ईरान के 50 से अधिक सैन्य ठिकाने अमेरिका-इसराइल हमलों में क्षतिग्रस्त: बीबीसी वेरिफ़ाई
L'essentiel
बीबीसी वेरिफ़ाई की सैटलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिका-इसराइल के हमलों में ईरान के 50 से अधिक सैन्य ठिकाने, जिनमें आईआरजीसी का मुख्यालय भी शामिल है, क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. इन हमलों में वायुसेना के जेट, युद्धपोत और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकाने निशाना बने हैं.
Résumé généré par IA
Pourquoi c'est important
अमेरिका और इसराइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे देश भर में सैन्य ठिकानों को भारी नुक़सान पहुँचा है. यह हमले खाड़ी में एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराए जाने और पिछले हफ़्ते के अंत में ईरान और इसराइल के बीच हुए हमलों के बाद हुए हैं.
लेखक, पॉल ब्राउन, मर्लिन थॉमस और मैट मर्फ़ी
पदनाम, बीबीसी वेरिफ़ाई
प्रकाशित 10 मिनट पहले
पढ़ने का समय: 7 मिनट
सैटलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिका-इसराइल के हमलों में ईरान के 50 से अधिक सैन्य ठिकाने, जिनमें इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) का मुख्यालय भी शामिल है, क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.
देश भर में सैन्य ठिकानों को अमेरिकी हमलों से भारी नुक़सान पहुँचा है.
बीबीसी वेरिफ़ाई की देखी गई तस्वीरों में विशेषज्ञों ने वायुसेना के जेट, युद्धपोत और बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों को हुए नुक़सान की पहचान की है.
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि 28 फ़रवरी से शुरू हुए संघर्ष के बाद से उन्होंने ईरान में 13,000 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया है.
खाड़ी में एक अमेरिकी हेलिकॉप्टर गिराए जाने के बाद, मंगलवार और बुधवार रात को अमेरिका और ईरान की सेनाओं ने कई हमले किए.
पिछले हफ़्ते के अंत में ईरान और इसराइल ने भी एक-दूसरे पर हमले किए, जिसमें इसराइल ने दक्षिणी बेरूत और ईरान में भी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
हालाँकि एक अस्थायी युद्धविराम एक महीने से अधिक समय से लागू है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने के अंत में दावा किया कि अमेरिका ने ईरान को 'सैन्य रूप से हरा दिया है'.
उन्होंने अपनी बहू और फ़ॉक्स न्यूज़ की प्रेजेंटर लारा ट्रंप से कहा, "उनकी नौसेना पूरी तरह ख़त्म हो गई है. उनकी वायु सेना पूरी तरह ख़त्म हो गई है.''
छोड़कर सबसे अधिक पढ़ी गईं आगे बढ़ें
सबसे अधिक पढ़ी गईं
समाप्त
बीबीसी वेरिफ़ाई की ओर से देखी गई कुछ तस्वीरें यह बताती हैं कि तेहरान नाज़ुक युद्धविराम का इस्तेमाल अहम मिसाइल ठिकानों पर सुरंगों एंट्री की मरम्मत के लिए कर रहा है.
'सिर्फ़ आंशिक आकलन'
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
दिनभर: पूरा दिन,पूरी ख़बर (Dinbhar)
वो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख़बरें जो दिनभर सुर्खियां बनीं.
एपिसोड
समाप्त
पूरे संघर्ष के दौरान ईरानी सैन्य ठिकानों को हुए नुक़सान का पैमाना तय करना मुश्किल रहा है क्योंकि अमेरिका ने क्षेत्र की सैटलाइट कवरेज को सीमित करने की कोशिश की.
मार्च में पेंटागन ने प्लैनेट से ईरान और मध्य पूर्व के अधिकांश हिस्सों की नई तस्वीरें रोकने को कहा.
कंपनी ने इस क़दम को यह कहकर उचित ठहराया कि वह चाहती है कि उसकी तस्वीरों का इस्तेमाल "विरोधी ताक़तें सहयोगी और नेटो साझेदारों के सैनिकों और नागरिकों को निशाना बनाने के लिए न करें."
