Eilmeldung
ESEspaña inicia su tercera ola de calor con temperaturas de hasta 45ºCESMúltiples desastres naturales: Chile, España, Francia, Afganistán y Golfo de México afectadosESFabio Quartararo ficha por Honda HRC para las temporadas 2027 y 2028ESJornada negra en España: Tres mujeres halladas muertas y un hombre apuñaladoESSindicatos presionan al Gobierno español por el registro horario digitalESFedez ingresado de urgencia en Milán por problemas gástricosESHombre acusado de matar a Ann Widdecombe la golpeó 21 veces con un martillo, según fiscalESEspaña: Incendios forestales arrasan 32.000 hectáreas en Guadalajara y provocan evacuacionesESMinisterio de Salud confirma tres muertes por hantavirus en AnzoáteguiESCharles Oliveira revela la "estrategia perfecta" para vencer a Ilia TopuriaESEspaña inicia su tercera ola de calor con temperaturas de hasta 45ºCESMúltiples desastres naturales: Chile, España, Francia, Afganistán y Golfo de México afectadosESFabio Quartararo ficha por Honda HRC para las temporadas 2027 y 2028ESJornada negra en España: Tres mujeres halladas muertas y un hombre apuñaladoESSindicatos presionan al Gobierno español por el registro horario digitalESFedez ingresado de urgencia en Milán por problemas gástricosESHombre acusado de matar a Ann Widdecombe la golpeó 21 veces con un martillo, según fiscalESEspaña: Incendios forestales arrasan 32.000 hectáreas en Guadalajara y provocan evacuacionesESMinisterio de Salud confirma tres muertes por hantavirus en AnzoáteguiESCharles Oliveira revela la "estrategia perfecta" para vencer a Ilia Topuria
Newsgather
Zurückसीजेपी का दावा: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी धरने पर
सीजेपी का दावा: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी धरने पर
In Entwicklung
BBC हिंदीgesternPolitik4 Min. LesezeitIndia

सीजेपी का दावा: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी धरने पर

Auf einen Blick

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि जंतर-मंतर पर उनका विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो शामिल हैं। यह दावा 'चलो संसद' मार्च के आह्वान और पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद आया है।

KI-generierte Zusammenfassung

Warum es wichtig ist

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य प्रदर्शनकारी नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ और शिक्षा में जवाबदेही की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च करने का प्रयास किया, जिसे दिल्ली पुलिस ने रोक दिया।

Schriftgröße

सीजेपी का दावा- प्रदर्शन ख़त्म नहीं हुआ, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी धरने पर

'चलो संसद' मार्च के आह्वान के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि उनका विरोध प्रदर्शन अभी भी जंतर-मंतर पर जारी है.

सीजेपी ने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट में लिखा, "अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और गीतांजलि मैम (सोनम सर की पत्नी) अभी भी जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं."

"वे अभी केरल हाउस के सामने हैं. यह शांतिपूर्ण विरोध ख़त्म नहीं हो रहा है."

इससे पहले सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया था कि सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को दिल्ली पुलिस ले गई है, जिसे दिल्ली पुलिस ने ख़ारिज किया था.

इसके बाद सीजेपी प्रवक्ता ने अपने एक्स पोस्ट में कहा था कि अभिजीत दीपके न ही हिरासत में हैं और न ही गिरफ़्तार किए गए हैं.

हालांकि सीजेपी ने पहले कहा था कि दीपके को पुलिस लेकर गई है. दिल्ली पुलिस ने एक्स पोस्ट में लिखा, "सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर गुमराह करने वाली ख़बरें चल रही हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है."

"यह आधिकारिक रूप से साफ़ किया जाता है कि ये आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और वह स्टेज पर मौजूद हैं."

इससे पहले सीजेपी फ़ाउंडर अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने सोमवार को संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की.

लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया था. प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

जेपी नड्डा से मुलाक़ात का दावा

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया है कि उन्होंने और सीजेपी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाक़ात की है.

सीजेपी प्रवक्ता ने कहा, "जब हम अपनी मांगों का पत्र उन्हें दे रहे थे तो उन्होंने हमें भरोसा दिलाया कि वे इस पर आंतरिक रूप से बात करेंगे."

