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Geriकॉमेडी शो में डेटिंग अनुभव पर अश्लील टिप्पणी, सोशल मीडिया पर भड़की प्रतिक्रिया
कॉमेडी शो में डेटिंग अनुभव पर अश्लील टिप्पणी, सोशल मीडिया पर भड़की प्रतिक्रिया
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BBC हिंदी13.06.2026Kültür10 dk okumaIndia

कॉमेडी शो में डेटिंग अनुभव पर अश्लील टिप्पणी, सोशल मीडिया पर भड़की प्रतिक्रिया

Hızlı Bakış

एक कॉमेडी शो में एक युवक ने डेट पर 370 रुपये की बिरयानी खाने के बाद सेक्सुअल फेवर की उम्मीद का अनुभव साझा किया. शो के होस्ट प्रणीत मोरे ने इस पर हंसकर प्रतिक्रिया दी, जिससे सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों को कॉमेडी के रूप में पेश करने पर गुस्सा भड़क उठा. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे यौन उत्पीड़न करार दिया है.

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Yazı boyutu

लेखक, मृदुलिका झा

पदनाम, बीबीसी संवाददाता

प्रकाशित 12 जून 2026

पढ़ने का समय: 10 मिनट

गुरुग्राम के एक युवक का डेट पर 370 रुपये खर्च करने के बाद 'रिटर्न' की उम्मीद करने वाला मज़ाक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

दरअसल स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो में एक युवक हिमांशु जांगड़ा ने बताया कि वह एक लड़की के साथ डेट पर गए थे, जहां उन्होंने बिरयानी पर 370 रुपए खर्च किए थे.

इसके बदले उन्होंने सेक्सुअल फेवर चाहा और लड़की की अनिच्छा के बावजूद उस पर हावी होने की कोशिश की.

उनके अश्लील मज़ाक को उसी वक्त रोकने की बजाय शो के होस्ट ने हंसते हुए इसे बढ़ावा दिया था.

जल्द ही शो की क्लिप वायरल हो गई और लोगों का गुस्सा भड़क उठा कि महज ऑनलाइन इंगेजमेंट के लिए महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियों को क्या कॉमेडी की तरह परोसा जा सकता है?

क्लिप में क्या था?

"हम दोनों ने 370 रुपये की बिरयानी खाई. फिर उसने कहा, 'मुझे घर छोड़ दो.' मैंने कहा, 'भाई, अगर 370 रुपये चले गए तो मैं उन्हें ज़रूर वापस लाऊंगा'."

ये हिमांशु जांगड़ा के शब्द थे. वही युवक जो प्रणीत मोरे के कॉमेडी शो में मौजूद था.

कॉमेडियन प्रणीत मोरे अपने शो में क्राउड वर्क करते रहे, यानी लाइव के दौरान वे दर्शकों से सीधे जुड़ते रहे और उसी बातचीत को कॉमेडी की तरह पेश करते रहे. इसी क्राउड वर्क के दौरान ऑडियंस में से 23 साल के हिमांशु जांगड़ा ने अपना डेटिंग अनुभव साझा करते हुए बिरयानी को 'फेवर' से जोड़ दिया.

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शो के दौरान हिमांशु ने साफ़-साफ़ कहा कि अगर उसने अपनी डेट को बिरयानी खिलाई है तो बदले में उसे शारीरिक सुख मिलना चाहिए.

बीबीसी न्यूज़ मराठी पर इस मुद्दे पर सामाजिक कार्यकर्ता और लैंगिक समानता पर प्रशिक्षण देने वाली लक्ष्मी यादव का नज़रिया छपा है.

इस आलेख में वह कहती हैं, "प्रणीत मोरे हिमांशु के बयान पर हंसे और 'गुड़गांव से कंटेंट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. इतना ही नहीं, उन्होंने हिमांशु को अपने शो का आधा घंटा भी दे दिया."

इस दौरान, हिमांशु बताते रहे कि युवती की अनिच्छा के बाद भी वे आगे बढ़ते चले गए. तब भी प्रणीत हंसते हुए उसे बढ़ावा देते रहे. बाद में उन्होंने शो की इस क्लिप को अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी पोस्ट किया.

सलमान ख़ान के शो में भी ऐसे मज़ाक कर चुके प्रणीत

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इससे पहले, जब प्रणीत बिग बॉस में थे, तब भी उन्हें बैकलैश का सामना करना पड़ा था, लेकिन तब मामले ने इतना तूल नहीं पकड़ा था.