हालाँकि, बीबीसी वेरिफ़ाई ने पुरानी प्लैनेट तस्वीरों का इस्तेमाल करके ईरान में 51 सैन्य ठिकानों पर हुए नुक़सान को समझा. इनमें एयर बेस, नौसैनिक सुविधाएँ और आईआरजीसी के परिसर शामिल हैं.
यह विश्लेषण संभवतः आंशिक आकलन है क्योंकि ईरान की कई सुविधाएँ गुप्त रखी जाती हैं. निजी खुफ़िया कंपनी जेनस का अनुमान है कि ईरान में कुल 197 सैन्य और आईआरजीसी ठिकाने हैं.
सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि दर्जनभर से अधिक स्थानों पर रनवे और विमान निशाना बने हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इससे अमेरिका को ईरानी हवाई क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण मिल गया है.
मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सात मार्च को हुए हमलों में सैन्य हिस्से में कम से कम 17 विमान नष्ट हो गए, जबकि शिराज़ एयरबेस पर दो से 17 अप्रैल के बीच हुए अमेरिका-इसराइली हमलों में कम से कम 13 विमान निशाना बने.
हमलों ने ईरान के युद्धपोतों के बेड़े को भी निशाना बनाया. युद्ध के शुरुआती दिनों में नौसेना के मुख्यालय, बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे, पर हुए हमलों में कई जहाज़ और इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं.
सैटेलाइट तस्वीरों में चार मार्च को एक क्षतिग्रस्त जहाज़ और बंदरगाह के प्रशासनिक हिस्से से धुआँ उठता दिखा, जबकि कोनारक नौसैनिक अड्डे पर भी कई जहाज़ बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए.
बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों की मरम्मत
इस बीच, सैटेलाइट तस्वीरें ईरान के आईआरजीसी नौसैनिक मुख्यालय और तेहरान के पूर्वी उपनगरों में स्थित इसके जनरल मुख्यालय को हुए व्यापक नुक़सान को दिखाती हैं. नौसैनिक बलों के कमांडर जनरल अलीरेज़ा तंगसीरी भी मार्च के अंत में एक इसराइली अभियान में मारे गए.
विशेषज्ञों ने बीबीसी वेरिफ़ाई को बताया कि बार-बार हुए इन हमलों में ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुक़सान पहुँचा है, लेकिन ईरान अब भी अमेरिका और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को नुक़सान पहुँचाने की क्षमता रखता है.
ग्लोबल गार्डियन नामक सुरक्षा कंपनी के ज़ेव फ़ेंटच ने कहा, "ईरान की आत्मरक्षा की क्षमता उसकी पारंपरिक सेनाओं, जैसे वायुसेना, से कम और मिसाइलों या ड्रोन के ज़रिए जवाबी हमले करने की क्षमता से अधिक बनती है."
ईरान ने छोटे, सस्ते ड्रोन्स का इस्तेमाल पूरे मध्य पूर्व में आधारभूत ढाँचे पर हमले करने के लिए किया है, जिनमें कई अमेरिकी सैन्य ठिकाने भी शामिल हैं. वह लंबे समय से अपने शाहेद मॉडल को रूस जैसे सहयोगी देशों को निर्यात करता रहा है.
आरएएनडी स्कूल ऑफ़ पब्लिक पॉलिसी के नेशनल सिक्योरिटी प्रोग्राम के निदेशक रफ़ाएल कोहेन ने कहा कि ईरान का 'मच्छर बेड़ा' - छोटे, तेज़ जहाज़ - होर्मुज़ स्ट्रेट में उसे अमेरिकी सैन्य बलों और कॉमर्शियल शिपिंग के लिए ख़तरा बनाए रखेंगे.
सैटलाइट तस्वीरें यह भी दिखाती हैं कि ईरान नाज़ुक युद्धविराम का इस्तेमाल कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों की मरम्मत के लिए कर रहा है.
