Newsgather
Backअमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत आज से, होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान का दावा और अमेरिका का खंडन
अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत आज से, होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान का दावा और अमेरिका का खंडन
En desarrollo
BBC हिंदी4 g önceMundo4 dk okumaIndia

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत आज से, होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर ईरान का दावा और अमेरिका का खंडन

En resumen

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत स्विट्ज़रलैंड में शुरू हो रही है, जबकि ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने का दावा किया है, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के पीएम भी बातचीत में शामिल होंगे।

Resumen generado por IA

Por qué importa

अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत के नए दौर से पहले, ईरान ने दावा किया है कि उसने लेबनान में इसराइली हमलों के जवाब में होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से बंद कर दिया है, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है।

Tamaño de fuente

Author, जॉर्ज राइट और टोबी मान

प्रकाशित 3 मिनट पहले

पढ़ने का समय: 6 मिनट

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत अब स्विट्ज़रलैंड में शुरू होने वाली है. लेकिन इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान पर इसराइली हमलों के जवाब में एक बार फिर से होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया है.

हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे को ख़ारिज करते हुए कहा है कि 'समुद्री यातायात सामान्य रूप से चल रहा है.'

ईरान का कहना है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने का फ़ैसला लेबनान में इसराइल के घातक हमलों के जवाब में लिया गया. ईरान ने इसे जंग ख़त्म करने के लिए अमेरिका के साथ हुए समझौते का उल्लंघन बताया है.

इस बीच, शनिवार देर रात अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस स्विट्ज़रलैंड में होने वाली बातचीत के लिए वॉशिंगटन से रवाना हो गए.

ईरानी प्रतिनिधिमंडल में संसद प्रमुख मोहम्मद बाकर गालिबाफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची शामिल हैं. ये दोनों पहले ही स्विट्ज़रलैंड पहुंच चुके हैं.

बातचीत का नया दौर रविवार से शुरू होना है. वेंस ने कहा कि उन्हें 'परमाणु मुद्दे' और 'लेबनान युद्धविराम के मुद्दे' पर प्रगति की उम्मीद है.

स्विट्ज़रलैंड रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में उनसे इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच झड़पों और दक्षिणी लेबनान में इसराइली हवाई हमलों के बारे में पूछा गया.

इस पर उन्होंने कहा, "स्थिति में सुधार हो रहा है और तनाव कुछ हद तक कम हुआ है."

उन्होंने कहा, "हमें लगातार इस स्थिति पर नज़र रखनी होगी ताकि इसराइल और लेबनान दोनों सुरक्षित रह सकें. मूल मक़सद पूरे क्षेत्र को सुरक्षित और स्थिर बनाना है."

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि उनका देश "दूसरे पक्ष से उसके वादों और प्रतिबद्धताओं को पूरा करने की मांग करेगा."

शुरुआती बातचीत में शहबाज़ शरीफ़ भी होंगे शामिल

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ भी बातचीत की शुरुआत में शामिल होंगे. उनके कार्यालय ने बीबीसी को इसकी पुष्टि की है.

पूरे युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है. उसने अमेरिका तथा ईरान के बीच पहले दौर की बातचीत की मेज़बानी भी की थी.

इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति और ईरानी राष्ट्रपति ने युद्ध समाप्त करने के मक़सद से एक शुरुआती समझौते पर दस्तख़त किए थे. ये समझौता लेबनान पर भी तत्काल प्रभाव से लागू होना था.

इस समझौते में अगले 60 दिनों के भीतर एक अंतिम और व्यापक समझौते तक पहुंचने के लिए आगे भी बातचीत जारी रखना शामिल है.

इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच झड़पों से हालात मुश्किल

हिज़्बुल्लाह ईरान समर्थित संगठन है, जिसका मुख्य आधार लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में है.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, शनिवार को इसराइल के हवाई हमलों में कम से कम 47 लोगों की मौत हो गई.