सौरव दास ने एक्स पोस्ट में दावा किया था कि उनसे सरकार ने बातचीत के लिए संपर्क किया था और दो घंटे से अधिक समय तक इंतज़ार के बाद उनकी 10 मिनट के लिए जेपी नड्डा से मुलाक़ात हुई.

वहीं सोमवार सुबह सीजेपी के मार्च में हज़ारों लोग शामिल थे. पहले पुलिस के लोग उन पर हल्का बल प्रयोग कर रहे थे और उन्हें धक्का दे रहे थे. बहुत ज़्यादा गर्मी होने की वजह से कुछ लोग बेहोश भी हो गए. कुछ लोग वहां से निकलकर बाहर जाते भी दिखे.

लेकिन एक जगह जब प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे.

कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा था कि उसके समर्थक हर हाल में संसद तक शांतिपूर्ण मार्च करेंगे.

सीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "ज़ोरदार बारिश और भारी सुरक्षा...लेकिन आज कॉकरोच को कोई नहीं रोक पाएगा."

सोशल मीडिया पर सुरक्षाकर्मियों की आंदोलनकारियों से झड़प की कई तस्वीरें भी सामने आई हैं.

दीपके और तीन स्टूडेंट्स ने भूख हड़ताल ख़त्म की

इसके अलावा समर्थकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच नोक-झोंक की तस्वीरें भी सामने आई हैं.

सोमवार यानी 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू हो गया है. मॉनसून सत्र के पहले दिन प्रदर्शनकारी संसद भवन जाकर अपनी मांग रखना चाहते हैं.

सीजेपी के फ़ाउंडर अभिजीत दीपके ने रविवार को बीबीसी से बात करते हुए कहा था, "हम हज़ारों की संख्या में 9 बजे संसद के लिए निकलेंगे. हमारी जो भी मांगे हैं हम वहां रखेंगे. हम कोशिश करेंगे कि हमारे डेलिगेशन को अंदर जाने दिया जाए ताकि हम अपनी मांग वहां रख सकें."

इस बीच, अभिजीत दीपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के तीन सदस्यों ने कुछ विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कलाकारों की अपील पर अपनी भूख हड़ताल ख़त्म कर दी है. भूख हड़ताल ख़त्म करने वालों में दीपके के अलावा नेहा, आमीन और मनीष शामिल हैं.

आइसा के सदस्य 23 दिनों से भूख हड़ताल पर थे.

वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पिछले 23 दिनों से अनशन पर हैं. दिल्ली पुलिस ने उन्हें शनिवार सुबह सफ़दरजंग हॉस्पिटल में शिफ़्ट किया था. इसके बाद प्रोटेस्ट साइट पर अचानक भीड़ बढ़ गई.

उन्होंने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के ख़िलाफ़ 28 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू की थी. वांगचुक और दूसरे आंदोलनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं.

रविवार दोपहर दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक को अस्पताल से छुट्टी देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद गीतांजलि ने कहा कि वो सोमवार को संसद मार्च में अपने पति वांगचुक की ओर से शामिल रहेंगी.

रविवार रात, सोनम की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने कहा कि अगर सांसद और नेता अस्पताल में सोनम से मिलें और उन्हें भरोसा दिलाएं कि वो संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो सोनम सोमवार को अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे.

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस ने रविवार शाम एक एडवाइज़री जारी कर किसी भी तरह के मार्च की इजाज़त देने से इनकार किया था.

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा, "ऐसे किसी मार्च के लिए दिल्ली पुलिस को कोई आवेदन नहीं मिला है और न ही कोई अनुमति दी गई है."

"नई दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रोहिबिटरी ऑर्डर लागू है. इसके तहत जंतर-मंतर स्थित निर्धारित प्रदर्शन स्थल को छोड़कर, पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, विरोध मार्च निकालने या प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध है."

दिल्ली पुलिस ने आम लोगों से इस मार्च में शामिल न होने की अपील की है.

पुलिस ने बताया कि संसद सत्र को देखते हुए आम जनता की सुरक्षा, क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.

मल्टी-लेवल बैरिकेडिंग, बाहर निकलना मुश्किल

बीबीसी संवाददाता जुगल पुरोहित शुरुआत से ही इस प्रदर्शन को कवर कर रहे हैं. उन्होंने रविवार को दिल्ली पुलिस के सुरक्षा इंतज़ाम का भी जायज़ा लिया.

