नीट परीक्षा के रिज़ल्ट पर उठे सवाल के बीच एनटीए की चेतावनी, केजरीवाल बोले- 'धमकी मत दो'
Auf einen Blick
नीट 2026 परीक्षा के नतीजों पर छात्रा आर्या सिंह ने गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद एनटीए ने आरोपों की जांच और फर्जी ओएमआर शीट पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अरविंद केजरीवाल समेत कई राजनीतिक दलों ने एनटीए की आलोचना की है और प्रदर्शन जारी हैं।
KI-generierte Zusammenfassung
Warum es wichtig ist
नीट 2026 परीक्षा पहले पेपर लीक के कारण रद्द हुई थी, फिर दोबारा आयोजित की गई, लेकिन अब इसके नतीजों पर गड़बड़ी के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
नीट 2026 की परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर एक छात्रा आर्या सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने अपने दावों से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और इसके बाद कई राजनीतिक दल उनके पक्ष में खड़े हो गए हैं.
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए नीट की परीक्षा का संचालन करती है. इस साल नीट के पेपर लीक होने के मुद्दे पर हंगामे के बाद पहले यह परीक्षा रद्द की गई, फिर यह परीक्षा दोबारा हुई.
लेकिन दोबारा परीक्षा के बाद अब इसके रिज़ल्ट पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं.
वहीं नतीजों को लेकर लग रहे आरोपों के बीच एनटीए ने कहा है कि वह इन आरोपों की जांच कर रही है.
क्या हैं आरोप
आर्या सिंह ने वीडियो में बताया है कि 13 जुलाई की रात को एनटीए की वेबसाइट पर ओएमआर शीट प्रकाशित हुई.
उन्होंने आरोप लगाया, "इसमें सिक्वेंस यानी क्वेश्चन नंबर ग़लत थे, लेकिन इसमें मुझे कुल 609 नंबर मिले थे. इसके बाद मैंने चैलेंज पोर्टल पर जाकर इसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई."
आर्या सिंह इस वीडियो में कुछ दस्तावेज़ों के साथ नज़र आ रही हैं. हालाँकि इन दस्तावेज़ों में क्या लिखा है यह पढ़ पाना संभव नहीं है और बीबीसी उनके दावों की पुष्टि नहीं कर सकता है.
उनका कहना है कि शिकायत करने के बाद उसी दिन उन्हें एनटीए की ऑफिशियल वेबसाइट पर अपडेटेड ओएमआर शीट मिली.
उनका कहना है, "इस अपडेटेड शीट में सारे सिक्वेंस सही हो गए और उन्हें कुल 609 अंक ही मिले."
उनका कहना है, "इसके बाद जब परीक्षा का रिज़ल्ट आया तो मुझे 540 नंबर दिए गए थे. लेकिन क़रीब 1 घंटे बाद एनटीए की वेबसाइट पर रिज़ल्ट देखा तो मेरा कुल अंक (नंबर) 167 कर दिया गया."
आर्या सिंह का कहना है कि उन्होंने इसके संबंध में एनटीए और देश के शिक्षा मंत्री को ई-मेल किया है. आर्या अब इस मामले में अपने लिए देश के प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री से इंसाफ़ की मांग कर रही हैं.
केजरीवाल ने एनटीए से कहा 'धमकी मत दो'
एनटीए ने सोशल मीडिया एक्स पर नीट 2026 के नतीजों को लेकर मिल रही शिकायतों पर अपना पक्ष रखा है. हालाँकि उसने किसी ख़ास मामले का ज़िक्र नहीं किया है.
एनटीए का कहना है, "एनटीए सभी शिकायतों की लगातार निगरानी कर रहा है और उनकी गहन जांच कर रहा है. जांच के लिए जमा की गई कई ओएमआर शीट फ़र्ज़ी या एआई से तैयार की गई पाई गई हैं."
उसने चेतावनी दी, "ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जांच के लिए केवल मूल ओएमआर शीट ही जमा करें. किसी भी फ़र्ज़ी या एआई से तैयार की गई ओएमआर शीट जमा करने पर शिकायतकर्ता के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है."
नीट के इस एक्स पोस्ट को शेयर करते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लिखा, "धमकी मत दो. बच्चों ने इतनी मेहनत की. तुमने पूरे नीट का बेड़ा गर्क कर दिया."
केजरीवाल ने लिखा, "तुम देश के लिए शर्मनाक बन गए हो. अब इतना दुस्साहस आ गया है कि असहाय छात्रों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दे रहे हैं? कम से कम आपको संवेदनशील, सहयोगी और विनम्र होना चाहिए था. शर्म आनी चाहिए."
