ईरान और अमेरिका के बीच तनाव: IRGC ने अमेरिकी नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया
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ईरानी रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका की फ़िफ़्थ फ़्लीट और एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया है. अमेरिका ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट करने की बात कही है.
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ईरानी रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका की फ़िफ़्थ फ़्लीट और एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया है, जिसे वे अमेरिका द्वारा उनके टेलीकॉम एंटीना और तेल टैंकर पर किए गए हमलों का जवाबी कार्रवाई बता रहे हैं. वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया है.
प्रकाशित एक मिनट पहले
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ईरानी रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर (आईआरजीसी) ने बुधवार को कहा कि उसने देर रात अमेरिका की फ़िफ़्थ फ़्लीट और एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है.
आईआरजीसी का कहना है कि ये जवाबी हमला था, इससे पहले अमेरिका ने उनके टेलीकॉम एंटीना और ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया था.
उधर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि कि उसने कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को रोक कर उन्हें नष्ट कर दिया है.
बीबीसी फ़ारसी के मुताबिक़, सेंटकॉम ने कहा कि उसने "पूरे क्षेत्र में हमले करने के ईरानी प्रयासों" के जवाब में क़ेशम द्वीप के कुछ ठिकानों पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं.
दरअसल, इससे पहले अमेरिका ने दावा किया था कि उसने एक ख़ाली तेल टैंकर को निशाना बनाया था, जो ईरान की तरफ़ जा रहा था.
सेंटकॉम ने बताया कि एक अमेरिकी विमान ने बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी जहाज़ के इंजन रूम पर हेलफ़ायर मिसाइल दागी.
आईआरजीसी ने अपने बयान में कहा, "हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि आक्रामकता की स्थिति में, प्रतिक्रिया अलग और अधिक गंभीर होगी और हमने उसी के अनुसार कार्रवाई की."
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज़ स्ट्रेट में 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले सभी जहाज़ों पर नाकाबंदी लागू की थी.
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अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान में कहा है कि ईरान ने इलाक़े में स्थित पड़ोसी देशों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, लेकिन उनमें से कोई भी अपने टार्गेट तक नहीं पहुंचीं.
अमेरिका ने दावा किया कि कुवैत पर दागी गईं दो मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही गिर गईं या रास्ते में ही नष्ट हो गईं और बहरीन पर दागी गईं तीन अन्य मिसाइलों को अमेरिकी और बहरीनी हवाई रक्षा प्रणालियों द्वारा तुरंत रोक दिया गया.
बीबीसी फ़ारसी के अनुसार, वहीं दूसरी ओर ईरानी सूत्रों ने दावा किया कि कुवैत में कम से कम तीन विस्फोट हुए और एक अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम निष्क्रिय हो गया.
सेंटकॉम के बयान में यह भी कहा गया है कि "कुछ मिनट पहले, सेंटकॉम बलों ने ईरान द्वारा क्षेत्र के जलक्षेत्र से गुज़र रहे नागरिक जहाज़ों पर दागे गए तीन सुसाइड ड्रोन को मार गिराया."
सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी सेना ने आत्मरक्षा में क़ेशम द्वीप पर स्थित एक ईरानी सैन्य ज़मीनी कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया.
यह आईआरजीसी की रिपोर्ट से मेल खाता है, जिसमें क़ेशम द्वीप के दक्षिण में स्थित एक दूरसंचार टॉवर को निशाना बनाए जाने को अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय पर हमले का कारण बताया गया है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन झड़पों में अमेरिकी सेना का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ.
अमेरिकी केंद्रीय कमान ने कहा कि मौजूदा युद्धविराम के दौरान उसकी सेनाएं सतर्क रहेंगी और "ईरान की बिना उकसावे वाली आक्रामकता" का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं.
अमेरिका ने तेल टैंकर को बनाया निशाना
अमेरिका का कहना है कि उसने ईरान की ओर जा रहे एक ख़ाली तेल टैंकर पर हमला कर उसे "निष्क्रिय" कर दिया है. यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट पर वॉशिंगटन की नौसैनिक नाकेबंदी के तहत की गई.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा कि अमेरिकी विमान ने बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी जहाज़ पर हेलफ़ायर मिसाइल दागी, जो उसके इंजन रूम में लगी.
सेंटकॉम के मुताबिक, जहाज़ के चालक दल ने "बार-बार दी गई चेतावनियों को नज़रअंदाज़" किया था.
सेंटकॉम ने मंगलवार को टैंकर पर हुए हमले का कथित वीडियो फ़ुटेज भी जारी किया. ईरान ने इस मामले पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है.
अमेरिकी सेना ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी जहाज़ों पर अपनी नाकेबंदी लागू करना शुरू किया था.
अपने बयान में सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी बलों ने "बोत्सवाना के झंडे वाले एम/टी लेक्सी के ख़िलाफ़ नाकेबंदी संबंधी कार्रवाई की, जब वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से होकर ख़ार्ग द्वीप की ओर जा रहा था."
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Yapay zekâ öngörüsü — kesinlik taşımaz
Increased military posturing and potential for further skirmishes between Iran and the US.
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International calls for de-escalation and diplomatic intervention.
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- क्या इन हमलों में कोई हताहत हुआ?
- क्या ईरान के दावों की पुष्टि हुई है?
- क्या यह घटना ईरान और अमेरिका के बीच सीधे टकराव का कारण बनेगी?
- क्या इस घटना का क्षेत्रीय स्थिरता पर कोई प्रभाव पड़ेगा?