जुगल पुरोहित ने बताया, "जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल के आस-पास पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं. वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है. धरना स्थल के पास कई चरणों में बैरिकेडिंग की गई है. वहां पहुंचना और वहां से निकलना आसान नहीं होगा."

जुगल ने बताया कि धरना स्थल की एग्ज़िट लेन में करीब चार लेयर की बैरिकेडिंग की गई है. इस लेन में करीब सात फीट ऊंचे बैरिकेड भी लगाए गए हैं.

इन विपक्षी नेताओं ने की मार्च में शामिल होने की अपील

विपक्षी पार्टियां और नेता शुरू से इस आंदोलन से दूरी बनाए हुए थे, लेकिन बाद में कुछ नेताओं ने व्यक्तिगत तौर पर इस आंदोलन में शामिल होने की बात कही.

रविवार को दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया धरना स्थल पहुंचे. उन्होंने लोगों से पार्टी से ऊपर उठकर इस मार्च में शामिल होने की बात कही.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "सोमवार को शिक्षा क्रांति के समर्थन में प्रोटेस्ट मार्च के लिए मैं भी जंतर मंतर पहुंचूंगा. ये मार्च किसी एक व्यक्ति या संगठन के समर्थन में नहीं है. यह देश के बच्चों के भविष्य के समर्थन में मार्च है. यह भारत को शिक्षा माफिया से आज़ाद कराने का मार्च है."

समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने रविवार को जंतर-मंतर पहुंचकर मंच से इस मार्च में शामिल होने की अपील की. और वो इससे पहले भी कह चुकी हैं कि सोमवार को होने वाले मार्च में वो शामिल होंगी.

रविवार को समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय और इक़रा हसन भी पहुंचे. मंच से बोलते हुए राजीव राय ने कहा कि समाजवादी पार्टी और उनके सभी कार्यकर्ता सीजेपी के इस आंदोलन के साथ हैं.

उन्होंने एक्स पर लिखा, "लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. जब नागरिक अपनी बात सुनाने के लिए उपवास करते हैं, तो सरकार का कर्तव्य उनकी बात सुनना होता है, न कि उनसे मुंह मोड़ लेना. यही राजधर्म है."

उन्होंने आगे लिखा, "कांग्रेस पार्टी की ओर से, मैं जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और प्रदर्शनकारियों से मिला और उनसे आग्रह किया कि वे अपनी बिगड़ती सेहत को देखते हुए अपना अनशन समाप्त कर दें. किसी आंदोलन को अपने लोगों को खोकर मज़बूत नहीं किया जा सकता. हम आगे भी संघर्ष करने के लिए जीवित रहते हैं."

Worauf zu achten ist

KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten

  • यदि सांसद और नेता सोनम वांगचुक से अस्पताल में मिलकर भरोसा दिलाते हैं कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो सोनम अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।

    Wahrscheinlich · Innerhalb von Tagen

Offene Fragen

  • सरकार प्रदर्शनकारियों की मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देगी?
  • सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल कब समाप्त करेंगे?
  • संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाया जाएगा या नहीं?

Verwandte Themen

This article was originally published by BBC हिंदी.

Ähnliche Meldungen

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन: पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग
In Entwicklung·vor 11 Minuten

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का प्रदर्शन: पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने पीएम मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को लेकर पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया. पीएम मोदी ने नीट पेपर लीक पर बयान दिया, जबकि कांग्रेस ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया.

BBC हिंदी
5 Min. Lesezeit
सीजेपी विरोध प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया: दिल्ली पुलिस कमिश्नर का तबादला और नड्डा की मुलाकात
In Entwicklung·vor 3 Stunden

सीजेपी विरोध प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया: दिल्ली पुलिस कमिश्नर का तबादला और नड्डा की मुलाकात

भारत में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल ने मोदी सरकार को चिंतित किया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अचानक तबादला और जे.पी. नड्डा का CJP प्रतिनिधियों से मिलना सरकार की शुरुआती अनदेखी के बाद बदली रणनीति को दर्शाता है।

BBC हिंदी
7 Min. Lesezeit
Mehr zu diesem Themaजंतर-मंतर