عاجل
UKMet Office Expands Extreme Heat Warning for UK, Record Highs ExpectedGLOBALUS and Iran Officials Meet in Switzerland for Direct Talks on Ending WarINTLLA Mayor Declares State of Emergency Over Cold-Storage Facility FireINIran's Tasnim Reports Strait of Hormuz Closure Linked to Lebanon Ceasefire, Oil WaiversGLOBALBrendon McCullum Confirms Ben Stokes to Return as England Captain for Third TestINA Decade Since Brexit: Economic Toll, Shifting Opinions, and Political FalloutUKWest Indies edge Sri Lanka in T20 World Cup thrillerCRYPTO-ENNew Framework Explains AI Psychosis Reports, Linking Chatbot Behavior to DelusionsINChina's DF-17 Hypersonic Missile Launch Footage Aired by CCTVEUParis Restricts Alcohol Sales Amid Heatwave and Fête de la MusiqueUKMet Office Expands Extreme Heat Warning for UK, Record Highs ExpectedGLOBALUS and Iran Officials Meet in Switzerland for Direct Talks on Ending WarINTLLA Mayor Declares State of Emergency Over Cold-Storage Facility FireINIran's Tasnim Reports Strait of Hormuz Closure Linked to Lebanon Ceasefire, Oil WaiversGLOBALBrendon McCullum Confirms Ben Stokes to Return as England Captain for Third TestINA Decade Since Brexit: Economic Toll, Shifting Opinions, and Political FalloutUKWest Indies edge Sri Lanka in T20 World Cup thrillerCRYPTO-ENNew Framework Explains AI Psychosis Reports, Linking Chatbot Behavior to DelusionsINChina's DF-17 Hypersonic Missile Launch Footage Aired by CCTVEUParis Restricts Alcohol Sales Amid Heatwave and Fête de la Musique
Newsgather
Backबांदा: थाने के भीतर पिता ने चाकू मारकर की बेटी की हत्या, प्रेम विवाह बना वजह
बांदा: थाने के भीतर पिता ने चाकू मारकर की बेटी की हत्या, प्रेम विवाह बना वजह
يتطور
BBC हिंदी14.06.2026Crime4 dk okumaIndia

बांदा: थाने के भीतर पिता ने चाकू मारकर की बेटी की हत्या, प्रेम विवाह बना वजह

نظرة سريعة

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक पिता ने थाने के भीतर अपनी 19 वर्षीय बेटी शिवानी की चाकू मारकर हत्या कर दी। बेटी ने अपनी पसंद के युवक से प्रेम विवाह किया था, जो पिता को स्वीकार नहीं था। पुलिस की मौजूदगी में हुई इस घटना ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ملخص مُنشأ بالذكاء الاصطناعي

لماذا يهم

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में एक पिता ने थाने के भीतर अपनी 19 वर्षीय बेटी की चाकू मारकर हत्या कर दी, क्योंकि उसने अपनी पसंद के युवक से प्रेम विवाह कर लिया था। यह घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, जिससे कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

حجم الخط

Author, गौरव गुलमोहर

पदनाम, बांदा से बीबीसी हिन्दी के लिए

प्रकाशित 14 जून 2026

पढ़ने का समय: 6 मिनट

उत्तर प्रदेश के बांदा ज़िले में बीते शुक्रवार शाम एक पिता ने बदौसा थाने के भीतर अपनी 19 साल की बेटी शिवानी की चाकू मारकर हत्या कर दी.

बदौसा थाने के भीतर यह घटना तब हुई जब पुलिस, शिवानी और ललित वर्मा को मध्य प्रदेश के बरौंधा से पकड़ कर लाने के बाद थाने में पूछताछ कर रही थी.

बांदा पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "जांच के क्रम में थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह, एसआई और महिला कॉन्स्टेबल को लाइन हाज़िर किया गया है."

शिवानी ने 18 मई को घर छोड़कर अपनी पसंद के युवक से शादी कर ली थी.

लड़की के घर से चले जाने के बाद उसकी मां की शिकायत पर बदौसा थाने की पुलिस दोनों की तलाश कर रही थी. युवती ओबीसी परिवार से और युवक दलित परिवार से है.

पुलिस के अनुसार, युवती के पिता ने थाना परिसर में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उन पर हमला किया.