एक कॉमेडी शो के दौरान, प्रणीत ने ऑडियंस में एक लड़की की अंगूठी देखकर उससे कहा कि यह अंगूठी सलमान ख़ान के कंगन जैसी दिखती है. जब लड़की ने कहा कि उसे यह अंगूठी सलमान ख़ान से मिली है, तो प्रणीत मोरे ने उससे पूछा, "क्या तुम फार्महाउस गई थी?"

बाद में 'वीकेंड वॉर' पर सलमान ने इस घटना का जिक्र करते हुए प्रणीत को चेतावनी भी दी थी. उन्होंने कहा था, "आप सेलेब्स पर, और लोगों पर जोक्स करते हैं. कीजिए. लेकिन आपको लिमिट पता होनी चाहिए."

प्रणीत ने उस समय सलमान की बात मानते हुए यही करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस बार उन्होंने मज़ाक के नाम पर भद्दी बात कर रहे दर्शक को रोकने की बजाए खुद उसे बढ़ावा दिया.

लैंगिक समानता पर प्रशिक्षण देने वाली लक्ष्मी यादव कहती हैं, "कला माने जाने वाले अधिकांश कॉमेडी शो में इस्तेमाल की जाने वाली भाषा बेहद अश्लील, भद्दी और लिंगभेदपूर्ण होती है. 'कूल' दिखने के नाम पर, वे अक्सर कथित हार्मलेस चुटकुलों, महिलाओं के शरीर या उनके चरित्र और व्यक्तित्व पर अश्लील टिप्पणियां करते हैं."

कुछ वक्त पहले यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया को लेकर भी इसी तरह का विवाद सामने आया था. रणवीर इलाहाबादिया, स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना के यूट्यूब शो में गेस्ट जज के तौर पर शामिल हुए थे. शो के दौरान उन्होंने एक प्रतिभागी से उसके माता-पिता के यौन जीवन के बारे में बेहद अश्लील और आपत्तिजनक सवाल पूछे थे.

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था.

रणवीर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की. हालांकि, याचिका ख़ारिज करते हुए अदालत ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा, 'तुम्हारा दिमाग गंदगी से भरा है, शोहरत कुछ भी बोलने का लाइसेंस नहीं है.' इस मामले में रणवीर, सुरेश रैना और पांच अन्य लोगों के ख़िलाफ़ केस दर्ज हुआ था.

"ताज़ा मामले में भी कथित मज़ाक का यही पैटर्न दिखा. शो के होस्ट प्रणीत लगातार हिमांशु को भद्दी बात बोलने के लिए उकसाते रहे. यहां तक कि रिटर्न ऑन इनवेस्टमेंट की भी बात करते रहे."

लक्ष्मी यादव सवाल करती हैं कि क्या सिर्फ़ प्रणीत और हिमांशु ग़लत हैं?

"मुद्दा सिर्फ़ इतना नहीं है कि प्रणीत या शो में मौजूद किसी और ने हिमांशु को नहीं रोका, बल्कि यह भी है कि सभी ने बेहद संवेदनशील और निजी पलों को 'अश्लील चुटकुले' में बदल दिया. घटना के वायरल होने पर भी शायद ही किसी ने सोचा हो कि लड़की की शारीरिक या मानसिक स्थिति कैसी रही होगी."

"अगर आप ताज़ा मामले का वीडियो देखेंगे, तो आपको पता चलेगा कि जब हिमांशु बगीचे में अपनी प्रेमिका के साथ बिताए निजी पलों को बता रहा था, तब न केवल वह खुद उसका यौन उत्पीड़न कर रहा था, बल्कि प्रणीत और उस शो में भाग लेने वाले सभी युवक अपनी कल्पनाओं और शारीरिक हाव-भाव से उसका और उसके जैसी अनगिनत लड़कियों का बलात्कार कर रहे थे."

वे ताली बजा रहे थे और हंसते हुए बीच-बीच में भड़काऊ सवाल भी कर रहे थे. यौन उत्पीड़न को कॉमेडी का रूप दे दिया गया. यहां तक कि इसके बाद प्रणीत ने हिमांशु को पांच हज़ार रुपये का इनाम दिया और उसकी तारीफ़ भी की.

लक्ष्मी आगे पूछती हैं कि जो युवक महिलाओं के बारे में ऐसी सोच रखते हैं, अश्लील भाषा का इस्तेमाल करते हैं, सोचने की बात है कि वे अपनी प्रेमिकाओं, साथी, माताओं और बहनों को किस नज़रिए से देखते होंगे!

लक्ष्मी कहती हैं, "बलात्कार केवल शारीरिक ही नहीं, मानसिक भी होता है. वे सभी पुरुष, जो महिलाओं को ट्रोल करते हैं, उनके बारे में अश्लील टिप्पणियां करते हैं और महिलाओं के यौन शोषण के तरीके बताते हैं, वे बलात्कारी हैं."

