सीजेपी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटाया
संसद चलो मार्च के दौरान कथित वीडियो वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने की कार्रवाई।
L'essentiel
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मंगलवार को विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया। यह कार्रवाई संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बीच उनके एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद हुई, जिसमें वे एक फ़ास्ट फ़ूड आउटलेट में दिख रहे थे। दहिया ने भूख लगने का हवाला दिया, लेकिन सीजेपी ने उनके व्यवहार को 'असंवेदनशील' बताया।
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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने संसद चलो मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बाद विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया, क्योंकि उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे प्रदर्शन स्थल से दूर फ़ास्ट फ़ूड आउटलेट में दिखाई दिए थे।
संसद चलो मार्च के एक दिन बाद मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने विजेता दहिया को प्रवक्ता के पद से हटा दिया है। सीजेपी ने एक्स पर एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है।
सोमवार को संसद चलो मार्च के दौरान सीजेपी प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
इस दौरान विजेता दहिया का एक कथित वीडियो वायरल हुआ था। हालांकि बीबीसी इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है।
बीते जून महीने में सोशल मीडिया सेंसेशन बन गई कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने तीन प्रवक्ताओं की घोषणा की थी।
इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट सौरव दास को मुख्य प्रवक्ता की भूमिका दी गई थी जबकि राजनीतिक शोधकर्ता, लेखक और फ़िल्मकार विजेता दहिया और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र आशुतोष रांका को प्रवक्ता बनाया गया था।
क्या है मामला और विजेता दहिया ने क्या कहा?
जिस वीडियो के सामने आने के बाद ये विवाद शुरू हुआ, उसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
वीडियो में कथित तौर पर विजेता दहिया सोमवार को सीजेपी की ओर से आयोजित संसद मार्च के दौरान दिल्ली के एक लोकप्रिय फ़ास्ट फूड आउटलेट में दिखाई दिए।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स ने सवाल उठाए कि जब प्रदर्शनकारियों पर पुलिस लाठीचार्ज कर रही थी तब दहिया प्रदर्शन स्थल पर क्यों नहीं थे।
आलोचनाओं का जवाब देते हुए दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी किया। उन्होंने दावा किया कि वह मार्च में शामिल हुए थे, लेकिन जब उन्हें लगा कि मार्च ख़त्म हो गया है, तो वह वहां से चले गए।
दहिया ने वीडियो में कहा, "मैंने बर्गर क्यों खाया? आज यही सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। तो कोई भी बर्गर क्यों खाता है? उसे भूख लगी होती है। वह बर्गर खाना चाहता है। बस, मुझे भी बहुत भूख लगी थी। और जब आप कुछ अच्छा खाते हैं, तो आपका मन अच्छा हो जाता है।"
उन्होंने यह भी कहा कि आलोचक प्रदर्शन में शामिल लोगों के त्याग को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "लोग यह नहीं देखते कि मैं दो रातों से सोया नहीं हूं। प्रदर्शन में शामिल दूसरे लोग भी नहीं सोए हैं।"
दहिया ने यह भी बताया कि मार्च से निकलने के बाद वह पहले नहाने के लिए घर गए थे और उसके बाद खाना खाने के लिए रुके।
सीजेपी ने प्रवक्ता पद से हटाया
इस बीच मंगलवार को सीजेपी ने विजेता दहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया था।
सीजेपी ने लिखा, ''हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के बेहद असंवेदनशील व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस की बर्बर हिंसा का सामना कर रही थी, उस वक़्त उन्होंने वीडियो जारी किया।"
"ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है, यह समझदारी की पूरी कमी को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल्यों और सिद्धांतों के पूरी तरह ख़िलाफ़ है।''
सीजेपी ने बताया है कि विजेता दहिया को प्रवक्ता के साथ ही अन्य सभी आधिकारिक ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
कौन हैं विजेता दहिया
सीजेपी ने जब बीते महीने विजेता दहिया को प्रवक्ता बनाने की घोषणा की थी तो बताया था कि "विजेता दहिया प्रवक्ता की भूमिका में राजनीतिक शोध और रणनीतिक विश्लेषण के मज़बूत अनुभव के साथ कदम रख रहे हैं। वे लेखक, कंटेंट क्रिएटर और फ़िल्मकार हैं और कई यूट्यूब क्रिएटर्स के लिए शोध और सामग्री तैयार करने में सहयोग कर चुके हैं।"
"उन्होंने दो बेस्ट-सेलिंग किताबें लिखी हैं - पावर ऑफ़ यूनिवर्स और टू हेल विद दैट जॉब। उन्होंने हरियाणवी फ़िल्में 'दरारें' और 'ओपरी पराई' लिखी और निर्देशित की हैं। उनकी शिक्षा प्रतिष्ठित डीटीयू से हुई है।"
विजेता दहिया ने अपने एक्स प्रोफ़ाइल में कवर इमेज पर डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का एक कोट लगा रखा है। इसमें लिखा है, "पॉलिटिकल डेमोक्रेसी कैन NOT LAST UNLESS THERE LIES AT THE BASE OF IT SOCIAL DEMOCRACY. WHAT DOES SOCIAL DEMOCRACY MEAN? IT MEANS A WAY OF LIFE WHICH RECOGNIZES LIBERTY, EQUALITY AND FRATERNITY AS THE PRINCIPLES OF LIFE."
