पीएम मोदी ने पेपर लीक मुद्दे पर सरकार के उठाए क़दमों की तारीफ़ की, राहुल गांधी ने कहा- स्टूडेंट्स का अपमान मत कीजिए
Auf einen Blick
नीट पेपर लीक के बाद देश भर में छात्र आंदोलन के बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो में सरकार के उठाए गए कदमों की सराहना की और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने का आश्वासन दिया। राहुल गांधी ने इसे छात्रों का अपमान बताते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े और दोषियों को सज़ा देने की मांग की।
KI-generierte Zusammenfassung
Warum es wichtig ist
देश भर में नीट पेपर लीक के बाद छात्र आंदोलन कर रहे हैं, जिसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने सरकार के उठाए गए कदमों का ज़िक्र किया और राहुल गांधी ने उनकी आलोचना की।
देश भर में कई जगहों पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार देर रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करके पेपर लीक के बाद अपनी सरकार के उठाए गए क़दमों का ज़िक्र किया।
साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार ऐसे कड़े क़दम उठाएगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
नीट पेपर लीक के बाद देश में कई जगहों पर छात्रों का ग़ुस्सा फूट पड़ा।
जून के आख़िरी सप्ताह में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दें।
उसके बाद अलग-अलग जगहों से भी छात्रों के प्रदर्शन की ख़बरें सामने आ रही हैं। देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी इस आंदोलन की लगातार कवरेज कर रहा है। विपक्ष भी खुलकर इस मुद्दे पर सामने आ गया है, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने यह वीडियो संदेश अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इस वीडियो को रीपोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि 'पीएम छात्रों का अपमान कर रहे हैं।'
पीएम ने क्या कहा
वीडियो में पीएम ने कहा, "पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यह पीड़ादायक है। इसलिए इस घटना के बाद सरकार ने कई क़दम उठाए हैं। गुनाहगारों को पकड़ा है और आज वे जेल में हैं।"
पीएम ने यह भी कहा कि पेपर लीक के बाद विद्यार्थियों का साल ख़राब न हो, इसका भी उनकी सरकार ने ख़्याल रखा।
वो बोले, "सरकार ने इतने कम समय में 22 लाख छात्र दोबारा परीक्षा दे सकें, इसका भी हमने प्रबंध किया। और फिर परीक्षा का रिज़ल्ट भी 19 जून को आ गया, जिसमें सफल विद्यार्थियों और उनके परिवारों की ख़ुशियों की ख़बरें लगातार आ रही हैं।"
पीएम ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से सख़्ती से निपटने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है और इसके लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि इतने कम समय में हमने परीक्षा करा दी, "लेकिन हम इतने से ही संतोष करने वाले लोगों में से नहीं हैं। मैंने संबंधित विभागों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का मसौदा तैयार करने को कहा, जिसे उन्होंने पूरी मेहनत करके तैयार किया और हमें दे भी दिया।"
पीएम ने कहा कि सोमवार को जब संसद का सत्र दोबारा शुरू होगा तो इस बिल को उनकी सरकार जल्द से जल्द पास कराने की कोशिश करेगी, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं के दोषियों को जल्द से जल्द और कड़ी से कड़ी सज़ा मिल सके।
राहुल गांधी ने क्या कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस वीडियो को रीपोस्ट करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उन पर छात्रों का अपमान करने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, "श्री मोदीजी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आधी रात को पोस्ट किए गए इस बेकार वीडियो के ज़रिए उनकी समझदारी का अपमान मत कीजिए।
1. धर्मेंद्र प्रधान को बर्ख़ास्त कीजिए।
2. छात्रों को पीटने वालों को सज़ा दीजिए।
3. माफ़ी माँगिए।"
गुरुवार को और क्या-क्या हुआ?
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर गुरुवार का दिन काफ़ी गहमागहमी भरा रहा। शाम होते-होते दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन तेज़ हो गया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों के क़रीब 100 सांसद देर शाम तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति पहुंचे। वहां उन्होंने नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों और विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हुए छात्रों के लिए प्रार्थना की।
राहुल गांधी ने कहा, "हमारे नेता महात्मा गांधी की यहीं पर हत्या हुई थी। आज मोदी सरकार भारत में लोकतंत्र की हत्या कर रही है। विपक्ष इसे स्वीकार नहीं करने वाला है।"
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना ही होगा।
इससे पहले राहुल गांधी के आवास पर विपक्ष के कई सांसद बैठक के लिए पहुंचे थे। इसके बाद उनके आवास के बाहर बैरिकेड लगाए गए थे। बैठक के तुरंत बाद कांग्रेस नेता ने अपने आवास से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित गांधी स्मृति जाने की योजना बनाई।
छात्र और छात्राओं का आंदोलन जारी
इस बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन को ख़त्म करने को लेकर सरकार की तरफ से की जा रही अपील और आश्वासन का युवाओं पर कोई असर नहीं दिख रहा है।
गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के दोषियों को सज़ा दिलाने के लिए सरकार ने फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फ़ैसला किया है।
पीएम मोदी ने कहा, ''इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार की ओर से लिए जा रहे फ़ैसलों की कड़ी में ये एक अहम क़दम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।''
पीएम मोदी के आश्वासन पर कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा, "कोई फ़ायदा नहीं है ऐसी बातों का, ऐसी घोषणाओं का। ये सब झांसे हैं। जनता झांसों में न आए। हमें जवाबदेही चाहिए और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े से कम में हम लोग बातचीत नहीं करेंगे।"
Worauf zu achten ist
KI-Ausblick — Möglichkeiten, keine Fakten
सरकार संसद में पेपर लीक से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का बिल पेश करेगी।
Sehr wahrscheinlich · Innerhalb von Tagen
Offene Fragen
- संसद में पेपर लीक बिल कब पारित होगा?
- छात्र आंदोलन कब तक जारी रहेगा?
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा होगा या नहीं?