तस्वीरें दिखाती हैं कि तबरीज़ मिसाइल अड्डे पर सड़कों से मलबा साफ़ कर दिया गया है. अमेरिकी-इसराइली हमलों से क्षतिग्रस्त हुई सुरंगों की खुदाई होती दिखती है और तस्वीरों में निर्माण वाहन और भारी मशीनरी दिखाई देती है.
'सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ाने के लिए किए गए थे हमले'
लेकिन मिडिल ईस्ट पॉलिसी काउंसिल के वरिष्ठ फ़ेलो कामरान बुख़ारी कहते हैं कि ईरान की आर्थिक मुश्किलें, जो युद्ध से पहले से चली आ रही हैं, सैन्य क्षमता को पूरी तरह से दोबारा बनाने के प्रयासों में बाधा डाल सकती हैं.
उन्होंने कहा, "ईरान पुनर्निर्माण में सीमित संसाधन ही लगा सकता है, क्योंकि उसे बुनियादी आर्थिक हालात को भी देखना होगा."
सैन्य ठिकानों के अलावा, देश भर में कई नागरिक इमारतें भी निशाना बनी हैं. अमेरिका-स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी (एचआरएएनए) के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से 1,700 से अधिक नागरिक मारे गए हैं.
हालाँकि, युद्ध की निगरानी कर रहे अमेरिकी सैन्य अधिकारी एडम ब्रैड कूपर ने हज़ारों नागरिक मौतों के दावे को चुनौती दी है.
अमेरिकी हमलों ने धार्मिक सरकार के प्रति वफ़ादार आंतरिक सुरक्षा बलों को भी निशाना बनाया, जिनमें आईआरजीसी के परिसर और बसीज अर्धसैनिक बल के ठिकाने शामिल हैं.
बसीज अर्धसैनिक बल एक स्वयंसेवी बल है जिसे आईआरजीसी नियंत्रित करता है और अक्सर असहमति दबाने के लिए सड़कों पर तैनात करता है.
सैटलाइट तस्वीरों में दिखा कि चार मार्च के आसपास तेहरान में इसका कमांड सेंटर एक हमले में क्षतिग्रस्त हुआ और पास की एक इमारत पूरी तरह ढह गई.
युद्ध की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया था कि उनके लक्ष्यों में से एक सरकार-विरोधी प्रदर्शनकारियों को धार्मिक शासन को गिराने में सक्षम बनाना था - हालाँकि बाद में इस बात को महत्व कम दिया गया.
जेनस के प्रमुख विश्लेषक लुईस स्मार्ट ने कहा, "ये हमले लगभग निश्चित रूप से मुख्य रूप से शासन परिवर्तन की संभावना बढ़ाने के लिए किए गए थे, जो इसराइली और कुछ हद तक अमेरिकी लक्ष्य था."
उन्होंने कहा, "ऐसा क़दम जनता के स्तर से होने वाले शासन परिवर्तन में मदद करने के लिए ज़रूरी होता और यह दिसंबर 2025- जनवरी 2026 के प्रदर्शनों और दंगों की पृष्ठभूमि में आता है, जिन्हें ईरान के आंतरिक सुरक्षा बलों ने बेरहमी से कुचल दिया था."
पिछले हफ़्ते बीबीसी वेरिफ़ाई ने बताया कि ईरान ने युद्ध शुरू होने के बाद से कम से कम 20 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुक़सान पहुँचाया है.
इस हफ़्ते ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट में गश्त कर रहे एक हेलिकॉप्टर भी गिरा दिया था.
अतिरिक्त रिपोर्टिंग: बारबरा मेट्ज़लर
À surveiller
Perspective IA — des possibilités, pas des certitudes
ईरान अपनी मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं का उपयोग करके जवाबी हमले कर सकता है।
Probable · En quelques semaines
ईरान की आर्थिक मुश्किलें सैन्य क्षमता को पूरी तरह से दोबारा बनाने के प्रयासों में बाधा डाल सकती हैं।
Probable · En quelques mois
Questions ouvertes
- हमलों का अंतिम लक्ष्य क्या है?
- ईरान की जवाबी कार्रवाई की क्षमता कितनी है?
- युद्धविराम का भविष्य क्या है?