बांदा के एसपी पलाश बंसल ने पत्रकारों को बताया कि "18 मई को थाना बदौसा पुलिस को शिकायत मिली कि 19 साल की एक युवती को पड़ोस का एक परिचित लड़का भगा ले गया. इस पर संबंधित धारा में मुक़दमा दर्ज किया गया."

उन्होंने बताया कि 12 जून को महिला को सकुशल बरामद करके थाने लाया गया था. नियमानुसार उनके माता पिता को सूचना दी गई थी. महिला की काउंसलिंग की जा रही थी, इसी दौरान पिता ने एक धारदार हथियार से उन पर हमला किया.

उन्होंने बताया कि मां की तहरीर के आधार पर महिला के पिता को हिरासत में लेकर मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है.

थाने में क्या हुआ था

बदौसा थानाध्यक्ष अजीत प्रताप सिंह ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया, "लड़की की मां रन्नो देवी ने 18 मई को मुक़दमा लिखवाया था. इसमें लिखा था कि मेरी बेटी शिवानी को ललित वर्मा (19) भगा ले गया है.''

जांच अधिकारी 12 जून को लड़की को बरामद कर थाने लेकर आए थे. लड़की ने अपने मां-बाप से मिलने की इच्छा ज़ाहिर की थी.

उन्होंने बताया, "महिला पुलिसकर्मी के सामने बेटी अपने मां-बाप से मुक़दमा वापस लेने के लिए बोल रही थी. उसने बोला मैं बालिग हूं. मैं इसी लड़के के साथ रहूंगी. जब पिता को लगा कि यह मेरी बात नहीं मानेगी तो उसने जेब में हाथ डालकर चाकू निकाला और लड़की पर हमला कर दिया."

"हम लोग लड़की को लेकर सामुदायिक चिकित्सा केंद्र पहुंचे. वहां से उसे मेडिकल कॉलेज के लिए रेफ़र कर दिया गया, जहाँ डॉक्टरों ने लड़की को मृत घोषित कर दिया."

लड़की की मां रन्नो देवी ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी को बताया कि उनके पति सत्यकुमार चौहान ने उनके सामने बेटी के ऊपर हमला कर उसकी हत्या कर दी.

रन्नो देवी ने बताया, "मैं चाहती थी कि मेरी बेटी मेरे पक्ष में बोल देती, लेकिन लड़की मेरे पक्ष में नहीं बोली. शहर में दूसरी जाति से शादी में बहुत परेशानी नहीं होती, लेकिन गांव में हम ऐसा नहीं कर सकते हैं. वो हमारी बराबरी के नहीं हैं."

ललित वर्मा और उनके परिवार से कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन बंद आ रहा है.

थाने में हत्या पर सवाल

शिवानी बदौसा क्षेत्र के बरछा-ब गांव की रहने वाली थी. पड़ोस में रहने वाले ललित वर्मा से उसका परिचय बचपन का था.

दोनों के घर आस-पास हैं और धीरे-धीरे यह परिचय प्रेम संबंध में बदल गया.

शिवानी ने ललित वर्मा के साथ घर छोड़कर विवाह किया था. वह बालिग थी और अपना फ़ैसला ख़ुद करना चाहती थी.

लेकिन दूसरी जाति के युवक से बेटी का प्रेम विवाह पिता को स्वीकार नहीं था.

पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बीच पिता ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया जिसमें उसकी मौत हो गई.

ग्राम प्रधान विनोद गांधी ने बीबीसी हिन्दी से बात करते हुए पुलिस संरक्षण में हुई हत्या पर सवाल उठाया है.

उन्होंने कहा, "यदि दोनों (लड़का-लड़की) ने अरेस्टिंग स्टे ले लिया था, जिसकी नोटिस बदौसा थाने में 10 जून को ही आ गई थी. तो पुलिस का यह अधिकार नहीं कि उन्हें अरेस्ट करे. लेकिन जिस दिन लड़की को लड़के के पक्ष वाले बयान के लिए हाज़िर करना चाह रहे थे उसी दिन शिवानी और ललित वर्मा को अरेस्ट कर लिया गया."

"अहम सवाल यह है कि पुलिस संरक्षण में थाने के भीतर कैसे किसी की हत्या हो सकती है? यह पहला मामला है जब हमारे ज़िले में थाने के भीतर किसी की हत्या हो गई हो."

