Última hora
ARانفجارات متتالية تهز كييف وتفعيل نظام الإنذار الجويARعبور عشرات الآلاف من المهاجرين من المغرب إلى سبتة الإسبانيةARأسعار الغاز الأوروبية ترتفع 39% في يوليو وسط صراع أمريكي-إيراني وتحديات تخزينARآلاف النازحين السودانيين بلا ملاذ آمن مع تقدم الدعم السريع نحو الأبيضARترمب يبحث خيارات جديدة ضد إيران في كامب ديفيدARالرئيس الأمريكي ينفي مناقشة مقترح الفيفا المثير للجدل مع إنفانتينوARسبتة ومليلية.. مدينتان إسبانيتان في أفريقيا ومفترق طرق للهجرة والتاريخARاتهامات لمعالجة نفسية باستغلال مراهق في دار احتجاز بكاليفورنياARإيران: عبور مضيق هرمز يعود تدريجياً "بمجرد استعادة الاستقرار"ARترامب يلمح إلى استمرار الضربات الأمريكية على إيران حتى العودة للمفاوضاتARانفجارات متتالية تهز كييف وتفعيل نظام الإنذار الجويARعبور عشرات الآلاف من المهاجرين من المغرب إلى سبتة الإسبانيةARأسعار الغاز الأوروبية ترتفع 39% في يوليو وسط صراع أمريكي-إيراني وتحديات تخزينARآلاف النازحين السودانيين بلا ملاذ آمن مع تقدم الدعم السريع نحو الأبيضARترمب يبحث خيارات جديدة ضد إيران في كامب ديفيدARالرئيس الأمريكي ينفي مناقشة مقترح الفيفا المثير للجدل مع إنفانتينوARسبتة ومليلية.. مدينتان إسبانيتان في أفريقيا ومفترق طرق للهجرة والتاريخARاتهامات لمعالجة نفسية باستغلال مراهق في دار احتجاز بكاليفورنياARإيران: عبور مضيق هرمز يعود تدريجياً "بمجرد استعادة الاستقرار"ARترامب يلمح إلى استمرار الضربات الأمريكية على إيران حتى العودة للمفاوضات
Newsgather
Atrásहमास के हथियार छोड़ने की घोषणा पर इसराइल की प्रतिक्रिया: 'वास्तविक निरस्त्रीकरण तक सेना पीछे नहीं हटेगी'
हमास के हथियार छोड़ने की घोषणा पर इसराइल की प्रतिक्रिया: 'वास्तविक निरस्त्रीकरण तक सेना पीछे नहीं हटेगी'
En desarrollo
BBC हिंदीhace 57 minutosPolítica5 min de lecturaIndia

हमास के हथियार छोड़ने की घोषणा पर इसराइल की प्रतिक्रिया: 'वास्तविक निरस्त्रीकरण तक सेना पीछे नहीं हटेगी'

En resumen

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि हमास ग़ज़ा में हथियार डालने पर सहमत हो गया है, जिसे उन्होंने अपनी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि बताया। हालांकि, इसराइल ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जब तक हमास का वास्तविक निरस्त्रीकरण नहीं होता, तब तक इसराइली रक्षा बल ग़ज़ा से पीछे नहीं हटेंगे।

Resumen generado por IA

Por qué importa

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि उनके 'बोर्ड ऑफ़ पीस' ने हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के साथ ग़ज़ा में हथियार डालने का समझौता किया है, जिसे ट्रंप ने अपनी विदेश नीति की बड़ी उपलब्धि बताया है।

Tamaño de fuente

हमास के हथियार छोड़ने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद इसराइल ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।

हमास के निरस्त्रीकरण पर सहमति के बाद पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में इसराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "आज सुबह ग़ज़ा पट्टी में कूटनीतिक प्रगति से जुड़ी विभिन्न ख़बरों के संबंध में इसराइल ने दोहराया है कि जब तक हमास का वास्तविक निरस्त्रीकरण नहीं होता, तब तक इसराइली रक्षा बल (आईडीएफ) मौजूदा येलो लाइन से पीछे नहीं हटेगा।"

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनके 'बोर्ड ऑफ़ पीस' ने ग़ज़ा में हमास और दूसरे सशस्त्र समूहों के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत वे हथियार डाल देंगे।

हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी को बताया है कि संगठन ने ग़ज़ा में पूरी तरह हथियार डालने के 'बोर्ड ऑफ पीस' के प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने हमास के हथियार छोड़ने को अपनी विदेश नीति की एक बड़ी उपलब्धि बताया है।

ट्रंप ने कहा कि जैसे-जैसे निरस्त्रीकरण का काम पूरा होता जाएगा, इसराइली सेना ग़ज़ा से पीछे हटेगी।