नीट 2026 की परीक्षा को पेपर लीक की वजह से रद्द कर दिया गया था. यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने 3 मई को आयोजित की थी.
दरअसल नीट 2026 की 3 मई को हुई परीक्षा रद्द होने के बाद एनटीए पर कई लोगों ने निशाना साधा और इस मामले पर देश के कई इलाक़ों में कड़ी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर एक अन्य पोस्ट में कहा, "नीट की दोबारा हुई परीक्षा के नतीजों में भी अब भारी गड़बड़ी सामने आ रही है. बेचारे बच्चे जाएँ तो जाएँ कहाँ? मोदी जी, आपसे एक परीक्षा ठीक से नहीं हो रही, आप देश क्या चलाओगे? 12 सालों में आपने देश का बेड़ा गर्क कर दिया है."
आर्या सिंह पहुंचीं जंतर-मंतर
नीट परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) लगातार प्रदर्शन कर रही है. फ़िलहाल सीजेपी और अन्य छात्रों का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहा है.
सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक भी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग में भूख हड़ताल पर बैठे थे. हालांकि शनिवार को पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर सफ़दरजंग हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया है.
सीजेपी और प्रदर्शन कर रहे अन्य संगठनों का कहना है कि वे सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करेंगे.
इस बीच कानपुर की आर्या सिंह भी जंतर-मंतर पर पहुंच गईं और रविवार को उन्होंने मीडिया से बातचीत में अपने आरोप दोहराए हैं.
कांग्रेस पार्टी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "ये कानपुर की आर्या सिंह हैं, जिनका कहना है कि दोबारा परीक्षा के रिज़ल्ट में गड़बड़ी और धांधली हुई है.आर्या ने बताया कि ओएमआर शीट के अनुसार उसे 609 नंबर मिलने चाहिए थे. लेकिन रिज़ल्ट में उसे 540 नंबर मिले."
"ऐसे में आर्या का पूरा परिवार परेशान हो गया. सभी लोग बार-बार वेबसाइट चेक करने लगे. इसी बीच रात 2 बजे आर्या के नंबर 540 से घटकर अचानक 167 हो गए. मतलब 540 नंबर, अपने आप ही 167 हो गए."
कांग्रेस ने लिखा, "शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी.. क्या यही है वो 'व्यवस्था', जिसके लिए आपने एयरफोर्स लगवाकर दोबारा नीट की परीक्षा करवाई थी...आपको एक मिनट भी पद पर रहने का हक नहीं है- थोड़ी शर्म कीजिए और इस्तीफ़ा दीजिए."
'नीट है या चीट'
नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा रविवार, 21 जून को कराई गई थी. 17 जुलाई को आए नतीजों के मुताबिक़ इस परीक्षा में 11 लाख से ज़्यादा स्टूडेंट्स क्वालिफ़ाई हुए हैं.
इस परीक्षा को 20 लाख स्टूडेंट्स ने दिया था. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुताबिक, नीट क्वालिफ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स में 58 फ़ीसदी से ज्यादा स्टूडेंट लड़कियां हैं.
लेकिन आर्या सिंह के आरोपों के बाद इस परीक्षा को लेकर एक बार फिर से हंगामा शुरू हो गया है.
आर्या सिंह के वीडियो को शेयर करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट किया है.
अखिलेश यादव ने लिखा, "नीट है या चीट है? नीट की दोबारा परीक्षा में घपलों की ख़बरें बढ़ती जा रही हैं लेकिन बीजेपी सरकार में न किसी की ज़िम्मेदारी तय की जाती है, न किसी की जवाबदेही. इस्तीफ़ा देना या दिलवाना तो असंभव बात है."
उन्होंने आरोप लगाया, "अभ्यर्थी कह रहे हैं कि कड़वा सच ये है कि बीजेपी के संगठन में भी सबसे ऊपर बैठे तथाकथित नैतिक लोग अपने किसी संगी-साथी मंत्री पर दबाव बनाकर इस्तीफ़ा लेने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि अपने को फँसता देख, वो मंत्री जी कहीं बाक़ी सारे भाजपाई हिस्सेदारों के घपलों का दबा-छुपा राज़ न खोल दें."
Worauf zu achten ist
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और अन्य छात्र संगठन सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करेंगे।
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- एनटीए की जांच का क्या परिणाम होगा?
- फर्जी ओएमआर शीट के दावों की सच्चाई क्या है?
- क्या शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे?

