T20 महिला विश्व कप: भारत की टीम और प्रमुख खिलाड़ी
En resumen
आज से इंग्लैंड में टी20 महिला विश्व कप शुरू हो रहा है, जिसमें भारत हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में खिताब का दावेदार है। लेख में भारतीय टीम की प्रमुख खिलाड़ियों का परिचय दिया गया है।
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Author, सईदुज़्ज़मां
पदनाम, बीबीसी संवाददाता
प्रकाशित 12 जून 2026, 11:57 IST
पढ़ने का समय: 11 मिनट
आज से टी20 महिला विश्व कप शुरू हो रहा है. इस बार इसकी मेज़बानी इंग्लैंड कर रहा है.
भारत की ओर से हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम ख़िताब की दावेदारी करने उतरेगी.
भारत के पास 2025 का वनडे वर्ल्ड कप की जीत से मिला उत्साह होगा, लेकिन उसे ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम का मुक़ाबला करना होगा जो अब तक छह बार ये ख़िताब अपने नाम कर चुकी है.
इस बार इस मुक़ाबले में 12 टीमें शामिल हैं, ये हैं- ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ़्रीका, वेस्टइंडीज, श्रीलंका, पाकिस्तान, आयरलैंड, बांग्लादेश, स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स और भारत.
आइए आपको बताते हैं कि भारत की ओर से कौन-कौन सी खिलाड़ी इस विश्व कप के दौरान मैदान में उतरने वाली हैं.
हरमनप्रीत कौर (कप्तान)
हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हैं. वह एक ताक़तवर मिडल-ऑर्डर बल्लेबाज़ हैं.
पिछले एक दशक से अधिक समय से वह भारत को महिला क्रिकेट में वैश्विक ताक़त बनाने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं.
पंजाब में जन्मीं हरमनप्रीत तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं. वह एक सिख परिवार में पैदा हुईं, जिसकी आर्थिक स्थिति साधारण थी.
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उन्होंने पहली बार क्रिकेट अपने मोहल्ले के मैदान में लड़कों के साथ हॉकी स्टिक से खेला था.
बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में हरमनप्रीत कौर ने कहा था कि वो ऑलराउंडर बनना चाहती थीं क्योंकि गली क्रिकेट में ऑलराउंडरों को खेल में ज़्यादा मौक़े मिलते हैं.
उन्होंने अपने बल्लों के साथ अपने ख़ास रिश्ते के बारे में भी बताया था.
हरमनप्रीत कौर ने बीबीसी से कहा था, "पहले बल्लों की क्वालिटी उतनी अच्छी नहीं होती थी, फिर भी मुझे अपने बल्ले बहुत पसंद थे. मैं उनके साथ खेलती थी, उनकी देखभाल करती थी, उनसे बातें करती थी. मैं लगातार अपने बल्ले से बातें करती रहती हूँ और जब भी कमरे में ख़ाली होती हूँ तो काम करते समय बल्ला हाथ में रखती हूँ."
उन्होंने 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और धीरे-धीरे ख़ुद को ऐसे मैच-विनर के रूप में स्थापित किया, जो अकेले दम पर खेल का रुख़ बदल सकती हैं.
आज वह भारत की कप्तान हैं और सभी प्रारूपों में टीम का नेतृत्व करती हैं.
2025 के वनडे वर्ल्ड कप में हरमनप्रीत कौर ने भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े क्षण में अहम भूमिका निभाई और भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर वर्ल्ड कप जीता.
स्मृति मंधाना
स्मृति मंधाना बाएँ हाथ की ओपनिंग बल्लेबाज़ हैं भारतीय टीम की उपकप्तान के रूप में वह टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं.
महाराष्ट्र के सांगली शहर में जन्मीं स्मृति को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा उनके पिता और भाई से मिली. वे दोनों ही ज़िला स्तर पर खेलते थे.
2013 में, अंडर-19 ज़ोनल टूर्नामेंट में खेलते हुए वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं जिन्होंने लिस्ट ए मैच में दोहरा शतक लगाया.
उन्हें आईसीसी महिला क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर का ख़िताब दो बार मिला, 2018 और 2021 में. 2019 में भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया.
पिछले साल दिसंबर में एक कार्यक्रम में स्मृति ने कहा था, "जब आप भारतीय जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं तो दिमाग़ में और कुछ नहीं आता, बस देश के लिए खेलना और मैच जीतना."
उन्होंने वनडे और टी20 दोनों में खूब रन बनाए हैं और कई अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं. वह पहली भारतीय महिला खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैचों में तीनों प्रारूपों में शतक बनाए हैं.
2024 में उन्होंने 1659 रन बनाकर, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज़्यादा रन बनाने का बेलिंडा क्लार्क का 28 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया.