इसका हिंदी में अर्थ है, "राजनीतिक लोकतंत्र टिक नहीं सकता, जब तक उसकी नींव में सामाजिक लोकतंत्र न हो। सामाजिक लोकतंत्र का अर्थ क्या है? इसका अर्थ है ऐसा जीवन-धर्म, जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को जीवन के मूल सिद्धांत के रूप में स्वीकार करता है।"
ध्रुव राठी के साथ काम करने पर क्या कहा था?
विजेता दहिया ने एक यूट्यूब चैनल के साथ बातचीत में अपने करियर और पढ़ाई के बारे में बात की थी।
उन्होंने अपने करियर को लेकर बताया, "कॉलेज में विप्रो और रैनबेक्सी में प्लेसमेंट हुई थी। मैंने रैनबेक्सी जॉइन की और वहां नौकरी करने लगा। नौकरी से कुछ पैसे जमा किए, फिर मुंबई चला गया। फिर ऐसे ही अलग-अलग चीज़ें करने लगा।"
अपने शुरुआती करियर के बारे में विजेता दहिया बताते हैं, "बचपन से ही साहित्य पढ़ा करते थे। टैगोर, प्रेमचंद, चार्ल्स डिकंस...इसलिए ये था कि जो भी करना है बढ़िया करना है। मैंने फ़िल्म वर्कशॉप की, जिससे मुझे फ़िल्में बनाने का आइडिया हो गया। उसके बाद दरारें की स्क्रिप्ट लिखी।"
"फिर समझ आया कि काफ़ी पैसा चाहिए होगा और घरवालों से ले नहीं सकते थे। इसके बाद एसएससी (सीजीएल) का एग्ज़ाम दिया और वो क्लियर हो गया। फिर विदेश मंत्रालय में तीन-साढ़े तीन साल नौकरी की। फिर नौकरी छोड़कर 'दरारें' बनाई।"
इस इंटरव्यू में विजेता ने बताया कि उन्हें ध्रुव राठी ने ही कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ने की सलाह दी थी।
ध्रुव राठी के लिए लिखने के बारे में दहिया ने बताया, "मुझे पता चला कि ध्रुव को लेखक चाहिए। मैंने ईमेल किया और उसके बाद ध्रुव के साथ लिखना शुरू कर दिया। इसके बाद दरारें रिलीज़ हो गई और अच्छी चल गई। इसके बाद ओपरी पराई बनाई। ये भी अच्छी चल गई।"
इस लंबे इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, "किसी ने अपनी ज़िंदगी में छह-सात फ़िल्में भी बना दीं वो भी बढ़िया है आप जो भी काम करो बढ़िया करो। मेरा मानना है कि हर चीज़ पैसे के लिए नहीं करनी चाहिए। पैसे के लिए तो मैं 70 और काम कर लूंगा।"
Questions ouvertes
- वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि क्यों नहीं हो सकी?
- विजेता दहिया का अगला कदम क्या होगा?
- सीजेपी की भविष्य की प्रवक्ता रणनीति क्या होगी?


