प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पन्ना के सरोखा गांव में स्थित खदान को अखिलेश पाल और छह अन्य लोगों ने दो साल पहले मामूली रकम पर पट्टे पर लिया था.
पाल ने बताया कि खदान एक साल से बंद थी और हाल ही में खोली गई है. सोमवार को भारी बारिश के बाद खदान का निरीक्षण करते समय उन्हें वह चट्टान दिखाई दी.
उन्होंने कहा, "हम वहां करीब दो साल से खनन कर रहे थे, लेकिन हमें सफलता नहीं मिली, इसलिए हमने एक साल के लिए खदान बंद कर दी. हमने ठीक उसके बगल में एक और खदान शुरू कर दी थी."
उन्होंने आगे कहा, "जब हम नई खदान का निरीक्षण करने गए, तो हमने पुरानी खदान के अंदर भी देखा, और वहीं हमें यह मिला - बिल्कुल ऊपर."
पटेल ने कहा कि हीरे को अक्तूबर में नीलामी के लिए रखा जाएगा, जब भारत और विदेश के खरीदार इसके लिए बोली लगा सकेंगे.
ख़बरों के मुताबिक़, सरकार बिक्री से मिली राशि में से 12% रॉयल्टी काटेगी और शेष राशि सातों मज़दूरों में बराबर-बराबर बांट दी जाएगी.
कुछ गरीब मजदूरों के लिए, यह खोज उनके जीवन की दिशा बदलने वाली है - स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में उनमें से तीन के हवाले से कहा गया है कि वे अब अपनी शादी के लिए लड़की ढूढेंगे.
Bundan Sonra Ne Olabilir?
Yapay zekâ öngörüsü — kesinlik taşımaz
अक्तूबर में हीरे की नीलामी की जाएगी
Çok muhtemel · Aylar içinde
Açık Sorular
- नीलामी में हीरे की वास्तविक कीमत कितनी मिलेगी?
- मज़दूरों को मिलने वाली कुल राशि का वितरण कैसे होगा?


