ट्रंप के बयान के बाद एक्सपर्ट क्यों कह रहे हैं, 'मोदी से दोस्ती का हवाला देकर भारत पर बना रहे हैं दबाव'
ट्रंप ने मोदी को दोस्त बताया लेकिन साथ ही भारत पर उच्च टैरिफ और नए प्रस्तावों का जिक्र किया, जिसे विशेषज्ञ दबाव बनाने की रणनीति मान रहे हैं
Hızlı Bakış
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर वर्षों तक फायदा उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब अमेरिका भारत से पैसे बना रहा है। मोदी के साथ दोस्ती का हवाला देते हुए ट्रेड डील पर दबाव बनाने की बात कही। विशेषज्ञ इसे असली मुद्दे से ध्यान भटकाने वाली रणनीति बता रहे हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वर्षों तक भारत अमेरिका का फायदा उठाता रहा है लेकिन अब ठीक उल्टा हो रहा है और अमेरिका भारत से खूब पैसे बना रहा है।
ट्रंप का ये बयान 1 जून और 4 जून तक भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर चली बातचीत के बाद आया है। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं के सवालों के जवाब देते हुए कहा भारत ने अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाया और बदले में कुछ भी नहीं दिया।
फिलहाल भारत पर अमेरिका ने दस फीसदी टैरिफ लगा रखा है। एक समय अमेरिका ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था। इसके बाद इसे 18 फीसदी और फिर दस फीसदी कर दिया गया था।
मंगलवार को ट्रंप ने भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर चल रही बातचीत पर पूछे सवाल के जवाब में कहा कि वर्षों के टैरिफ विवाद के बावजूद उनके पीएम नरेंद्र मोदी के साथ काफी अच्छे संबंध हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी अच्छे दोस्त हैं और उम्मीद है कि ये रिश्ता बातचीत (ट्रेड डील) को 'फिनिश लाइन' पार करा देगा।
उन्होंने कहा कि टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच वर्षों से विवाद चल रहा है लेकिन उन्हें उम्मीद है कि डील हो जाएगी। दरअसल वो भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर चली रही बातचीत की ओर इशारा कर रहे थे।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी पिछले दिनों कहा था कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील पर बात अंतिम दौर में है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा था कि ट्रेड डील पर बातचीत के सभी पहलुओं को सुलझा लिया गया है।
हालांकि इस बीच, अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ने भारत समेत 60 देशों पर 10 से 12.5 फीसदी तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव देकर स्थिति पेचीदा कर दी है। इन देशों पर जबरन मजदूरी के जरिये बनाए गए सामान को अमेरिका निर्यात करने का आरोप है। भारत को 12.5 फीसदी वाले अतिरिक्त टैरिफ वाले देशों की सूची में रखा गया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा, "अमेरिका की एक टीम 1 जून से 4 जून तक भारत में बातचीत के लिए मौजूद थी. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बातचीत आगे भी जारी रहेगी और जिस अंतरिम व्यापार समझौते पर फिलहाल चर्चा चल रही है, उसे दोनों पक्ष अंतिम रूप दे देंगे।"
लेकिन कांग्रेस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए लिखा, "ट्रंप ने एक बार फिर भारत को अपमानित किया है. अगर नाकाम विदेश नीति का कोई चेहरा होता तो ये यही होता।"
भारत के पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत के ऊंचे टैरिफ केवल अमेरिका के लिए नहीं थे, और न ही अमेरिका के अपेक्षाकृत कम टैरिफ केवल भारत के लिए थे। यह धारणा बनाना कि भारत ने अमेरिकी निर्यात पर सिरे से 200 फीसदी टैरिफ लगा रखा था, पूरी तरह भ्रामक है। विडंबना यह है कि ट्रंप मानते हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए ऊंचे टैरिफ लगाना एक अच्छा उपाय है, लेकिन भारत यदि अपनी अर्थव्यवस्था के कुछ अहम सेक्टरों की सुरक्षा के लिए ऊंचे टैरिफ लगाए, तो उन्हें वह मंजूर नहीं। मोदी को पसंद करने की बात करना भी असल मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला बयान लगता है।"
रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "एक बार फिर ट्रंप ने भारत पर दबाव बनाने को सही ठहराने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी दोस्ती का हवाला दिया।"
वहीं पूर्व राजनयिक केसी सिंह ने एक्स पर लिखा, "ट्रंप के साथ दिक्कत यही है. एक तरफ वह मोदी को अपना दोस्त बताते हैं, दूसरी तरफ भारत पर दबाव बनाकर उससे अधिकतम लाभ लेने की बात करते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सच्ची मित्रता है या फिर सिर्फ एक बेहद स्वार्थी और सौदेबाज राजनीति को ढंकने का तरीका?"
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर 1 से 4 जून के बीच बातचीत हो चुकी। अमेरिका की ओर से मुख्य वार्ताकार थे ब्रैंडन लिंच। इस बातचीत के बाद ट्रंप ने खुद कहा था कि भारत और अमेरिका डील फाइनल करने के बेहद करीब हैं। भारत की ओर से भी बातचीत पर संतोष जताया गया और कहा गया कि समझौता होने के बेहद करीब है।
लेकिन अमेरिकी टीम के दिल्ली में रहते ही अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया। अमेरिका ने कहा कि जबरदस्ती मजदूरी कराने के आरोप में इन देशों पर ये अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। भारत उन देशों में शामिल है, जिन पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया गया है।
एक समय में अमेरिका ने भारत पर सीधे 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया था। लेकिन अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की ओर एकतरफा टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को खारिज किए जाने के बाद इसे घटाकर दस फीसदी कर दिया गया था।