उन्होंने इस समझौते को 'ग़ज़ा में अंततः एक नई फ़लस्तीनी सरकार के शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम' बताया।

अमेरिका की मध्यस्थता वाले ग़ज़ा सीज़फ़ायर प्लान के दूसरे चरण में हमास को हथियार छोड़ने के लिए मनाना शामिल है।

इस चरण में ग़ज़ा के पुनर्निर्माण की योजना भी शामिल है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर हमास के हथियार छोड़ने पर सहमति देने के बाद लिखा, ''यह ट्रंप की 20 सूत्रीय योजना को लागू करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है। इस समझौते को सावधानी के साथ तय चरणों में लागू किया जाएगा।''

उन्होंने लिखा, ''जैसे-जैसे निरस्त्रीकरण पूरा होता जाएगा, इसराइली सेना ग़ज़ा से पीछे हटती जाएगी। इसके बाद इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फ़ोर्स एक नई फ़लस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेगी कि ग़ज़ा उसके निवासियों और पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षित रहे।''

ट्रंप ने मध्यस्थता की भूमिका निभाने के लिए मिस्र, क़तर और तुर्की को भी धन्यवाद दिया।

एएफ़पी की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, मिस्र के सरकारी मीडिया ने बताया है कि सीज़फायर योजना के दूसरे चरण पर चर्चा के लिए ग़ज़ा के मध्यस्थों की एक बैठक काहिरा में होगी।

हालाँकि इसराइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने एक्स पर लिखा कि बोर्ड ऑफ पीस की ओर से जारी मसौदा समझौता "इसराइल के लिए स्वीकार्य नहीं" है।

उन्होंने कहा "आतंकी संगठन के हत्यारों को ख़त्म करने की कार्रवाई" रोकने पर सहमत होना, हमास को "अगले जनसंहार की तैयारी के लिए दोबारा संगठित होने" का अवसर देने जैसा होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल को ग़ज़ा में अपने सैन्य लक्ष्यों पर कार्रवाई जारी रखनी चाहिए। साथ ही उन्होंने क्षेत्र से "लोगों के पलायन को प्रोत्साहित करने" संबंधी अपनी पहले की टिप्पणी भी दोहराई।

इस बीच विशेषज्ञों ने बीबीसी वेरिफाई से कहा है कि हालिया निर्माण गतिविधियां इस बात का संकेत देती हैं कि इसराइल लंबे समय तक वहां मौजूद रहने की तैयारी कर रहा है।

इस बीच बीबीसी संवाददाता एमा पेंगेली के मुताबिक़ इस दिशा में एक प्रमुख घटनाक्रम यह है कि इसराइली सेना पिछले साल अक्तूबर में युद्धविराम समझौते के तुरंत बाद शुरू किए गए विशाल मिट्टी के बैरिकेड्स के नेटवर्क का लगातार विस्तार कर रही है।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने कहा है कि अगर यह समझौता पूरी तरह लागू हो जाता है, तो हमास के निरस्त्रीकरण की योजना "शांति की दिशा में एक सकारात्मक कदम" साबित हो सकती है।

हालांकि उन्होंने कहा, "इस योजना के सफल होने के लिए अभी बहुत कुछ होना बाक़ी है। इसकी सफलता सभी पक्षों की पूरी प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी।"

काया कलास ने एक्स पर लिखी एक पोस्ट में कहा कि समझौते की शर्तों के पालन की हमास की पुष्टि करना "एक बड़ी चुनौती" होगी और अंततः इसराइल को ग़ज़ा से अपनी सेना वापस बुलानी होगी।

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ "अगले चरणों में सहयोग के लिए तैयार है, जिसमें राष्ट्रीय समिति और अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैनाती भी शामिल है।"

डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में पहली बार बोर्ड ऑफ पीस की घोषणा की थी। उस वक़्त माना गया था कि इसका मक़सद ग़ज़ा में इसराइल और हमास के बीच दो साल से जारी युद्ध को समाप्त करने में मदद करना और पुनर्निर्माण की निगरानी करना है।

हालांकि, बाद में ट्रंप ने कहा कि बोर्ड का कार्यक्षेत्र ग़ज़ा से आगे बढ़कर दुनिया भर के अन्य संघर्षों से निपटने तक होगा।

ट्रंप बोर्ड के पहले चेयरमैन हैं। यह ऐसा पद है, जिसे वह जीवनभर अपने पास रख सकते हैं। बोर्ड ऑफ पीस की वेबसाइट में अमेरिका, इसराइल, सऊदी अरब, क़तर और पाकिस्तान समेत 28 देशों को इस पहल के संस्थापक सदस्य के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

हालांकि अमेरिका के कुछ पारंपरिक सहयोगी इसमें शामिल होने के लिए सहमत नहीं हुए हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अन्य स्थायी सदस्यों में से किसी ने भी इसमें भाग लेने की प्रतिबद्धता नहीं जताई है।

