Son Dakika
FRAffaire Lyhanna : un rapport d'inspection révèle "une chaîne de protection défaillante"FRAffaire Lyhanna : 134 détentions provisoires après le réexamen de 70 000 plaintes pour violences sexuelles sur mineursFRCanicule : 49 départements en vigilance rouge, des records de température battusFRCanicule en France : le bilan sanitaire s'alourdit, le système de santé tient le chocFRAffaire Hakimi : le joueur du PSG accusé de viol, retour sur les faitsFRAncien ministre espagnol condamné à 24 ans de prison pour corruptionFRFête de la musique : plus de 240 interpellations en France, dont 148 à ParisFRGreffe de reins : une opération inédite de don croisé a sauvé quatre viesFRDirigeants européens militaires se réunissent à Berlin pour discuter de l'UkraineFRCanicule et incidents techniques perturbent les transports en commun d'Île-de-FranceFRAffaire Lyhanna : un rapport d'inspection révèle "une chaîne de protection défaillante"FRAffaire Lyhanna : 134 détentions provisoires après le réexamen de 70 000 plaintes pour violences sexuelles sur mineursFRCanicule : 49 départements en vigilance rouge, des records de température battusFRCanicule en France : le bilan sanitaire s'alourdit, le système de santé tient le chocFRAffaire Hakimi : le joueur du PSG accusé de viol, retour sur les faitsFRAncien ministre espagnol condamné à 24 ans de prison pour corruptionFRFête de la musique : plus de 240 interpellations en France, dont 148 à ParisFRGreffe de reins : une opération inédite de don croisé a sauvé quatre viesFRDirigeants européens militaires se réunissent à Berlin pour discuter de l'UkraineFRCanicule et incidents techniques perturbent les transports en commun d'Île-de-France
Newsgather
Geriनेतन्याहू ने कहा, 'मैं वह हर काम नहीं करता जो ट्रंप चाहते हैं'
नेतन्याहू ने कहा, 'मैं वह हर काम नहीं करता जो ट्रंप चाहते हैं'
Gelişiyor
BBC हिंदी11 sa önceSiyaset6 dk okumaIndia

नेतन्याहू ने कहा, 'मैं वह हर काम नहीं करता जो ट्रंप चाहते हैं'

Hızlı Bakış

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी टिप्पणी के जवाब में कहा है कि वे अमेरिका की हर इच्छा के अनुसार काम नहीं करते हैं। नेतन्याहू ने यरूशलम में एक समिट में यह बयान दिया।

Yapay zekâ özeti

Neden Önemli?

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की तीखी टिप्पणियों के जवाब में कहा है कि वे अमेरिका की हर इच्छा के अनुसार काम नहीं करते हैं।

Yazı boyutu

नेतन्याहू ने कहा, 'मैं वह हर काम नहीं करता जो ट्रंप चाहते हैं'

प्रकाशित 10 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 7 मिनट

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लोग समझते हैं कि वो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक-दूसरे के मुताबिक़ काम करते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. नेतन्याहू ने कहा है वो अमेरिका की हर इच्छा के मुताबिक़ काम नहीं करते हैं.

नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की उन पर सार्वजनिक रूप से की गई तीखी टिप्पणी के बाद आया है.

नेतन्याहू ने कहा है कि वो ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे और जब तक ज़रूरी होगा लेबनान के दक्षिणी इलाक़े में इसराइली सेना मौजूद रहेगी.

नेतन्याहू ने यरूशलम में इंटरनेशनल पॉलिसी समिट में कई मुद्दों पर बयान दिए. उन्होंने क़रीब 50 साल पहले एक अभियान में अपने भाई योनी नेतन्याहू की मौत का भी ज़िक्र किया.

नेतन्याहू ने क्या कहा

यरूशलम में जेएनएस समिट को संबोधित करते हुए इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "अमेरिका में लोग कहते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप वह सब करते हैं, जो मैं उनसे कहता हूं. वहीं इसराइल में लोग समझते हैं कि मैं वह सब करता हूं, जो ट्रंप चाहते हैं. लेकिन इनमें से कोई भी बात सही नहीं है."

