क़तर फैक्ट्री धमाके में 12 भारतीयों समेत 13 की मौत, 66 घायल
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क़तर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में एक फैक्ट्री में तकनीकी ख़राबी के कारण हुए धमाके में 12 भारतीय नागरिकों सहित 13 लोगों की मौत हो गई और 66 अन्य घायल हो गए। भारतीय दूतावास मदद के लिए संपर्क में है।
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क़तर में आठ लाख से ज़्यादा भारतीय कामगार रहते हैं और वे हर साल बड़ी मात्रा में पैसा भारत भेजते हैं। यह घटना रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई, जहाँ बरज़ान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में परिचालन शुरू हो रहा था।
प्रकाशित 23 जून 2026, 07:07 IST
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क़तर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में एक फैक्ट्री में हुए धमाके में 13 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 12 भारतीय हैं. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी.
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "क़तर के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि रविवार रात रास लाफ़ान में हुई घटना में 12 भारतीय नागरिकों की दुखद मौत हो गई है."
दूतावास ने क़तर के अधिकारियों के हवाले से बताया कि घायल हुए सभी लोग फ़िलहाल स्थिर स्थिति में हैं और उनका उचित इलाज हो रहा है.
क़तर में आठ लाख से ज़्यादा भारतीय कामगार रहते हैं और हर साल 1.3 से 1.9 अरब डॉलर कमाकर भारत भेजते हैं.
दूतावास ने कहा, "हम क़तर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि इस घटना से प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों को हर संभव मदद दी जा सके. इसमें मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द भारत भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी शामिल है."
इससे पहले सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान क़तर के ऊर्जा मंत्री साद बिन श्रैदा अल-काबी ने पुष्टि की थी कि इस घटना में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के 13 लोगों की मौत हुई है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कहा?
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. एस जयशंकर ने एक्स पर लिखा है, ''क़तर के रास लाफ़ान इंडस्ट्रियल सिटी में हुए धमाके में भारतीय नागरिकों समेत अन्य लोगों की मौत और घायल होने की ख़बर से गहरा दुख हुआ है.''
''जैसे-जैसे इस घटना से जुड़ी और जानकारी सामने आ रही है, हमारा दूतावास क़तर के अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और इस त्रासदी से प्रभावित भारतीय नागरिकों के परिवारों को हर संभव मदद पहुँचाने के लिए कोशिश कर है. हमारी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं. हम मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की दुआ करते हैं.''
क़तर में हुए इस हादसे पर तुर्की के विदेश मंत्रालय ने भी दुख जताया है.
भारतीय दूतावास ने कहा, "इस चुनौतीपूर्ण और मुश्किल समय में दोहा स्थित भारतीय दूतावास और क़तर में पूरा भारतीय समुदाय क़तर सरकार और वहाँ के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है. हम घायलों के जल्दी सेहतमंद होने की कामना करते हैं और लापता लोगों की सुरक्षा के लिए दुआ करते हैं."
एक अलग बयान में क़तर के गृह मंत्रालय ने कहा कि यह घटना एक तकनीकी ख़राबी के कारण हुई, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई और अलग-अलग देशों के 66 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.
मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने रास लाफ़ान में आपातकालीन टीमों के साथ तत्काल कार्रवाई की और घटनास्थल पर ज़रूरी सेवाएं मुहैया कराई गईं.
घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भेजा गया जबकि घटनास्थल पर खोज और राहत अभियान पूरा कर लिया गया है.
अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के सटीक तकनीकी कारणों और उससे जुड़ी सभी परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है.
गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि दुर्घटना के बाद किसी प्रकार का रिसाव नहीं पाया गया और न ही सार्वजनिक सुरक्षा या आसपास के पर्यावरण के लिए कोई ख़तरा है.
इससे पहले क़तर एनर्जी ने कहा था कि रविवार शाम बरज़ान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी में परिचालन शुरू होने के दौरान धमाके और आग लगने की घटना हुई।
أسئلة مفتوحة
- दुर्घटना के सटीक तकनीकी कारण क्या थे?
- क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे?