उनकी सफलता ने महिला क्रिकेट का देखा जाना बढ़ाया है और खेल में नए दर्शकों को आकर्षित किया है.
जब स्मृति से पूछा गया कि क्रिकेट ने उन्हें जीवन में क्या सिखाया, तो उन्होंने कहा, "क्रिकेट ने मुझे सिखाया कि हर पारी शून्य से शुरू होती है. बुरे दिन भी आते हैं और अच्छे दिन भी, लेकिन आपको लगातार ख़ुद को बेहतर बनाना होता है."
शेफ़ाली वर्मा
शेफ़ाली वर्मा महिला क्रिकेट की सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों में से एक हैं.
उन्होंने किशोरावस्था में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और जल्दी ही अपने बेख़ौफ़ अंदाज़ और आक्रामक स्ट्रोक प्ले के लिए मशहूर हो गईं.
हालाँकि 2024 में वनडे में उनका प्रदर्शन कुछ ख़ास नहीं रहा और उन्हें 2025 वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया.
लेकिन जब उनकी जगह खेलने वाली खिलाड़ी प्रतिका रावल सेमीफ़ाइनल से ठीक पहले चोटिल हो गईं तो शेफ़ाली को दोबारा मौक़ा मिला.
उन्होंने इस अवसर का फ़ायदा उठाया और दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ फ़ाइनल में 87 रन बनाकर और दो विकेट लेकर प्लेयर ऑफ़ द मैच बन गईं.
जेमिमा रोड्रिग्स
जब जेमिमा रोड्रिग्स लगभग 11 साल की थीं, उनके पिता ने उनसे पूछा, "तुम क्रिकेट खेलोगी या हॉकी?"
यह सवाल सुनकर जेमिमा की आँखों में आँसू आ गए. वह दोनों खेलों की शानदार खिलाड़ी थीं, लेकिन उन्होंने क्रिकेट चुना.
2018 की शुरुआत में उन्होंने सीनियर स्तर पर एंट्री ली. हालाँकि उनका अनुभव ओपनर के रूप में था, लेकिन वनडे में उन्हें मध्यक्रम में ज़्यादा सफलता मिली.
अगले वनडे वर्ल्ड कप के लिए वह टीम में चुनी गईं, लेकिन बीच में बाहर कर दी गईं.
बाद में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में 134 गेंदों पर नाबाद 127 रन बनाए.
उनके इस योगदान से भारत ने महिला वनडे इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल किया - 339 रन का पीछा कर जीत दर्ज की.
दीप्ति शर्मा
बाएँ हाथ की बल्लेबाज़ और दाएँ हाथ की ऑफ़-स्पिनर दीप्ति शर्मा ने 2014 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया.
उत्तर प्रदेश की रहने वाली दीप्ति 2016 में सुर्ख़ियों में आईं जब उन्होंने श्रीलंका के ख़िलाफ़ 20 रन देकर छह विकेट लिए और वनडे क्रिकेट में पाँच विकेट लेने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं.
वर्ल्ड क्लास स्पिनर मानी जाने वाली दीप्ति ने अपनी बल्लेबाज़ी को बेहतर बनाने के लिए भी कड़ी मेहनत की है, जिससे वह भारतीय टीम की एक मूल्यवान ऑलराउंडर बन गई हैं.
ऋचा घोष
ऋचा घोष ने महिला क्रिकेट में ख़ुद को सबसे विस्फोटक बल्लेबाज़ों में से एक के रूप में स्थापित किया है. वह एक फ़िनिशर हैं जो विकेटकीपिंग भी करती हैं.
ऋचा का अंतरराष्ट्रीय करियर 2020 महिला टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम में शामिल होने से शुरू हुआ.
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में जन्मीं ऋचा का टेस्ट करियर शानदार रहा.
2023 में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ घरेलू जीत में उन्होंने अर्धशतक बनाया और अगले साल दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ 86 रन जोड़े.
2025 वर्ल्ड कप में उन्होंने फिर दक्षिण अफ्रीका के ख़िलाफ़ चमक दिखाई- लीग मैच में 94 रन बनाए और फ़ाइनल में 24 गेंदों पर 34 रन बनाकर भारत को 298 रनों तक पहुँचाने में मदद की.
यास्तिका भाटिया
यास्तिका भाटिया भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज़ हैं. वो बाएँ हाथ से बल्लेबाज़ी करती हैं.
उन्होंने 2021-22 में ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान तीनों अंतरराष्ट्रीय प्रारूपों में पदार्पण किया और तुरंत प्रभाव छोड़ा.
2022 वनडे वर्ल्ड कप में यास्तिका ने दो अर्धशतक बनाए. उसी साल उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के फ़ाइनल में तानिया भाटिया की जगह कंकशन सब्स्टीट्यूट के रूप में खेला.