प्रणीत के ही शो का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें एक लेडी डॉक्टर मृतकों के प्राइवेट पार्ट का मज़ाक उड़ाती हुई दिख रही थी.

कॉमेडी शो में यौन उत्पीड़न के लिए कौन ज़िम्मेदार है?

"ह्यूमर और हल्केपन के बीच की लाइन क्रॉस करने वाले कंटेंट को लेकर बहस बढ़ती ही जा रही है. इस मामले में कई सेलिब्रिटीज भी नाराज़गी दिखा रहे हैं. मराठी टेलीविजन अभिनेत्री अपूर्वा नेमलेकर ने कहा कि जो लोग दर्शक दीर्घा में बैठकर हंस रहे हैं, वे परजीवी हैं. एक दर्शक के तौर पर हमें जागने की ज़रूरत है. हमें चुनना होगा कि असल मनोरंजन क्या है. ऐसे ज़हरीले लोगों को मंच देना और उन्हें सोशल मीडिया स्टार बनाना बंद करें."

कुछ लड़के किसी लड़की के लिए कुछ करने के बदले में कुछ नहीं चाहते, उन्हें सिर्फ़ शारीरिक सुख चाहिए होता है.

सामाजिक कार्यकर्ता और अविवाहित रेशमा थोसर और गीताश्री कहती हैं, "जैसे ही आप किसी लड़की की थोड़ी सी मदद करते हैं या उससे दोस्ती करते हैं, लड़के तुरंत उसके साथ यौन संबंध बनाने की कोशिश करने लगते हैं. वे आपके मैसेज में आकर सेक्स के बारे में पूछते हैं."

बीबीसी ने भी अपने न्यूज़कास्ट में इस मुद्दे को टटोला. शो में जुड़े यूट्यूबर और कॉमेडियन सतीश रे कहते हैं कि कंटेंट क्रिएशन की सीमा टूटती जाएगी, ख़ासकर आने वाले दिनों में.

वह कहते हैं, हर किसी को दिखना है. वायरल होना है. उन्हें यह लगता है कि कुछ भी बोलकर वायरल हो जाऊं. वे नहीं जानते कि यह कॉमेडी है भी या नहीं. सतीश कहते हैं कि एक दिन कंटेंट क्रिएशन इस हद तक आगे निकल जाएगा कि सामान्य चीजें पसंद ही नहीं आएंगी. एक से एक अतरंगी चीजें होंगी, जिसमें किसी का लिहाज नहीं बचेगा.

लगातार हो रहे विरोध में मुंबई पुलिस भी शामिल दिखी, लेकिन जरा क्रिएटिव तरीके से.

सोशल मीडिया पर #BiryaniIsNotConsent हैशटैग के साथ पुलिस ने लिखा कि ₹370 में एक प्लेट बिरयानी मिलती है. हमारी लॉक-अप में लंबे समय तक मुफ्त खाना मिलता है. हालांकि ट्रेंडिंग टॉपिक में शामिल होने का ये तरीका कइयों को पसंद नहीं आया. वे आलोचना करते हुए कह रहे हैं कि पुलिस को महिला सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि बेवजह क्रिएटिव बनने की कोशिश करनी चाहिए.

क्या कहता है क़ानून?

लक्ष्मी यादव अपने आलेख में कहती हैं, "किसी महिला की सहमति के बिना उसके निजी पलों को दूसरों के सामने साझा करना क़ानूनी तौर पर यौन उत्पीड़न या अपराध है, भले ही वह व्यक्ति पति ही क्यों न हो. ऐसे व्यक्ति के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, साइबर अधिनियम, महिलाओं के अश्लील प्रदर्शन पर रोक जैसे विभिन्न क़ानूनों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है."

"अगर कोई महिला के यौन उत्पीड़न पर बात कर रहा है और सुनने वाला चुपचाप सुनता रहे, या पीड़िता को ट्रोल करे, तो वह व्यक्ति भी उतना ही दोषी है.."

एक बलात्कार पीड़िता की सहेली कहती है, "यौन उत्पीड़न से मुझे बहुत दुख हुआ, लेकिन उसके बाद सोशल मीडिया पर जिस तरह से मुझे ट्रोल किया गया, जिस तरह से मेरी छवि खराब की गई, उससे मैं पूरी तरह टूट गई. मुझे लगा कि केस दर्ज कराकर मैंने बहुत बड़ी ग़लती कर दी है."