इज़राइली सेना (आईडीएफ) ने कहा है कि उसने हिज़्बुल्लाह से जुड़े 80 ठिकानों को निशाना बनाया और उसके "दर्जनों" लड़ाकों को मार दिया.

आईडीएफ के मुताबिक़, उसके चार सैनिक भी मारे गए हैं.

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की घोषणा के बाद भी इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच गोलीबारी और हमले जारी रहे.

हालांकि, शुक्रवार दोपहर को दोनों पक्षों के बीच तत्काल युद्धविराम लागू होने की पुष्टि की गई.

समझौते से पहले इसराइल ने साफ़ कहा था कि उसका लेबनान से अपनी सेना हटाने का कोई इरादा नहीं है.

इसराइल का यह भी कहना था कि हिज़्बुल्लाह के साथ उसका संघर्ष ईरान के खिलाफ़ युद्ध से अलग है.

हिज़्बुल्लाह ने आरोप लगाया कि लेबनान में इसराइली हमले व्यापक अमेरिका-ईरान समझौते को 'नुक़सान पहुंचाने' और 'पटरी से उतारने' की कोशिश हैं.

अमेरिकी सरकार ने भी लेबनान में इसराइल की जारी सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है.

लेबनान इस युद्ध में तब शामिल हुआ था, जब हिज़्बुल्लाह ने ईरान के सर्वोच्च नेता की अमेरिकी-इसराइली हमले में मौत के जवाब में इज़राइल पर रॉकेट दागे थे.

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च को इसराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच संघर्ष दोबारा शुरू होने के बाद से अब तक 4,057 लोगों की मौत हो चुकी है.

ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि लेबनान पर इसराइली हमले युद्धविराम संबंधी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन हैं.

होर्मुज़ बंद करने के ईरान के दावे में कितना दम

आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि होर्मुज़ स्ट्रेट, जिसे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्ति समझौते के बाद फिर से खोल दिया गया था, अब दोबारा बंद कर दिया गया है.

होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद करने के अपने फ़ैसले को सही ठहराते हुए ईरानी सेना ने अमेरिका पर अमेरिका-ईरान समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

ईरान का कहना है कि अमेरिका ने 14एमयूओ की पहली शर्त को ही लागू नहीं किया, जिसमें "लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने" की बात कही गई थी.

हालांकि, ईरान के इस बयान के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि "समुद्री यातायात सामान्य रूप से जारी है."

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जहाज़ों का आना-जाना प्रभावित न हो. हॉकिन्स ने यह भी कहा कि "ईरान का होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण नहीं है."

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक़, शनिवार को 55 व्यापारिक जहाज होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुजरे थे. ये जहाज ग्लोबल मार्केट के लिए 1.7 करोड़ बैरल से अधिक तेल लेकर जा रहे थे.

बीबीसी वेरिफ़ाई के मुताबिक़ जहाज़-ट्रैकिंग आंकड़ों से संकेत मिला कि शनिवार को कम से कम पांच तेल टैंकर होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुजरे, जबकि कुछ अन्य जहाजों ने क्षेत्र में यू-टर्न लेते हुए अपना रास्ता बदल लिया.

28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर हमले के बाद ईरान ने प्रभावी तौर पर होर्मुज़ स्ट्रेट बंद कर दिया था. इससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट में भारी उथलपुथल मच गई थी.

Qué observar

Perspectiva de IA — posibilidades, no hechos

  • अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर सीमित प्रगति हो सकती है।

    Posible · Medio plazo

  • होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर तनाव जारी रह सकता है, जिससे तेल बाज़ार प्रभावित होगा।

    Probable · Corto plazo

Preguntas abiertas

  • क्या ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को वास्तव में बंद कर पाएगा?
  • क्या अमेरिका-ईरान बातचीत से कोई ठोस नतीजा निकलेगा?
  • क्या लेबनान में संघर्ष बढ़ेगा?

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas

Más sobre este temaअमेरिका