उन्होंने कहा, "हम आज़ाद और गौरवशाली देशों के नेता हैं. कभी-कभी हमारी राय एक-दूसरे से अलग होती है. हम अपने हितों के लिए खड़े होते हैं. मैं इसराइल के हितों और उसकी सुरक्षा के लिए खड़ा हूं."

"अक्सर हमारी सोच एक जैसी होती है. लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं भी होता है. हम एक-दूसरे की संप्रभुता, नेतृत्व और अपने लोगों के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान करते हैं."

बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस मौक़े पर अपने भाई योनी नेतन्याहू को भी याद किया और उन्हें 'देश का हीरो' बताया. नेतन्याहू ने एक बार फिर से कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे.

उन्होंने कहा, "हम दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तब तक मौजूद रहेंगे जब तक उत्तर में रहने वाले हमारे लोगों और पूरे देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी होगा."

पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू की सार्वजनिक आलोचना की थी. उसके बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी इसराइली नेताओं को अमेरिका पर ज़ुबानी हमलों से बाज़ आने की हिदायत दी थी.

इन बयानों के बाद पहली बार नेतन्याहू ने ट्रंप से अपने संबंधों को लेकर सार्वजनिक तौर पर बयान दिया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान में इसराइली हमलों पर नाराज़गी ज़ाहिर की थी और कहा था कि 'पूरे इलाक़े को तबाह करना कोई समझदारी नहीं है.'

ट्रंप और जेडी वेंस ने क्या कहा था

इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिन्यामिन नेतन्याहू को हिदायत देते हुए कहा था कि उन्हें लेबनान और हिज़्बुल्लाह के मामले में और ज़्यादा ज़िम्मेदार होने की ज़रूरत है.

पिछले हफ़्ते जी-7 समिट में पत्रकारों से बात करते हुए भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की तीखी आलोचना की और कहा कि इसराइल के लेबनान में किए गए हमले ग़ैर-ज़रूरी थे.

ट्रंप ने इसराइल के बारे में कहा, "इसराइल हिज़्बुल्लाह से कुछ ज़्यादा ही लंबे समय से लड़ रहा है जिसकी वजह से बहुत सारे लोग मारे जा रहे हैं. जब आप किसी की खोज में रहते हो तो पूरे इलाक़े को तबाह करना कोई समझदारी नहीं है क्योंकि वहां आम लोग भी रहते हैं. वहां रह रहे सब लोग हिज़्बुल्लाह के नहीं हैं."

उन्होंने कहा, "मैं इसराइल को सलाह देता हूं कि सीरिया को हिज़्बुल्लाह से निपटने दे. मुझे लगता है कि वो ये काम इसराइल से बेहतर कर सकते हैं. डील साइन होने के दौरान ही बेरूत में अटैक हुआ. मुझे ये पसंद नहीं आया. मैंने उन्हें ये बता दिया है."

उन्होंने आगे ये भी कहा, "हमारे बिना इसराइल ही नहीं होता. मेरे बिना इसराइल नहीं होता क्योंकि उनके लिए किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने वो किया ही नहीं जो मैंने किया."

ट्रंप ने नेतन्याहू के साथ अपने रिश्तों के बारे में कहा, "मेरे बीबी (बिन्यामिन नेतन्याहू) के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं. लेकिन बीबी को अब लेबनान के मामले में और ज़्यादा ज़िम्मेदार होने की ज़रूरत है. लेबनान एक महान देश हुआ करता था जहां बड़े-बड़े प्रोफ़ेसर, डॉक्टर और वकील हुआ करते थे."

"वो बुद्धिजीवियों का देश हुआ करता था. लेकिन अब वहां के हालात भयानक हैं. लेबनान के साथ बहुत बुरा हुआ. वो अपनी सुरक्षा ही नहीं कर सके. उनके पास हिज़्बुल्लाह है जो उनके लिए समस्या बना हुआ है."

राष्ट्रपति ट्रंप के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी गुरुवार को बिन्यामिन नेतन्याहू को चेतावनी दी थी.

गुरुवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने करीब 45 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इसमें उन्होंने ईरान के साथ हुए समझौते के बारे में जानकारी दी. लेकिन साथ ही उन्होंने अमेरिका के निकट सहयोगी इसराइल और वहां के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को नसीहत भी दी.

उन्होंने कहा, "सबसे पहली बात ये है कि पूरी दुनिया में सिर्फ़ डोनाल्ड ट्रंप ही इकलौते नेता हैं जो इसराइल के प्रति सहानुभूति और समर्थन दिखा रहे हैं. साथ ही, वह दुनिया के सबसे ताकतवर देश के नेता भी हैं."

अमेरिकी राष्ट्रपति की आलोचना करने वाले इसराइली मंत्रियों को संबोधित करते हुए वेंस ने कहा, "पिछले तीन महीनों में आपके देश की रक्षा करने वाले दो-तिहाई रक्षा उपकरण अमेरिकियों ने बनाए हैं. उनका खर्च अमेरिकी करदाताओं ने उठाया है."

दरअसल, इसराइली कैबिनेट के कुछ सदस्यों ने अमेरिका-ईरान समझौते से असहमति जताई थी. ख़ुद नेतन्याहू इससे ज़्यादा ख़ुश नज़र नहीं आ रहे हैं और उन्होंने ईरान के ख़िलाफ़ आक्रामक रवैया जारी रखने के संकेत दिए थे.

बिन्यामिन नेतन्याहू के भाई के साथ क्या हुआ था

रविवार को बिन्यामिन नेतन्याहू ने अपने भाई को याद करते हुए इसराइल की सुरक्षा की शपथ भी ली.

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा, "50 साल पहले मैंने अपने बड़े भाई, इसराइल के हीरो लेफ्टिनेंट कर्नल योनी नेतन्याहू को खो दिया था. उनकी स्मृति हमेशा हमारे साथ है."

दरअसल 27 जून 1976 को एयर फ़्रांस की एक फ़्लाइट का अपहरण कर लिया गया था. इस विमान में कई इसराइली नागरिक सवार थे. उन्हें बचाने के लिए इसराइल ने एक ऑपरेशन शुरू किया था और लेफ़्टिनेंट कर्नल योनाथन नेतन्याहू को फ़ील्ड ऑपरेशन का इंचार्ज बनाया गया था.

इस ऑपरेशन में इसराइल अपने बंधकों को छुड़ाने में कामयाब रहा था, लेकिन पूरे अभियान में इसराइल का सिर्फ एक सैनिक मारा गया था जो कर्नल नेतन्याहू ही थे.

अपहरणकर्ताओं ने इस विमान को पहले लीबिया के शहर बेनग़ाज़ी चलने का आदेश दिया. बेनग़ाज़ी में ईंधन लेने के बाद अपहरणकर्ताओं ने पायलट को आदेश दिया कि विमान को युगांडा के एन्तेबे हवाई अड्डे ले जाया जाए.

उस समय युगांडा में तानाशाह इदी अमीन का शासन था. उनकी पूरी सहानुभूति अपहरणकर्ताओं के साथ थी.

इसराइल से क़रीब चार हज़ार किलोमीटर दूर जाकर अपने लोगों को बचाना और फिर वहां से वापस लौटने का अभियान काफ़ी मुश्किल था, लेकिन इसराइल ने इसे सफलता के साथ पूरा किया था.

Açık Sorular

  • क्या यह बयान नेतन्याहू की नीतियों में बदलाव लाएगा?
  • ट्रंप की प्रतिक्रिया क्या होगी?

İlgili Konular

Bu haber ilk olarak şurada yayınlandı: BBC हिंदी.
एंडी बर्नहैम: लेबर पार्टी के नेता बनने की दौड़ में एक मज़बूत दावेदार
Gelişiyor·2 sa önce

एंडी बर्नहैम: लेबर पार्टी के नेता बनने की दौड़ में एक मज़बूत दावेदार

एंडी बर्नहैम, जो लेबर पार्टी के नेता बनने की दौड़ में शामिल हो सकते हैं, ने मेकरफ़ील्ड उपचुनाव में जीत हासिल की है. यह जीत उन्हें पार्टी नेतृत्व के लिए एक मज़बूत दावेदार बनाती है.

BBC हिंदी