रोहित शर्मा के वनडे रिटायरमेंट की अटकलें: बीसीसीआई ने किया खंडन
मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरा वनडे रोहित का आख़िरी मैच होगा, जिस पर बीसीसीआई ने सफ़ाई दी।
L'essentiel
लॉर्ड्स में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे से पहले रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अटकलों पर बीसीसीआई ने खंडन किया। मीडिया रिपोर्टों में उनके ख़राब फ़ॉर्म और कोच-सेलेक्टर से रिश्तों में खटास को वजह बताया गया था, लेकिन बीसीसीआई सचिव ने इसे ख़ारिज किया।
Résumé généré par IA
Pourquoi c'est important
मीडिया में रोहित शर्मा के वनडे से संन्यास लेने की अटकलें थीं, खासकर इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीसरे वनडे से पहले, उनके ख़राब फ़ॉर्म और टीम प्रबंधन के साथ कथित तनाव के कारण। बीसीसीआई ने इन अटकलों को ख़ारिज किया।
भारत और इंग्लैंड के बीच रविवार को लॉर्ड्स में तीसरा और निर्णायक वनडे मुक़ाबला खेला जाना है.
इस मुक़ाबले से पहले हर तरफ़ चर्चा में हैं रोहित शर्मा. दरअसल, कुछ मीडिया ख़बरों में दावा किया गया कि लॉर्ड्स में 'हिटमैन' अपना आख़िरी वनडे इंटरनेशनल मैच खेलेंगे.
रोहित के 'वनडे से रिटायरमेंट' को लेकर कई कहानियां गढ़ी गईं और इतना शोर-शराबा हुआ कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सफ़ाई देने के लिए सामने आना पड़ा.
बीसीसीआई ने रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर अटकलों को ख़ारिज करते हुए कहा कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ रविवार को लॉडर्स पर तीसरा वनडे उनका आखिरी मैच नहीं है.
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पीटीआई से कहा कि इस तरह की कोई चर्चा नहीं हो रही है कि लॉडर्स पर रविवार को रोहित आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे.
अगर हाव-भाव से देखें तो शनिवार को लॉर्ड्स में रोहित शर्मा ऐसे बिल्कुल नहीं लगे कि वे संन्यास लेने वाले हैं.
सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हैं उनमें रोहित शर्मा को मुख्य कोच गौतम गंभीर और कोचिंग स्टाफ के दूसरे मेंबर्स के साथ हंसते हुए देखा जा सकता है.
यही नहीं, मैदान पर उतरने के बाद रोहित शर्मा ने लॉर्ड्स के नर्सरी ग्राउंड पर टीम के दूसरे खिलाड़ियों के साथ बल्लेबाज़ी का अभ्यास भी किया.
रोहित शर्मा की फ़ॉर्म पर सवाल
रोहित शर्मा 14 जुलाई को एजबेस्टन में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ तीन वनडे मैचों की सिरीज़ के पहले मैच में 21 गेंद पर 11 रन बनाकर आउट हो गए थे. इन 21 गेंदों में 15 गेंद डॉट्स थीं.
गुरुवार को कार्डिफ में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा पिच पर संघर्ष करते दिखे और 47 गेंदों पर 26 रन की पारी खेली. इस बार 47 गेंदों में 31 गेंद डॉट्स थीं.
आउट होने के बाद रोहित शर्मा धीमे क़दमों से पैवेलियन लौट रहे थे.
इन दो पारियों के बाद भारतीय मीडिया में ख़बर चलने लगी थीं कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ रविवार को लॉर्ड्स में वह अपने क्रिकेट करियर का आख़िरी मैच खेलने उतर सकते हैं.
आख़िर इस तरह की ख़बरें मीडिया में कैसे चलने लगीं.
इसके पीछे उन अटकलों को बताया गया जिनमें ये कहा जा रहा था कि शायद रोहित शर्मा के कोच गौतम गंभीर और चीफ़ सेलेक्टर अजित अगरकर के रिश्ते अच्छे नहीं हैं.
अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, बीसीसीआई की वरिष्ठ चयन समिति ने उन्हें अपनी योजना के बारे में सूचित कर दिया है.
इसी तरह की ख़बरें अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया में भी छपी.
इसके बाद कई मीडिया आउटलेट्स में उनके रिटायरमेंट पर अटकलों से जुड़ी ख़बरें आने लगीं.
लेकिन फिर इसके बाद रोहित शर्मा के बचाव में बयान आने शुरू हो गए.
रोहित के बचाव में बयानों का सिलसिला
भारत के बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ने रोहित शर्मा के ख़राब प्रदर्शन का बचाव करते हुए कहा कि अनुभवी बल्लेबाज टीम में स्थिरता और संयम लेकर आते हैं.
मोर्ने मोर्कल ने लॉर्डस में होने वाले मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, ''नई गेंद के साथ बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं होता. पूरी सिरीज़ में हमने देखा है कि गेंद काफी स्विंग हो रही है. ऐसे में पारी की शुरुआत करना चुनौतीपूर्ण है. लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि रोहित इसका समाधान निकाल लेंगे.''
मर्केल ने कहा, ''रोहित पहले भी ऐसा कर चुके हैं. वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और बल्लेबाजी क्रम में एक खास तरह का धैर्य और संतुलन लेकर आते हैं. इसलिए उनके तरीके को लेकर किसी तरह की चिंता नहीं है.''