"अगर चैनल लिंगभेदी या निचले स्तर का कंटेंट बना रहे हैं तो पुलिस शिकायत दर्ज कराने का इंतज़ार न करे, बल्कि तुरंत कानूनी कार्रवाई करे. वैसे तो साइबर अधिनियम के तहत ऐसे व्यक्तियों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है लेकिन यह भी देखा गया है कि अक्सर जब महिलाएं सोशल मीडिया पर अपनी बात रखती हैं, तो उन्हें ट्रोल किया जाता है और ट्रोलर्स के ख़िलाफ़ कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है."

"इसमें काफी हद तक पितृसत्तात्मक समाज दोषी है. मसलन, पति अगर पत्नी का यौन उत्पीड़न करे तो उसे बलात्कार नहीं माना जाता. जब कोई कहता है कि शादी पति को अपनी पत्नी के साथ संबंध बनाने का लाइसेंस देती है तो वह मन ही मन बलात्कार कर रहा होता है."

माफ़ी मांग ली, लेकिन अब आगे क्या?

हिमांशु ने माफ़ी मांगी. उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया, प्रणीत मोरे को अपना इंस्टाग्राम पेज डिलीट करना पड़ा.

लक्ष्मी यादव कहती हैं, "इस मामले में सोशल मीडिया का बहुत प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया गया. लोगों ने खुलकर अपनी राय रखी. हो सकता है कि आगे से कॉमेडियन्स या यूट्यूबर अपने शो में इस तरह की चीजों से परहेज़ करें."

इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी पोस्ट करते हुए प्रणीत मोरे ने कहा, "उस दर्शक का बयान मेरे निजी विचारों को नहीं दिखाता है. अब पीछे मुड़कर देखने पर मुझे एहसास होता है कि उस बयान पर हंसने और आगे बढ़ने के बजाय, मुझे उसी समय उसका विरोध करना चाहिए था. मेरी प्रतिक्रिया ग़लत थी."

हालांकि, बस इतना ही हुआ. क्या हिमांशु या प्रणीत मोरे के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई की गई? नहीं. मामला सिर्फ 'माफ़ी' मांगने से ही ख़त्म हो गया.

'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' की अपूर्वा मुखीजा का किस्सा ज्यादा पुराना नहीं. वह भी रणवीर अहलूवालिया के साथ उस विवादित शो में थीं. उसके बाद उन्हें बलात्कार और एसिड अटैक की धमकियां मिलीं. उनके ख़िलाफ़ कई एफ़आईआर दर्ज की गईं. यहां तक कि उनकी मां को सोशल मीडिया पर परेशान किया गया.

"हिमांशु या प्रणीत के ख़िलाफ़ ऐसी सामाजिक और क़ानूनी कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? वे क्या इसलिए बचे हुए हैं कि वे ऐसे समाज में पुरुष के रूप में पैदा हुए जहां सत्ता पुरुषों के हाथों में है. पुरुषों के लिए अश्लील चुटकुले बनाना सामान्य है, लेकिन अगर महिलाएं ऐसा करें, तो उन्हें तुरंत 'असंस्कृत' का दर्जा दे दिया जाता है. दोनों ही पक्षों को यह समझना चाहिए कि यह कोई 'मज़ाक' नहीं बल्कि एक 'अपराध' है."

क्या हो कि बदलाव आए...

"पुरुषों की मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लैंगिक बजट में वित्तीय प्रावधान होना चाहिए. साथ ही पुरुषों के लिए यह सोच रखने की बजाए कि वे ऐसा ही व्यवहार करते रहेंगे, उनसे यह पूछना ज्यादा रचनात्मक है कि वे कब तक ऐसा व्यवहार करते रहेंगे."

"नारीवादी लेखिका सिमोन डी बाउवर के अनुसार, पुरुष खुद ऐसे नहीं होते, बल्कि उन्हें पितृसत्तात्मक बनाया जाता है. इसे बदला जा सकता है. इसमें समाज और सरकार के साथ-साथ माता-पिता की भी अहम भूमिका रहेगी. हमें अपने बच्चों की भाषा और उनकी वैल्यूज़ पर ध्यान देने के लिए वक्त निकालना होगा."

"महिलाएं कमाने वाली हैं, वे खुद बिरयानी खरीदकर खा सकती हैं और पुरुषों को भी खिला सकती हैं. मुद्दा यह नहीं है कि कोई किसी को बिरयानी खिलाए या नहीं. मुद्दा इसके पीछे छिपी पुरुषवादी मानसिकता को बदलने और महिलाओं के आत्मसम्मान से जुड़ा है."

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Bu haber ilk olarak şurada yayınlandı: BBC हिंदी.

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