बोर्ड ऑफ़ पीस के एग्ज़ीक्यूटिव बोर्ड में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर, अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, वर्ल्ड बैंक के प्रेसीडेंट अजय बंगा समेत अन्य लोग भी शामिल हैं।

हमास ने कहा है कि सौंपे गए भारी हथियार, ग़ज़ा के प्रशासन के लिए नेशनल कमेटी (एनसीएजी) की जिम्मेदारी में रखे जाएंगे।

एनसीएजी, ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस की निगरानी में ग़ज़ा के रोज़मर्रा के प्रशासन का संचालन करने के लिए है।

यह खुद को "ट्रांज़ीशनल, तकनीकी और गैर-राजनीतिक" कमेटी बताता है, जिसमें "सिर्फ़ ग़ज़ा पट्टी के योग्य फ़लस्तीनी" शामिल हैं।

इसकी संरचना एक सरकारी कैबिनेट की तरह है, जिसमें 13 प्रशासनिक क्षेत्रों, जैसे वित्त, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और न्याय के लिए "कमिश्नर" ज़िम्मेदार हैं।

इसके मुख्य कमिश्नर अली शाअत हैं, जो पेशे से सिविल इंजीनियर हैं और पहले फ़लस्तीनी प्राधिकरण में मंत्री पद संभाल चुके हैं।

एनसीएजी का कहना है कि उसका अधिकार क्षेत्र "नागरिक मामलों" तक सीमित है और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फ़लस्तीनी लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करेगा।

यह भी कहा गया है कि वह केवल अपनी "ट्रांज़ीशनल भूमिका" निभाएगा, जब तक कि "फ़लस्तीनी ख़ुद फ़ैसला लेने की स्थिति में आ जाते और राज्य की स्थापना के लिए विश्वसनीय रास्ता" तैयार नहीं हो जाता।

Qué observar

Perspectiva de IA — posibilidades, no hechos

  • ग़ज़ा में इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फ़ोर्स और नई फ़लस्तीनी पुलिस की तैनाती होगी।

    Probable · En meses

  • ग़ज़ा के पुनर्निर्माण की योजना लागू की जाएगी।

    Probable · En meses

Preguntas abiertas

  • हमास द्वारा समझौते की शर्तों का पालन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा?
  • इसराइल ग़ज़ा से अपनी सेना की वापसी कब और कैसे करेगा?
  • इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फ़ोर्स की तैनाती की समय-सीमा और संरचना क्या होगी?

Temas relacionados

This article was originally published by BBC हिंदी.

Noticias relacionadas

दीपके का दावा बीजेपी में शामिल होने की मिल रही हैं धमकियां, बोले - अमित शाह को इस्तीफ़ा देना चाहिए
En desarrollo·hace 2 horas

दीपके का दावा बीजेपी में शामिल होने की मिल रही हैं धमकियां, बोले - अमित शाह को इस्तीफ़ा देना चाहिए

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की, आरोप लगाया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस ज्यादती शाह के निर्देश पर हुई। दीपके ने बीजेपी में शामिल होने के लिए खुद और परिवार को धमकियां मिलने का भी दावा किया, जिसका बीजेपी ने खंडन किया और उनसे धमकी देने वाले का नाम बताने को कहा।

BBC हिंदी
5 min de lectura
राहुल गांधी ने अमित शाह पर फिर साधा निशाना, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
En desarrollo·hace 3 horas

राहुल गांधी ने अमित शाह पर फिर साधा निशाना, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस हिंसा को लेकर निशाना साधा है, आरोप लगाया कि शाह या तो दोषी हैं या अयोग्य। दिल्ली पुलिस ने गोली लगने के दावों को खारिज किया है, जबकि 'द हिंदू' की रिपोर्ट और एक डिस्चार्ज समरी में गोली लगने का जिक्र है।

BBC हिंदी
5 min de lectura
जंतर-मंतर पर पुलिस का फ़ायरिंग से इनकार, फिर नूतन टोप्पो को कैसे लगी 'गोली'?
En desarrollo·hace 5 horas

जंतर-मंतर पर पुलिस का फ़ायरिंग से इनकार, फिर नूतन टोप्पो को कैसे लगी 'गोली'?

नई दिल्ली में 20 जुलाई को 'चलो संसद' मार्च के दौरान झारखंड की नूतन टोप्पो को कथित तौर पर गोली लगी, जबकि दिल्ली पुलिस ने फ़ायरिंग से इनकार किया है। राम मनोहर लोहिया अस्पताल की डिस्चार्ज समरी में 'गनशॉट' का उल्लेख है, जिससे यह घटना विवादों में घिर गई है।

BBC हिंदी
5 min de lectura
Más sobre este temaहमास