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ओमान के तट पर भारतीय जहाज का इंजन फेल, 11 नाविकों को बचाया गया; एक अन्य जहाज पर भारतीय की मौत
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BBC हिंदी14.6.2026Welt4 Min. LesezeitIndia

ओमान के तट पर भारतीय जहाज का इंजन फेल, 11 नाविकों को बचाया गया; एक अन्य जहाज पर भारतीय की मौत

Auf einen Blick

ओमान के तट के पास भारतीय झंडे वाले जहाज विराट-1 का इंजन फेल होने पर 11 नाविकों को बचाया गया। वहीं, तुकम बंदरगाह पर एमटी सेलेस्टियल जहाज पर मेडिकल जटिलताओं से एक भारतीय नागरिक निशांत उइरतानाथन की मौत हो गई। इससे पहले अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत पर भारत ने अमेरिका से कड़ा विरोध दर्ज कराया था।

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प्रकाशित 14 जून 2026, 16:22 IST

अपडेटेड 2 घंटे पहले

पढ़ने का समय: 5 मिनट

ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने रविवार को एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि ओमान के तट के नज़दीक एक भारतीय झंडे वाले जहाज़ का इंजन फ़ेल हुआ जिस पर सवार 11 लोगों को बचाया गया है.

भारतीय दूतावास ने एक्स पर लिखा, "मिशन को ओमान के तट के पास भारतीय ध्वज वाले जहाज़ विराट-1 से जुड़ी एक घटना की जानकारी मिली है. जहाज़ पर चालक दल के 14 भारतीय सवार थे. इनमें से 11 को बचा लिया गया है."

कुछ देर बाद भारतीय दूतावास ने लिखा, ''एक बेहतरीन और निरंतर बचाव अभियान के ज़रिये एमएससी विराट-1 के 14 चालक दल के सदस्यों में से 11 को बचा लिया गया है. उन्हें एमवी जबल अली-9 पर सुरक्षित पहुंचा दिया गया है.''

''बाकी चालक दल के सदस्यों को बचाने का अभियान भी जारी है और इसके जल्द पूरा होने की उम्मीद है.''

दूतावास ने एक और पोस्ट कर जानकारी दी थी कि जहाज़ का इंजन ख़राब हो गया था.

दूतावास ने लिखा, "जानकारी के मुताबिक़, जहाज़ में इंजन ख़राब हो गया था, जिसके बाद चालक दल के सभी सदस्यों को सुरक्षित रूप से एक लाइफराफ्ट (रेस्क्यू बोट) में भेज दिया गया."

एक अन्य जहाज़ पर भारतीय की मौत

इस बीच, ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''भारतीय नागरिक निशांत उइरतानाथन का मेडिकल जटिलताओं की वजह से निधन हो गया है. उनका पार्थिव शरीर वर्तमान तुकम बंदरगाह पर स्थित एमटी सेलेस्टियल जहाज़ पर रखा हुआ है.''

''दूतावास जहाज़ की मैनेजमेंट कंपनी के साथ लगातार संपर्क में है और सभी संबंधित पक्षों के साथ को-ऑर्डिनेट कर रहा है. उनके पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए ज़रूरी व्यवस्था की जा रही है.''

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बीबीसी तमिल के मुताबिक़ भारत में नाविकों और जहाज़ कामगारों के संघों के संघ (एफएसयूआई) ने अपने फेसबुक पेज पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें निशांत के शव को ठंडे पानी की बोतलों से संरक्षित करते हुए दिखाया गया है.

हालांकि बीबीसी इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाया है.

इससे पहले ओमान के तट के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत हो गई थी.

इसे लेकर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात की थी.

अमेरिकी सेना ने ओमान के तट पर कमर्शियल जहाज़ 'सेटेबेलो' पर 9 जून को हमला किया था.

इस जहाज़ पर 24 भारतीय क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें से 21 को बचा लिया गया था, जबकि तीन नाविकों की मौत हो गई थी.

यह पहली घटना नहीं थी, इसके पहले 8 जून और 11 जून को भी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय क्रू मेंबर्स वाले दो अन्य जहाज़ों पर हमला किया गया था, हालांकि उनमें किसी की मौत नहीं हुई और सभी नाविकों को बचा लिया गया.

भारत ने तीन नाविकों के मारे जाने पर अमेरिका से विरोध दर्ज कराया था.

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से इस पर बात की थी.

जयशंकर ने कहा कि इस बातचीत में उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री से 'कड़ा विरोध' दर्ज कराया और कहा कि इस तरह का 'घातक हमला उचित नहीं' है.

शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एस जयशंकर और रुबियो के बीच बातचीत का ब्योरा जारी किया. बयान के अनुसार, रुबियो ने कहा है कि खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल की अवैध ढुलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर बताया, "विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की. दोनों नेताओं ने होर्मुज़ स्ट्रेट में हाल की घटनाओं पर चर्चा की."

तीन भारतीय नाविकों की मौत पर तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना के इन हमलों में भारतीय नाविकों की मौत के बाद लोग भारत और अमेरिका के बीच अच्छे संबंधों पर सवाल उठा रहे हैं.

कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद न अफ़सोस, न माफ़ी. उल्टा अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है. उनके शब्द पढ़िए, अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें. कोई उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.''

उन्होंने लिखा, '' एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा. लेकिन हमारे कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम वो देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेंगे.''

उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ''अगले हफ्ते जी7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे. मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा.''

''कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताक़त.''

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, '' इस त्रासद घटना को तीन दिन बीत चुके हैं. लेकिन अब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से न तो कोई सार्वजनिक बयान आया है और न ही शोक संदेश. मोदी जी, पूरा देश इसकी प्रतीक्षा कर रहा था.''

''आपने कहा था, 'देश नहीं झुकने दूंगा', लेकिन अब यह साबित करने के लिए किसी और सबूत की ज़रूरत नहीं है कि आपने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और संप्रभुता को कमज़ोर किया है.''

''हमारे राष्ट्रीय हितों से रोज़ाना समझौता किया जा रहा है. और विडंबना यह है कि आप इसे 'विश्वगुरु' के नैरेटिव के ज़रिए सकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं.''

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This article was originally published by BBC हिंदी.

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