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अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच ट्रंप की चेतावनी, कहा- 'प्रॉक्सी को रोको वरना फिर हमला होगा'
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BBC हिंदी21‏/6‏/2026العالم4 د قراءةIndia

अमेरिका-ईरान बातचीत के बीच ट्रंप की चेतावनी, कहा- 'प्रॉक्सी को रोको वरना फिर हमला होगा'

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स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह लेबनान में अपने प्रॉक्सी को परेशानी खड़ी करने से रोके, अन्यथा अमेरिका फिर से हमला करेगा।

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प्रकाशित 5 मिनट पहले

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स्विट्ज़रलैंड के बर्गनस्टॉक में जहां एक ओर पाकिस्तान और क़तर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हो रही है वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दे दी है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "ईरान को लेबनान में अपने ज़्यादा पैसे वाले प्रॉक्सी को परेशानी खड़ी करने से तुरंत रोकना चाहिए."

इसके साथ ही ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, "अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत ज़ोर से हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ़्ते किया था, बस और ज़्यादा."

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ये पोस्ट उस समय किया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है.

वहीं बातचीत से पहले स्विट्ज़रलैंड में मौजूद अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे 'ऐतिहासिक' बताया और कहा कि 'अमेरिका ईरान के साथ अपने रिश्तों में बड़े बदलाव के लिए तैयार' है.

17 जून को मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद 21 जून को स्विट्जरलैंड में ईरान के साथ बातचीत की शुरुआत में पाकिस्तान और क़तर के प्रधानमंत्रियों सामने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ये बात कही है.

जेडी वेंस ने और क्या कहा?

अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, "इस्लामाबाद और यहां को छोड़कर, यानी पिछले कुछ महीनों से पहले, ईरानी और अमेरिकी लीडरशिप इस लेवल पर कभी नहीं मिले हैं. राष्ट्रपति ने हमें एक नया अध्याय शुरू करने और ईरान के लोगों के साथ अपने रिश्तों को बदलने और उनकी तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाने की ज़िम्मेदारी दी है."

"मैसेज यह है कि अगर ईरानी लीडरशिप इस इलाक़े में अस्थिरता को बढ़ावा देना बंद कर दे, अगर वह न्यूक्लियर हथियारों को हासिल करने की अपनी लंबे समय से चली आ रही इच्छा छोड़ दे, तो अमेरिका इस देश के साथ अपने रिश्तों को पूरी तरह से बदलने के लिए तैयार है. यही हमारा लक्ष्य है."

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जेडी वेंस ने कहा, "हमने पिछले कुछ घंटों में काफ़ी तरक्की की है और आने वाले समय में और तरक्की की उम्मीद है."

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इलाक़े में सीज़फ़ायर चाहते हैं.

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अमेरिका और दुनिया भर के लोगों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि राष्ट्रपति ट्रंप की लीडरशिप और हमें इस पॉइंट तक पहुंचाने की उनकी प्रतिबद्धता ही आज हम जहां हैं, वहां तक पहुंचाने के लिए ज़रूरी है, और वह चाहते हैं कि अगले 10 सालों में मिडिल ईस्ट पिछले 10 सालों से अलग हो."

आसिम मुनीर और शहबाज़ शरीफ़ की तारीफ़ की

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"हम यहां एक आसान मक़सद से इकट्ठा हुए हैं: डिप्लोमेसी और कोऑपरेशन के ज़रिए मिडिल ईस्ट को बदलना, जहां ईरान और खाड़ी देशों के बीच या तो जंग हुई है या उनके बीच बहुत टेंशन वाले रिश्ते रहे हैं, और जहाँ ईरान को इलाके में अस्थिरता का सोर्स माना जाता रहा है. अब हम एक ऐसे भविष्य की तस्वीर देख रहे हैं जहाँ हर कोई शांति और खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर सकता है."

इस बातचीत की प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ़ करते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के शुक्रगुजार हैं, "जो राष्ट्रपति और मेरे करीबी दोस्त हैं. उनकी लीडरशिप और बातचीत की अच्छी कोशिशों ने हमें इस मुकाम तक पहुंचाया है."

उन्होंने कहा कि जब से पाकिस्तान में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने उनकी मेज़बानी की है, वह अक्सर मज़ाक में कहते हैं कि उनकी ज़िंदगी में दो बहुत ज़रूरी लोग हैं, एक भारतीय और एक पाकिस्तानी. भारतीय उनकी पत्नी हैं और पाकिस्तानी फ़ील्ड मार्शल मुनीर हैं.

"मैंने शायद फ़ील्ड मार्शल मुनीर से पिछले कुछ महीनों में जितनी बात की है, उतनी शायद किसी और से नहीं हुई उनके डिप्लोमैटिक रोल के बिना, हम यहां नहीं होते. वह निश्चित रूप से एक महान मिलिट्री लीडर हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने खुद को एक बेहतरीन डिप्लोमैट भी साबित किया है."

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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