उन्होंने कहा, "सात साल पुराना प्रेम संबंध था. एक, दो बार लड़की के पिता ने शिकायत भी की थी. दोनों ने घर छोड़ कर खत्री पहाड़ पर विंध्यवासिनी मंदिर में शादी कर ली थी और हाई कोर्ट में शादी के पंजीकरण के लिए अप्लाई भी कर दिया था."

घर छोड़ने का फ़ैसला

स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवानी और ललित वर्मा को लगा कि परिवार जल्द ही उनकी शादी कहीं और करा सकता है इसलिए उन्होंने घर छोड़ने का फैसला कर लिया.

18 मई की रात उन्होंने घर छोड़ने का फ़ैसला किया.

दोनों के गायब होने के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. युवती की मां रन्नो देवी की तहरीर पर मामला दर्ज हुआ और पुलिस उनकी तलाश में जुट गई.

शुक्रवार को मध्य प्रदेश के बरौंधा क्षेत्र में दोनों को ढूंढ कर पुलिस बदौसा थाने लेकर आई.

शिवानी चार बहनों और दो भाइयों में तीसरे नंबर की थीं. उनके पिता सिलाई का काम करते थे. परिवार आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी.

जबकि ललित डीजे में काम करते हैं. ललित के पिता कॉन्ट्रैक्ट पर बिजली विभाग में काम करते हैं.

दोनों का सामाजिक और आर्थिक परिवेश लगभग एक जैसा है, लेकिन जातीय पहचान उनके रिश्ते के रास्ते में बड़ी बाधा थी.

पूर्व प्रधान हरिओम सोनकर ने बीबीसी हिन्दी को बताया, "दोनों परिवार मज़दूरी करके जीवनयापन करते हैं. लड़के के पिता राम कृपाल वर्मा संविदा में बिजली विभाग में काम करते हैं. लड़की के पिता सत्यकुमार चौहान दर्जी का काम करके परिवार चलाते हैं.''

क़ानून व्यवस्था पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

उन्होंने बीबीसी हिन्दी से कहा, "यह महाजंगलराज की पराकाष्ठा है जहां दलित और पिछड़ों को सामाजिक बंधनों को तोड़कर आपसी भाईचारे और मोहब्बत की भी इजाज़त नहीं है. जिस तरह से थाने के भीतर पुलिस की मौजूदगी में घटना हुई है इससे स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सामंतवादियों की सरकार है. जिस तरह यह घटना हुई है यह उत्तर प्रदेश सरकार और मुखिया पर कलंक है."

أسئلة مفتوحة

  • थाने में सुरक्षा व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों थी?
  • पुलिस ने पिता को हथियार लाने से क्यों नहीं रोका?
  • क्या गिरफ्तारी के बाद भी पिता को बेटी से मिलने की अनुमति देना उचित था?

مواضيع ذات صلة

This article was originally published by BBC हिंदी.

أخبار ذات صلة

मॉब लिंचिंग के शिकार: शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तबाही
يتطور·3 sa önce

मॉब लिंचिंग के शिकार: शारीरिक, मानसिक और आर्थिक तबाही

मॉब लिंचिंग के शिकार अब्दुल शमीर और नासिर हुसैन ने बीबीसी को बताया कि कैसे गोरक्षक दलों के हमलों ने उनकी ज़िंदगी तबाह कर दी। शारीरिक चोटों के साथ-साथ उन्हें गहरे मानसिक आघात और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।

BBC हिंदी
गोरक्षा के नाम पर ह‍िंसा झेलने के बाद पीड़‍ितों की ज़‍िंदगी में क्‍या-क्या बदल जाता है
يتطور·3 sa önce

गोरक्षा के नाम पर ह‍िंसा झेलने के बाद पीड़‍ितों की ज़‍िंदगी में क्‍या-क्या बदल जाता है

गोरक्षा के नाम पर हुई ह‍िंसा के पीड़‍ितों को गंभीर शारीरिक, मानसिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. अब्दुल शमीर और नासिर जैसे लोगों के अनुभव बताते हैं कि कैसे मॉब लिंचिंग ने उनकी ज़िंदगी बदल दी है, जिसमें रोज़गार छिनना और भारी मेडिकल बिल शामिल हैं.

BBC हिंदी
المزيد حول هذا الموضوعहत्या