जाने-माने क्रिकेट कमेंटेटर और विश्लेषक हर्षा भोगले ने मीडिया में रोहित के रिटायरमेंट की ख़बरें चलने पर तीखी प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, ''रोहित शर्मा को लेकर पहले गैर-जिम्मेदाराना लीक और फिर शीर्ष स्तर पर सफाई. यह पूरा प्रकरण भारतीय क्रिकेट और टीम के भीतर के माहौल को गंभीर नुकसान पहुंचाने वाला है.''
पीटीआई से एक ख़ास बातचीत में सैकिया ने कहा, "मीडिया में रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. मैं साफ़ तौर पर कहना चाहता हूं कि ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है कि रविवार को लॉर्ड्स में रोहित अपना आख़िरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे."
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने एएनआई से रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की ख़बरों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा रोहित शर्मा जब भी संन्यास लें तो उसे दुख के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए.
उन्होंने कहा "नहीं, इसे खुशी के तौर पर देखिए. दुख क्यों? उन्होंने हमें इतने सालों तक इतनी खुशियां दी हैं. हर किसी को एक दिन जाना होता है. सुनील गावस्कर गए, राहुल गए, अनिल कुंबले गए, सचिन गए. हर किसी को जाना पड़ता है."
उन्होंने कहा कि जब भी रोहित क्रिकेट को अलविदा कहें, तब उनके करियर का जश्न मनाया जाना चाहिए, न कि उनके जाने का अफसोस.
आख़िर कहानी कहां से शुरू हुई
रोहित शर्मा के रिटायरमेंट की अटकलों की कहानियां को कहां से हवा मिलनी शुरू हुई.
दरअसल ये सब तब शुरू हुआ, जब मीडिया में ये ख़बरें आने लगीं कि रोहित के गौतम गंभीर और अजित अगरकर से रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं.
कुछ मीडिया रिपोर्टों में कहा गया था. दरअसल ये रोहित शर्मा ही थे जिन्होंने गौतम गंभीर से कोच के तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम की कमान संभालने का अनुरोध किया था.
लेकिन वक़्त के साथ दोनों के रिश्ते ख़राब हो गए.
रोहित शर्मा वनडे के धुरंधर बल्लेबाज़ रहे हैं. उन्होंने अब तक 287 वनडे इंटरनेशनल खेले हैं और 11,757 रन बनाए हैं.
'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित वनडे मुक़ाबलों में तीन दोहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज़ हैं. उनके नाम 33 शतक और 62 अर्धशतक दर्ज हैं. रोहित का स्ट्राइक रेट करीब 93 का है और उन्होंने 48 से अधिक के औसत से रन बनाए हैं.
रोहित शर्मा बनाम यशस्वी जायसवाल
अंग्रेज़ी अख़बार बिज़नेस स्टैंडर्ड ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि रोहित शर्मा से आगे बढ़ने के पक्ष में सबसे मज़बूत तर्क यशस्वी जायसवाल का तेज़ी से उभरना माना जा रहा है.
बिज़नेस स्टैंडर्ड ने लिखा है, ''बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज़ ने जब-जब मौक़ा मिला है, प्रभावित किया है. हाल ही में उन्होंने तीन पारियों में दो शतक लगाए, जिससे चयनकर्ताओं का यह भरोसा और मज़बूत हुआ है कि उन्हें बीच-बीच में नहीं, बल्कि लगातार मौक़े मिलने चाहिए. भारतीय टीम प्रबंधन का मानना है कि अगर जायसवाल को टीम में नियमित रूप से शामिल करने में और देर की गई तो 2027 वर्ल्ड कप तक वह पूरी तरह तैयार नहीं हो पाएंगे.''
टाइम्स ऑफ इंडिया ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है, "चैंपियंस ट्रॉफी के बाद रोहित शर्मा के बल्लेबाज़ी करने का तरीक़ा पूरी तरह बदल गया. अब वह काफ़ी संभलकर और ज़रूरत से ज़्यादा सतर्क होकर बल्लेबाज़ी कर रहे हैं. टीम प्रबंधन का मानना है कि किसी भी सिरीज़ में लय हासिल करने के लिए उन्हें कम से कम तीन मैच चाहिए होते हैं.''
"रोहित के लिए यह चुनौती पहले से ही तय थी क्योंकि वह बाक़ी दोनों फॉर्मैट से संन्यास ले चुके हैं. वह घरेलू क्रिकेट भी बहुत कम खेलते हैं. पिछले सीजन उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ़ दो मैच खेले थे, जिनमें से एक सिक्किम के ख़िलाफ़ था. उन्हें अपनी लय हासिल करने के लिए ज़्यादा समय चाहिए. चयनकर्ताओं ने अपनी राय उनसे साझा कर दी है. अब आगे क्या करना है, इसका फ़ैसला रोहित और बोर्ड को मिलकर करना होगा."
Questions ouvertes
- रोहित शर्मा का भविष्य का क्रिकेट प्लान क्या है?
- गौतम गंभीर और अजित अगरकर के साथ उनके रिश्तों की असलियत क्या है?
- यशस्वी जायसवाल को टीम में कब और कैसे नियमित किया जाएगा?