हालाँकि, 2025 आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप से वह बाएँ घुटने में चोट के कारण बाहर हो गई थीं.
रेणुका सिंह
रेणुका सिंह ठाकुर ने अपने गाँव की गलियों में क्रिकेट खेलना शुरू किया.
बाद में उन्होंने हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की धर्मशाला स्थित रेज़िडेंशियल अकादमी में दाख़िला लिया - जो भारत में महिला क्रिकेटरों के लिए शुरुआती रेज़िडेंशियल सुविधाओं में से एक थी.
दिसंबर 2023 में टेस्ट में एंट्री के साथ रेणुका भारत की ऑल-फ़ॉर्मेट खिलाड़ी बन गईं.
समय के साथ उन्होंने खुद को भारत के गेंदबाज़ी आक्रमण की लीडर्स में स्थापित किया और 2025 में आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने वाली ऐतिहासिक भारतीय टीम का हिस्सा भी रहीं.
अरुंधति रेड्डी
अरुंधति रेड्डी तेलंगाना की तेज़ गेंदबाज़ ऑलराउंडर हैं.
वह दाएँ हाथ की मीडियम-फ़ास्ट गेंदबाज़ और दाएँ हाथ की बल्लेबाज़ हैं, और टीम के लिए अहम विकेट लेने और उपयोगी रन बनाने की क्षमता के लिए जानी जाती हैं.
रेड्डी ने 2018 में भारत के लिए पदार्पण किया और 2018, 2020 और 2024 महिला टी20 वर्ल्ड कप में देश का प्रतिनिधित्व किया.
समय के साथ वह भारत की टी20 टीम की नियमित सदस्य बन गईं.
वह 2025 में देश का पहला आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप खिताब जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थीं.
यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है.
श्रेयंका पाटिल
श्रेयंका पाटिल ने बहुत जल्दी ख़ुद को भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे रोमांचक युवा ऑलराउंडरों में स्थापित कर लिया है.
कर्नाटक के बेंगलुरु की श्रेयंका ने 2023 एसीसी महिला इमर्जिंग टीम्स कप में बड़ा प्रभाव छोड़ा.
वहाँ भारत ए के लिए नौ विकेट लेकर वह टूर्नामेंट की सर्वाधिक विकेट लेने वाली गेंदबाज़ बनीं और प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़ चुनी गईं.
भारती श्रीकृष्ण फुलमाली
भारती फुलमाली महाराष्ट्र के अमरावती की दाएँ हाथ की मिडल-ऑर्डर बल्लेबाज़ हैं.
उन्होंने 2019 में गुवाहाटी में भारत बनाम इंग्लैंड महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में पदार्पण किया.
उस दौरान उन्होंने केवल कुछ ही अंतरराष्ट्रीय मैच खेले.
इसके बाद वह कई साल तक राष्ट्रीय टीम से बाहर रहीं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करती रहीं.
उनका हालिया चयन उनके अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के लगभग सात साल बाद और भारतीय टीम से लंबे समय तक बाहर रहने के बाद वापसी का संकेत है.
श्रीचरनी
चरनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तुरंत प्रभाव छोड़ा.
नंदनी श्याम सुंदर शर्मा
नंदनी श्याम सुंदर शर्मा दाएँ हाथ की फ़ास्ट-मीडियम गेंदबाज़ हैं. वह चंडीगढ़ से हैं और 2026 में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी20 मैच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की.
2026 आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में चुनी गईं शर्मा ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पदार्पण मैच में तीन विकेट लेकर वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमता का परिचय दिया.
क्रांति गौड़
मध्य प्रदेश की क्रांति गौड़, दाएँ हाथ की तेज़ गेंदबाज़ हैं. उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट में तेज़ी से अपना स्थान बनाया है.
इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्होंने 52 रन देकर 6 विकेट का शानदार और मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया.
केवल 21 साल की उम्र में वह वनडे अंतरराष्ट्रीय में पाँच विकेट लेने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं.
उनका उभार 2025 आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप में भी जारी रहा, जहाँ उन्होंने भारत की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई और टूर्नामेंट में नौ विकेट लिए.
राधा यादव
राधा यादव एक बाएँ हाथ की स्पिनर और शानदार फ़ील्डर हैं. उन्होंने 2018 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टी20 मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की.
घरेलू क्रिकेट में उनके प्रभावशाली प्रदर्शन ने उन्हें जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह दिलाई और उन्होंने विश्व स्तर पर अपनी अहमियत साबित की.
उन्हें 2018 महिला टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में चुना गया.
वह उन केवल दो भारतीय महिला क्रिकेटरों में से एक हैं जिन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 100 से अधिक विकेट लिए हैं.

